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ट्रम्प की मध्यस्थता की पेशकश पर भारतीय विदेश मंत्रालय का जवाब- पड़ोसी के साथ बातचीत से मसला सुलझाने की कोशिशें जारी


  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि चीन और भारत के सीमा विवाद पर अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है
  • इससे पहले, ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर भी भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कही थी, जिसे भारत ने ठुकराया था

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 09:50 PM IST

नई दिल्ली.. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को लद्दाख और सिक्किम में भारत-चीन के बीच जारी विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस पेशकश पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि पड़ोसी के साथ मसले का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।

इससे पहले ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर भी भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की बात कही थी, जिसे भारत ने ठुकरा दिया था। भारत ने कहा था कि यह उसका आंतरिक मसला है।

भारत तीसरे पक्ष के दखल से इनकार कर चुका है
एक दिन पहले चीन ने कहा था कि भारत से साथ सीमा पर स्थित स्थिर और नियंत्रण में है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था- दोनों पक्ष तनाव को कम करने में जुटे हैं, लेकिन भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत और चीन के पास कई कूटनीतिक तंत्र मौजदू हैं। किसी भी हालात का निपटारा शांतिपूर्ण ढंग से किया जा सकता है।

श्रीवास्तव ने फिर दोहराया कि भारतीय सेना ने एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) का उल्लंघन नहीं किया था। भारत, चीन के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सेना हमारे लीडर्स की सहमति और मार्गदर्शन का ईमानदारी से पालन करती है। हम भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।

चीन के बाद भारत ने भी बढ़ाई सैनिकों की संख्या

लद्दाख में हाल ही में गालवन नाला एरिया के पास चीन और भारत के बीत तनाव बढ़ गया है। एलएसी के पास कई सेक्टरों में चीन करीब 5 हजार जवान तैनात कर चुका है। पड़ोसी के इस कदम के बाद भारतीय सेना ने भी इन इलाकों में अपने जवान बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

इसी महीने दोनों सेनाओं के बीच तीन बार अलग-अलग जगहों पर टकराव हो चुका है। पिछले हफ्ते दोनों देशों की सेनाओं के कमांडर बातचीत कर मुद्दा सुलझाने की कोशिश भी कर चुके हैं।

डोकलाम के बाद सबसे बड़ा टकराव

  • अगर भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हुईं तो 2017 के डोकलाम विवाद के बाद ये सबसे बड़ा विवाद होगा। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पेंगोंग त्सो झील और गालवान वैली में सैनिक बढ़ा दिए हैं। इन दोनों इलाकों में चीन ने दो हजार से ढाई हजार सैनिक तैनात किए हैं, साथ ही अस्थाई सुविधाएं भी बढ़ा रहा है। चीन लद्दाख के कई इलाकों पर अपना दावा करता रहा है।

  • भारत-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 2017 में 16 जून से 28 अगस्त के बीच तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल के आखिर में दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी थी।

भारत और चीन के बीच हाल में हुए विवाद

1) तारीख- 5 मई, जगह- पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील
उस दिन शाम के वक्त  झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

2) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर
यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया, फिर झड़प रुकी।

3) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- लद्दाख
जिस दिन उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों में झड़प हो रही थी, उसी दिन चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाल के बरसों में ऐसा पहली बार हुआ जब चीन की ऐसी हरकत के जवाब में भारत ने अपने लड़ाकू विमान सीमा के पास भेजे।

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प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा- कोरोना की वैक्सीन बनाने में देश के 30 ग्रुप काम कर रहे, यह बहुत ही जोखिम भरा काम


  • नीति आयोग ने के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने कहा- कोरोनावायरस से जंग वैक्सीन और दवाओं से ही जीती जा सकेगी
  • उन्होंने कहा कि हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही सक्षम है और हमें इन पर भरोसा है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 05:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस पर गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्, इंडियन मेडिकल काउंसिल फॉर रिसर्च (आईसीएमआर) और भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने भी हिस्सा लिया। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने बताया कि कोरोना के खिलाफ हम जंग वैक्सीन और दवाओं से जीतेंगे। हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही मजबूत हैं।

उधर, प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार और प्रोफेसर के. विजय राघवन ने बताया कि हमारे यहां चार तरह से वैक्सीन तैयार हो रही हैं। इनमें एमआरए वैक्सीन: वायरस का जेनेटिक मैटेरियल लेकर इसे तैयार किया जाता है। स्टैंडर्ड वैक्सीन: वायरस का एक कमजोर वर्जन लिया जाता है, यह फैलता है, लेकिन इससे बीमारी नहीं होती। तीसरा: किसी और वैक्सीन में इस वायरस का प्रोटीन डालकर भी वैक्सीन तैयार किया जाता है। इसके साथ ही एक वायरस के स्ट्रीक से भी वैक्सीन तैयार करने की कोशिश हो रही है।

विजय राघवन ने बताया, हमारी वैक्सीन कंपनियां इसके लिए शोध और विकास कार्य में भी लगी हैं। कई स्टार्टअप कंपनियां भी यह काम कर रही हैं। देश में 30 ग्रुप ऐसे हैं, जो वैक्सीन बनाने के लिए आगे आए हैं। यह एक जोखिम भरी प्रक्रिया है। हम इसके लिए वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रयास का हिस्सा हैं।

‘पूरी तरह देख रही है कि हम कैसे काम कर रहे हैं’ 
नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने बताया कि कोरोना के खिलाफ हम जंग वैक्सीन और दवाओं से जीतेंगे। हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही मजबूत हैं। भारत की फार्मा इंडस्ट्री को फार्मा ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है। हमारे देश में बनी दवाएं और वैक्सीन पूरी दुनिया में जाती हैं। पूरी दुनिया यह देख रही है कि किस तरह हम पुरानी दवाओं का इस्तेमाल कर महामारी से बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही हम दवाओं के लिए शोध में भी जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले संबोधन में वैज्ञानिकों और युवाओं से कहा था कि वे दवा और वैक्सीन खोजें। यह देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए होगा।

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4 टेस्ट की सीरीज का शेड्यूल तय, टीम इंडिया विदेश में अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच एडिलेड में खेलेगी


  • भारतीय टीम दिसंबर-जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलेगी
  • 26 दिसंबर को मेलबर्न में बॉक्सिंग डे और फिर 3 जनवरी को सिडनी में न्यू ईयर टेस्ट खेला जाएगा

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 04:03 PM IST

मेलबर्न. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ साल के आखिर में होने वाली टेस्ट सीरीज का शेड्यूल तय कर दिया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को हो सकती है। क्रिकेट.कॉम.एयू की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला मैच 3 दिसंबर को ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। इसके बाद भारतीय टीम विदेश में अपना पहला डे-नाइट टेस्ट खेलेगी, जो 11 दिसंबर को एडिलेड में होगा।

भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है। कोरोना के कारण टीम इंडिया के खिलाड़ियों को दौरे पर 14 दिन खुद को आइसोलेशन में रखना होगा, जिसकी बीसीसीआई ने अनुमति दे दी है। हालांकि, वनडे सीरीज के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

26 दिसंबर को होगा बॉक्सिंग डे टेस्ट

दोनों देशों के बीच 26 दिसंबर को मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट भी खेला जाएगा। इसके बाद 3 जनवरी को सिडनी में न्यू ईयर टेस्ट खेला जाएगा। दरअसल, क्रिसमस के अगले दिन 26 दिसंबर को होने वाले मैच को बॉक्सिंग डे टेस्ट कहा जाता है। जबकि साल का पहला मैच न्यू ईयर टेस्ट कहलाता है।

4 टेस्ट की सीरीज का शेड्यूल

तारीख स्थान
3-7 दिसंबर ब्रिस्बेन
11-15 दिसंबर एडिलेड
26-30 दिसंबर मेलबर्न
3-7 जनवरी सिडनी

टीम इंडिया अपना दूसरा डे-नाइट टेस्ट खेलेगी
भारतीय टीम एडिलेड में अपना दूसरा और विदेश में पहला डे-नाइट टेस्ट खेलेगी। टीम इंडिया ने अपना पहला डे-नाइट टेस्ट बांग्लादेश के खिलाफ 22 नवंबर 2019 को कोलकाता में खेला था। इस मैच में भारत ने पारी और 46 रन से जीता था।

परिस्थिति पर निर्भर करेगी टेस्ट सीरीज
रिपोर्ट के मुताबिक, सीए ने कहा कि टेस्ट सीरीज के लिए शेड्यूल तय करना जरूरी था। हालांकि, यह सीरीज होगी या नहीं, तब अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में कोरोना की परिस्थिति पर निर्भर करेगा। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि यह सभी टेस्ट एक ही मैदान पर हो सकते हैं, लेकिन अभी ऐसा नहीं है। यह फैसला उसी समय लिया जाएगा, जब परिस्थित नियंत्रण से बाहर होगी।

नवंबर में अफगानिस्तान से एक टेस्ट खेलेगा ऑस्ट्रेलिया
भारत के खिलाफ सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया अपने क्रिकेट सीजन की शुरुआत अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच से करेगा। यह डे-नाइट टेस्ट 21 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। दोनों देशों के बीच यह पहला टेस्ट होगा।

पिछली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 हराया था
पिछली बार 2018 के आखिर में भी दोनों देशों के बीच 4 टेस्ट की सीरीज खेली गई थी। तब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ने सीरीज में 2-1 से जीत दर्ज की थी। टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया में यह पहली टेस्ट सीरीज जीत थी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में अब तक 12 में से 8 सीरीज हारीं और 3 ड्रॉ खेली हैं।

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सभी लीग बिना फैंस के शुरुआत की तैयारी में, 4 में से 3 अमेरिकी वैक्सीन बनने तक स्टेडियम जाकर मैच नहीं देखना चाहते


  • फॉक्स नेटवर्क जैसे कई टीवी नेटवर्क बिना दर्शकों के लाइव टेलीकास्ट पर विचार कर रहे, आर्टिफिशियल क्राउड से सीटें भरी जाएंगी
  • 7.5 लाख करोड़ रुपए की अमेरिकी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को खेल न होने से अब तक 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका

न्यूयॉर्क (अमेरिका) से भास्कर के लिए मोहम्मद अली

May 28, 2020, 07:10 AM IST

वॉशिंगटन. दो महीने की नेशनल इमरजेंसी के दौरान पहली बार शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गोल्फ खेलते नजर आए। अमेरिका में कोरोनावायरस से मरने वाले लोगों का आंकड़ा एक लाख को पार कर गया है। इस दौरान अगर देश का राष्ट्रपति गोल्फ खेल रहा हो तो उसकी आलोचना होना लाजमी है।

ट्रम्प ने कहा, ‘हम खेल की वापसी चाहते हैं। देश में खेल शुरू हाेने की आवश्यकता है। हम इसके लिए काम भी शुरू कर चुके हैं। चाहते हैं कि खेल जैसा पहले था, वैसा हो जाए। 80-90 हजार की क्षमता वाले स्टेडियम में सिर्फ 15 हजार फैंस न हों।’

देश में अधिकतर खेल गतिविधियां मार्च से बंद हैं। हालांकि, मई से धीरे-धीरे कुछ गतिविधियां शुरू हो रही हैं। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) और नेसकार के इवेंट हो चुके हैं।

आर्टिफिशियल क्राउड से स्टेडियम भरने की योजना: स्पोर्ट्स इंडस्ट्री ऐसी किसी भी खेल गतिविधि को बढ़ावा नहीं दे रही, जिसमें भीड़ जुटे और फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो। टीमें, एसोसिएशन, लीग, ब्रॉडकास्टर, स्पॉन्सर का मुख्य फोकस बिना दर्शकों के खेल शुरू करवाना है।

फॉक्स नेटवर्क जैसे कई टीवी नेटवर्क बिना दर्शकों के लाइव टेलीकास्ट पर विचार कर रहे हैं। वे खाली सीटों को आर्टिफिशियल क्राउड से भरने की योजना पर काम कर रहे हैं। न्यू जर्सी की सेटन हाल यूनिवर्सिटी के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिकी आने वाले समय में लाइव गेम टीवी पर देखना पसंद करेंगे।  

मेजर लीग ने कहा- टूर्नामेंट के लिए कॉस्ट कटिंग जरूरी

ईएसपीएन के एनालिसिस के अनुसार, 7.5 लाख करोड़ रुपए की अमेरिकी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को खेल न होने से अब तक 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू के साथ-साथ खिलाड़ी, स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले लोग सभी इससे प्रभावित हुए हैं।

कई मेजर लीग ने स्टाफ और खिलाड़ियों को सूचित कर दिया है कि आने वाले दिनों में अगर सरवाइव करना है और खेलों का आयोजन करना है तो कॉस्ट कटिंग करनी होगी।

एमएलएस और एनबीए के मुकाबले डिज्नी के कॉम्प्लेक्स में हो सकते हैं
बास्केटबॉल, बेसबॉल, फुटबॉल और अमेरिकन फुटबॉल की बड़ी लीग की योजना खेलों को बिना दर्शकों के आयोजित करने की है। मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) ने फ्लोरिडा डिज्नी वर्ल्ड में मैच आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है।

एनबीए की सभी 30 टीमें सीजन दोबारा शुरू करने को लेकर विचार कर रही हैं। लीग का बाकी सीजन ऑरलैंडो के डिज्नी वर्ल्ड में जुलाई के अंत में शुरू हो सकता है। 

मेजर लीग सॉकर: 1200 से ज्यादा लोग 14 दिन तक क्वारेंटाइन रहेंगे
एमएलएस अगर डिज्नी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होती है तो खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ के 1200 से ज्यादा लोगों को वाल्ट डिज्नी वर्ल्ड के पास बड़े रिजॉर्ट में 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन में रहना होगा। खिलाड़ी परिवार को साथ नहीं ले जा सकेंगे।

खिलाड़ी ईएसपीएन के वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रैक्टिस करेंगे। खिलाड़ी जून के मध्य में वहां पहुंच सकते हैं। खेल जुलाई में शुरू हो सकते हैं।

एनबीए: हेड कोच के लिए वर्कआउट सेशन प्रतिबंधित, ग्लव्स भी जरूरी
एनबीए 11 मार्च से स्थगित है। मई के पहले हफ्ते में घोषणा की गई थी कि एनबीए की टीमें जल्द ही प्रैक्टिस शुरू कर सकती हैं। खिलाड़ियों को एरिया को सैनिटाइज करना जरूरी है। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करना होगा।

हेड कोच और पहली पंक्ति के असिस्टेंट के लिए वर्कआउट सेशन प्रतिबंधित है। हर टीम के साथ सिर्फ चार सदस्य हो सकते हैं। उनका भी मास्क और ग्लव्स पहनना अनिवार्य है।

अमेरिका की आधी आबादी का मानना है कि गेम बिना लाइव ऑडियंस के हों
ईएसपीएन के सर्वे के अनुसार, आधे से ज्यादा फैंस लाइव स्पोर्ट्स नहीं देख रहे। उन्होंने कहा है कि गेम बिना फैंस और लाइव ऑडियंस के होने चाहिए। फैंस को इस बात की भी चिंता है कि अगर वे स्टेडियम में गेम देखने जाएंगे तो वे संक्रमित हो सकते हैं।

सर्वे के अनुसार, चार में से तीन अमेरिकी तब तक स्टेडियम में मैच देखने नहीं जाना चाहते, जब तक कि वैक्सीन नहीं बन जाती।

अंपायरों को सबसे ज्यादा खतरा

सिर्फ खिलाड़ियों को ही रिस्क नहीं है। अंपायर, रेफरी, कोच, टीवी क्रू के सदस्यों को भी उतना ही खतरा है। अधिकतर अंपायरों की उम्र 50 साल से ज्यादा है और उन्हें रिस्क काफी ज्यादा है।

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ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों के वैज्ञानिकों को आशंका- कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप से खतरे में पड़ सकती है प्राइवेसी; पारदर्शिता पर भी सवाल


  • वैज्ञानिक कोरोना संक्रमण पर नजर रखने के लिए तैयार किए गए 30 देशों के ऐप की स्टडी कर रहे
  • वे ऐप के व्यवहार, डेटा की प्राइवेसी को लेकर पैदा हो रही शंकाओं को लेकर संतुष्ट नहीं है

राजीव रंजन सिंह

May 28, 2020, 06:20 AM IST

लंदन. दुनिया के कई देश कोरोना के प्रसार को मापने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप पर काम कर रहे हैं। भारत में आरोग्य सेतु ऐप लॉन्च हो चुका है, जबकि ब्रिटेन के ऐप एनएचएस-एक्स का पायलट टेस्ट चल रहा है। वैज्ञानिक करीब 30 देशों के ऐप की स्टडी कर रहे हैं। वे इन ऐप के व्यवहार, खासकर डेटा की प्राइवेसी संबंधी शंकाओं को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।

ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों के वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स ने भी इन ऐप की आलोचना करते हुए खुला पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि ये ऐप यूजर्स के डेटा हैंडलिंग, उनकी निजता के बारे में पारदर्शी नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर जब दो लोग मिलते हैं, तो उनके ऐप ब्लूटूथ के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में आते हैं। ऐसे संपर्कों का ब्यौरा दोनों व्यक्तियों के मोबाइल ऐप में सेव होता है।

कई ऐप यूजर के लोकेशन का डेटा भी लेते हैं। अगर ये डेटा हैकर के हाथ लग जाए, ऐप के नियंत्रक इससे यूजर्स की स्थिति की पहचान करने लगें, तो यह निजता के लिए बड़ा खतरा होगा।

वैज्ञानिक लॉन्च से पहले ऐप का विश्लेषण करना चाहते

वैज्ञानिकों को ऐप लॉन्च होने से पहले ऐसे दुष्प्रभावों का विश्लेषण करने का मौका मिले। यह विश्लेषण यूजर्स के लिए उपलब्ध हो। वे तय कर सकें कि उनके लिए ऐप ठीक है या नहीं। डेटा प्रोटेक्शन कानून का पालन हो। ऐप को एमआईटी टेक्नोलॉजिकल रिव्यू परख रही है।

एमआईटी टेक्नोलॉजिकल रिव्यू ने 5 पैमानों पर एप को परखा

  • स्वैच्छिक: ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य नहीं।
  • सीमित इस्तेमाल: डेटा सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित के लिए उपयोग किया जा रहा है।
  • डेटा नष्ट करना : डेटा तय समय (आमतौर पर 30 दिन) में नष्ट हो जाएगा। यूजर्स खुद भी चाहें तो अपना डेटा डिलीट कर सकेंगे।
  • न्यूनतम सूचनाएं: ऐप कोविड-19 के संबंध में ट्रेसिंग के लिए जरूरी सूचनाएं ही लेता है।
  • पारदर्शिता: ऐप से जुड़ीं नीतियां, डिजाइन, सोर्स कोड सार्वजनिक किए जा चुके हैं।

चीन का ऐप किसी पैमाने पर खरा नहीं 

  • अमेरिका: फिलहाल अमेरिका के किसी ऐप का नाम सामने नहीं आ रहा है।
  • ब्रिटेन : एनएचएस-एक्स ऐप। यह स्वैच्छिक, पारदर्शिता, न्यूनतम सूचना के पैमाने पर खरा।
  • इटली: इम्युनी ऐप। यह पांचों पैमानों पर खरा।
  • फ्रांस: स्टॉप कोविड ऐप। यह स्वैच्छिक है। अन्य पैमानों पर खरा नहीं उतरा।
  • चीन: चाइनीज हेल्थ कोड सिस्टम ऐप। यह पांचों पैमाने पर खरा नहीं उतरा है।
  • जर्मनी: कोरोना ऐप। यह स्वैच्छिक है। डेटा नष्ट हो सकेगा। अन्य पैमानों पर खरा नहीं है।
  • भारत:  आरोग्य सेतु ऐप। डेटा नष्ट हो सकेगा। पारदर्शी है। अन्य पैमानों पर खरा नहीं।
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देश में लॉकडाउन 5.0 लगने वाली खबरें फेक, गृह मंत्रालय ने कहा- 11 शहरों पर फोकस और धार्मिक स्थलों में छूट जैसा कुछ नहीं


  • क्या वायरल: सोशल मीडिया और कई साइट्स पर लिखा जा रहा- 11 शहरों पर फोकस, धार्मिक स्थलों-जिम में छूट… ऐसा हो सकता है लॉकडाउन-5
  • सच्चाई: ऐसी कोई घोषणा सरकार की ओर से नहीं की गई, गृह मंत्रालय ने भी ट्वीट करके ऐसी खबरों को फेक बताया

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 09:14 PM IST

देश में लॉकडाउन 4.0 खत्म होने में अभी 4 दिन बाकी हैं। जोन के हिसाब से लॉकडाउन की अपनी शर्तें लागू होने के बावजूद इसे असफल भी बताया जा रहा है। इसी बीच लॉकडाउन के 5वें चरण की बातें शुरू हो गई हैं। 

बीते 24 घंटे में सोशल मीडिया और कई साइट्स पर लिखा जा रहा कि, 1 जून से लॉकडाउन-5 में देश में 11 शहरों पर फोकस रहेगा और धार्मिक स्थलों व जिम में छूट मिलेगी।  ये भी कहा जा रहा है कि पीएम मोदी 31 मई को मन की बात में इसकी घोषणा करने वाले हैं और इसके लिए नई गाइडलाइन तय कर दी गई है।

गृह मंत्रालय का स्पष्टीकरण

गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार दोपहर ट्वीट करके इन तमाम दावों और खबरों को गलत बताया गया है।

11 शहरों पर फोकस, धार्मिक स्थलों-जिम में छूट… ऐसा हो सकता है लॉकडाउन-5 

सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन का पांचवा चरण 11 शहरों पर केंद्रित होगा, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता शामिल हैं. 

नई दिल्ली। कोरोना संकट के मद्देनजर लॉकडाउन के पांचवें चरण का खाका अभी ,से तैयार किया जा रहा है.सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन 5.0 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मन की बात कर सकते हैं. लॉकडाउन के पांचवें चरण में कोरोना प्रभावित 11 शहरों को छोड़कर बाकी देश में छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन का पांचवा चरण 11 शहरों पर केंद्रित होगा, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता शामिल हैं. इन शहरों में 70 फीसदी से अधिक कोरोना केस हैं. केवल 5 शहरों (अहमदाबाद, दिल्ली, पुणे, कोलकाता, मुंबई) में तो आंकड़ा 60 फीसदी के पास है।

लॉकडाउन के पांचवें चरण में केंद्र की ओर से धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट दी जा सकती है, लेकिन नियम और शर्तें लागू रहेंगी. धार्मिक स्थल पर कोई भी मेला या महोत्सव मनाने की छूट नहीं होगी. साथ ही अधिक संख्या में लोग इकट्ठा नहीं होंगे. मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगा।

लॉकडाउन 5.0 के दौरान सभी जोन में सैलून और जिम को खोलने की इजाजत दी जा सकती है, सिर्फ कंटेनमेंट जोन छोड़कर. हालांकि, इस चरण में किसी स्कूल, कॉलेज-यूनिवर्सिटी को खोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. साथ ही माल और मल्टीप्लैक्स को भी बंद रखा जा सकता है।

बताया जा रहा है कि लॉकडाउन 5.0 में शादी और अंतिम संस्कार में कुछ और लोगों को शामिल होने की छूट दी जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन का पांचवा चरण दो हफ्ते के लिए लागू किया जा सकता है।

निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइन फेक है। इस बारे में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि ये सिर्फ अफवाह है। इसे फॉरवर्ड न करें।



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चूरू में 49.6 और श्रीगंगानगर में 48.9 डिग्री, दोनों दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में; मौसम विभाग का अनुमान- उत्तर भारत में कल से राहत मिलेगी


  • मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 28 मई के बाद से गर्मी का असर कम होना शुरू होगा
  • सीनियर साइंटिस्ट नरेश कुमार ने बताया कि हिमालय रीजन में बदलाव की वजह से गर्मी से राहत मिलना शुरू होगी

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 07:58 PM IST

नई दिल्ली. देश में तेज गर्मी का दौर जारी है। राजस्थान का चूरू बुधवार को लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां 49.6 डिग्री तापमान दर्ज किया। राजस्थान के ही श्रीगंगानगर में 48.9 डिग्री तापमान रहा। ये दोनों ही दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गुरुवार और मध्य भारत के इलाकों में शुक्रवार से गर्मी में राहत मिलेगी।

दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में 2 भारत के

शहर देश अधिकतम तापमान
नवाबशाह पाकिस्तान 50.6
जैकबाबाद पाकिस्तान 50
चूरू भारत 49.6
पड़ीदन पाकिस्तान 49
श्रीगंगानगर भारत 48.9

(आंकड़े worldweathertoday और eldoradoweather के मुताबिक)

देश के 10 सबसे गर्म शहर, इनमें 4 राजस्थान के

शहर प्रदेश अधिकतम तापमान
चूरू राजस्थान 49.6
श्रीगंगानगर राजस्थान 48.9
बांदा यूपी 48
बीकानेर राजस्थान 48
प्रयागराज यूपी 47.6
कोटा राजस्थान 47.2
पालम दिल्ली 47.2
नारनौल हरियाणा 47.2
खजुराहो मध्य प्रदेश 47
चंद्रपुर महाराष्ट्र 46.4

मौसम विभाग ने कहा- कल से राहत की उम्मीद
मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 28 मई के बाद से गर्मी का असर कम होना शुरू होगा। मध्य भारत के इलाकों में 29 मई से तापमान थोड़ा कम होगा। मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट नरेश कुमार ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हिमालय रीजन में बदलाव की वजह से गर्मी से राहत मिलना शुरू होगी। मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है।

राजस्थान का चूरू लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म
चूरू में मंगलवार को तापमान 50 डिग्री रहा था। बुधवार को यहां तापमान मामूली गिरावट के साथ 49.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर में बुधवार को 48.9 डिग्री, बीकानेर में 48 डिग्री और कोटा में 47.2 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में लू का दौर अभी जारी रहेगा।

कोटा में लगातार तीसरी रात प्रदेश में सबसे गर्म रही। यहां सोमवार रात तापमान 33.6 डिग्री था। बीती रात यह बढ़कर 33.9 डिग्री हो गया। माउंटआबू में मंगलवार रात 20.4 डिग्री, श्रीगंगानगर में 26.0 डिग्री और जयपुर में 33.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।

महाराष्ट्र में चंद्रपुर सबसे गर्म, पारा 46 डिग्री के पार पहुंचा
महाराष्ट्र में बुधवार को सबसे ज्यादा 46.4 तापमान चंद्रपुर जिले में दर्ज किया गया। चंद्रपुर के बाद नागपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा।

मध्य प्रदेश में खजुराहो सबसे गर्म
मध्य प्रदेश के खजुराहो में सबसे ज्यादा 47 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। यहां न्यूतनतम 31 डिग्री तापमान रहा। ग्वालियर में अधिकतम 46 और न्यूनतम 32 डिग्री रहा। जबलपुर में अधिकतम 45 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री रहा। भोपाल में अधिकतम 44 और न्यूनतम 30 डिग्री रहा।

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चीन ने कहा- भारतीय सीमा पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में, बातचीत से मामला सुलझा लेंगे; ट्रम्प बोले- अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार


  • चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- हम समझौते का सख्ती से पालन कर रहे
  • लद्दाख में गावलन नाला क्षेत्र में दोनों देशों के बीच हाल ही में तनाव बढ़ गया है

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 05:30 PM IST

बीजिंग. चीन ने बुधवार को कहा कि भारतीय सीमा पर स्थिति पूरी तरह से स्थिर और नियंत्रण में है। दोनों देशों के पास आपसी बातचीत के जरिए ऐसे मुद्दों को हल करने का तंत्र मौजूद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का यह बयान वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन की सेना में जारी गतिरोध के बीच आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर चीन की स्थिति स्पष्ट है।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपाति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि चीन और भारत के सीमा विवाद पर अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है। इससे पहले ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की बात कही थी, जिसे भारत ने ठुकरा दिया था। भारत ने कहा था कि यह उसका आंतरिक मसला है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दो अनौपचारिक शिखर सम्मेलन का हवाला देते हुए  झाओ लिजियन कहा, ‘‘हम दोनों देशों के नेताओं की बैठक के बाद बनी महत्वपूर्ण सहमति और समझौते का सख्ती से पालन कर रहे हैं।’’

‘बेहतर रिश्ते रखने की जिम्मेदारी दोनों देशों की’
वहीं, भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने कहा कि भारत और चीन साथ मिलकर कोरोनावायरस से मिलकर जंग लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बेहतर संबंध रखना दोनों देशों की जिम्मेदारी है। दोनों तरफ के युवाओं को भी यह समझना चाहिए। हमें उन चीजों को दूर रखना होगा, जो आपसी रिश्तों पर बुरा असर डाले। आपसी चर्चा के जरिए ही मतभेद सुलझाने चाहिए।

चीन के बाद भारत ने भी बढ़ाई सैनिकों की संख्या

लद्दाख में हाल ही में गालवन नाला एरिया के पास चीन और भारत के बीत तनाव बढ़ गया है। एलएसी के पास कई सेक्टरों में चीन करीब 5 हजार जवान तैनात कर चुका है। पड़ोसी के इस कदम के बाद भारतीय सेना ने भी इन इलाकों में अपने जवान बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इसी महीने दोनों सेनाओं के बीच तीन बार अलग-अलग जगहों पर टकराव हो चुका है। पिछले हफ्ते दोनों देशों की सेनाओं के कमांडर बातचीत कर मुद्दा सुलझाने की कोशिश भी कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चर्चा की थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हाईलेवल मीटिंग बुलाई। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुख शामिल हुए। इसके बाद मोदी ने विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला से भी चर्चा की। इससे पहले लद्दाख में तनाव पर रक्षा मंत्री की सीडीएस और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से करीब एक घंटे मीटिंग हुई थी।

डोकलाम के बाद सबसे बड़ा टकराव

  • अगर भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हुईं तो 2017 के डोकलाम विवाद के बाद ये सबसे बड़ा विवाद होगा। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पेंगोंग त्सो झील और गालवान वैली में सैनिक बढ़ा दिए हैं। इन दोनों इलाकों में चीन ने दो हजार से ढाई हजार सैनिक तैनात किए हैं, साथ ही अस्थाई सुविधाएं भी बढ़ा रहा है। चीन लद्दाख के कई इलाकों पर अपना दावा करता रहा है। 

  • भारत-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 2017 में 16 जून से 28 अगस्त के बीच तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। के आखिर में दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी थी।

भारत और चीन के बीच हाल में हुए विवाद

1) तारीख- 5 मई, जगह- पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील
उस दिन शाम के वक्त  झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

2) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर
यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया, फिर झड़प रुकी।

3) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- लद्दाख
जिस दिन उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों में झड़प हो रही थी, उसी दिन चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाल के बरसों में ऐसा पहली बार हुआ जब चीन की ऐसी हरकत के जवाब में भारत ने अपने लड़ाकू विमान सीमा के पास भेजे।



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फरीदाबाद में बढ़ते मामलों के बीच कोरोना फैलाव रोकने के लिए 5 कमेटियां गठित


  • सभी कमेटियां एक साथ एक कमांड पर काम करेंगी
  • हरियाणा में कोरोना के मरीजों की संख्या 1300 पार

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 12:20 PM IST

पानीपत. हरियाणा में लॉकडाउन फेस-4 का 10वां दिन है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1300 पार कर गई है। मंगलवार को प्रदेशभर में करीब 100 मरीज मिले थे। फरीदाबाद और गुड़गांव में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। फरीदाबाद में बढ़ते मरीजों के आंकड़े के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कोरोना फैलाव को रोकने के लिए 5 कमेटियां गठित की हैं। ये सभी कमेटियां एक साथ एक कमांड पर कार्य करेंगी। सभी कमेटियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। 

डीसी यशपाल यादव ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है कि एक बड़ी श्रृंखला बनाई जाए ताकि कम से कम घरों पर लोकल कमेटी के एक सदस्य को नियुक्त किया जाए। यह सदस्य अपने आसपास के क्षेत्र में कोरोना जैसे लक्षण वाले व्यक्ति की पहचान करने, आसपास के लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री पर नजर रखने, सरकार व जिला प्रशासन की ओर से जारी हिदायतों व एसओपी की अनुपालना करवाने, क्वारंटाइन किए लोगों को घरों में रखने, कंटेनमेंट जोन में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित करवाने, लोगों में जागरूकता पैदा करने आदि कार्य करेंगे तथा इसकी नियमित रिपोर्टिंग करेंगे।

गर्मी की वजह से प्रदेशभर में बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हुई

हरियाणा में तेज धूप और लू की वजह से कई शहरों में तापमान 47 डिग्री पहुंच गया है। ऐसे में दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। इससे कहीं न कहीं कोरोना को हराने में भी सहायता मिल रही है। हालांकि सुबह और शाम के समय बाजारों में लोगों की भीड़ नजर आ रही है। पुलिस को अब भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना पड़ रहा है। 

हरियाणा में मरीजों का आंकड़ा 1300 पार पहुंचा

  • अमेरिका से लौटे 21 कोरोना पॉजिटिव के साथ-साथ गुड़गांव में 317, फरीदाबाद में 234, सोनीपत में 163, झज्जर में 93, नूंह में 66, अंबाला में 47, पलवल में 43, पानीपत में 59, पंचकूला में 25, जींद में 29, करनाल में 36, रोहतक में 16, महेंद्रगढ़ में 36 रेवाड़ी में 18, सिरसा में 10, फतेहाबाद में 9, यमुनानगर में 8, हिसार में 22, कुरुक्षेत्र में 21, भिवानी में 11, कैथल में 6, चरखी-दादरी में 7, भिवानी में 11 संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।

  • हरियाणा में अब कुल 824 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें गुरुग्राम में 183, फरीदाबाद में 120, सोनीपत में 124, नूंह में 65, झज्जर में 90, अंबाला में 40, पलवल 39, पानीपत में 33, पंचकूला में 24, जींद में 18, करनाल में 16, यमुनानगर में 8, सिरसा में 9, रोहतक में 11, महेंद्रगढ़ में 6, भिवानी में 6,  हिसार में 3, कैथल में 4, फतेहाबाद में 6, कुरुक्षेत्र में 2, चरखी दादरी में 1, रेवाड़ी में 1 मरीज ठीक होकर घर लौट चुका है। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं।
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एक लाख 50 हजार 768 केस: सरकार ने बताया- 20 दिन में 30 हजार भारतीयों को विदेश से लाया गया, जून में 49 हजार लोगों को लाएंगे


  • केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने के लिए वंदे भारत मिशन शुरू किया
  • 7 मई से इसकी शुरुआत हुई, दूसरा फेज 16 मई से शुरू हुआ और अब इसे 16 जून तक बढ़ाया गया है

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 06:56 AM IST

नई दिल्ली.  सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने बताया, ‘बंदे भारत मिशन के तहत दुनिया के अलग-अलग देशों से 30 हजार भारतीयों को लाया गया है। मध्य जून तक 49 हजार भारतीयों लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए 158 फ्लाइट्स ने उड़ान भरी।’  केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने के लिए वंदे भारत मिशन शुरू किया था। इसकी शुरुआत  7 मई से हुई। दूसरा फेज 16 मई से शुरू हुआ और अब इसे 16 जून तक बढ़ाया गया है। मंगलवार को 19 फ्लाइट्स से 3393 लोग आए। 

मंगलवार को महाराष्ट्र में 2091, तमिलनाडु में 646, गुजरात में 361, दिल्ली में 412 और मध्यप्रदेश में 165 संक्रमित मिले। यह Covid19.Org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना के 80 हजार 722 एक्टिव मरीज हैं, जबकि 60 हजार 490 स्वस्थ भी हुए हैं। वहीं, 4167 की मौत हुई है।

5 दिन जब सबसे ज्यादा मामले

तारीख

केस
24 मई 7111
23 मई 6665
22 मई 6570
19 मई 6154
21 मई 6025

पांच राज्यों का हाल

  • मध्यप्रदेश, 7024: यहां मंगलवार को 165 केस आए। इनमें इंदौर में 39, भोपाल में 32, बुरहानपुर मेें 15, देवास में 19, ग्वालियर में 10, सागर में 11, सतना और नरसिंहपुर में 3-3, भिंड और मुरैना में 2-2 संक्रमित मिले। चिरायु अस्पताल से 16 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। राज्य में 305 की मौत हो चुकी है। 3689 स्वस्थ हुए। एक्टिव केस यानी अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 3030 है।
  • महाराष्ट्र, 54758: राज्य में मंगलवार को 2091 नए मामले सामने आए, जबकि 97 मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव ने मंगलवार को बताया कि राज्य में कोरोना के 35 हजार 178 एक्टिव मरीज हैं। संक्रमण के 80 फीसदी मामलों में मरीजों में लक्षण नजर नहीं आए। वहीं, पहले के पांच दिन के मुकाबले अब 14 दिन में मरीज दोगुने हो रहे हैं। 
  • उत्तरप्रदेश, 6724: यहां मंगलवार को 227 मरीज मिले, जबकि 8 की मौत हुई। अमेठी में सबसे ज्यादा 34 मरीज मिले। इसके अलावा आजमगढ़ में 15, अयोध्या में 13, अंबेडकरनगर में 10, आगरा में 7, अलीगढ़ में दो मरीज मिले। 
  • राजस्थान. 7536: यहां मंगलवार को संक्रमण के 236 मामले सामने आए। इनमें से जयपुर में 32, सिरोही में 27, सीकर में 25, उदयपुर में 25, झालावाड़ में 12, राजसमंद में 11, झुंझुनूं और बीकानेर में 5-5,  कोटा में 10, पाली में 23, धौलपुर में 2, जबकि भरतपुर में 1 मरीज मिला। 
  • बिहार, 2968: यहां मंगलवार को संक्रमण के 231 मामले आए। इनमें से रोहतास में 35, मधुबनी में 31, दरभंगा मेें 12, पूर्वी चंपारण में 10, गया में 5, गोपालगंज में 4, खगड़िया में 23, किशनगंज में 17 मरीज मिले।

 

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वहां भी नौकरियां खोईं, बिजनेस बंद हुआ; लोग फंसे और सामान की किल्लत भी झेलनी पड़ी


  • कोरोना के बाद जो नौकरियां गईं, उसमें श्रुति की जॉब चली गई, जॉब जाने के कुछ वक्त बाद श्रुति को नियम मुताबिक अपने देश लौटना है
  • दो महीने का दाल-चावल, पोहा-उपमा स्टॉक किया, इंफेक्शन के डर से सब्जियां घरों में ही उगा रहे लोग

अक्षय बाजपेयी

May 26, 2020, 01:03 PM IST

नईदिल्ली. अमेरिका में करीब 27 लाख भारतीय रहते हैं। कोरोना का जितना असर भारत में उससे कहीं ज्यादा प्रभावित अमेरिका है। लॉकडाउन भी दोनों ही देशों में लगाया गया। और जो दिक्कतें भारत में हुई लगभग वैसी ही यूएस में भी। वहां रहने वाले भारतीय इस दौरान क्या कर रहे हैं, हमने उनसे बात की, एक रिपोर्ट…

नौकरियां खोईं और बिजनेस बंद हुआ

आदित्य और श्रुति दोनों मुंबई के रहने वाले हैं। दोनों अमेरिका में नौकरी करते थे। कुछ समय पहले ही वे यूएस पहुंचे। कोरोना के बाद जो नौकरियां गईं, उसमें श्रुति की जॉब चली गई। जॉब जाने के कुछ वक्त बाद श्रुति को नियम मुताबिक अपने देश लौटना है। नई नौकरी की उम्मीद कम ही है। हो सकता है देश लौटना पड़े।

सौरव मालवीय यूएसए में रहते हैं और प्रोफेशनल वेडिंग फोटोग्राफर हैं। सौरव ने बताया कि लॉकडाउन के पहले हर महीने 6 से 7 लाख रुपए की अर्निंग थी लेकिन अभी फील्ड वर्क बंद है।

घर से ही एडिटिंग का कम चल रहा है। उन्होंने बताया कि, लॉकडाउन ने क्रिएटिविटी को और ज्यादा बढ़ा दिया है। अब मैं घर से ही प्रोडक्ट फोटोग्राफी कर रहा हूं।

नेचर की फोटोग्राफी कर रहा हूं क्योंकि यहां आने-जाने में कोई रोक नहीं है। एडिटिंग में नए एक्सपेरिमेंट कर रहा हूं और ब्लॉगिंग भी शुरू कर चुका हूं। प्रोडक्ट फोटोग्राफी के ऑर्डर घर बैठे ही मिल रहे हैं। लॉकडाउन ने हमें और ज्यादा सोचने-समझने का मौका दिया है।

लॉकडाउन और फ्लाइट्स बंद होने से फंसे लोग

महाराष्ट्र की रहनेवाली नेहा दिसंबर में 6 महीने के लिए यूएस आईं थी। लेकिन अब वह समय पूरा होने वाला है और इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने के कोई आसार नहीं दिख रहे। नेहा का वापस जाने का रिजर्वेशन मई का था। वे आगे की प्रोसेस को लेकर बहुत टेंशन में हैं।

विपुल चावला चंडीगढ़ से हैं। अमेरिका में फेसबुक में नौकरी करते हैं। उनका परिवार भारत में फंसा हुआ है और वह अकेले अमेरिका में हैं। दिवाली पर वह पूरी फैमिली के साथ इंडिया आए थे। अप्रैल में उनके बेटे का पहला बर्थडे था।

इन दिनों विपुल यूएस में अकेले रह गए हैं। उनका परिवार इंडिया में है।

विपुल कहते हैं वह इस लॉकडाउन में परिवार के साथ समय बिता सकते थे लेकिन वह अकेले रह गए। खाली वक्त में कुकिंग और गार्डनिंग करते हैं। पहले कुकिंग नहीं आती थी लेकिन अब पूछ-पूछकर बहुत कुछ पकाना सीख गए हैं।

माइक्रोसॉफ्ट में जॉब करने वाले जयेश उपाध्याय के मां-पापा जनवरी में उनके पास अमेरिका गए थे। वहां से उन दोनों का ऑस्ट्रेलिया जाने का प्लान था। टूरिस्ट वीजा पर वह छह महीने ही यूएस में रह सकते हैं।

जयेश के पैरेंट्स इन दिनों यूएस में ही हैं और अब बच्चों और परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं।

उन्हें यही तनाव है कि बस वीजा लिमिट आगे बढ़ जाए। हालांकि पूरा परिवार साथ है तो ये वक्त उनके लिए वेकेशन बन गया है।

सामान की किल्लत वहां भी हुई, संक्रमण के डर से घर में सब्जियां उगाईं

सौरभ कहते हैं मेरा एक फ्रेंड है जोनाथन। एक दिन उसका मैसेज आया कि मोबाइल पर तुम्हें एक लिस्ट भेजी है उसे तुरंत चेक करो। उसमें टूथब्रश से लेकर ऐसे आइटम लिखे थे, जो लंबे समय तक खराब न हों। जिन्हें स्टोर किया जा सके।

शुरूआत में मैंने उसकी बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन बाद में लगा कि कुछ स्टोर कर ही लेते हैं। फालतू की रिस्क क्यों लें।

फेसबुक में काम करने वाले इंदौर के अनिमेश द्विवेदी ने बताया कि लॉकडाउन में कई सामान की किल्लत हो गई थी। इसलिए हमने पोहा, उपमा, रवा, मैगी जैसी चीजें जो हमें लगती ही हैं यह थोड़ी ज्यादा मात्रा में खरीद कर रख लीं।

कुछ दिनों बाद यहां कॉन्टैक्टलेस होम डिलिवरी शुरू हो गई थी। ऑर्डर करने पर डिलीवरी बॉय आता है और घर के बाहर ही सामान रखकर चले जाता है।

अनिमेश वर्क फ्रॉम होम मोड पर हैं। उनकी पत्नी अदिति एपल में काम करती हैं। वे फेसबुक में हैं।

अनिमेश कहते हैं कि, हम अभी वर्क फ्रॉम होम मोड पर हैं। इसलिए गार्डनिंग के लिए कुछ समय निकल जाता है। मैंने घर पर ही संतरे, नींबू, अमरूद के पेड़ लगाए हैं।

पुदीना, धनिया, मैथी, कद्दू, टमाटर, शिमला मिर्च घर ही उगाए हैं। हर रोज इनमें पानी-खाद देने का काम करता हूं। समर यूएसए में सब्जियों के लिए अच्छा मौसम भी होता है। खूब सब्जियां हो रही हैं।

इन दिनों अनिमेश घर में उगाई सब्जियां ही खा रहे हैं।

इसलिए बाहर से संक्रमण आने का डर नहीं है। फ्रेश सब्जियां खाने को मिल जाती हैं। हालांकि अब धीरे-धीरे चीजें नॉर्मल मोड पर जा रही हैं। किसी सामान की कोई किल्लत नहीं हो रही।

अनिमेश कहते हैं घर पर हमें जैविक सब्जियां मिल रही हैं। संक्रमण का कोई खतरा नहीं।
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1 लाख 44 हजार 937 केस: ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 60 हजार के पार, 80 हजार का इलाज चल रहा


  • 24 घंटे में 6414 संक्रमित और 3254 एक्टिव केस बढ़े, 3012 ठीक हुए, 148 की मौत हुई
  • दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य हुआ
  • उड्‌डयन मंत्रालय ने प्राइवेट ऑपरेटर को भी विमान सेवाएं शुरू करने की अनुमति दी

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 09:29 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख 44 हजार 937 हो गई है। सोमवार को 6414 संक्रमित बढ़े, 3012 ठीक हो गए, जबकि 148 की मौत हुई। अस्पताल में 80 हजार से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। इसमें सोमवार को 3254 की बढ़ोतरी हो गई। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 1 लाख 38 हजार 845 संक्रमित हैं। इसमें से 77 हजार 103 का इलाज चल रहा है, 57 हजार 720 ठीक हुए हैं और 4021 की मौत हो चुकी है।


अपडेट़्स…

  • दिल्ली सरकार ने यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी की है। अब यहां आने वाले यात्रियों को अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड रखना होगा। संक्रमण के लक्षण नहीं होने पर भी यात्रियों को 14 दिन तक खुद अपने स्वास्थ्य पर नजर रखनी होगी। 
  • विमानन मंत्रालय ने नॉन-शेड्यूल्ड प्राइवेट ऑपरेटर्स को भी विमान सेवाएं शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इनमें फिक्स्ड विंग, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं।
  • दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम हो गया है। दरअसल, गाजियाबाद प्रशासन ने यहां संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले की सीमाओं को सख्ती से सील कर दिया है।
दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर सुबह ट्रैफिक जाम लगा। गाजियाबाद प्रशासन का कहना है कि वह संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन-2 की तरह सख्ती बरतेगा।

5 दिन जब सबसे ज्यादा मामले

तारीख

केस
24 मई 7111
23 मई 6665
22 मई 6570
19 मई 6154
21 मई 6025

पांच राज्यों का हाल

  • मध्यप्रदेश, संक्रमित- 6859: यहां सोमवार को 194 नए मामले सामने आए और 10 लोगों की जान गई। राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 300 हो गया है। इंदौर में 56, भोपाल में 30, उज्जैन में 22, मुरैना में 12, सागर और ग्वालियर में 9-9, खरगोन में 8 और बुरहानपुर में 7 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रदेश में अब तक 3571 लोग ठीक हो चुके हैं।
  • महाराष्ट्र, संक्रमित- 52667: यहां सोमवार को 2436 नए संक्रमित मिले। प्रदेश में 60 मरीजों की मौतों के साथ यह आंकड़ा 1695 हो गया है। बीते 24 घंटे में 1186 संक्रमित ठीक भी हुए हैं। मुंबई 1 हजार से ज्यादा मौतों वाला देश का इकलौता शहर बन गया है। यहां अब कोरोना संक्रमितों के फेफड़ों का एक्स-रे किया जाएगा। चीन में भी यह तकनीक अपनाई गई थी। बिना लक्षणों वाले मरीजों के लंग्स के एक्स-रे के आधार पर यह पता चल सकेगा कि मरीज कितना गंभीर हो सकता है।
यह तस्वीर मुंबई की है। प्रवासी अपने गृह राज्य जाने के लिए छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए। गर्मी ने इनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
  • उत्तरप्रदेश, संक्रमित- 6497: राज्य में सोमवार को 229 नए मरीज बढ़े। यहां कोरोना से 169 लोगों की मौत हुई है। 3660 मरीज ठीक हो चुके हैं। यानी अब तक 56.6% मरीज ठीक हो चुके हैं। 2668 का इलाज चल रहा है। अब तक 1569 प्रवासी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जो कि कुल मरीजों का 25.3% हैं।
  • राजस्थान, संक्रमित- 7300: यहां सोमवार को संक्रमण के 272 मामले सामने आए। इनमें से पाली में 50, सीकर में 44, जोधपुर में 47, नागौर में 48, जयपुर में 13, चूरू में 17, उदयपुर में 12 और सिरोही में 9 मरीज मिले। राज्य में 4056 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 165 की मौत हुई है।
  • बिहार, संक्रमित- 2737: यहां सोमवार को 163 संक्रमित मिले। इनमें से सहरसा में 21, बेगुसराय में 17, दरभंगा में 13, पटना, कटिहार और सीतामढ़ी में 11-11 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं, वैशाली और औरंगाबाद में 9-9 संक्रमित बढ़े हैं। राज्य में अब तक 733 लोग ठीक हो चुके हैं और 13 की जान गई है।
यह तस्वीर पटना की है। यहां सोमवार को गुजरात से आए प्रवासी दानापुर रेलवे स्टेशन जाने के लिए बस में सवार होते हुए।
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तीन स्तरीय तानाशाही ने भारत का कुछ भला किया या नहीं?


  • भारतीय शासन व्यवस्था के तीन इंजन- पीएम, सीएम, डीएम आपदा के समय में कर रहे गफलत

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 06:06 AM IST

एक प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारी ने भारतीय शासन व्यवस्था के बारे में बेहतरीन बात कही थी, ‘यह तीन इंजनों से चलती है- पीएम, सीएम, डीएम (प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला मजिस्ट्रेट)।’ मैं उन्हें इस सटीक टिप्पणी का श्रेय दूंगा लेकिन साथ ही अपना विवेक भी इस्तेमाल करूंगा। और चाहूंगा कि मैं जो तर्क पेश कर रहा हूं उसका दोष उन्हें न दिया जाए।

इस महामारी के दौरान सरकारों ने ‘एपिडेमिक डीजीजेज़ एक्ट’ और ‘डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट’ का सहारा लेकर जो विशेष शक्तियां हासिल कर ली हैं, वे इस पुरानी टिप्पणी को प्रासंगिक बना देती हैं। अब हमें विचार की जरूरत है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की इस आपातस्थिति में इस तीन स्तरीय तानाशाही ने भारत का कुछ भला किया या नहीं? या इसके उलटे नतीजे ही निकले हैं, खासकर असंगठित कामगारों के मामले में?

पिछले छह वर्षों में किसी मंत्री को ज्यादा बोलते नहीं सुना गया। संभवतः अमित शाह को छोड़कर। कैबिनेट सिस्टम बेअसर हो चुका है। सामूहिक जिम्मेदारी, आंतरिक विचार-विमर्श, असहमति बेमानी बना दिए हैं। नोटबंदी जैसा फैसला मंत्रिमंडल से लगभग गुप्त रखकर किया जाता है। ऐसा नहीं है कि इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में असहमति की बहुत गुंजाइश रहती थी, लेकिन यह तथ्य भी पीएम-सीएम-डीएम निजाम वाले तर्क को मजबूत ही करता है। गठबंधन सरकारों के दौर में भी क्षेत्रीय स्तर पर तानाशाहियां उभरी थीं और सत्ता का इस्तेमाल पसंदीदा नौकरशाहों के जरिए होता रहा है।

इस महामारी ने उस ‘एपिडेमिक डीजीजेज़ एक्ट’ को लागू करना जरूरी बना दिया, जिसे अंग्रेजों ने 1897 में प्लेग महामारी के दौरान बनाया था। अब ‘आपदा प्रबंधन कानून’ से यह और मजबूत हो गया है। सुनामी के बाद इस कानून को बनाते समय यूपीए ने इसके इस हश्र की कल्पना नहीं की होगी। आज महामारी से केंद्र सरकार को सारे अधिकारों का केंद्रीकरण करने का कानूनी आधार मिल गया है। कैबिनेट सेक्रेटरी राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक करें इसमें असंवैधानिक कुछ नहीं, मगर फिर लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित नेताओं का क्या होगा?

यहां एक विरोधाभास उभरता है। अगर दो कानूनों और संसद में बहुमत ने पीएम के हाथों में इतने सारे अधिकार सौंप दिए हैं, तो सीएम कहां हैं? और फिर, ‘तीन इंजन’ वाले फॉर्मूले का क्या होगा? भारत के राजनीतिक नक्शे पर नजर दौड़ाइए। सर्वशक्तिमान केंद्र के नीचे कई मिनी तानाशाहियां भी पनपती हैं। इसका किसी एक ही पार्टी से लेना-देना नहीं है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में क्षेत्रीय दल के सर्वशक्तिमान मुख्यमंत्री हैं। प. बंगाल में अकेली ममता का शो जारी है। ये सब अपने-अपने तरीके से केंद्र से सहयोग या असहयोग करते रहे हैं।

केंद्र और राज्यों में सर्वशक्तिमान हुए लोगों के बीच जो एक नया राजनीतिक इकरारनामा जैसा हुआ है, वह दिलचस्प है। ऐसे में कुछ भाजपाई सीएम के लिए अफसोस होता है, खासकर शिवराज सिंह चौहान और विजय रूपाणी के लिए, जिन्हें मामूली अधिकारों के भरोसे छोड़ दिया गया है। लेकिन भाजपा में भी, योगी आदित्यनाथ और बी.एस. येदियुरप्पा अपने आप में शक्तिशाली हैं। विधानसभा में महज 20% सीटों के साथ पिता-पुत्र की तानाशाही इस संकट के सामने अनाड़ी जैसी दिख रही है। वे इसमें दिग्भ्रमित दिख रहे हैं। 

अब हम डीएम पर आते हैं। जिस तरह पीएम अधिकारियों की टास्कफोर्स के जरिए कोरोना से राष्ट्रीय जंग लड़ रहे हैं, उसी तरह सीएम अपनी टास्कफोर्स के जरिए लड़ रहे हैं। केंद्र में यह व्यवस्था इस हद तक मजबूत हो गई है कि यह जरूरी नहीं माना जाता कि इससे जुड़े स्वास्थ्य, गृह, कृषि और श्रम जैसे अहम विभागों के मंत्री राष्ट्र से सीधे बात करें। इसका गंभीर नतीजा यह है कि जिन लोगों को जमीनी हकीकतों की सतही जानकारी है, वे आदेश जारी कर रहे हैं।

इस प्रशासनिक ढांचे में किसी ने अनुमान नहीं लगाया था कि चार घंटे के नोटिस पर सम्पूर्ण लॉकडाउन से क्या समस्याएं पैदा होंगी और प्रवासी कामगारों के मन में क्या डर बैठ सकता है। कामगारों को आयात और निर्यात करने वाले राज्यों ने भी अनुमान नहीं लगाया। यह इसीलिए हुआ कि नेतृत्व सहज राजनीतिक बुद्धि को भूल गया या सब कुछ डीएम जैसों के ऊपर छोड़ दिया। लॉकडाउन का पहला चरण पूरा होने तक मामला हाथ से निकलता दिखा। और जहां ऐसा हुआ वहां देखिए कि किसे जिम्मेदार ठहराया गया।

महाराष्ट्र और गुजरात में राजधानियों के नगर निगमों को संभाल रहे आईएएस अधिकारियों को हटा दिया, क्योंकि वे ‘बहुत ज्यादा’ टेस्टिंग कर रहे थे। बिहार, मप्र ने अपने स्वास्थ्य सचिव बदल दिए। इस पूर्णतः संवैधानिक तथा वैध तीन स्तरीय तानाशाही के तहत इस महामारी का जिस तरह मुकाबला किया गया उसके नकारात्मक नतीजे दिखने लगे हैं।

(ये लेखक के अपने विचार हैं।)

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अमेरिकी विशेषज्ञ मास्क की जगह फेस शील्ड काे तरजीह दे रहे, इसे पहनना और दोबारा उपयोग करना आसान, यह संक्रमण से भी बचाती है


  • मास्क से खुजली हाेती है, लाेग बात करते हुए इसे उतार लेते हैं, इससे संक्रमण का जोखिम बढ़ने की आशंका होती है
  • साेशल डिस्टेंसिंग और हाथ धाेने की आदत के साथ फेस शील्ड का उपयाेग भी संक्रमण का फैलाव कम करने में मदद कर सकता है

कन्वुल शेख

May 26, 2020, 06:01 AM IST

वॉशिंगटन. दुनियाभर में लाेगाें ने काेराेना संक्रमण से बचने के लिए मास्क काे अपना लिया है। अधिकतर सरकाराें ने भी इसे अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कुछ अमेरिकी डाॅक्टर फेस शील्ड काे अपनाने की सलाह दे रहे हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के इंफेक्शियस डिसीज फिजिशियन डाॅ. इल पेरेंसेविच कहते हैं, ‘टेस्टिंग और काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने, साेशल डिस्टेंसिंग और हाथ धाेने की आदत के साथ फेस शील्ड का उपयाेग भी संक्रमण का फैलाव कम करने में मदद कर सकता है।’

यह महज विचार नहीं है। सिंगापुर में प्रीस्कूल छात्राें और शिक्षकाें काे अगले महीने स्कूल खुलने पर फेस शील्ड दिए जाएंगे। फिलाडेल्फिया में स्वास्थ्य विशेषज्ञाें ने अनुशंसा की कि स्कूल खुलें ताे शिक्षक फेस शील्ड पहनें।

काेराेनावायरस के ड्राॅपलेट हवा में तैरते रहते हैं- डॉ. शेरी
बाेस्टन के वुमंस हाॅस्पिटल में डर्मेटाेलाॅजिस्ट डाॅ. शेरी यू कहते हैं, ‘काेराेनावायरस के ड्राॅपलेट हवा में तैरते रहते हैं, इसलिए आंखों और पूरे चेहरे काे सुरक्षित करना बहुत जरूरी है। शील्ड काे स्टरलाइज और साफ किया जा सकता है। ये टूटने या दरार पड़ने तक इस्तेमाल की जा सकती हैं। एल्काेहाॅल वाले तरल से साफ करने या साबुन या गर्म पानी से धाेकर भी इन्हें संक्रमण मुक्त किया जा सकता है।’

फेस शील्ड आंखाें समेेत पूरे चेहरे की सुरक्षा करती है- डाॅ. पेरेंसेविच
डाॅ. पेरेंसेविच मानते हैं कि फेस शील्ड आंखाें समेेत पूरे चेहरे की सुरक्षा करती है। चेहरे काे बार-बार छूने से बचाती है। चश्मे या टाेपी के साथ भी इसे पहनना आसान है। ये सिर पर कुछ हिस्से काे ही घेरती हैं, जबकि मास्क से आधे से अधिक चेहरा ढंक जाता है। मास्क के कपड़े या मटेरियल से बार-बार खुजली हाेती है। कई लाेग मास्क गलत तरीके से पहनते हैं। यह नाक से लटका रहता है या सिर्फ मुंह ही ढंकता है।

लाेग बार-बार मास्क ठीक करते रहते हैं। बात करते वक्त वे मास्क उतार लेते हैं, जिससे जाेखिम बढ़ जाता है। दूसरी तरफ कपड़े का मास्क जहां संक्रमण फैलाने से राेकता है, वहीं यह पहनने वाले काे संक्रमण से नहीं बचाता है। डाॅ. पेरेंसेविच कहते हैं, लिप-रीडिंग पर निर्भर रहने वाले लाेगाें के लिए फेस शील्ड बेहतर है। फेस शील्ड से लिप मूवमेंट आसानी से दिख जाते हैं।

एक कफ सिम्यूलेशन शाेध के मुताबिक, यदि आपने फेस शील्ड पहनी है और काेई व्यक्ति 18 इंच की दूरी पर भी खांसता है ताे वायरस से प्रभावित हाेने का खतरा 96% तक कम हाेता है।

अधिक रिसर्च से पता चलेगा कि फेस शील्ड बेहतर होती हैं
कुछ स्थितियाें में फेस शील्ड एन95 मास्क की तरह प्रभावी नहीं है। डाॅ. विलियम लिंडस्ले कहते हैं, ‘यदि आप किसी कुर्सी पर बैठे हैं और सामने वाला व्यक्ति खड़ा है या आप खड़े हैं और दूसरा व्यक्ति आपके पीछे खड़ा है, ताे ड्राॅपलेट फेस शील्ड के इर्दगिर्द से घुस सकते हैं।’ डाॅ.पेरेंसेविच कहते हैं कि अधिक रिसर्च से यह मालूम पड़ सकेगा कि फेस शील्ड मास्क से बेहतर हाेती हैं, ये पूरे चेहरे काे ही सुरक्षित नहीं करतीं, बल्कि इन्हें गलत तरीके से पहनना बिल्कुल असंभव है।

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पाकिस्तानी नागरिक ने गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की, दीवारों पर लिखा- कश्मीरियों की मदद करो वरना सबको मुश्किल होगी


  • डर्बी में पाकिस्तानी नागरिक ने गुरु अर्जन देव गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की, लाखों रुपए का नुकसान
  • गुरुद्वारे ने इस घटना को हेट क्राइम बताया, अधिकारियों ने कहा- रोजाना होने वाली प्रार्थना जारी रहेगी

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 12:32 AM IST

नई दिल्ली/लंदन. डर्बी में सोमवार को पाकिस्तानी नागरिक ने गुरु अर्जन देव गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुद्वारे के मैनेजमेंट ने बताया कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई है, लेकिन लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। 
तोड़फोड़ करने वाले इस शख्स ने गुरुद्वारे की दीवारों पर एख नोट चिपकाया। इसमें कश्मीर के बारे में लिखा गया है। उसने लिखा कि कश्मीरियों की मदद की कोशिश करो, वरना हर किसी को मुश्किल होगी। इस नोट में एक फोन नंबर भी दिया गया है।

‘सभी सेवादारों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे’
गुरुद्वारे से जुड़े अधिकारियों ने कहा, “इस तरह का हेट क्राइम या सिखों के खिलाफ किसी भी प्रकार का अपराध हमें सेवा और प्रार्थना करने से नहीं रोक पाएगा। हम समुदाय की सेवा जारी रखेंगे और रोजाना होने वाली प्रार्थना जारी रखेंगे। हम अपने सभी सेवादारों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”

लंदन में भारतीयों पर हमले होते रहे हैं
लंदन में भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों पर हमले बड़े पैमाने पर होते रहे हैं। पिछले साल अगस्त में भारत के 73 वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर एकत्रित हुए भारतीयों पर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अंडे और पानी की बोतलें फेंकने के साथ ही पथराव भी किया था।

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कोरोना से 24 घंटे में 148 मरीजों ने दम तोड़ा; मुंबई 1 हजार से ज्यादा मौतों वाला देश का इकलौता शहर, मप्र में अब तक 300 की जान गई


  • महाराष्ट्र में सोमवार को 60 संक्रमितों की मौत, यहां सबसे ज्यादा 1965 लोगों की जान गई
  • बीते 24 घंटे में गुजरात में 30, दिल्ली में 15 और मध्यप्रदेश में 10 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 12:04 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के चलते मरने वालों की संख्या 4172 हो गई है। सोमवार को 148 लोगों की जान गई। सबसे ज्यादा 1695 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। अकेले मुंबई में 1026 कोरोना मरीज दम तोड़ चुके हैं। मुंबई 1000 से ज्यादा मौतों वाला देश का इकलौता शहर बन गया है। वहीं, मध्यप्रदेश में मृतकों का आंकड़ा 300 हो गया है।

पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में 60, गुजरात में 30, दिल्ली में 15 और मध्यप्रदेश में 10 लोगों की मौत हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश में 8, तमिलनाडु में 7, प. बंगाल में 6, तेलंगाना में 3, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में 2-2 जबकि उत्तराखंड में एक मरीज ने दम तोड़ा। रविवार को 156 संक्रमितों ने जान गंवाई थी।

संक्रमण से कहां कितनी मौतें?

राज्य

मौतें                            
महाराष्ट्र                               1695
गुजरात 888
मध्य प्रदेश 300
पश्चिम बंगाल 278
राजस्थान 165
दिल्ली 276
उत्तर प्रदेश 169
आंध्र प्रदेश 56
तमिलनाडु 119
तेलंगाना 56
कर्नाटक 44
पंजाब 40
जम्मू-कश्मीर 23
हरियाणा 16
बिहार 13
झारखंड 04
हिमाचल प्रदेश 04
चंडीगढ़ 04
केरल 06
असम 04
उत्तराखंड 04
मेघालय 01
ओडिशा 07
कुल 4172

टॉप-10 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं 

शहर

मौतें
मुंबई                           1026
अहमदाबाद 722
पुणे 274
कोलकाता 184
इंदौर 116
जयपुर 79
उज्जैन 54
सूरत 62
ठाणे 93
भोपाल 48

17 मई को सबसे ज्यादा 165 मौतें

तारीख

मौतें
15 मई               95
16 मई 106
17 मई 165
18 मई 131
19 मई 147
20 मई  132
21 मई 148               
22 मई 147
23 मई 142
24 मई 156
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बीमार मां के साथ वक्त बिताने के लिए बेटा दुबई से नौकरी छोड़कर आया; क्वारैंटाइन था तभी मां की मौत की खबर मिली, आखिरी बार देख भी नहीं सका


  • आमिर खान अपनी बीमार मां के साथ वक्त बिताने के लिए दुबई में प्रोडक्ट कंसल्टेंट की नौकरी छोड़कर 13 मई को भारत लौटे
  • शनिवार को उत्तर प्रदेश के रामपुर में आमिर की मां का निधन हुआ, आमिर दिल्ली में क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर रहे थे

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 09:19 PM IST

नई दिल्ली. 30 साल के आमिर खान अपनी बीमार मां के साथ वक्त बिताने के लिए दुबई में प्रोडक्ट कंसल्टेंट की नौकरी छोड़कर 13 मई को भारत लौटे। लेकिन, दिल्ली में उनका लॉकडाउन पीरियड खत्म होता, इससे पहले ही उन्हें अपनी मां की मौत की खबर मिली। आमिर अपनी मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए।

आमिर ने न्यूज एजेंसी को बताया कि उत्तर प्रदेश के रामपुर में उनकी मां का निधन शनिवार को हुआ। आमिर का क्वारैंटाइन पीरियड जल्द खत्म हो रहा था, लेकिन उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी गई। रविवार को उनकी मां का अंतिम संस्कार था और इसी दिन सरकार ने क्वारैंटाइन के लिए नई गाइडलाइन जारी की। इसमें क्वारैंटाइन को 7-7 दिन के दो हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा इंस्टिट्यूशनल क्वारैंटाइन और दूसरा हिस्सा 7 दिन के होम क्वारैंटाइन का। इसमें छूट दी गई थी कि परिवार में किसी इमरजेंसी या करीबी की मृत्यु पर पूरे 14 दिन होम क्वारैंटाइन की मंजूरी दी जा सकती है।

केवल मां को देखने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया: आमिर
13 मई को भारत लौटे आमिर ने कहा- मैंने यह खबर अधिकारियों को दिखाई। मैंने उनसे कहा कि गाइडलाइन में बदलाव हुआ है, मुझे जाने दे सकते हैं। मैं उनसे कहा कि मैं सभी ऐहतियात बरतूंगा, पर कुछ भी काम नहीं आया। मैं इस संक्रमण के साथ रहना तो सीख लूंगा, लेकिन भावनात्मक तौर पर जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई मुश्किल होगी। मैंने पिछले दो महीने केवल एक मकसद के लिए बिताए कि मैं अपनी मां के साथ कुछ वक्त गुजार सकूं। मैंने इसके लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया।

अधिकारियों ने मां के निधन के बाद भी जाने की इजाजत नहीं दी
उन्होंने बताया- दूतावास के कई चक्कर लगाने के बाद 13 मई को मैं दुबई से दिल्ली की फ्लाइट पर सवार हुआ। यहां आकर मुझे एक होटल में 14 दिन के आवश्यक क्वारैंटाइन में भेज दिया गया। मैंने क्वारैंटाइन के आठवें दिन एसडीएम से कहा कि मेरा जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने स्पेशल परमिशन लेने की बात कही। इसके कुछ दिनों बाद मुझे फोन पर मां के गुजर जाने की खबर मिली। मैंने अधिकारियों से कहा कि मुझे अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दें, लेकिन उन्होंने ऐसा करने की इजाजत नहीं दी।

दुबई के दफ्तर में अधिकारियों ने बस 20 दिन की छुट्टी दी थी
आमिर ने कहा- मैं मार्च में आना चाहता था, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं कर पाया क्योंकि कोरोनावायरस संक्रमण के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जब दूतावास से इजाजत मिलने के बाद भारत आने की इजाजत मिली तो मैंने अपने ऑफिस में इसकी सूचना दी। यह जानने के बावजूद कि भारत आने पर 14 दिन का क्वारैंटाइन पीरियड बिताना होगा, वरिष्ठ अधिकारियों ने केवल 20 दिन की छुट्टी दी। इसके बाद मैंने जॉब छोड़ने का फैसला किया और वापस आ गया। मुझे नहीं पता था कि मेरी मां के पास बहुत कम वक्त बचा है।

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लद्दाख में भारत और चीन के जवानों में तनाव बरकरार, चीन विवादित क्षेत्र में बंकर बनाने के लिए मशीनें ला रहा


  • रिपोर्ट में कहा गया था कि एलएसी के पास चीन ने भारतीय जवानों को बंधक बनाया, भारतीय सेना ने इससे इनकार किया
  • पूर्वी लद्दाख में इसी महीने कई बार भारत-चीन के सैनिक आमने-सामने आए; बातचीत से हालात संभालने की कोशिशें जारी

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 01:22 AM IST

नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास विवादित इलाके में भारत और चीन के जवानों के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है। हालांकि, दोनों ही ओर से बातचीत के जरिए हालात को सामान्य करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। पैंगोंग सो और गलवान घाटी के विवादित क्षेत्रों के हालात से वाकिफ सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच अभी भी स्थितियां सामान्य नहीं हुई हैं। दोनों तरफ सैनिक अपनी पोजिशन पर डटे हैं। चीन गलवान में बंकर बनाने के लिए भारी उपकरण ला रहा है।

भारतीय सेना ने रविवार सुबह एक रिपोर्ट को लेकर बयान जारी किया। इसमें कहा गया था कि चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों को कुछ दिन बंधक बनाने के बाद छोड़ा। सेना ने कहा- सीमा पर किसी भी भारतीय सैनिक को बंधक नहीं बनाया गया। जब मीडिया इस तरह की अपुष्ट चीजों को पब्लिश करता है तो यह केवल राष्ट्रीय हितों को चोट पहुंचाता है।

गलवान में चीन ने अपनी स्थिति को मजबूत किया
सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि गलवान घाटी में चीन ने अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उसने वहां पर पिछले दो हफ्तों में ही 100 टेंट लगा लिए हैं। चीन की सेना वहां पर बंकर बनाने के लिए भारी उपकरण ला रही है। भारतीय पक्ष ने चीनी सेना के इस कदम पर विरोध दर्ज कराया है।

चीन ने यह कदम तब उठाया जब पिछले हफ्ते दोनों पक्षों के कमांडरों ने हालात सामान्य करने के लिए बैठक की। ऐसा नहीं है कि केवल चीन ही इन इलाकों में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। भारतीय सेना ने भी इन इलाकों में अपनी ताकत को बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही भारतीय सैनिकों ने डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में निगरानी बढ़ा दी है।

मई में दोनों सेनाओं के बीच तीन बार झड़प हुई

भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस महीने तीन बार झड़प हो चुकी है। इन घटनाओं पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा था कि भारतीय सैनिक अपनी सीमा में ही गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारतीय सेना की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पार एक्टिविटीज की बातें सही नहीं हैं। वास्तविकता में यह चीन की हरकतें हैं, जिनकी वजह से हमारी रेगुलर पेट्रोलिंग में रुकावट आती है।

इस महीने झड़पें कहां, कब और कैसे हुई?

1) तारीख- 5 मई, जगह- पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील
उस दिन शाम के वक्त इस झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

2) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर
यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया। फिर झड़प रुकी। 

3) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- लद्दाख
जिस दिन उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों में झड़प हो रही थी, उसी दिन चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाल के बरसों में ऐसा पहली बार हुआ जब चीन की ऐसी हरकत के जवाब में भारत ने अपने लड़ाकू विमान सीमा के पास भेजे।

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फ्रांस ने कहा- भारत को राफेल जेट फाइटर्स तय वक्त पर मिलेंगे, इनकी डिलीवरी में देरी नहीं होगी


  • फ्रांस के राजदूत ने कहा- जो रूपरेखा बनी थी, उसका पूरा पालन किया जा रहा है
  • भारत ने फ्रांस से 36 राफेल जेट्स खरीदे हैं, इसमें 30 लड़ाकू और छह ट्रेनर विमान हैं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 11:47 PM IST

नई दिल्ली. फ्रांस ने कहा है कि भारत को 36 राफेल विमानों की डिलीवरी तय वक्त पर ही की जाएगी। इसमें देरी नहीं होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत एमैनुएल लेनैन ने कहा- विमानों की डिलीवरी उसी समय पर होगी जो तय की गई थी। लेनैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि राफेल जेट की डिलीवरी को लेकर जो रूपरेखा बनी थी, अभी तक उसका पूरा पालन किया गया है।

डील के अनुसार, फ्रांस ने अप्रैल के अंत तक एक राफेल जेट भारत को दे दिया था। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पहला राफेल आठ अक्टूबर को प्राप्त किया था। लेनैन ने कहा, “हम जल्द से जल्द फ्रांस से चार राफेल जेट की पहली खेप भारत लाने के लिए व्यवस्थाएं करने में भारतीय वायुसेना की मदद कर रहे हैं। अभी ऐसा कोई कारण नहीं हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जाए कि शेड्यूल को बनाए रखा नहीं जाएगा।”
इन 36 राफेल जेट्स में 30 फाइटर जेट्स हैं और छह ट्रेनर विमान हैं। ट्रेनर जेट्स दो सीटों वाले होंगे। इनमें फाइटर जेट्स के सभी फीचर होंगे।

58 हजार करोड़ की लागत से 36 राफेल जेट्स खरीदे गए हैं
भारत ने सितंबर 2016 में लगभग 58 हजार करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद के लिए फ्रांस के साथ डील साइन की थी। राफेल जेट के आने से  भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी। यह विमान कई ताकतवर हथियारों को ले जाने में सक्षम है। इसमें मिटियोर एयर टू एयर और स्कैल्प क्रूज मिसाइल साथ भी लगी होंगी।

मिसाइल सिस्टम के अलावा, राफेल जेट और भी मोडिफाइड होकर आएंगे। इसमें इजरायल हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले, रडार वॉर्निंग रिसीवर, लो बैंड जैमर, 10 घंटे की उड़ान की डेटा रिकॉर्डिंग, इन्फ्रा-रेड सर्च और ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं।

कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है फ्रांस
कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को काबू करने के लिए फ्रांस उलझा हुआ है। ऐसे में आशंकाएं थीं कि महामारी के कारण राफेल की डिलीवरी में देरी हो सकती है। फ्रांस में अब तक 1 लाख 45 हजार मामले सामने आए हैं, जबकि 28 हजार 330 लोगों की मौत हो चुकी है।

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कोरोना संक्रमण से आज 33 मौतें; राजस्थान में एक और उत्तराखंड में दो की जान गई


  • महाराष्ट्र में मरने वालों का आंकड़ा 1577 पहुंचा, गुजरात में 829 लोगों की हो चुकी है मौत

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:07 PM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के चलते मरने वालों की संख्या 3894 हो गई है। दिल्ली में रविवार को 30 लोगों की मौत हुई। वहीं, राजस्थान में एक और उत्तराखंड में दो लोगों की जान गई। 

शनिवार को 135 संक्रमितों ने दम तोड़ा। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 60 मौतें हुईं। यहां अब तक 1577 लोग जान गंवा चुके हैं। अकेले मुंबई में 949 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। तमिलनाडु देश का 8वां राज्य हो गया है जहां 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यहां शनिवार को 5 मरीजों की मौत हुई। मरने वालों का आंकड़ा 104 हो गया है।

संक्रमण से कहां कितनी मौतें?

राज्य

मौतें                            
महाराष्ट्र                               1577
गुजरात 829
मध्य प्रदेश 281
पश्चिम बंगाल 269
राजस्थान 157
दिल्ली 262
उत्तर प्रदेश 152
आंध्र प्रदेश 56
तमिलनाडु 104
तेलंगाना 49
कर्नाटक 42
पंजाब 39
जम्मू-कश्मीर 21
हरियाणा 16
बिहार 11
झारखंड 03
हिमाचल प्रदेश 04
केरल 05
असम 04
उत्तराखंड 03
मेघालय 01
ओडिशा 07
कुल 3894

टॉप-10 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं 

शहर

मौतें
मुंबई                           949       
अहमदाबाद 669
पुणे 257
कोलकाता 178
इंदौर 111
जयपुर 75
उज्जैन 51
सूरत 60
ठाणे 84
भोपाल 42

17 मई को सबसे ज्यादा 165 मौतें

तारीख

मौतें
15 मई               95
16 मई 106
17 मई 165
18 मई 131
19 मई 147
20 मई  132
21 मई 148               
22 मई 147
23 मई 135
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फरीदाबाद में 11 पॉजिटिव केस आए, यहां 200 पार पहुंचा आंकड़ा, रेड जोन में आने का खतरा बढ़ा


  • फरीदाबाद में पॉजिटिव मिले लोगों में तीन एक ही परिवार के हैं
  • फरीदाबाद में मूवमेंट पास बनाने के नाम पर पैसे वसूलने में दो गिरफ्तार

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 04:02 PM IST

पानीपत/फरीदाबाद. हरियाणा में लॉकडाउन फेस का 7वां दिन है। प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमित का आंकड़ा 1167 पहुंच गया है। रविवार को फरीदाबाद में 11 नए केस आए। इससे अब जिले में कुल पॉजिटिव का आंकड़ा 200 पार करते हुए 206 पहुंच गया है। जिले पर अब रेड जोन में जाने का खतरा मंडराने लगा है। 

206 पॉजिटिव की संख्या देखकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हरियाणा सरकार ने जो पैरामीटर तय किए हैं, उन मानकों के अनुसार अगर जिले में 200 से ज्यादा पॉजिटिव केस पाए जाएंगे, तो वह रेड जोन में आ जाएंगे। इससे उद्योगों व व्यापार पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक राज्य के सभी जिले ऑरेंज जोन में हैं।

पॉजिटिव मिले लोगों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। परिवार में 65 वर्षीय एक बुजुर्ग, 58 वर्षीय एक महिला और 17 वर्ष का लड़का पॉजिटिव पाया गया है। एक 25 वर्षीय महिला पॉजिटिव पाई गई है। वह एनआईटी-2 की रहने वाली है। उसके गले में खराश थी। उसे होम क्वॉरैंटाइन किया गया है। चावला कॉलोनी के पास भगत सिंह कॉलोनी का एक 46 वर्षीय व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है। वह एक फैक्ट्री वर्कर है। एक अन्य 39 व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है, जो वोहरा पब्लिक स्कूल के पास भगत सिंह कॉलोनी का निवासी है। वह मूलतः बिहार के मुंगेर का निवासी है।

मूवमेंट पास बनाने के नाम पर मोटे पैसे वसूलने वाले दो गिरफ्तार

फरीदाबाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 ने लॉकडाउन के दौरान मोटी रकम लेकर वाहनों का मूवमेंट पास बनवाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान एसजीएम नगर निवासी विकास और पंकज के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के एसीपी अनिल कुमार ने बताया कि सेक्टर 48 क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि मुल्ला होटल के पास ग्राहक सेवा केंद्र पर लोगों को वाहनों के मूवमेंट पास बनवाने का धंधा चल रहा है। लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है।

एक मूवमेंट पास बनवाने के लिए 5 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम ने एक फर्जी ग्राहक तैयार कर पांच हजार देकर फरीदाबाद से जयपुर का पास बनवाने के लिए भेजा। काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने पांच हजार रुपये लेकर 10 मिनट में पास देने के लिए कहा। फर्जी ग्राहक ने काउंटर पर बैठे व्यक्ति को 5000 रुपये दे दिए। इसके बाद काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने फर्जी ग्राहक के मोबाइल पर परमिशन सेंड कर दी। इसी दौरान इशारा मिलते ही पुलिस टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

हरियाणा में मरीजों का आंकड़ा 1167 पहुंचा

  • अमेरिका से लौटे 21 कोरोना पॉजिटिव के साथ-साथ गुरुग्राम में 262, फरीदाबाद में 206, सोनीपत में 154, झज्जर में 93, नूंह में 65, अंबाला में 42, पलवल में 41, पानीपत में 53, पंचकूला में 26, जींद में 26, करनाल में 32, रोहतक में 16, महेंद्रगढ़ में 21, रेवाड़ी में 11, सिरसा में 9, फतेहाबाद, व यमुनानगर में 8-8, हिसार में 19, कुरुक्षेत्र में 15, भिवानी में 6, कैथल में 5, चरखी-दादरी में 6, भिवानी में 8 संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।

  • हरियाणा में अब कुल 751 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें गुरुग्राम में 140, फरीदाबाद में 115, सोनीपत में 116, नूंह में 65, झज्जर में 90, अंबाला में 40, पलवल 37, पानीपत में 32, पंचकूला में 24, जींद में 18, करनाल में 11, यमुनानगर में 8, सिरसा में 8, रोहतक में 9, महेंद्रगढ़ में 4, भिवानी में 4,  हिसार में 3, कैथल में 3, फतेहाबाद में 6, कुरुक्षेत्र में 2, चरखी दादरी में 1 मरीज ठीक होकर घर लौट चुका है। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं।
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लॉकडाउन के 60 दिनों में हमें 140 घंटे की ट्रेनिंग दी गई, ये भी बताया गया कि फ्लाइट में संदिग्ध मिले तो क्या करना है


  • घर से निकलने से पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा, ये बताना होगा कि हमें कोरोना नहीं है और न ही हम कंटेनमेंट एरिया से हैं, फिर एक ओटीपी आएगा जो एयरपोर्ट पर डॉक्टर को दिखाना होगा
  • दो महीने से विमान नहीं उड़ाया इसलिए सिमुलेटर पर ट्रेनिंग दी है, कॉकपिट में अब सिर्फ इंजीनियरिंग और केबिन क्रू ही आ पाएंगे, वो भी सिर्फ दो बार

अक्षय बाजपेयी

May 24, 2020, 03:28 PM IST

भोपाल. लंबे लॉकडाउन के बाद सोमवार को पहली पैसेंजर फ्लाइट उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट स्टाफ से केबिन क्रू और पायलट तक सब तैयारी कर रहे हैं। इंडिगो के प्रमुख ने तो इस तैयारी की तुलना  मिलिट्री ऑपरेशन से की। आखिर सवाल जिंदगी का है। इस बार जब कोई हवाई यात्रा करेगा तो डिपार्चर गेट से लेकर सिक्योरिटी, टिकटिंग और बोर्डिंग तक सबकुछ बदला होगा। हर कदम के साथ कोरोना से जुड़े कुछ एहतियात साथ होंगे। इन्हीं सब बदलावों को लेकर भास्कर ने एयर एशिया के पायलट और केबिन क्रू सदस्यों से बात की।

पहला इंटरव्यू – प्रणव सूद, (पायलट, एयर एशिया)

मैंने आखिरी एयरक्राफ्ट 25 मार्च को उड़ाया था। दो महीने बाद अब फिर हमारा ऑपरेशन शुरू होने जा रहा है। पिछले 60 दिनों में हमने करीब 140 घंटे की ट्रेनिंग ली है। इसमें टेक्निकल पार्ट के साथ ही कोरोनावायरस को लेकर दी गई ट्रेनिंग भी शामिल है।

कोरोनावायरस को लेकर किन बातों को फॉलो करना है। खुद को क्या सावधानियां रखनी हैं। संदिग्ध व्यक्ति के फ्लाइट में मिलने पर क्या करना है, यह बातें हमें बताई गई हैं। पायलट से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक को एक-एक पॉइंट बारीकी से समझाया गया है। यहां मैं आपको पायलट के रोल के बारे में बता रहा हूं।

घर से निकलने से पहले फॉर्म भरना होगा
अब हमें घर से निकलने से पहले एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। उसमें बताना है कि मैं कोविड-19 का शिकार नहीं हुआ हूं। कंटेनमेंट एरिया से भी नहीं हूं। मैं किसी संदिग्ध के संपर्क में भी नहीं आया। यह फॉर्म भरने के बाद मेरे मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। यह ओटीपी हमें एयरपोर्ट पर तैनात हमारे डॉक्टर को दिखाना होगा। फिर वे वेरिफाई करेंगे कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी सही है या नहीं। टेम्परेचर चेक करेंगे। इसके बाद ही हमें एयरक्राफ्ट में जा सकेंगे।

सबसे जरूरी काम एटीसी तक जानकारी पहुंचाना

हमारा काम जहाज में जाने के बाद शुरू होता है। सबसे जरूरी है इंफॉर्मेशन सही समय पर सही जगह पहुंचाना। हमें केबिन क्रू से जैसे ही किसी भी संदिग्ध यात्री की जानकारी मिलेगी, हमें उसे तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को भेजना है। कंपनी के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने केबिन क्रू और पायलट्स को बताया कि संदिग्ध मरीज को आइडेंटिफाई कैसे करना है। जैसे कोई भी बीमार दिख रहा है। सर्दी-खांसी है तो सबसे पहले क्रू मेम्बर उसका टेम्परेचर चेक करेंगी। इसकी जानकारी पायलट को दी जाएगी। इस जानकारी को हम एटीसी को भेजेंगे। ताकि जहाज के लैंड करने से पहले वहां हेल्थ टीम मुस्तैद रहे और संबंधित व्यक्ति को किस तरह से हैंडल करना है यह तय हो जाए। हर पैसेंजर का पीएनआर और मोबाइल नंबर हमारे पास होगा। ऐसे में सरकार बाद में संदिग्ध पैसेंजर या उससे आसपास के यात्रियों के बारे में भी कोई भी जानकारी मांगती है तो हम दे पाएंगे।

कॉकपिट में अब सिर्फ दो टीम के लोग आ सकेंगे

कॉकपिट की डीप क्लीनिंग इंजीनियरिंग द्वारा की जाती है। इसके बाद हमें खुद भी कॉकपिट को अपने लेवल पर सैनिटाइज करना है। अभी कॉकपिट में हमारे चार लोग इंजीनियरिंग, सिक्योरिटी, केबिन क्रू और ग्राउंड सर्विस को आना अलाउ था। अब सिर्फ इंजीनियरिंग और केबिन क्रू ही आएंगे। ये भी अधिकतम दो बार ही कॉकपिट में आ सकते हैं। हर फ्लाइट के बाद जहाज को 10 से 15 मिनट के अंदर डिसइंफेक्ट किया जाएगा।

सिम्यूलेटर में हुई ट्रेनिंग
अभी हमारा सिम्यूलेटर सेशन भी हुआ है। इसमें एकदम असली एयरक्राफ्ट की तरह दिखने वाले जहाज में ट्रेनिंग दी जाती है। वैसे यह 6 माह में एक बार होती थी लेकिन कोविड के चलते अभी हुई है। क्योंकि दो महीने से एयरक्राफ्ट नहीं उड़ाया तो हर चीज रिवाइज करवाई गई है ताकि किसी भी तरह की प्रॉब्लम न आए। अब हम लोग हवा में जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। घरवाले भी सब जान चुके हैं। अवेयर हो चुके हैं इसलिए अब टेंशन नहीं ले रहे। हम पूरी सावधानी रखते हुए काम शुरू करने जा रहे हैं। घर आकर बिना किसी को टच किए सीधे नहाएंगे और कपड़े वॉश करेंगे। इसके बाद ही किसी से भी घर में मिलेंगे।

दूसरा इंटरव्यू – ऋचा मेहता, केबिन क्रू, एयर एशिया

हमारे ट्रेनिंग सेशन मार्च के आखिरी हफ्ते से ही शुरू हो गए थे। वैसे ट्रेनिंग रेग्युलर होती है लेकिन इस बार कोविड-19 का चैप्टर भी इसमें जुड़ गया। पहले ट्रेनिंग सेंटर्स पर ट्रेनिंग हुआ करती थी, इस बार कोविड के चलते ऑनलाइन हुई। मेरे आठ साल के करियर में पहली बार मैं दो महीने तक घर पर रही हूं।

ट्रेनिंग में हमें कई बातें बताई गई हैं। चीफ मेडिकल ऑफिसर ने हमारे कई सेशन लिए। हमें सबसे ज्यादा ध्यान सोशल डिस्टेंसिंग का रखना है। हमारी सोशल डिस्टेंसिंग घर से निकलते ही शुरू हो जाएगी। मास्क और ग्लव्स पहनकर ही ऑफिस जाना है। कम से कम 2 मीटर का डिस्टेंस सभी से रखना है। फ्लाइट में पैसेंजर्स को सेफ्टी किट्स बांटी जाएंगी। इसमें फेशियल मास्क, फेशियल शील्ड, सैनिटाइजर पाउच और एक डिस्पोजेबल बैग होगा।

एयर एशिया की केबिन क्रू ऋचा मेहता बताती हैं कि पिछले 2 महीने में हुई ऑनलाइन ट्रैनिंग में ज्यादातर हिस्सा कोविड-19 से बचाव के तरीकों पर फोकस्ड रहा।

ऑन-बोर्ड पानी के अलावा कुछ भी सर्व नहीं किया जाएगा। लेकिन इमरजेंसी में यात्रियों के लिए चीजें रहेंगी। हमें ट्रेनिंग में बताया गया है कि कोई भी संदिग्ध यात्री दिखता है तो उसे तुरंत अलग करना है। हम प्रोटेक्टिव किट से कवर होंगे। गाउन, मास्क, ग्लव्स और शूज कवर से पैक होंगे। संदिग्ध यात्री दिखने पर उसका टेम्परेचर लिया जाएगा। इसकी जानकारी पायलट को दी जाएगी। ऐसे यात्री को किसी खाली सीट पर अकेले बिठाया जा सकता है।

जहाज को सैनिटाइज करने का काम भी हमारा होगा। इस काम में हमारे साथ ग्राउंड हैंडलिंग टीम भी होगी। हमें अलग-अलग सिचुएशन के बारे में बताया गया है। जैसे इमरजेंसी में जब किसी को ब्रीथ (सांस) देना होती थी पहले हम माउथ टू माउथ ऐसा करते थे लेकिन अब नहीं कर पाएंगे। यह काम अब हम ऑक्सीजन बॉटल या डिवाइस के जरिए करेंगे। किसी अन्य मामले में भी जहाज में किसी की तबियत खराब हो जाती है तो हमें उसे पूरी तरह से मदद करेंगे क्योंकि हम किट से कवर होंगे। हर चीज का अल्टरनेटिव हमारे पास मौजूद है।

हम जो भी इक्विपमेंट यूज करेंगे उन्हें लैंड करने के बाद बायोहेजार्ड बैग में डालना है। इसकी संबंधित व्यक्ति को सूचना भी देनी है कि यहां यूज्ड इक्विपमेंट्स डाले गए हैं। फिर हम नए मास्क और ग्लव्स पहनकर ऑफिस जाएंगे। वहां से प्रोसीजर पूरा करके घर जाएंगे। घर जाकर भी बिना किसी चीज को टच किए सबसे पहले नहाएंगे और कपड़े चेंज करेंगे। इसके बाद ही किसी से मिलेंगे। इन सबके साथ ही कोरोनावायरस के जो नॉर्मल सेफ्टी मेजर्स हैं, वो हमें फॉलो करना ही है।

पहली घरेलू उड़ान से पहले क्या कहते हैं एयर इंडिया के पायलट : हर फ्लाइट से पहले पायलट का एल्कोहल टेस्ट होता था अब इसके साथ ही बॉडी टेम्प्रेचर और कोविड की जांच भी होगी

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14 दिन क्वारैंटाइन में रहना जरूरी, 7 दिन का खर्च खुद वहन करना होगा; प्रेग्नेंट और 10 साल से कम उम्र के पेरेंट्स को सशर्त छूट


दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 03:11 PM IST

नई दिल्ली. विदेश से आने वालों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इनके मुताबिक, 14 दिन क्वारैंटाइन अनिवार्य होगा। इसमें से 7 दिन सरकार द्वारा तय किए सेंटर में, जबकि 7 दिन होम आईसोलेशन में रहना होगा। सरकार द्वारा तय सेंटर में क्वारैंटाइन रहने में आने वाला खर्च खुद व्यक्ति को ही वहन करना होगा।

गाइडलाइन की ये शर्तें:

1. प्लेन में बैठने से पहले पैसेंजर को लिखित में यह देना होगा कि वो 14 दिन क्वारैंटाइन में रहने तैयार है। इसमें 7 दिन वो अपने खर्च पर सरकार द्वारा तय किए सेंटर में रहेगा। बाकी 7 दिन होम आईसोलेशन में रहेगा। इस दौरान उसे अपनी सेहत पर खुद नजर रखनी होगी। 

2. इस मामले में कुछ अपवाद रहेंगे। तनावग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती, परिवार में मृत्यु, गंभीर बीमारी, 10 साल से छोटे बच्चों के साथ पैरेंट्स। इन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इन लोगों के लिए 14 दिन का होम क्वारैंटाइन पीरिएड रह सकता है। इस दौरान आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल जरूरी यानी मेंडेटरी होगा। 

3. यात्रा के दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना है। इसकी जानकारी टिकट के साथ ही संबंधित एजेंसियां यात्रियों को देंगी।

4. सभी यात्रियों को ये सलाह दी जाती है कि वो अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप इन्सटॉल करें।

5. फ्लाइट या शिप में चढ़ने (बोर्डिंग) के वक्त हर पैसेंजर की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। सिर्फ उनको यात्रा की मंजूरी दी जाएगी जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं होंगे। 
6. सड़क के रास्ते देश में प्रवेश करने वाले लोगों को भी ऊपर दिए गए नियमों का पालन करना होगा। यहां भी उन्हीं लोगों को देश की सीमा में आने की मंजूरी होगी जिनमें रोग के लक्षण नहीं होंगे।

7. एक सेल्फ डिक्लरेशन फॉर्म भी दो कॉपियों में भरना होगा। इसकी एक कॉपी इमीग्रेशन सेंटर पर जमा करानी होगी। यह सेंटर हर एयरपोर्ट, बंदरगाह और लैंड बॉर्डर के एंट्री पॉइंट पर होंगे। यह फॉर्म आरोग्य सेतु ऐप पर भी उपलब्ध है।

8. सभी जरूरी ऐहतियात बरतने होंगे। एयरपोर्ट और फ्लाइट में सैनिटाइजेशन और डिस्इंफेक्शन की व्यवस्था करनी होगी।

9. बोर्डिंग और एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी होगा।

10. एयरपोर्ट, बंदरगाह या लैंड बॉर्डर चेक पॉइंट पर कोविड-19 से संबंधित अनाउंसमेंट करना जरूरी होगा।

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महाराष्ट्र के गृह मंत्री बोले- रेड जोन में एयरपोर्ट खोलना नासमझी; बंगाल ने भी अभी मना किया, 12 राज्य राजी


  • महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि मुंबई और पुणे रेड जोन में हैं और एयर ट्रैफिक के हिसाब से यह दोनों शहर ही खास हैं
  • दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से 380 घरेलू उड़ानों की तैयारी, ऑपरेशन टर्मिनल 3 से होगा, थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 02:31 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन फेज-4 के बीच सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू होने जा रही हैं, लेकिन महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल ने इस पर चिंता जताई है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को अपने ट्वीट में कहा कि रेड जोन में एयरपोर्ट खोलना नासमझी होगा। केवल यात्रियों की थर्मल जांच करना और लार के नमूने नहीं लेना ही काफी नहीं है। उधर, पश्चिम बंगाल ने भी उड़ानें शुरू करने पर चिंता जताई है, लेकिन तमिलनाडु मान गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को केंद्र सरकार से बातचीत की है। इसमें कहा कि मुंबई और पुणे जैसे शहर रेड जोन में है। एयर ट्रैफिक के हिसाब से यह दोनों ही शहर बेहद प्रमुख है। इन शहरों में ट्रैफिक और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से पाबंदी है। ऐसे में अभी विमान सेवा शुरू नहीं की जा सकती है। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी ट्वीट में इसी की तरफ संकेत दिया। 

ममता ने अम्फान तूफान का हवाला दिया 

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को 30 मई तक कोलकाता और 28 मई तक बागडोगरा एयरपोर्ट पर उड़ाने स्थगित करने के लिए कहा है। क्योंकि राज्य सरकार तूफान के बाद के राहत कार्य में व्यस्त है। 

12 राज्यों में क्वारैंटाइन में जाएंगे यात्री

  • पंजाबः मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में विमान, ट्रेन या बस से आने वाले सभी यात्रियों को अनिवार्य तौर पर 14 दिन के होम क्वारैंटाइन में जाना होगा। 

  • छत्तीसगढ़ः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 25 मई से राज्य में आने वाले सभी विमान यात्रियों को 14 दिन के इंस्टिट्यूशन क्वरैंटाइन पीरियड में जाना होगा। उन्होंने कहा कि घरेलू उड़ानों के शुरू होने के बाद संक्रमण फैलने की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता है।
  • कर्नाटकः राज्य सरकार ने कहा है कि राज्य में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश से किसी भी माध्यम से आने वाले यात्रियों को 7 दिन के इंस्टिट्यूशन और 7 दिन के होम क्वारैंटाइन में जाना होगा। 
  • उत्तराखंडः ऐसे यात्रियों को 10 दिन के लिए होटल या सरकारी जगह पर क्वारैंटाइन होना होगा।
  • गोवाः राज्य सरकार चाहती है कि राज्य में विमान से आने वाले सभी यात्रियों का एंटी बॉडी टेस्ट किया जाए।
  • अंडमान-निकोबारः प्रशासन ने भी वहां जाने वाले सभी विमान यात्रियों के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तय किया है। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारैंटाइन में जाना होगा।
  • केरल, ओडिशा, असम, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेशः इन राज्यों में विमान यात्रियों को 14 दिन क्वारैंटाइन में जाना होगा।



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भारत ईरान को पीछे छोड़कर दुनिया में 10वां और एशिया का दूसरा सबसे संक्रमित देश बनने के करीब, 5 दिन से रोज आंकड़ा 5 हजार के पार


  • भारत में संक्रमण के 1 लाख 31 हजार 900 से ज्यादा मामले हैं, जबकि ईरान में 1 लाख 33 हजार 521 केस
  • दुनिया में यूरोप पहला, उत्तर अमेरिका दूसरा और एशिया तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित महाद्वीप

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 12:39 PM IST

नई दिल्ली. भारत में कोरोनावायरस के 1 लाख 31 हजार 900 से ज्यादा मामले हो गए हैं। दुनियाभर में यह 11वां सबसे संक्रमित देश है। वहीं, संक्रमण के मामले में एशिया में तीसरे नंबर पर है। 10वें सबसे संक्रमित देश ईरान में अभी 1 लाख 33 हजार 521 मामले हैं। रविवार को जब आधिकारिक आंकड़े जारी होंगे तो पूरी संभावना है कि ईरान को पीछे छोड़कर भारत दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगा।

एशिया में तीसरे नंबर पर भारत

दुनिया के सबसे प्रभावित महाद्वीपों में यूरोप पहले, उत्तर अमेरिका दूसरे और एशिया तीसरे नंबर पर है। इसी तरह अगर एशिया की बात करें तो यहां में तुर्की में सबसे ज्यादा मामले हैं। यहां 1 लाख 55 हजार 686 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। इनमें से करीब 4308 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अब भारत अभी तीसरे नंबर पर है। यहां 3868 लोगों की जान जा चुकी है।

एशिया के 10 सबसे ज्यादा संक्रमित देश

देश संक्रमण मौतें
तुर्की 1,55,686 4,308
ईरान 1,33,521 7,359
भारत 1,31,868 3,868
चीन 82,974 4,634
सऊदी अरब 70,161 379
पाकिस्तान 52,437 1,101
कतर 42,213 21
बांग्लादेश 32,078 452
सिंगापुर 31,068 23
यूएई 28,704 244

ईरान में भारत से करीब 2 हजार ज्यादा केस
ईरान में संक्रमण के मामले भारत से 2101 ज्यादा है। यहां 96 दिन में 1 लाख 33 हजार 521 मामले सामने आए हैं। वहीं, भारत में 116 दिन में 1 लाख 31 हजार 420 केस मिले। भारत में मई में सबसे ज्यादा 94 हजार 163 मामले सामने आए हैं। वहीं, ईरान में अप्रैल में सबसे ज्यादा 49 हजार 47 केस मिले।

एशिया: 9.37 लाख संक्रमित

एशिया में 9 लाख 37 हजार 210 लोग संक्रमित हैं, जबकि 27 हजार 68 लोगों की जान जा चुकी है। यहां सबसे ज्यादा 7,359 मौतें ईरान में हुई हैं। इस महाद्वीप में भारत में सबसे तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। 19 मई से बाद यहां हर दिन संक्रमण का आंकड़ा 5 हजार के ऊपर ही रहा है। शनिवार को यहां 6661 केस मिले। अगर यहीं रफ्तार रही तो चार दिनों में यहां तुर्की से भी ज्यादा मामले हो जाएंगे।

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कोरोना ने एक दिन में 135 लोगों की जान ली; 100 से ज्यादा मौतों वाला 8वां राज्य बना तमिलनाडु, दिल्ली एम्स के रिटायर्ड डॉक्टर ने दम तोड़ा


  • महाराष्ट्र में मरने वालों का आंकड़ा 1577 पहुंचा, गुजरात में 829 लोगों की हो चुकी है मौत
  • तीन दिनों में 426 संक्रमितों ने दम तोड़ा, मुंबई में आज 40 लोगों की मौत हुई

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 12:16 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के चलते मरने वालों की संख्या 3861 हो गई है। शनिवार को 135 संक्रमितों ने दम तोड़ा। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 60 मौतें हुईं। यहां अब तक 1577 लोग जान गंवा चुके हैं। अकेले मुंबई में 949 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। तमिलनाडु देश का 8वां राज्य हो गया है जहां 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यहां शनिवार को 5 मरीजों की मौत हुई। मरने वालों का आंकड़ा 104 हो गया है।    

उधर, गुजरात में 27 लोगों की मौत हुई। यहां मरने वालों का आंकड़ा 829 हो गया है। देश की राजधानी दिल्ली में 23 लोगों ने जान गंवा दी। दिल्ली एम्स के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेएन पांडेय ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें पिछले हफ्ते कोरोना संक्रमित पाया गया था। दिल्ली में अब तक 231 लोग जान गंवा चुके हैं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश में 9, पश्चिम बंगाल में 4, राजस्थान में 3, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 1-1 संक्रमित की मौत हुई। इसके पहले शुक्रवार को 142 लोगों की जान गई थी। 

इन आठ राज्यों में 100 से ज्यादा मौतें
महाराष्ट्र (1577), गुजरात (829), मध्य प्रदेश (281), पश्चिम बंगाल (269), दिल्ली (231),राजस्थान (156), उत्तर प्रदेश (152) और तमिलनाडु में 104 लोगों की मौत हुई है। पिछले तीन दिनों में देशभर में 426 लोगों ने जान गंवाई। 

संक्रमण से कहां कितनी मौतें?

राज्य

मौतें                            
महाराष्ट्र                               1577
गुजरात 829
मध्य प्रदेश 281
पश्चिम बंगाल 269
राजस्थान 156
दिल्ली 231
उत्तर प्रदेश 152
आंध्र प्रदेश 56
तमिलनाडु 104
तेलंगाना 49
कर्नाटक 42
पंजाब 39
जम्मू-कश्मीर 21
हरियाणा 16
बिहार 11
झारखंड 03
हिमाचल प्रदेश 04
केरल 05
असम 04
उत्तराखंड 01
मेघालय 01
ओडिशा 07
कुल 3861

टॉप-10 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं 

शहर

मौतें
मुंबई                           949       
अहमदाबाद 669
पुणे 257
कोलकाता 178
इंदौर 111
जयपुर 75
उज्जैन 51
सूरत 60
ठाणे 84
भोपाल 42

17 मई को सबसे ज्यादा 165 मौतें

तारीख

मौतें
15 मई               95
16 मई 106
17 मई 165
18 मई 131
19 मई 147
20 मई  132
21 मई 148               
22 मई 147
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चीन ने पिछले हफ्ते एक भारतीय जवान को बंदी बनाया, बाद में रिहा किया: रिपोर्ट


  • भारत और चीन के बीच लद्दाख में कई दिनों से तनाव चल रहा है
  • हाल के दिनों में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई झड़पें भी हुईं

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 11:07 PM IST

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच लद्दाख क्षेत्र में तनाव जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पिछले हफ्ते भारत के एक जवान को बंदी बना लिया था। बाद में उसे रिहा कर दिया गया। सरकार की तरफ से ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं दी गई है।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस महीने तीन बार झड़प हो चुकी है। इन घटनाओं पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी किया था। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय सैनिक अपनी सीमा में ही गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारतीय सेना की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पार एक्टिविटीज की बातें सही नहीं हैं।

वास्तविकता यह है कि यह चीन की हरकतें हैं, जिनकी वजह से हमारी रेगुलर पेट्रोलिंग में रुकावट आती है। इसी महीने 5 और 9 मई को भारत और चीन के सैनकों के बीच पूर्वी लद्दाख में झड़प की घटनाएं सामने आईं थीं। इसके बाद 9 मई को सिक्किम के नाकु ला सेक्टर में भी दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे।

विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के कमांडरों की मीटिंग
भारत और चीन में हाल ही में लद्दाख के गालवन नदी क्षेत्र में विवाद बढ़ गया था। अब इसको सुलझाने के लिए दोनों देशों के फील्ड कमांडरों ने बैठक की है। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में हुई। इसमें भारत की 81 ब्रिगेड के अधिकारी और उनके चीनी समकक्ष शामिल हुए। निर्माण कार्यों को लेकर गालवन नदी क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच पिछले दो सप्ताह से तनाव चल रहा है।

इस महीने झड़पें कहां, कब और कैसे हुई?1) तारीख- 5 मई, जगह- पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील
उस दिन शाम के वक्त इस झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

2) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर
यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया। फिर झड़प रुकी। 

3) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- लद्दाख
जिस दिन उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों में झड़प हो रही थी, उसी दिन चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाल के बरसों में ऐसा पहली बार हुआ जब चीन की ऐसी हरकत के जवाब में भारत ने अपने लड़ाकू विमान सीमा के पास भेजे।

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ट्रक में भरकर महाराष्ट्र से बंगाल जा रहे 101 मजदूर, सिग्नल न मिलने से ट्रेन रुकी तो खाने के लिए संघर्ष करते दिखे मजदूर


दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 11:00 AM IST

नई दिल्ली. मुंबई से पश्चिम बंगाल जा रहे ट्रक में बांस से दो कंपार्टमेंट बना दिए। इसमें मजदूरों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया। नासिक के मो. यूनुस ने बताया कि हम 101 लोग पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। ट्रक वाले ने प्रति व्यक्ति 4000 रुपए वसूले हैं। ट्रक में बैठे-बैठे दम घुटने लगता है, लेकिन क्या करें, मजबूरी है।

भूखे-प्यासे मजदूरों का खाने के लिए संघर्ष

तस्वीर खंडवा स्टेशन की है। यहां समाजसेवी लोग खाना लेकर पहुंचे तो भूखे-प्यासे मजदूर उनसे भी संघर्ष करते दिखे। लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों के लिए चलाई गई श्रमिक ट्रेनें शुक्रवार सुबह से शाम तक भुसावल से खंडवा के बीच 8 अलग-अलग स्थानों पर सिर्फ इसलिए खड़ी रहीं, क्योंकि उन्हें चलाने के लिए भोपाल से सिग्नल नहीं मिल रहे थे। 

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रमजान महीने की आखिरी नमाज

यह तस्वीर दिल्ली की जामा मस्जिद की है। रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार को यहां कुछ लोगों ने नमाज पढ़ी। बाकी आम लोगों के यह बंद रही। आमतौर पर हर शुक्रवार को यहां 10 हजार लोग इबादत करने पहुंचते हैं। 
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सामान छोड़ दिया सामान 

भोपाल के सुभाष स्कूल में बिहार जाने के लिए लोगों के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। शुक्रवार को यहां सैकड़ों लोग जुट गए। तापमान बढ़ते ही लोग अपना सामान सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बने गोलों में रखकर छांव में चले गए।

शाम की ट्रेन, सुबह से इंतजार

तस्वीर भोपाल के हबीबगंज स्टेशन की है। यहां सिक्किम, मणिपुर, असम जाने वाले 400 यात्रियों के लिए हबीबगंज स्टेशन पर खाने-पीने का इंतजाम था। गाेवा से मणिपुर जाने वाली यह ट्रेन शाम पांच बजे आने वाली थी लेकिन अधिकतर यात्री सुबह से ही स्टेशन पहुंच गए थे। ये प्रदेश के विभिन्न जिलों से यहां पहुंचे थे।

कोरोना संक्रमण ने बदला फैशन ट्रेंड 

तस्वीर राजस्थान के बांसवाड़ा की है। कोरोना संक्रमण ने अब बाजार में फैशन का ट्रेंड बद दिया है। इन दिनों लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद शहर में कपड़ों की दुकानें खुलने लगी हैं। शोरूम के बाहर लगे पुतलों पर अब ड्रेस के हिसाब से मास्क लगाए जा रहे हैं।  

ट्रैक्टर पर दुल्हन लेकर पहुंचा दूल्हा

तस्वीर पंजाब के बठिंडा की है। यहां लॉकडाउन के चलते गांव धलेवा के युवक ने महज पांच घंटे में शादी कर ली। इसके बाद दूल्हा खुद ट्रैक्टर पर अपनी दुल्हन को गांव लेकर आ गया।

कोरोना हो या गर्मी बचा लेगी मां…

 

तस्वीर मध्य प्रदेश के गुना की है। जहां एक मां अपने बेटे को धूप से बचा रही है। शुक्रवार को पारा पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंच गया। इससे पहले 9 मई को सबसे ज्यादा गर्म दिन था जब तापमान 43.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। 

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कोरोना से 24 घंटे में 142 ने दम तोड़ा, इंदौर में डॉक्टर ने जान गंवाई; 80% मौतें महाराष्ट्र, गुजरात समेत 5 राज्यों में


  • महाराष्ट्र में मरने वालों का आंकड़ा 1517 पहुंचा, गुजरात में 802 लोगों की हो चुकी है मौत
  • शुक्रवार को महाराष्ट्र में 63, गुजरात में 29, उप्र और दिल्ली में 14-14 संक्रमितों ने दम तोड़ा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 01:10 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के चलते मौतों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अब तक 3726 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को 142 लोगों ने दम तोड़ा। इंदौर में एक डॉक्टर की मौत हुई। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली 5 ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। देश में हुई कुल मौतों में से 80% यहीं हुई हैं।

महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या 1517 हो गई है। यहां शुक्रवार को 63, गुजरात में 29, उत्तरप्रदेश और दिल्ली में 14-14, प. बंगाल में 6, तेलंगाना में 3, राजस्थान में 2, मध्यप्रदेश, केरल और आंध्रप्रदेश में एक-एक की जान गई। दिल्ली में मरने वालों का आंकड़ा 200 पार कर गया। यहां अब तक 208 लोग दम तोड़ चुके हैं। इसी तरह तमिलनाडु में भी मौत का आंकड़ा 99 हो गया है। इसके पहले गुरुवार को 148 लोगों ने दम तोड़ा था।

संक्रमण से कहां कितनी मौतें?

राज्य

मौतें                            
महाराष्ट्र                               1517
गुजरात 802
मध्य प्रदेश 272
पश्चिम बंगाल 265
राजस्थान 153
दिल्ली 208
उत्तर प्रदेश 152
आंध्र प्रदेश 55
तमिलनाडु 99
तेलंगाना 48
कर्नाटक 41
पंजाब 39
जम्मू-कश्मीर 20
हरियाणा 16
बिहार 11
झारखंड 03
हिमाचल प्रदेश 04
केरल 05
असम 04
उत्तराखंड 01
मेघालय 01
ओडिशा 07
कुल 3726

टॉप-10 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं 

शहर

मौतें
मुंबई                           909        
अहमदाबाद 645
पुणे 243
कोलकाता 176
इंदौर 109
जयपुर 75
उज्जैन 51
सूरत 57
ठाणे 84
भोपाल 40

17 मई को सबसे ज्यादा 165 मौतें

तारीख

मौतें
15 मई               95
16 मई 106
17 मई 165
18 मई 131
19 मई 147
20 मई  132
21 मई 148             
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पाकिस्तान ने कहा- भारत में इस्लामोफोबिया फैलाया जा रहा है; मालदीव का जवाब- सोशल मीडिया की हरकतें 130 करोड़ भारतीयों की राय नहीं


  • यूएन में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की वर्चुअल मीटिंग हुई
  • पाकिस्तान ने हमेशा की तरह भारत को घेरने की साजिश रची, मालदीव ने दो टूक जवाब दिया

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 11:40 PM IST

न्यूयॉर्क. पाकिस्तान को एक बार फिर दो बड़े मंचों पर मुंह की खानी पड़ी। यूएन में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की वर्चुअल मीटिंग हुई। पाकिस्तान ने इसमें आरोप लगाया कि भारत में इस्लामोफोबिया फैलाया जा रहा है। मालदीव ने दो टूक शब्दों में पाकिस्तान की साजिश को न सिर्फ नाकाम कर दिया बल्कि उसे आईना भी दिखाया। मालदीव ने कहा- सोशल मीडिया पर चंद लोग जो हरकतें या बयानबाजी करते हैं, उसे 130 करोड़ भारतीयों की राय नहीं समझा जा सकता। 

पाकिस्तान की साजिश

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हाल के दिनों में देखा गया है कि सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूजर्स भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा चला रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि भारत में मुस्लिमों के लिए कोई जगह नहीं बची। वहां इस्लामोफोबिया फैल रहा है। भारत में पाकिस्तान की इस हरकत को साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान झूठ फैलाकर भारत और अरब देशों के बीच खाई पैदा करना चाहता है। अरब देशों की बड़ी हस्तियों को भारत के खिलाफ भड़काने की साजिश हो रही है। ओआईसी में भी पाकिस्तान ने यही चाल चली। उसके प्रतिनिधी मुनीर अकरम में भारत पर कई आरोप लगाए।

20 करोड़ मुस्लिम हैं भारत में
पाकिस्तान की इन हरकतों का जवाब मालदीव ने दिया। यूएन में उसकी स्थायी प्रतिनिधी थिलमीजा हुसैन ने कहा, “कुछ भटके हुए लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई गई बातें भारत के 130 करोड़ लोगों की राय नहीं हो सकती। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। वहां कई धर्मों के लोगों के अलावा 20 करोड़ मुस्लिम भी रहते हैं। ऐसे में इस्लामोफोबिया की बात करना ही बेकार है। क्योंकि, इसमें कोई तथ्य नहीं है।” 

भारत का दूसरा बड़ा मजहब है इस्लाम
मालदीव की प्रतिनिधी ने कहा, “भारत में सदियों से इस्लाम है। वहां हर मजहब के लोग मिलजुलकर रहते हैं। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि इस्लाम भारत का दूसरा सबसे बड़ा मजहब है। भारत की कुल आबादी का 14.2 फीसदी मुस्लिम हैं। मालदीव ओआईसी में ऐसी किसी कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा जो भारत के खिलाफ हो।” बता दें कि पिछले कुछ साल में भारत और मालदीव के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने सबसे पहला मालदीव का ही दौरा किया था।