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तेलंगाना के वारंगल जिले में कुएं से मिले 9 शवों की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने गठित की टीमें, मृतकों की कॉल डिटेल जुटाई जा रही


  • वारंगल के सीमावर्ती इलाके गोरेकुंटा में गोदाम के पास बने कुएं से गुरुवार को 4 शव मिले थे
  • इसी कुएं से शुक्रवार को 5 और शव मिले, किसी भी शव पर चोट का निशान नहीं मिला

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 10:47 PM IST

हैदराबाद. वारंगल जिले के गीसुकोंडा मंडल के गोरेकुंटा स्थित गोदाम के एक कुएं से 9 लोगों के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए डीसीपी वेंकटलक्ष्मी और दो एसीपी के नेतृत्व में सात दलों को गठित किया है। वारंगल नगर पुलिस आयुक्त वी.रवींदर के नेतृत्व में शुक्रवार रात 11 बजे तक विशेष दल (सिट), आईटी कोर और क्लूज टीम के साथ बैठक भी हुई। 

गुरुवार को कुएं में पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद मकसूद के साथ उनकी बीवी, बेटी और उसके पोते के शव गुरुवार मिले थे। शुक्रवार को इसी कुएं में मकसूद के दो बेटों के साथ 3 और शव मिले। पुलिस इस जांच में जुटी है कि यह हत्या है या आत्महत्या?

पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है
इस वारदात में मोहम्मद याकूब आलम का दोस्त और ड्राइवर शकील अहमद और मकसूद की बेटी बुस्रा खातून के बीच अवैध संबंध होने की चर्चा है। कारण कि शकील की मौत हो गई है। पुलिस उसके सेलफोन को खंगाल रही है। पुलिस को याकूब की भूमिका पर संदेह है।

पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 20 मई को शाम 7.30 बजे शकील की बीवी ताहिरा बेगम के साथ याकूब ने फोन पर बातचीत की। उसने कहा, “मकसूद भाई ने बुलाया, इसीलिए अर्जेंट आया हूं। रात 10 तक आऊंगा।” इसके बाद अगले दिन शकील का शव भी कुएं में मिला। 

पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है
इस वारदात में मोहम्मद याकूब आलम का दोस्त और ड्राइवर शकील अहमद और मकसूद की बेटी बुस्रा खातून के बीच अवैध संबंध होने की चर्चा है। कारण कि शकील की मौत हो गई है। पुलिस उसके सेलफोन को खंगाल रही है। पुलिस को याकूब की भूमिका पर संदेह है।पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 20 मई को शाम 7.30 बजे शकील की बीवी ताहिरा बेगम के साथ याकूब ने फोन पर बातचीत की। उसने कहा, “मकसूद भाई ने बुलाया, इसीलिए अर्जेंट आया हूं। रात 10 तक आऊंगा।” इसके बाद अगले दिन शकील का शव भी कुएं में मिला। 

पुलिस ने याकूब को हिरासत में लिया
बुस्रा खातून के प्रेमी के रूप में याकूब पर संदेह किया जा रहा है। पुलिस ने उसे शुक्रवार को हिरासत में लिया है। उसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। उसके साथ काम करने वाले संजय कुमार को भी हिरासत में लिया गया है, क्योंकि उसने मृतक को कई बार फोन किया था। 

हालांकि, पुलिस को 9 में से 7 मृतकों के फोन नहीं मिले हैं। 20 मई की रात 8 बजे तक केवल शकील का फोन चालू था जबकि बाकी के फोन बंद थे। पुलिस सेलफोन की मदद से इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में है। पुलिस बुस्रा खातून के फोन की डिटेल भी खंगाल रही है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक- सभी की मौत डूबने से हुई
एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार रात 9.30 बजे नौ शवों का पोस्टमार्टम खत्म हुआ। सभी की मौत पानी में डूबने से हुई है। तीन साल के बच्चे को छोड़कर सभी के शरीर पर कुएं से गिरते समय खरोंचे आई थीं। मृतकों के शरीर से सैंपल लेकर फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगा कि यह हत्या थी या आत्महत्या। 

जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद गोरेकुंटा में रह रहे मकसूद परिवार ने 25 मई को फिर से पुराने घर करीमाबाद जाने का फैसला लिया था। यह बात मकसूद ने करीमाबाद में रह रहे मकान मालिक को भी बताई थी। मकान की साफ-सफाई भी की थी। 

कहा जा रहा है कि मकसूद की बेटी बुस्रा खातून को लेकर बिहार के युवक श्रीराम और श्याम के बीच हो रहे झगड़े से तंग आकर ही याकूब ने करीमाबाद जाने का फैसला लिया था।

मंत्री ने कहा- सच्चाई का खुलासा होने पर कार्रवाई होगी

राज्य के पंचायतराज मंत्री एर्राबल्ली दयाकर राव ने कहा कि मृत मिले मजदूरों से जुड़ी वारदात पर हर पहलू से जांच की जा रही है। सच्चाई का खुलासा होने के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी। इससे पहले मृतकों के परिजन की इच्छानुसार शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी।

गुरुवार-शुक्रवार को गोदाम के कुएं से कुल 9 शव बरामद हुए थे। पुलिस इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।
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तेलंगाना के वारंगल में कुएं से मिले 9 शव, पुलिस जांच में जुटी, मौत का कारण अब तक अज्ञात


  • वारंगल के सीमावर्ती इलाके गोरेकुंटा में गोदाम के पास बने कुएं से गुरुवार को 4 शव मिले थे
  • इसी कुएं से शुक्रवार को 5 और शव मिले, किसी भी शव पर चोट का निशान नहीं मिला
  • पुलिस बोली- 6 शव एक ही परिवार के, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 08:01 PM IST

हैदराबाद. तेलंगाना में वारंगल के सीमावर्ती इलाके में एक कुआं रहस्य का केंद्र बना हुआ है। किसी सस्पेंस थ्रिलर मूवी की तरह इस कुएं से लगातार शव निकल रहे हैं। दरअसल, इस इलाके को गोरेकुंटा कहा जाता है। यहां गोदाम के पास एक कुआं है। गुरुवार को इस कुएं से 4 शव मिले थे। आज 5 और शव इसी कुएं से निकाले गए। इतनी बड़ी संख्या में इस कुएं से निकल रहे शवों को देखकर पुलिस भी सकते में है।

चूंकि, इन शवों पर किसी तरह के कोई घाव नहीं है। ऐसे में इनकी मौत कैसे हुई? इसी गुत्थी को सुलझाने में वारंगल पुलिस जुटी हुई है। ऐसी आशंका है कि इस कुएं से और भी शव निकाले जा सकते हैं। 

इन लोगों की हत्या हुई या यह आत्महत्या है?

पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि इस कुएं से बरामद हुए 9 शवों में से 6 तो एक ही परिवार के सदस्यों के हैं। ये सभी पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। इनमें मकसूद (50 वर्ष) उसकी पत्नी निशा (45 वर्ष) बेटी बसरा (20 वर्ष) और बसरा का तीन साल का बच्चा भी शामिल है।

वहीं, आज कुएं से निकाले गए शवों में शादाब (22 वर्ष), सोहैल (20 वर्ष), बिहार निवासी श्याम (22 वर्ष),  श्रीराम (20 वर्ष) और वारंगल के शकील नाम के व्यक्ति की पहचान हुई है। इन शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम हॉस्पिटल भेज दिया गया है। 

कमिश्नर ने बताया- गोदाम मालिक ने पुलिस को सूचना दी

वारंगल के कमिश्नर रविंदर ने बताया की मृतक मकसूद बीस साल पहले रोजगार की तलाश में वारंगल आया था। तभी से वह अपने परिवार के साथ यहां रह रहा था। हाल ही में लॉकडाउन लगा तो वह अपने परिवार के साथ इसी गोदाम में रहने आ गया था। 

वहीं, पास में बिहार निवासी श्याम और श्रीराम भी रह रहे थे। गुरुवार को जब गोदाम का मालिक संतोष यहां आया तो उसे कोई भी नजर नहीं आया। उसने ढूंढा तो पुराने कुएं में इनके शव नजर आए। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने इमरजेंसी रेस्क्यू टीम के सदस्यों की मदद से शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उनसे पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।