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अलीबाग में तूफान निसर्ग का सबसे ज्यादा असर देखा गया, रत्नागिरी में तेज हवा में टीन शेड उड़ गए


दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 03:02 PM IST

मुंबई. तूफान निसर्ग का सबसे ज्यादा असर बुधवार को महाराष्ट्र के अलीबाग और रत्नागिरी में देखा गया। यहां हवा की रफ्तार काफी ज्यादा रही। रत्नागिरी में टीन शेड उड़ते देखे गए। यहीं एक जहाज फंस गया और समुद्र किनारे जा पहुंचा। उधर, अलीबाग में कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। देखें तूफान का असर बताते चुनिंदा वीडियोज…

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मुंबई से कल टकरा सकता है तूफान, 2 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं; 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान


  • निसर्ग तूफान अगले 12 घंटों में तूफानी चक्रवात और उसके अगले 12 घंटों में खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है
  • एनडीआरएफ की दो टीमें पालघर, तीन मुंबई, एक ठाणे, दो रायगढ़ और एक रत्नागिरी में तैनात की गईं

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 12:14 PM IST

मुंबई. कोरोना महामारी से जूझ रहे महाराष्ट्र और गुजरात पर अब चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का खतरा भी मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 3 जून को गुजरात और महाराष्ट्र के तट पर पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है।

भारतीय मौसम विभाग ने अरब सागर में बन रहे दबाव के क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी की। मौसम विभाग ने बताया कि यह तूफान अगले 12 घंटों में तूफानी चक्रवात और उसके अगले 12 घंटों में खतरनाक  चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। यही वजह है कि मुंबई के आसपास के जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ की दो टीमें पालघर, तीन मुंबई, एक ठाणे, दो टीमें रायगढ़ और एक रत्नागिरी में तैनात की गई हैं।

मछुआरों को समुद्र से वापस आने को कहा गया, निचले इलाके खाली कराए  

  • मौसम विभाग ने बताया कि पिछले छह घंटों में पूर्वी-मध्य अरब सागर में बन रहा दबाव 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है। मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे तक यह दबाव और तेज हुआ। अभी यह मध्य पणजी (गोवा) से 280 किमी पश्चिम-दक्षिणी पश्चिम, मुंबई (महाराष्ट्र) से 490 किमी दक्षिण-दक्षिणी पश्चिम और सूरत (गुजरात) से 710 किमी के दक्षिण-दक्षिणी पश्चिम में अरब सागर में केंद्र में है। 
  • मौसम विभाग का कहना है कि इस समुद्री तूफान में दो मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ये लहरें लैंडफॉल के दौरान मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिले के निचले तटीय इलाकों से टकराएंगी। मछुआरों को समुद्र से वापस आने को कहा गया है। तटीय इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से बात की 
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की है और राज्य की तैयारियों का जायजा लिया है। उधर, एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि चक्रवाती तूफान निसर्ग की वजह से 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रधान ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों के आस-पास से लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं।

1891 के बाद पहली बार आया इस तरह का तूफान
मौसम विभाग के साइक्लोन ई-एटलस के मुताबिक- 1891 के बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास समुद्री तूफान की स्थिति बन रही है। एक अंग्रेजी अखबार ने मौसम विज्ञानी अक्षय देवरस के हवाले से लिखा है कि इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार इस तरह का दवाब (डिब्रेशन) बना था और तूफान आने की स्थिति बनी थी लेकिन बाद में स्थिति टल गई थी। दो जून दोपहर के बाद से तीन जून तक महाराष्ट्र में काफी तेज गति से हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है।



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कई राज्यों में फंसी हैं झारखंड की 24 हजार गर्भवती महिलाएं, दवाएं और राशन खत्म, डॉक्टर और जांच के पैसे नहीं


  • पहली कहानी- मैं जहां रहता हूं, वहां का बिजली-पानी कनेक्शन काट दिया है, पानी नहीं होने के कारण मेरी पत्नी सुबह से बाथरूम नहीं गई
  • दूसरी कहानी – पत्नी सात माह के पेट से है, जांच तो दूर कई दिनों से दवाईंयां भी खत्म है, मेरे पास जहर खाने तक के पैसे नहीं हैं

मो. असग़र खान

Jun 02, 2020, 09:24 AM IST

रांची. झारखंड सरकार के मुताबिक, बाहर फंसे हुए राज्य के लोगों की संख्या 10 लाख 40 हजार 225 है। झारखंड सरकार प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए बनाए ‘प्रवासी मजदूर कंट्रोल रूम’ की कमान संभाल रहे फिया फाउंडेशन के मुताबिक, कुल प्रवासियों में से 7 लाख 45 हजार 446 मजदूर झारखंड वापस लौटने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। प्रवासियों की कुल संख्या में 1 लाख 42 हजार 176 महिलाएं भी हैं, जो झारखंड से बाहर कई राज्यो में फंसी हुई हैं। इन्हीं महिलाओं में 24 हजार गर्भवती महिलाएं भी हैं।

लेकिन इन गर्भवती महिलाओं तक सरकारी महकमा कितनी राहत पहुंचा पा रहा है, इसे वेस्ट मुंबई में फंसे 23 वर्षीय दीपक कुमार और उनकी 22 वर्षीय पत्नी जागृति प्रजापति की कहानी से समझा जा सकता है। जागृति नौ महीने की गर्भवती हैं। डॉक्टर ने दीपक से पत्नी को किसी बड़े और अच्छे अस्पताल में भर्ती कराने को कहा है। उनसे फोन पर बात हुई तो बताया, ‘अल्ट्रासाउंड में पता चला है कि बच्चे की बैक बोन बैंड हो गई है। डॉक्टर ने कहा है कि केस क्रिटिकल है, उसे बड़े अस्पताल में भर्ती कराओ।’

दस हजार रूपये महीने की तनख्वाह पर मुंबई की एक कंसल्टेंसी कंपनी में कॉल रिसीव करने का काम करने वाले दीपक कुमार कहते हैं, ‘दो महीने से घर पर बैठा हूं। डॉक्टर ने पत्नी को दो हफ्ते का समय दिया है। चेकअप कराने के लिए ससुराल वालों ने चार हजार रुपए भेजे थे। तब जाकर अल्ट्रासाउंड करा पाए। अब डॉक्टर कहते हैं कि एमआरआई कराना पड़ेगा।’

जागृति बताती हैं कि जब सरकारी अस्पताल में गए तो हमें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करने का कह दिया गया।

जमशेदपुर के रहने दीपक बताते हैं, ‘हमें दो हजार रुपए झारखंड कोरोना सहायता ऐप से मिले थे। जो डॉक्टर को दिखाने में खत्म हो गए, अब हम डिलीवरी के लिए पैसा कहां से लाएं? पहली बार बाप बनने जा रहे हैं, लेकिन खुशी कैसे मनाएं?  पत्नी के इलाज और राशन के लिए झारखंड के हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। स्थानीय नगर जनसेवक जो भोजन देते थे वो और उनकी पत्नी वही खाते थे। लेकिन 16 मई के बाद से वो भी बंद हो गया।’

दो दिन बाद दीपक का मैसेज आता है। मैसेज में लिखा है, ‘मैं जहां रहता हूं, वहां का बिजली-पानी दोनों ही कनेक्शन काट दिया है। पानी नहीं होने के कारण मेरी पत्नी सुबह से बाथरूम नहीं गई है और ना वो कुछ खा रही है। प्लीज सर मेरी मदद करवा दीजिए।’

लॉकडाउन के बाद बाहर फंसे बेबस और लाचार मजदूरों की सूची में कुंदन विश्वकर्मा और उनकी  पत्नी ज्योति विश्वकर्मा भी हैं। धनबाद के कतरास के रहने वाले कुंदन एक साल पहले यूपी के नोएडा सेक्टर-101 में ठेकदार की मदद से एक कंस्ट्रक्शन साइट पर वेल्डिंग का काम करने पहुंचे थे।

यहां 9 हजार की पगार में वो और उनकी गर्भवती पत्नी गुजारा करते रहें हैं। बोले, ‘पहले तो गुजारा कर लेते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद से बहुत परेशानी हो रही है। सबको कॉल किया, झारखंड सरकार को भी (हेल्पलाइन नंबर पर), लेकिन कोई मदद नहीं मिली।”

कुंदन की पत्नी ज्योति पांच माह की गर्भवती हैं।

कुंदन दो महीने से बेरोजगार हैं। बताते हैं, ‘मैं छह साल से मजदूरी का काम करते आ रहा हूं, गुजरात, हैदराबाद में भी काम किया, लेकिन इतनी परेशानी कभी नहीं हुई। मेरी पत्नी के पेट में बच्चा है। यह मेरा पहला बच्चा है। इलाज या जांच के लिए मेरे पास पैसा नहीं है। मेरा बच्चा खराब ना हो जाए, इसलिए मैं झारखंड अपने घर जाना चाहता हूं। अचानक से अगर इसको दर्द उठ जाएगा तो हम क्या करेंगे?’

पिछले एक महीने में झारखंड में करीब 12 गर्भवती महिलाओं के साथ अस्पताल और डॉक्टरों की बदसूलकी और बदइंतजामी की खबरे आईं हैं। राज्य के दो सबसे बड़े शहर जमशेदुपर और रांची से पांच ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं का समय पर इलाज नहीं हो पाने के कारण गर्भ में ही उनके बच्चे की मौत हो गई। चुनौती उन गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा है जो प्रदेश से बाहर फंसी हुई हैं। घर में राशन खत्म हो चुका है और पति की मजदूरी महीनों पहले छूट गई थी। अब दवाई की बात तो दूर दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो रहा है।

बेंगलुरू एयरपोर्ट पर पिछले तीन साल से कैंटीन में काम करने वाले संजय 25 मार्च के बाद से बेरोजगार हैं। हर महीने 15 हजार पगार में से उन्हें छह हजार रूम रेंट देना पड़ता था। बाकी में वो और उनकी पत्नी शिवाली जिंदगी गुजर बसर कर रहे थे। लेकिन अब उनके पास राशन और पैसा दोनों ही खत्म हो गया है।

संजय कहते हैं, ‘मकान मालिक रूम रेंट के लिए हर दिन बोलता था। जो पैसा पास में था, उसे देकर हम घर खाली करके बेंगलुरू यशवंतपुर अपने एक रिश्तेदार के यहां आ गए हैं। मगर खाने के लिए राशन यहां भी नहीं है।’

संजय की पत्नी शिवाली सात माह के पेट से हैं। कई दिनों से जांच नहीं हो पाई है। शिवाली की दवाईंयां भी खत्म हो चुकी हैं।

संजय कहते हैं, ‘मेरे पास जहर खाने तक के पैसे नहीं हैं। हेल्पलाइन पर कॉल किया। पांच-छह नंबर पर अब तक बात हो चुकी है। कहते हैं कि आपका नंबर दे दिया गया है वे लोग कॉल करेंगे। लेकिन कुछ मदद नहीं हुई।’

गुजरात के अहमदाबाद में छोटू कुमार एक कपड़ा मील में रोज 12 घंटे बिना रविवार की छुट्टी के काम करते थे। बदले में 8 हजार पगार मिलती थी। 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद बचे कुछ पैसों से जैसे तैसे गुजर किया। लेकिन 17 मई को भुखमरी से सामना हुआ।

पत्नी चार महीने की गर्भवती हैं, बिस्किट चाय ही नसीब हुआ। छोटू कहते हैं, ‘हमको पत्नी के कान की रिंग बेचनी पड़ी, सिर्फ 1900 रुपये ही मिले। कुछ दिन और यहीं रहते तो मैं, पत्नी और मेरा आने वाला बच्चा भूखा मर जाता।’ छोटू 21 मई को साबरमती रेलवे स्टेशन से पटना के लिए निकली ट्रेन पर बैठ गए।

प्रवासी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये की मदद देने के लिए झारखंड सरकार ने कोरोना सहायता ऐप बनाया, कई प्रवासी मजदूरों ने उस पर रजिस्ट्रेशन कराया था। ऐप की योजना जमीन पर असफल रही तो योजना को बंद कर दिया। बदं किए जाने तक तीन लाख प्रवासी मजदूरों ने उस पर रजिस्ट्रेशन करवाया था।

अब्दुल कुद्दूस और उनकी नौ महीने की गर्भवती पत्नी सोफिया खातून भी झारखंड में अपने गांव वापस जाना चाहते हैं।

फिया फाउंडेशन के राज्य प्रमुख जॉनसन टोपनो का मानना है कि विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को वहां की राज्य सरकार पर्याप्त मदद पहुंचाने में सक्षम नहीं है। वो कहते हैं, ‘बाहर फंसे मजदूरों की हालत काफी दयनीय है। जहां-जहां मजदूर फंसे हुए हैं वहां के स्थानीय प्रशासन से जब उन्हें मदद नहीं मिल पाई, तो हमलोगों को सिविल सोसाइटी और एनजीओ से मदद लेनी पड़ी लेकिन फिर भी हम इन मजदूरों की परेशानी कम नहीं कर पाए।’

इसी संस्था में कार्यरत एक कर्मचारी के मुताबिक, ‘बाहर फंसी प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ काफी परेशानियां आ रही है। मैंने करीब ऐसी 12 से ज्यादा महिलाओं का फोन रिसीव किया, जिनके पास खाने के लिए राशन तक नहीं हैं। हम लोंगो की कोशिश के बावजूद भी उन्हें मदद नहीं पहुंच पाई।’

झारखंड प्रवासी मजदूरों के लिए नियुक्त चीफ नोडल ऑफिसर अमरेंद्र प्रताप सिंह गर्भवती महिलाओं को हो रही समस्या के सवाल पर कहते हैं, ‘एक-एक व्यक्ति के लिए कोई प्लानिंग तो नहीं है। इनकी (गर्भवती महिलाओं की) कितनी संख्या है, ऐसे कितने लोग, कहां पर हैं, हमे यह भी नहीं पता है। जो जहां पर है, उस स्टेट की जिम्मेदारी है कि उसका ध्यान रखें। अगर कोई दूसरे स्टेट का मेरे यहां व्यक्ति है और वो बीमार पड़ेगा, तो उसका ध्यान रखने की जिम्मेदारी हमारी है।

झारखंड सरकार का दावा है कि एक मई से लेकर 22 मई तक रोड और ट्रेन के माध्यम से 3 लाख से ज्यादा प्रवासी लोग झारखंड वापस लौटे हैं। इनमें मजदूरों के अलावा छात्र, पर्यटक समेत अन्य लोग भी शामिल हैं।

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म्यूजिक कम्पोजर वाजिद खान का 42 की उम्र में निधन, लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे


  • सोशल मीडिया पर वाजिद खान की वजह कोरोना बताई जा रही, उनके दोस्त एक्टर रणवीर शौरी ने ट्वीट किया

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 03:45 AM IST

मुंबई.

बॉलीवुड के मशहूर म्यजिक कम्पोजर वाजिद खान का रविवार देर रात निधन हो गया। वे 42 साल के थे। साजिद-वाजिद की जोड़ी से पॉपुलर हुए वाजिद लंबे वक्त से किडनी की परेशानी से जूझ रहे थे। उनका मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। अचानक हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। कई सेलेब्स ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया।

मौत की वजह कोरोना भी बताई जा रही
सोशल मीडिया पर वाजिद की मौत का कारण कोरोना संक्रमण बताया जा रहा है। इस खबर को कन्फर्म करते हुए एक्टर और वाजिद के बचपन के दोस्त रणवीर शौरी ने लिखा, ‘मैं अपने बचपन के दोस्त की खबर सुनकर दुखी हूं। वाजिद ने कोविड-19 के आगे घुटने टेक दिए। मैं सदमे में हूं। वाजिद मेरे भाई तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए हग्स भेज रहा हूं। ये बहुत दुखद है।’

सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी जा रही

वाजिद के करीबी दोस्त और सिंगर सलीम मर्चेंट ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। ट्विटर पर लिखा- साजिद-वाजिद फेम वाजिद खान के निधन की खबर सुनकर उजड़ गया हूं। अल्लाह उनके परिवार को शक्ति दे। सेफ ट्रेवल भाई वाजिद खान। तुम बहुत जल्दी चले गए। मैं सदमे में और टूटा हुआ हूं।



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कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज 13 शहरों के अफसरों के साथ मीटिंग करेंगे, लॉकडाउन की स्ट्रैटजी पर बातचीत की उम्मीद


  • लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई को खत्म हो रहा है
  • देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1.58 लाख से ज्यादा

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 12:56 PM IST

नई दिल्ली. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज कोरोना प्रभावित 13 शहरों के डीएम और नगर निकाय आयुक्तों के साथ मीटिंग करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव और प्रमुख स्वास्थ्य सचिव भी हिस्सा लेंगे। बैठक में कोरोना के मौजूदा हालातों और लॉकडाउन पर आगे के प्लान पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मीटिंग में इन 13 शहरों के अफसर शामिल होंगे
मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, हैदराबाद, कोलकाता, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू, थिरुवल्लूर।

लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई तक
सरकार ने अभी तक ये नहीं बताया है कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं। कोरोना की स्थिति और राज्यों के फीडबैक के आधार पर सरकार लॉकडाउन पर फैसला लेगी।

देश में कोरोना के 1.58 लाख से ज्यादा केस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 1 लाख 58 हजार 333 संक्रमण के मामले आ चुके हैं। इनमें से 86 हजार 110 का इलाज चल रहा है। 67 हजार 692 ठीक हो चुके हैं और 4 हजार 531 की मौत हो चुकी है। देश में बीते चौबीस घंटे में 6 हजार 566 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 194 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

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एक लाख 50 हजार 768 केस: सरकार ने बताया- 20 दिन में 30 हजार भारतीयों को विदेश से लाया गया, जून में 49 हजार लोगों को लाएंगे


  • केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने के लिए वंदे भारत मिशन शुरू किया
  • 7 मई से इसकी शुरुआत हुई, दूसरा फेज 16 मई से शुरू हुआ और अब इसे 16 जून तक बढ़ाया गया है

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 06:56 AM IST

नई दिल्ली.  सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने बताया, ‘बंदे भारत मिशन के तहत दुनिया के अलग-अलग देशों से 30 हजार भारतीयों को लाया गया है। मध्य जून तक 49 हजार भारतीयों लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए 158 फ्लाइट्स ने उड़ान भरी।’  केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने के लिए वंदे भारत मिशन शुरू किया था। इसकी शुरुआत  7 मई से हुई। दूसरा फेज 16 मई से शुरू हुआ और अब इसे 16 जून तक बढ़ाया गया है। मंगलवार को 19 फ्लाइट्स से 3393 लोग आए। 

मंगलवार को महाराष्ट्र में 2091, तमिलनाडु में 646, गुजरात में 361, दिल्ली में 412 और मध्यप्रदेश में 165 संक्रमित मिले। यह Covid19.Org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना के 80 हजार 722 एक्टिव मरीज हैं, जबकि 60 हजार 490 स्वस्थ भी हुए हैं। वहीं, 4167 की मौत हुई है।

5 दिन जब सबसे ज्यादा मामले

तारीख

केस
24 मई 7111
23 मई 6665
22 मई 6570
19 मई 6154
21 मई 6025

पांच राज्यों का हाल

  • मध्यप्रदेश, 7024: यहां मंगलवार को 165 केस आए। इनमें इंदौर में 39, भोपाल में 32, बुरहानपुर मेें 15, देवास में 19, ग्वालियर में 10, सागर में 11, सतना और नरसिंहपुर में 3-3, भिंड और मुरैना में 2-2 संक्रमित मिले। चिरायु अस्पताल से 16 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। राज्य में 305 की मौत हो चुकी है। 3689 स्वस्थ हुए। एक्टिव केस यानी अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 3030 है।
  • महाराष्ट्र, 54758: राज्य में मंगलवार को 2091 नए मामले सामने आए, जबकि 97 मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव ने मंगलवार को बताया कि राज्य में कोरोना के 35 हजार 178 एक्टिव मरीज हैं। संक्रमण के 80 फीसदी मामलों में मरीजों में लक्षण नजर नहीं आए। वहीं, पहले के पांच दिन के मुकाबले अब 14 दिन में मरीज दोगुने हो रहे हैं। 
  • उत्तरप्रदेश, 6724: यहां मंगलवार को 227 मरीज मिले, जबकि 8 की मौत हुई। अमेठी में सबसे ज्यादा 34 मरीज मिले। इसके अलावा आजमगढ़ में 15, अयोध्या में 13, अंबेडकरनगर में 10, आगरा में 7, अलीगढ़ में दो मरीज मिले। 
  • राजस्थान. 7536: यहां मंगलवार को संक्रमण के 236 मामले सामने आए। इनमें से जयपुर में 32, सिरोही में 27, सीकर में 25, उदयपुर में 25, झालावाड़ में 12, राजसमंद में 11, झुंझुनूं और बीकानेर में 5-5,  कोटा में 10, पाली में 23, धौलपुर में 2, जबकि भरतपुर में 1 मरीज मिला। 
  • बिहार, 2968: यहां मंगलवार को संक्रमण के 231 मामले आए। इनमें से रोहतास में 35, मधुबनी में 31, दरभंगा मेें 12, पूर्वी चंपारण में 10, गया में 5, गोपालगंज में 4, खगड़िया में 23, किशनगंज में 17 मरीज मिले।

 

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अभिनेता किरण कुमार भी कोरोना संक्रमित हुए, पिछले 10 दिनों से खुद को घर में क्वारैंटाइन करके रखा है


दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 08:56 PM IST

मुंबई. कोविड महामारी में बॉलीवुड अभिनेता किरण कुमार भी कोरोनावायरस से संक्रमित हो गए हैं। जिसके बाद उन्होंने खुद को अपने घर में क्वारैंटाइन करके रखा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 दिन पहले उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अब उनका अगला कोविड-19 परीक्षण 25 या 26 मई को होगा।

इस बारे में एक बयान जारी करते हुए किरण कुमार ने कहा, ‘इस बारे में मुझे उस वक्त पता चला जब मैं एक छोटी सी जांच के लिए अस्पताल गया था। टेस्ट प्रक्रिया पूरी होने से पहले मुझे कुछ प्रारंभिक परीक्षणों से गुजरना पड़ा। मुझे लगता है अपनी ओर से सावधानी बरतते हुए उन्होंने शुरुआती टेस्ट्स में ही कोविड-19 टेस्ट भी कर लिया, जिससे मेरे पॉजिटिव होने का पता चल सका।’

फिल्म जर्नलिस्ट विकी ललवानी ने सबसे पहले इस खबर को ब्रेक किया।

मेरे अंदर कोई लक्षण नहीं थे:  किरण ने बताया, ‘हालांकि मेरे अंदर किसी तरह के कोई लक्षण भी नहीं थे। ना खांसी, ना बुखार, ना सांस की कोई समस्या, कुछ भी नहीं। मैं पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहा था। जैसा कि मैंने बताया, मुझमें पहले से कोई लक्षण नहीं थे। इसलिए मैंने जांच कराने की कोई कोशिश नहीं की।’ 

‘शुक्र है मेरे घर में दो मंजिले हैं’:  उन्होंने कहा, ‘ खैर मैंने अपने आप को घर पर क्वारैंटाइन कर लिया है। मेरे घर में दो मंजिलें हैं, इसलिए शुक्र है कि जगह की कोई समस्या नहीं है। मेरी पत्नी और बच्चे पहली मंजिल पर रहते हैं और मैंने खुद को टॉप फ्लोर पर आइसोलेट किया हुआ है। मैं 25 या 26 मई को एकबार फिर टेस्ट करवाऊंगा।’

कई सेलेब्स हो चुके संक्रमित: इससे पहले बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर, फिल्म निर्माता करीम मोरानी और उनकी दोनों बेटियां, एक्टर पूरब कोहली, एक्टर फ्रेडी दारूवाला के पिता, एक्टर सत्यजीत दुबे की मां समेत बोनी कपूर और फराह अली खान के घर काम करने वाले वर्कर भी कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं।



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एक दिन में 2345 मरीज मिले, संक्रमितों का आंकड़ा 40 हजार के पार; अब तक 4 लाख से ज्यादा लोग क्वारैंटाइन


  • राज्य में अब तक 10 हजार से ज्यादा ठीक हुए; संक्रमण से दो और पुलिसकर्मियों की मौत
  • धारावी में बुधवार को संक्रमण के 25 नए मामले सामने आए, यहां कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1378 पर पहुंचा
  • राज्य में अब तक संक्रमण से 1390 लोगों की जान जा चुकी है, इनमें सबसे ज्यादा मुंबई में 841 मरीजोंं ने दम तोड़ा

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 09:34 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या 40 हजार पार कर गई है। गुरुवार को 2345 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 41 हजार 642 हो गई है। गुरुवार को 64 लोगों की मौत भी हुई है। महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस के कारण 1454 लोगों की जान जा चुकी है।

राज्य में करीब 4 लाख लोग क्वारैंटाइन
संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार अब क्वारैंटाइन पर जोर दे रही है। पिछले 9 दिन में राज्य में होम क्वारैंटाइन के मामलों में 58% की बढ़ोतरी हुई है, वहीं इंस्टिट्यूशनल क्वारैंटाइन के मामलों में यह बढ़ोतरी 46 प्रतिशत है। 19 मई को होम क्वारैंटाइन में रहने वालों की संख्या 3 लाख 86 हजार 192 और इंस्टिट्यूशनल क्वारैंटाइन में रहने वालों का आंकड़ा 21 हजार 150 हो गया है। इस हिसाब से कुल क्वारैंटाइन लोगों की संख्या 4 लाख तक पहुंच गई है। 

मुंबई में केंद्रीय बल द्वारा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के बाद बुधवार को चूनाभट्टी इलाके में फ्लैग मार्च किया गया।

मुंबई: धारावी में अब तक 1378 संक्रमित मरीज, 56 की मौत 

  • धारावी में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 25 नए मामले सामने आए। इससे क्षेत्र में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1378 हो गई। धारावी में अब तक कुल 56 लोगों की संक्रमण से जान जा चुकी है।
  • कोरोना से मुंबई में दो और पुलिसकर्मियों की बुधवार को मौत हो गई। इनमें से एक हवलदार विक्रोली पार्कसाइट पुलिस स्टेशन में तैनात थे, जबकि दूसरे की पोस्टिंग सहार में ट्रैफिक पुलिस में थी। हवलदार को करीब एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ट्रैफिक सिपाही की तबीयत दो दिन पहले बिगड़ी। सरकार ने ऐलान किया है कि, जिन पुलिसकर्मियों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते होगी उनके परिजनों को 65 लाख का आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। साथ ही परिवार एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 
मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन के बहार धूप से बचने के लिए अपने बच्चों के साथ छाते के नीचे बैठा एक प्रवासी मजदूर।

बिना अनुमति छुट्टी पर जाने पर अधिकारी पर केस दर्ज 

अहमदनगर उप क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से एक मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान आदेशों की अवहेलना कर मुख्यालय से बाहर जाने के लिए मामला दर्ज किया गया है। निरीक्षक कथित रूप से कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना छह मई से मेडिकल लीव पर पुणे गए थे। पुणे रेड जोन में है। कलेक्टर ने चार मई को निर्देश दिया था कि कोई भी अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के जिले से बाहर न जाएं।।

मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन के बाहर ट्रेन पकड़ने के लिए लाइन में लगे कुछ प्रवासी मजदूर। 
बीकेसी मैदान में बने क्वारैंटाइन सेंटर पर जाते स्वास्थ्यकर्मी। यहां कोरोना पेशेंट्स के लिए एक हजार बेड लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माताओं से लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए सीमित लोगों के साथ लंबित शो या फिल्मों की शूटिंग शुरू करने के लिए योजना तैयार करने को कहा है। हालांकि, ठाकरे ने सिनेमाघरों को फिर से खोलने पर कोई फैसला नहीं लिया। कोरोना के कारण मार्च से ही फिल्मों की शूटिंग और अन्य निर्माण कार्यों को रोक दिया गया था।

लॉकडाउन में मिली छूट के बाद कांदिवली इलाके में बुधवार शाम ऑटो रिक्शा की भारी भीड़ सड़कों पर नजर आई।

 

मुंबई में बीकेसी में देश का पहला ओपन हॉस्पिटल तैयार किया गया है। 
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स्पेशल ट्रेनों से 51 दिन बाद घर पहुंचे लोग, कुछ के आंखों से आंसू आ गए तो कईयों ने सरकार को थैंक्यू बोला


  • 22 मार्च से ही बंद था रेल सफर, मंगलवार को 51 दिनों बाद पटरियों पर दौड़ीं 8 पैसेंजर ट्रेनें, करीब 14 हजार लोगों ने किया सफर
  • आज चलाई जाएंगी 16 ट्रेनें, 28 हजार से ज्यादा लोग करेंगे सफर, मेडिकल जांच के बाद ही ट्रेन में बैठने की अनुमति

दैनिक भास्कर

May 13, 2020, 02:46 PM IST

नई दिल्ली. देश में 51 दिन बाद पैसेंजर ट्रेनों से निकले मुसाफिर बुधवार को अपने-अपने घर पहुंच गए। लॉकडाउन के चलते ये लोग लंबे समय तक देश के विभिन्न हिस्सों  में फंस गए थे। कोई दिल्ली से कोलकाता काम के लिए गया था तो कोई पटना से दिल्ली। लॉकडाउन के चलते जो जहां था वहीं फंसकर रह गया। अपनों से दूर फंसे ये लोग जब बुधवार को घर पहुंचे तो इनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। कुछ के तो आंखों से आंसू छलक आए तो कईयों ने केंद्र सरकार को थैंक्यू बोला। 

घर पहुंचने पर क्या बोले पैसेंजर्स ? 

  • दिल्ली से भुवनेश्वर पहुंची माही अपनी आपबीती साझा करती हैं। कहती हैं, ”मैं आर्टिस्ट हूं। दिल्ली गई थी शूट पर। तभी लॉकडाउन हो गया और हम लोग वहीं फंस सगए। हमने सरकार के फैसलों को माना और संक्रमण से बचने के सारे प्रिकॉशंस अपनाए। आज वापस घर आकर काफी अच्छा लग रहा है।”
  • स्पेशल ट्रेन से मुंबई से दिल्ली पहुंचे एक यात्री कहते हैं ” मैं काफी समय से ट्रेन, फ्लाइट शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। मुंबई काम से गया था और वहीं फंस गया। वहां हालात काफी खराब है। हर रोज डर लगा रहता था। अब वापस घर आकर खुशी मिल रही है। इतने दिनों बाद बच्चों से मिल पाऊंगा।”
  • अहमदाबाद से दिल्ली पहुंची वंदना बताती हैं, ” मैं पिछले 55 दिनों से अहमदाबाद में अपने रिश्तेदार के यहां फंसी थी। मुझे खुशी है कि रेलवे ने ट्रेन चलाई। मैं तीन घंटों से टिकट बुक करने की कोशिश करती रही। भाग्यशाली रही कि मुझे आखिरकार टिकट मिल ही गया।” वंदना आगे कहती हैं कि इन स्पेशल ट्रेनों के चलने से लोगों की जिंदगी वापस सामान्य हो सकेगी। 
  • जयपुर से दिल्ली पहुंचे एक यात्री के आंखों में आंसू आ गए। बताते हैं कि वह अपने परिवार के साथ चेन्नई से जयपुर गए थे। लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गए। अब वह दिल्ली पहुंच चुके हैं। यहां से अब वह चेन्नई के लिए ट्रेन पकड़ेंगे। उन्होंने सरकार से इस तरह की और ट्रेनें शुरू करने की मांग की। 
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लाइन में लगकर बाहर निकलते यात्री। 

मंगलवार को चली थीं 8 ट्रेनें, आज 16 दौड़ेंगी

मंगलवार को पहले दिन 8 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। सबसे पहले शाम 4 बजे नई दिल्ली से बिलासपुर के लिए ट्रेन रवाना हुई। इसके बाद अलग-अलग टाइम पर हावड़ा से नई दिल्ली, राजेंद्र नगर से नई दिल्ली, नई दिल्ली से डिब्रूगढ़, बेंगलुरु से नई दिल्ली और नई दिल्ली से बेंगलुरु, मुंबई सेंट्रल से नई दिल्ली और अहमदाबाद से नई दिल्ली के लिए ट्रेनें रवाना हुईं। पहले दिन करीब 14 हजार यात्रियों ने सफर किया। जबकि आज 16 ट्रेनें अलग-अलग रूट पर  चलाई जाएंगी। इनमें करीब 28 हजार यात्री सफर करेंगे।