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मुंबई में सड़क पर चार घंटे तड़पता रहा बुजुर्ग, न एम्बुलेंस मिली- न इलाज, सड़क पर दम तोड़ा; कुछ दिन पहले पुणे में ऐसी ही घटना हुई थी


  • घटना का वीडियो भाजपा नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर शेयर किया है
  • उन्होंने कहा- सुबह 11.30 बजे पुलिस को जानकारी दी, लेकिन 3.30 बजे तक कोई नहीं आया

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 04:53 PM IST

मुंबई. पुणे के बाद मुंबई में एक बुजुर्ग को वक्त पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने सड़क पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। घटना शुक्रवार को दहिसर इलाके में हुई। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर इसका वीडियो शेयर किया है। कुछ दिन पहले पुणे में भी एक बुजुर्ग को एम्बुलेंस लेने नहीं आई। उन्हें भी वक्त पर इलाज नहीं मिल सका था। उन्होंने सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे-बैठे दम तोड़ दिया था। 

चार घंटे इंतजार, मदद नहीं मिली

किरीट ने ट्विटर पर लिखा, “दहिसर के शांति नगर में दो और लोगों की सड़क पर मौत हो गई। उन्हें न तो एम्बुलेंस मिली और न इलाज। एक चौकीदार को सांस लेने में दिक्कत थी। सुबह 11.30 बजे पुलिस और बीएमसी को जानकारी देकर मदद मांगी गई। दोपहर 3.30 बजे इस व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस और बीएमसी ने इस घटना की पुष्टि की है।”

वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बुजुर्ग दीवार के सहारे बैठे हुए हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है। वो तड़पते दिख रहे हैं।

किरीट सोमैया का ट्वीट..   

पुणे में भी सड़क पर हुई थी एक बुजुर्ग की मौत

कुछ दिन पहले पुणे के नानापेठ इलाके में भी एक बुजुर्ग की इन्हीं हालात में मौत हुई थी। उन्हें भी न तो एम्बुलेंस मिली थी और न इलाज। उन्हें सीने में दर्द उठा था। बुजुर्ग जिस इलाके में रहते थे वह हॉटस्पॉट था। ऐसे में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगे होने की वजह से एम्बुलेंस नहीं पहुंची सकी थी। किसी ऑटो वाले ने उन्हें हॉस्पिटल ले जाने में मदद नहीं की।

सायन हॉस्पिटल में संक्रमित मृतकों के शव मरीजों के बीच रखे गए थे 

इससे पहले भाजपा नेता नितेश राणे ने मुंबई के सायन अस्पताल का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें साफ नजर आ रहा था कि संक्रमण से मौत के बाद कुछ शव मरीजों के बीच रखे गए थे। कुछ शवों को कपड़ों से तो कुछ को कंबल से ढंका गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार ने जांच के आदेश दिए। कहा जाता है कि पूर्व बीएमसी कमिश्नर के ट्रांसफर की एक वजह यह घटना भी थी।