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लोगों के मूवमेंट पर अब रोक नहीं, ई-परमिट भी नहीं लेना होगा; पूरे देश में रात 9 से सुबह 5 बजे के बीच नाइट कर्फ्यू रहेगा


  • अब राज्य के अंदर और दूसरे राज्य में आवाजाही की जा सकेगी

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 09:28 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को लॉकडाउन 5 का ऐलान नहीं किया। इसकी बजाय अनलॉक-1 का ऐलान किया। इसमें 1 जून से बड़ी राहत यह मिलने जा रही है कि अब लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगे। अपने राज्य के अंदर भी आवाजाही कर सकेंगे।

राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों को कुछ विशेष अधिकार दिए गए हैं। जरूरी होने पर जनता को बताकर वो इन्हें लागू कर सकेंगे। मुख्य मुद्दा लोगों की आवाजाही और सामान की डिलिवरी से जुड़ा है। 

जानते हैं अनलॉक 1 में हालात कैसे बदलेंगे..

1. लोगों का मूवमेंट

अब तक ये हो रहा था : एक राज्य में एक जिले से दूसरे जिले तक लोगों और सामान की आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध थे। लोगों को आवाजाही के लिए ई-पास जारी लेना होता था। इसमें उन्हें सफर की वजह बतानी होती थी। मेडिकल कंडीशन से जुड़ी स्थिति हो तो उसके दस्तावेज बताने होते थे।

अब ये होगा: नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब राज्य के अंदर और दूसरे राज्यों में आवाजाही पर बंदिश नहीं रहेगी। गाइडलाइंस में साफ कहा गया है कि आवाजाही के लिए अलग से किसी मंजूरी या परमिट की जरूरत नहीं होगी।

2. कर्फ्यू
अब तक ये हो रहा था: शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोग किसी तरह की आवाजाही नहीं कर सकते थे। जरूरी सेवाओं पर यह प्रतिबंध लागू नहीं था। स्थानीय प्रशासन को इस बारे में जरूरी आदेश जारी करने का अधिकार था।

अब ये होगा: रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच जरूरी सेवाओं को छोड़कर किसी भी तरह के मूवमेंट की इजाजत नहीं होगी। इस पर सख्ती से पाबंदी रहेगी। स्थानीय प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंधों को लागू कर सकेंगे।

3. कंटेनमेंट जोन

अब तक ये हो रहा था : शुरुआत में कंटेनमेंट जोन के बाहर भी कुछ गतिविधियों पर रोक थी। 

अब ये होगा : अब इन्हें सिलसिलेवार तरीके से खोला जाएगा।

लेकिन, ये ध्यान रखना होगा
गृह मंत्रालय के मुताबिक, अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को यह लगता है कि हालात को देखते हुए आवाजाही में ढील को जनहित में नियंत्रित किए जाने की जरूरत है तो वो इसके लिए नियम बना सकता है। लेकिन, किसी भी नियम को लागू करने से पहले लोगों तक इसे पहुंचाना (पब्लिसिटी) करना जरूरी होगा। इसके लिए तय प्रक्रिया का पालन भी जरूरी होगा।  

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देशभर में सिर्फ कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन, बाकी जगहों पर 8 जून के बाद होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स और धार्मिक स्थल खुल सकेंगे


दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 07:10 PM IST

नई दिल्ली. देश अब अनलॉक होने जा रहा है। वह भी तीन फेज में। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए शनिवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी। इसके तहत 8 जून के बाद होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स और धार्मिक स्थल खुलेंगे, लेकिन शर्तों के साथ। देशभर में अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन रहेगा। स्कूल-कॉलेज खोलने पर फैसला जुलाई में ही होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने और सिनेमा हॉल जैसी जगहें आम लोगों के लिए खोलने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

पहला फेज

  • 8 जून के बाद ये जगहें खुल सकेंगी
  • धार्मिक स्थल/इबादत की जगहें।
  • होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सर्विसेस।
  • शॉपिंग मॉल्स।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर जारी करेगा ताकि इन जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रह और यहां कोरोना न फैले।

दूसरा फेज

  • स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट राज्य सरकारों से सलाह लेने के बाद ही खुल सकेंगे।
  • राज्य सरकारें बच्चों के माता-पिता और संस्थानों से जुड़े लोगों के साथ बातचीत कर इस पर फैसला कर सकती हैं।
  • फीडबैक मिलने के बाद इन संस्थानों को खोलने पर जुलाई में फैसला लिया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर जारी करेगा।

तीसरा फेज

  • इन सर्विसेस को शुरू करने का फैसला बदलते हालात का जायजा लेने के बाद ही होगा।
  • इंटरनेशनल फ्लाइट्स।
  • मेट्रो रेल।
  • सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी बाकी जगहें।
  • सोशल, पॉलिटिकल, स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट, एकेडमिक, कल्चरल फंक्शंस, धार्मिक समारोह और बाकी बड़े जमावड़े।

कैसे रहे लॉकडाउन के चार फेज?
पहला फेज: 25 मार्च से 14 अप्रैल तक, यह 21 दिन का रहा। इस दौरान सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई। 
दूसरा फेज: 15 अप्रैल से 3 मई, यह 19 दिन का रहा। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। 
तीसरा फेज: 4 मई से 17 मई, यह 12 दिन का था। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनें और बस चलाई गईं। नई दिल्ली से स्पेशल ट्रेनों की भी शुरुआत हुई। वंदे भारत और समुद्र सेतु मिशन के जरिए दूसरे देशों में फंसे भारतीयों की वापसी की शुरुआत हुई।
चौथा फेज: 18 मई से 31 मई तक के इस फेज में सरकार ने राज्यों को कोरोना संक्रमण के हिसाब से रेड, ऑरेंज और ग्रीन जो तय करने की छूट दी। बसें चलाने की इजाजत दी गई। शॉपिंग मॉल्स के अलावा सभी दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। बाद में अलग से घोषणा कर 25 मई से घरेलू उड़ानें भी शुरू कर दी गईं।



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14 दिन क्वारैंटाइन में रहना जरूरी, 7 दिन का खर्च खुद वहन करना होगा; प्रेग्नेंट और 10 साल से कम उम्र के पेरेंट्स को सशर्त छूट


दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 03:11 PM IST

नई दिल्ली. विदेश से आने वालों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इनके मुताबिक, 14 दिन क्वारैंटाइन अनिवार्य होगा। इसमें से 7 दिन सरकार द्वारा तय किए सेंटर में, जबकि 7 दिन होम आईसोलेशन में रहना होगा। सरकार द्वारा तय सेंटर में क्वारैंटाइन रहने में आने वाला खर्च खुद व्यक्ति को ही वहन करना होगा।

गाइडलाइन की ये शर्तें:

1. प्लेन में बैठने से पहले पैसेंजर को लिखित में यह देना होगा कि वो 14 दिन क्वारैंटाइन में रहने तैयार है। इसमें 7 दिन वो अपने खर्च पर सरकार द्वारा तय किए सेंटर में रहेगा। बाकी 7 दिन होम आईसोलेशन में रहेगा। इस दौरान उसे अपनी सेहत पर खुद नजर रखनी होगी। 

2. इस मामले में कुछ अपवाद रहेंगे। तनावग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती, परिवार में मृत्यु, गंभीर बीमारी, 10 साल से छोटे बच्चों के साथ पैरेंट्स। इन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इन लोगों के लिए 14 दिन का होम क्वारैंटाइन पीरिएड रह सकता है। इस दौरान आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल जरूरी यानी मेंडेटरी होगा। 

3. यात्रा के दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना है। इसकी जानकारी टिकट के साथ ही संबंधित एजेंसियां यात्रियों को देंगी।

4. सभी यात्रियों को ये सलाह दी जाती है कि वो अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप इन्सटॉल करें।

5. फ्लाइट या शिप में चढ़ने (बोर्डिंग) के वक्त हर पैसेंजर की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। सिर्फ उनको यात्रा की मंजूरी दी जाएगी जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं होंगे। 
6. सड़क के रास्ते देश में प्रवेश करने वाले लोगों को भी ऊपर दिए गए नियमों का पालन करना होगा। यहां भी उन्हीं लोगों को देश की सीमा में आने की मंजूरी होगी जिनमें रोग के लक्षण नहीं होंगे।

7. एक सेल्फ डिक्लरेशन फॉर्म भी दो कॉपियों में भरना होगा। इसकी एक कॉपी इमीग्रेशन सेंटर पर जमा करानी होगी। यह सेंटर हर एयरपोर्ट, बंदरगाह और लैंड बॉर्डर के एंट्री पॉइंट पर होंगे। यह फॉर्म आरोग्य सेतु ऐप पर भी उपलब्ध है।

8. सभी जरूरी ऐहतियात बरतने होंगे। एयरपोर्ट और फ्लाइट में सैनिटाइजेशन और डिस्इंफेक्शन की व्यवस्था करनी होगी।

9. बोर्डिंग और एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी होगा।

10. एयरपोर्ट, बंदरगाह या लैंड बॉर्डर चेक पॉइंट पर कोविड-19 से संबंधित अनाउंसमेंट करना जरूरी होगा।

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कोरोना मरीजों के अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स भी हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा ले सकेंगे


  • मलेरिया की दवा है हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, अभी तक केवल कोरोना मरीजों को दी जाती थी
  • आईसीएमआर ने कहा- संक्रमण से बचने के लिए कोरोना वॉरियर्स कर ले सकते हैं इसके डोज

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 10:25 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली मलेरिया की दवा हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन अब उन हेल्थ वर्कर्स को भी दी जाएगी, जिनमें इसके लक्षण नहीं आए। इस संबंध में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने संशोधित एडवायजरी जारी की है। इसके अलावा कंटनेमेंट जोन में ड्य़ूटी दे रहे पुलिसकर्मियों और दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी इस दवा का डोज दिया जा सकेगा।

नेशनल टास्क फोर्स ने दवा पर स्टडी की

काउंसिल ने यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर दवा के असर को लेकर स्टडी करने वाली नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद किया। हालांकि, काउंसिल ने यह भी साफ किया है कि ये दवा केवल ऐहतियात के तौर पर लेनी चाहिए। इसे लेने का मतलब ये नहीं है कि किसी को कोरोना नहीं हो सकता है। 

संक्रमण की दर में कमी पाई गई

नेशनल टास्क फोर्स के विशेषज्ञों ने कोरोना प्रभावित और गैर प्रभावित इलाकों में काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों पर इसका अध्ययन किया। विशेषज्ञों ने पाया कि इससे संक्रमण की दर कम होती है। इसमें कहा गया है कि यह दवा उन लोगों को नहीं दी जानी चाहिए, जो रेटिना संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि इस दवा को 15 साल से कम उम्र के बच्चों तथा गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी न दिया जाए। दवा औपचारिक सहमति के बाद डॉक्टर की निगरानी में ही दी जाए।

कई देशों को भेजी गई दवा 
कोरोना संक्रमण से पूरी दुनिया प्रभावित है। दुनिया के बड़े-बड़े देश इसकी वैक्सीन तैयार करने में जुटे हैं। कई विशेषज्ञों ने शुरूआत में ही पाया कि हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना के इलाज में काफी प्रभावी है। इसके बाद अमेरिका, इजरायल, ब्राजील समेत कई देशों को भारत ने ये दवा सप्लाई की। भारत इस दवा का बड़ा सप्लायर है। 

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शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे, लेकिन सभी तरह की दुकानें तय वक्त के लिए खुल सकेंगी; राज्य अब रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन तय कर सकेंगे


  • एनडीएमए के निर्देश से पहले ही तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब और मिजोरम ने 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया
  • लॉकडाउन के तीसरे फेज में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के हिसाब से अलग-अलग तरह की छूट दी गई थी

दैनिक भास्कर

May 18, 2020, 12:31 AM IST

नई दिल्ली. भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन 14 और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह देशबंदी का चौथा फेज होगा, जो सोमवार 18 मई से शुरू होगा और 31 मई को खत्म होगा। रविवार को लॉकडाउन का तीसरे फेज खत्म होने से करीब छह घंटे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए ने केंद्र सरकार और राज्यों को देशबंदी जारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी कर दीं।

लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ने के साथ ही सवा सौ करोड़ की आबादी अब लगातार 68 दिन तक बंदिशों में रहेगी। दुनिया के किसी भी देश में इतनी बड़ी आबादी के साथ इतने दिनों तक चलने वाला यह सबसे बड़ा लॉकडाउन है। 

नई गाइडलाइंस : 31 मई तक क्या खुला रहेगा?

  • स्थानीय प्रशासन कंटेनमेंट इलाकों और मॉल्स को छोड़कर बाकी जगहों पर सभी तरह की दुकानों और बाजारों को खोलने की इजाजत दे सकेंगे, लेकिन दुकानें और बाजार खोलने और बंद करने का वक्त तय रहेगा। 
  • दुकानों में एक वक्त पर 5 से ज्यादा लोग नहीं जा सकेंगे, 2 गज की दूरी रखनी होगी।
  • अगर राज्य सरकारों के बीच आपसी सहमति बन जाती है तो दो राज्यों के बीच यात्री बसों और गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी।
  • सरकारें अपने स्तर पर फैसला कर राज्यों के अंदर भी बसें शुरू कर सकेंगी।
  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खुल सकेंगे, लेकिन दर्शकों की इजाजत नहीं होगी।
  • रेस्टोरेंट्स खुल सकेंगे लेकिन यहां से सिर्फ होम डिलिवरी की जा सकेगी। यानी ग्राहक रेस्टोरेंट्स में बैठकर खाना नहीं खा सकेंगे।
  • सिर्फ वही होटल चालू रहेंगे, जहां हेल्थ, पुलिस, गवर्नमेंट ऑफिशियल्स, हेल्थ वर्कर्स और लॉकडाउन की वजह से फंसे पर्यटक रह रहे हैं।
  • बस डिपो पर चलने वाले कैंटीन, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर चलने वाली खाने-पीने की दुकानें खुली रहेंगी। 

31 मई तक क्या बंद रहेगा?

ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन अब राज्य खुद तय करेंगे

  • राज्य सरकारें खुद ही ग्रीन जोन, ऑरेंज जोन और रेड जोन तय करेंगी। उन्हें सिर्फ केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय के पैरामीटर्स का ध्यान रखना होगा। 

  • रेड और ऑरेंज जोन के अंदर जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन और बफर जोन तय करेगा। 
  • कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह सिर्फ जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। 
  • इन जोन्स के अंदर या बाहर लोगों की आवाजाही न हो, इसका सख्ती से पालन करना होगा। 
  • कंटेनमेंट जोन के अंदर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और घर-घर जाकर सर्विलांस बढ़ाना होगा।

रात का कर्फ्यू जारी रहेगा
शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोग किसी तरह की आवाजाही नहीं कर सकेंगे। जरूरी सेवाओं पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। स्थानीय प्रशासन इस बारे में जरूरी आदेश जारी कर सकता है। 

बच्चों-बुजुर्गों को घर में रहना होगा 
65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, पहले से बीमार लोग, ग‌र्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में ही रहना होगा। इलाज या बेहद जरूरी काम से ही घर से निकल सकेंगे।

आरोग्य सेतु का इस्तेमाल और जरूरी सेवाओं के लिए आवाजाही

  • रविवार को जारी गाइडलाइन में आरोग्य सेतु ऐप के लिए ‘अनिवार्य’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस बार कहा गया है कि दफ्तरों और कामकाज की जगहों पर सुरक्षा के लिए इम्प्लॉयर की यह ‘श्रेष्ठ कोशिशें’ रहनी चाहिए कि सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु इस्टॉल हो।

  • लोगों को इस पर अपना हेल्थ स्टेटस अपडेट करना होगा। इससे उन लोगों को फौरन मदद मिल सकेगी, जिन्हें संक्रमण होने का खतरा है।
  • सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे मेडिकल प्रोफेशनल्स जैसे, डॉक्टर, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एम्बुलेंस की आवाजाही होने दें। इसमें रुकावट नहीं आनी चाहिए।
  • सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामान ढुलाई करने वाले ट्रक या अन्य वाहनों की आवाजाही सुनिश्चत करनी होगी। इसमें खाली ट्रक भी शामिल होंगे। 

कैसे रहे लॉकडाउन के तीन फेज

देश में अब तक तीन फेज में 25 मार्च से 14 अप्रैल, 15 अप्रैल से 3 मई और 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया था। 

  • पहला फेज: 25 मार्च से 14 अप्रैल तक, यह 21 दिन का रहा। इस दौरान सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई। 

  • दूसरा फेज: 15 अप्रैल से 3 मई, यह 19 दिन का रहा। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। 
  • तीसरा फेज: 4 मई से 17 मई, यह 12 दिन का था। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनें और बस चलाई गईं। नई दिल्ली से स्पेशल ट्रेनों की भी शुरुआत हुई। वंदे भारत और समुद्र सेतु मिशन के जरिए दूसरे देशों में फंसे भारतीयों की वापसी की शुरुआत हुई।