Categories
sports

आधी रात को बदमाशों के टोल ने घरों के गेट, बिजली के मीटर और सड़क पर खड़े वाहन तोड़े, एक युवक को भी जख्मी किया


  • नवांशहर जिले के गांव खटकड़ कलां में सोमवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे की घटना, सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद
  • गांव के ही गुरदीप सिंह के रूप में हुई घायल युवक की पहचान, एक अन्य ग्रामीण गगन ने भी दी वारदात के बारे में जानकारी

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:49 PM IST

नवांशहर. कोरोना कर्फ्यू के बीच नवांशहर जिले के गांव खटकड़ कलां में सोमवार देर रात गुंडागर्दी देखने को मिली। 8-10 युवकों की टोली ने नशे की हालत में खूब हंगामा किया। बदमाशों ने एक युवक को जख्मी कर दिया, वहीं सड़क पर खड़े वाहनों को भी तोड़ डाला। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान पुलिस ने पाया कि यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर युवकों की पहचान कर ली गई है। ये सभी गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।
गगन नामक व्यक्ति ने बताया कि देर रात करीब साढ़े 11 बजे नशे में धुत्त गांव के कुछ युवकों ने गांव में खड़ी कार, घर के मीटर और धारदार हथियार से एक युवक पर हमला कर दिया। घायल युवक का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
घायल युवक गुरदीप सिंह ने बताया कि गांव के कुछ युवकों गली में लोगों के घरों के बाहर खड़ी कारें और घरों के गेट तोड़ डाले। सभी के हाथ में धारदार हथियार थे। इन्होंने न सिर्फ गली में सार्वजनिक तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि उसे भी घेरकर बुरी तरह घायल कर दिया। गुरदीप ने यह भी बताया कि हमलावरों ने फायरिंग भी की। वह इन सभी को पहचानता है।
वहीं इस घटना के बारे में बंगा डिवीजन के डीएसपी गुरविंदर सिंह का कहना है कि देर रात गांव खटकड़ कलां में हंगामे की शिकायत मिली थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शिकायतकर्तओं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इनकी पहचान कर ली गई है। सभी गांव के ही रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Categories
sports

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बिल पेश, इसमें यूएस में पढ़े विदेशी कामगारों को तरजीह देने का प्रस्ताव


  • एच-1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले भारतीय टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट ही ज्यादा होते हैं
  • बिल में कहा गया है कि एच-1बी धारक को नियुक्ति देने पर अमेरिकी वर्कर्स पर इसका उल्टा प्रभाव नहीं पड़ेगा
  • सीनेटर चक ग्रेसली ने कहा- इसका मकसद अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और बेहतर सैलरी सुनिश्चित करना

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 02:51 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में एच-1बी वीजा कानूनों में बदलाव को लेकर बिल पेश किया गया है। इसमें अमेरिका में पढ़े विदेशी टेक प्रोफेशनल्स को तरजीह देने की बात कही गई है। बिल का मकसद अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और बेहतर सैलरी सुनिश्चित करना है। एच-1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले भारतीय टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट ही ज्यादा होते हैं।

अगर बिल, कानून का रूप लेता है तो यह पहली बार होगा कि अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विस एच-1बी वीजा प्राथमिकता का आधार पर देगी। प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका में एजुकेटेड योग्य छात्रों को एच-1बी वीजा के लिए चुनना है। साथ ही इसके तहत उन छात्रों को भी मौका मिलेगा जिनके पास एडवांस्ड डिग्री है और जो ज्यादा सैलरी पा रहे हैं।

किन सांसदों ने बिल पेश किया
सीनेट में: चक ग्रेसली, डिक डर्बन।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में: बिल पास्क्रेल, पॉल गोसर, रो खन्ना, फ्रेंक पालोन और लांस गूडन। 

क्या है बिल का मकसद?
इसके तहत एच-1बी या एल-1 वीजाधारकों को अमेरिकी कर्मचारियों की जगह लेने से रोकना है। बिल में साफतौर पर कहा गया है कि एच-1बी धारक को नियुक्ति देने पर अमेरिकी वर्कर्स पर इसका उल्टा प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से बिल 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली ऐसी कंपनियों को प्रतिबंधित करेगा, जिनमें से कम से कम आधे एच-1बी या एल-1 वीजाधारक हैं। साथ ही वे कंपनियां जो अतिरिक्त एच -1 बी कर्मचारियों को काम पर रखती हैं।

‘हमारी नीतियां हमारा ही नुकसान कर रहीं’
सीनेटर ग्रेसली ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ कंपनियां हमारी बनाई नीतियों के आधार पर कम तनख्वाह पर कर्मचारियों को भर्ती करती हैं, जिससे अमेरिकियों को नुकसान होता है। हमें ऐसी नीतियां बनाने की जरूरत है, जिसमें अमेरिकन वर्कर्स को तरजीह मिले। हमारा बिल यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाता है कि कार्यक्रम अमेरिकियों और कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए समान रूप से काम करते हैं।’’

क्या है एच-1बी वीजा?

एच-1 बी वीजा गैर-प्रवासी वीजा है। अमेरिकी कंपनियां इसके तहत दूसरे देशों के टेक्निकल एक्सपर्ट्स को नियुक्त करती हैं। नियुक्ति के बाद सरकार से इन लोगों के लिए एच-1बी वीजा मांगा जाता है। अमेरिका की ज्यादातर आईटी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति इसी वीजा के जरिए करती हैं। नियम के अनुसार, अगर किसी एच-1बी वीजाधारक की कंपनी ने उसके साथ कांट्रैक्ट खत्म कर लिया है तो वीजा स्टेटस बनाए रखने के लिए उसे 60 दिनों के अंदर नई कंपनी में जॉब तलाशना होगा। यूएससीआईएस के मुताबिक, एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी भारतीय ही हैं।

Categories
sports

वित्त मंत्री ने शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों को सस्ते मकान और कम किराए वाली आवासीय सुविधा की सौगात दी


  • मध्य आय वालों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना की अवधि 31 मार्च 2021 तक बढ़ी
  • स्कीम की अवधि बढ़ाए जाने से ढाई लाख नए परिवार कम कीमत में मकान हासिल कर सकेंगे

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 09:32 PM IST

नई दिल्ली. बीस लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप की दूसरी किस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कम कीमत वाले आवास और शहरी गरीबों के लिए कम किराए वाले आवास की दो योजनाओं को भी शामिल किया। उन्होंने अप्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को सस्ते किराए पर मकान दिलवाने की योजना और ऐसे मकान बनाने पर रियायत देने का ऐलान किया। यहां हम बता रहें हैं कि इन दोनों योजना में क्या, किसे, कितना और कब मिलेगा।

हाउसिंग सेक्टर को 70,000 करोड़ रुपए का बूस्टर डोज
वित्त मंत्री ने हाउसिंग सेक्टर और मध्य आय समूह को 70,000 करोड़ रुपए की सौगात दी। यह सौगात क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) की अवधि बढ़ाकर दी गई। मध्य आय समूह के लिए यह योजना मई 2017 में लागू की गई थी। सीएलएसएस की विस्तारित अवधि 31 मार्च 2020 को समाप्त हो गई थी।

क्या है योजना : क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया। योजना की अवधि बढ़ाने से हाउसिंग सेक्टर में 70,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा।

किसे मिलेगा फायदा : मध्य आय समूह को इस योजना का फायदा मिलेगा। इसके तहत वे लोग आएंगे, जिनकी सालाना आय 6-18 लाख रुपए है।

कितने लोगों को मिलेगा फायदा : इस योजना के तहत अब तक 3.3 लाख परिवारों को फायदा मिल चुका है। स्कीम की अवधि एक साल और बढ़ा देने से अब 2.5 लाख नए परिवार इसका फायदा उठा पाएंगे। साथ ही हाउसिंग सेक्टर में तेजी आने से गरीबों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।

कब तक है मौका : 31 मार्च 2021 तक योजना की अवधि बढ़ा दी गई है।

अर्थव्यवस्था में कैसे आएगी तेजी : हाउसिंग सेक्टर में 70,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। मकानों का निर्माण होने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा।

शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंट योजना

सरकार ने प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल अकोमोडेशन योजना की भी घोषणा की। इस योजना को पीएम आवास योजना के तहत कार्यान्वित किया जाएगा। इसे लागू करने में सरकारी-निजी भागीदारी का मॉडल अपनाया जाएगा।

क्या है योजना : सरकार पीएम आवास योजना के तहत अफोर्डेबल रेंटल अकोमोडेशनयोजना लॉन्च करेगी

किसे मिलेगा लाभ : शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों को कम किराए पर रहने की सुविधा मिलेगी।

योजना में क्या है विशेष सुविधा :
⦁ इस योजना के तहत निजी कैम्पस में निर्माण पर मैन्युफैक्चरिंग इकाईयों को छूट या अन्य सुविधा जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
⦁ अतिरिक्त घर बनाने के लिए खाली सरकारी जमीनों को उपलब्ध कराया जाएगा।
⦁ योजना को लागू करने में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को अपनाया जाएगा।

यह भी पढ़ें
1# अगस्त तक 67 करोड़ गरीबों के लिए एक देश-एक राशन कार्ड, 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को 2 महीने मुफ्त अनाज, 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ का कर्ज
2# सरकार 50 लाख वेंडर्स को 10 हजार रुपए तक का लोन देगी, एक महीने के अंदर शुरू होगी यह सेवा
3# 8 करोड़ मजदूरों के लिए 3,500 करोड़ रुपए, राशन कार्ड की पोर्टबिलिटी और शहरों में सस्ते किराए पर मिलेगा आवास