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महामारी के दौरान हवाई जहाज में सफर कर रहे हैं तो विंडो सीट को दें प्राथमिता, बैठने से पहले सीट को करें साफ


  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्लेन में दरवाजे या नल को छूने से पहले वाइप्स का इस्तेमाल करें
  • टिश्यु या पेपर टॉवेल की मदद से टच स्क्रीन को छुएं, इससे सतह और हाथ के बीच बैरियर बन जाएगा

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 07:26 PM IST

तरीरो एमजिजेवा. भारत में कोरोनावयरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन 4.0 चल रहा है। लेकिन सरकार ने दो महीने बाद 25 मई को घरेलू उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। ऐसे में स्थानों पर पहुंचने की जद्दोजहद में लगे लोग अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी चिंता में नजर आ रहे हैं। जॉन्स हॉप्किंस हॉस्पिटल में एसोसिए हॉस्पिटल एपिडेमियोलॉजिस्ट एरॉन मिलस्टोन ने कहा था कि, एयरप्लेन और सीट पब्लिक स्पेस थी और हम जानते हैं कि, जर्म्स सतह पर लंबे समय तक रह सकते हैं। इसलिए इसे साफ करने में कोई परेशानी नहीं है। 

बीते साल एक्ट्रेस नेओमी कैंपबेल का एयरप्लेन की सफाई करते वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक्ट्रेस मास्क और ग्लव्ज पहने हुए सफाई कर रही थीं और उनके इस व्यव्हार को ‘हद से ज्यादा’ माना जा रहा था। इतना ही नहीं वीडियो में एक्ट्रेस यह कहते हुए भी सुनाई दे रही थीं कि, जो भी छुएं उसे साफ करें। डेल्टा एयरलाइन्स और अमेरिकन एयरलाइन्स जैसी बड़ी एयर सर्विसेज ने कहा था कि, प्लेन की सफाई हमारी प्राथमिकता है। लेकिन कुछ यात्री अपने खुद के द्वारा किए गए उपायों को तवज्जों देते हैं।

  • हाथों को साफ रखें और चेहरे को छूने से बचें

यूनिवर्सिटी ऑफ विंसकंसिन मेडिसन में मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर एंड्रयु मेहले कहते हैं कि, प्लेन में सतह को साफ करने में तब तक कोई परेशानी नहीं है, जब तक यह आपको सुरक्षा का झूठा एहसास नहीं देता। प्लेन में अपनी जगह को सैनिटाइज करना, हाथ धोना और दूसरी प्रेक्टिसेज के साथ होना चाहिए। एक मजबूत सतह को डिसइंफेक्ट करना और साबुन से हाथ धोना वायरस को मार देगा।

इसलिए पहले अपने हाथ साफ करें। डॉक्टर मेहले के मुताबिक, यह याद रखना जरूरी है कि आपके हाथ कहां थे और अपने हाथों को धोएं। अपने हाथों को साबुन और पानी से 20 सेकंड या इससे ज्यादा तक धोएं। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो अच्छी मात्रा में हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

  • विंडो सीट चुनें

एमोरी यूनिवर्सिटी के एक स्टडी में पता चला है कि, फ्लू सीजन के दौरान प्लेन में सबसे सुरक्षित जगह विंडो सीट होती है। तीन से पांच घंटे की 10 फ्लाइट्स पर स्टडी कर शोधकर्ताओं ने पाया है कि, विंडो सीट पर बैठने पर वाले बीमार लोगों के संपर्क में कम आते हैं। एमोरी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग के प्रोफेसर और एमोरी में सेंटर फॉर नर्सिंग डेटा साइंस के निदेशक विकी स्टोवर हर्त्जबर्ग बताते हैं कि, एक विंडो सीट बुक करें और फ्लाइट के दौरान इधर-उधर जाने से बचें। हाइड्रेट रहें और अपने हाथों को चेहरे से दूर रखें। अपने हाथों की सफाई के प्रति चौकन्ने रहें। 

  • ठोस सतहों को डिसइंफेक्ट करें

जब आप अपनी सीट पर पहुंचे तो सतह को साफ करें। डॉक्टर मिलस्टोन के मुताबिक, अपने आसपास के एरिया को साफ करना बुरा नहीं है, लेकिन यह याद रखना भी जरूरी है कि, कोरोनावायरस सीट से उठकर आपके मुंह में नहीं जाएगा। लोगों को किसी गंदी चीज को छूकर हाथों को चेहरे से लगाने पर ज्यादा सतर्क होना चाहिए। डिसइंफेक्ट वाइप्स की पैकेट पर आमतौर पर यह लिखा होता है कि, कितनी देर तक सतह को साफ होने के लिए गीला रखना है। यह वक्त 30 सेकंड से लेकर कुछ मिनट का हो सकता है। 

डॉक्टर हर्त्जबर्ग ने बताया कि, अगर वहां टच स्क्रीन टीवी है तो उसका उपयोग टिश्यु की मदद से करें। पेपर टॉवेल या टिश्यु सतह और आपके हाथ के बीच में बैरियर बना देता है। माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम में इंफेक्शन प्रिवेंशन के निदेशक बर्नार्ड कैमिन्स ने कहा कि, हो सकता है  किसी बीमार व्यक्ति ने खांसकर दरवाजे या नल को छुआ हो। इसलिए बाथरूम में वाइप्स का इस्तेमाल करें।

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एक जैसे नजर आए यात्री और स्टाफ; सभी के चेहरे ढंके थे, ज्यादातर ने पहनी थी पीपीई किट


  • कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को अम्फान तूफान के असर के चलते कैंसिल कर दिया गया
  • दोपहर 3.20 बजे दिल्ली से भोपाल आएगी पहली फ्लाइट, शाम को वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी
  • दिल्ली से इंदौर एयरपोर्ट पहुंची इंडिगो की फ्लाइट, जगह-जगह यात्रियों के साथ ही लगेज भी सैनिटाइज हुआ

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 06:25 PM IST

भोपाल, इंदौर, जयपुर, रायपुर. लॉकडाउन में 62 दिन बाद सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू हो गईं। एयरपोर्ट पर यात्रियों के माथे पर उत्साह और घबराहट की लकीरें साफ दिख रही थीं। किसी के चेहरे के भाव नहीं दिखे, क्योंकि सभी यात्रियों के चेहरे ढंके हुए थे। ज्यादातर पीपीई किट भी पहने हुए थे, इससे यह पहचान में नहीं आ रहा था कि कौन यात्री है और कौन एयरपोर्ट स्टाफ या क्रू मेंबर है।

रायपुर में स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से फिर से उड़ानें शुरू कर दी गईं। सुबह पहले दिल्ली से फ्लाइट यात्रियों को लेकर पहुंची। यहां एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। कुछ यात्री तो पीपीई किट पहनकर एयरपोर्ट पहुंचे।

रायपुर: दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु के लिए फ्लाइट रवाना; कोलकाता की रद्द

सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से यात्री उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु के लिए यहां से फ्लाइट रवाना हुई और इन्हीं शहरों से फ्लाइट यहां पहुंची भी। वहीं, कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को अम्फान तूफान के असर के चलते रद्द कर दिया गया है। लोगों को फ्लाइट में फेस शील्ड दी गई। कोई भी फ्लाइट फुल होकर नहीं पहुंची। 6 फ्लाइट में 80 फीसदी ही सीटें भरीं। रायपुर के ट्रेवल एजेंट शुभम अग्रवाल ने बताया कि किराए में इजाफा हुआ, लोगों को 30 से 40% बढ़े हुए दामों पर टिकट मिली, जो रायपुर से दिल्ली के बीच बुकिंग आम दिनों में 4 हजार रुपए तक होती थी। कई लोगों ने इस सफर के लिए 10 हजार रु. से ज्यादा का भुगतान किया। रायपुर एयरपोर्ट पर कुछ यात्री पीपीई किट पहनकर आए थे।

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर वर्गाकार घेरा बनाकर उसमें यात्रियों का सामान रखवाकर उसे सैनिटाइज किया गया।

भोपाल: पहले दिन रनवे पर होंगी चार फ्लाइट

भोपाल एयरपोर्ट पर सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। 23 मार्च से रुकीं हवाई सेवाएं शुरू होने के बाद सोमवार को चार फ्लाइट रनवे पर दौड़ेंगी। दोपहर 1.50 बजे दिल्ली से चलकर 3.20 पहली फ्लाइट भोपाल आएगी। भोपाल से 5.30 बजे यह फ्लाइट वापस दिल्ली जाएगी। दिल्ली से एक और फ्लाइट शाम 6.20 बजे भोपाल आएगी। रात 8.20 वापस उड़कर 9.20 बजे दिल्ली पहुंचेगी। 

भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों को सैनिटाइज करने के बाद उनका चेकअप भी किया गया।
दिल्ली से इंदौर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट, एयरपोर्ट का नजारा कोरोना संक्रमण के कारण पूरी तरह से बदला नजर आया।
दिल्ली से इंदौर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट, एयरपोर्ट का नजारा कोरोना संक्रमण के कारण पूरी तरह से बदला नजर आया।

इंदौर: एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए आरोग्य सेतु एप, मास्क और ग्लव्स जरूरी

कोरोना संक्रमण के बीच सोमवार को पहली फ्लाइट दिल्ली से इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंची। देवी अहिल्या विमानतल पर 10.25 मिनट में इंडिगो की 6ई 6509 फ्लाइट 61 यात्रियों को लेकर लैंड हुई। हालांकि सोमवार को एयरपोर्ट का नजारा कोरोना संक्रमण के कारण पूरी तरह से बदला नजर आया। नई व्यवस्थाओं के साथ फ्लाइट की सीट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब ढाई घंटे तक जांच के बीच से गुजरा पड़ा। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग तो की ही गई।  एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए आरोग्य सेतु एप, मास्क और ग्लव्स जरूरी हैं। साथ ही यात्रियों को ई-बोर्डिंग कार्ड दिखाना जरूरी था।

इंदौर के देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए तीन सेट वाली कुर्सियों में से दो को बांध दिया गया, जिससे इन पर एक व्यक्ति ही बैठ सके।
इंदौर के देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर सांसद शंकर लालवानी पहुंचे और यहां के स्टाफ से बातचीत करके व्यवस्थाओं का हाल जाना।

जयपुर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों का सामान भी सैनिटाइज किया गया।

जयपुर: पहले दिन 20 में से 12 फ्लाइट कैंसिल

देश में 62 दिन बाद घरेलू उड़ानें सोमवार से शुरू हो गईं। जयपुर एयरेपोर्ट से पहले दिन 20 फ्लाइट्स का शेड्यूल था जिसमें से 12 उड़ानों को रद्द कर दिया गया। अब केवल आठ उड़ानों का ही संचालन होगा। एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे हैदाराबाद के लिए फ्लाइट रवाना हुई। इसमें सवार होने आए यात्रियों ने कहा- ‘फ्लाइट्स फिर शुरू हुई है अच्छा लग रहा है, लेकिन थोड़ा डर भी है।’ उन्होंने कहा यात्रा नियमों की पालन होना चाहिए और सावधानी जरूरी है, सभी यात्रियों ने सावधानी बरती भी। कोरोना और लॉकडाउन की वजह से सरकार ने 25 मार्च से घरेलू यात्री उड़ानों को पूरी तरह बंद कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 22 मार्च से ही बंद हैं। इस दौरान मालवाहक उड़ानें और स्पेशल फ्लाइट्स का ऑपरेशन ही जारी रहा।

रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया।

रांची: कोरोना संक्रमण से लड़ने का तैयार दिखा एयरपोर्ट

देशव्यापी लॉकडाउन के बीच सोमवार से घरेलू उड़ाने शुरू कर दी गई। ऐसे में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कोरोना संक्रमण से लड़ने की पूरी तैयारी देखी गई। एयरपोर्ट के अंदर जाने के दौरान यात्रियों को हाथ सैनिटाइज करवाया गया। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश करने दिया गया। इसके साथ ही रांची एयरपोर्ट पर बाहर से आने वाले यात्रियों के हाथों में होम क्वारैंटाइन की मुहर लगा उन्हें 14 दिनों तक इसका पालन की हिदायत दी गई। कई यात्रियों ने तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से पीपीई किट पहन कर यात्रा की।

पुणे एयरपोर्ट पर यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए जांच के बाद फ्लाइट में चढ़ने दिया गया।

पुणे: एयरपोर्ट के बाहर नहीं दिखी गाड़ियों की भीड़
62 दिन बाद आज फिर एक बार पुणे एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हुई। पुणे के लोहेगांव एयरपोर्ट का नजारा बदल-बदल था। पुणे एयरपोर्ट से आज कुल 11-11 फ्लाइट्स को देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए उड़ान भरने और लैंडिंग की अनुमति मिली है। दोपहर 12 बजे तक 6 फ्लाइट्स ने यहां से उड़ान भरी है। आम दिनों में जहां एयरपोर्ट के बाहर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतार नजर आती थी, वहीं सुबह 4 बजे के आसपास आज सिर्फ 10-12 गाड़ियां नजर आईं। हर गाड़ी ने तकरीबन 5-7 मीटर की दूरी अपने आप बनाई हुई थी। हर गाड़ी वाला बारी-बारी से एयरपोर्ट के मुख्य द्वार पर यात्रियों को छोड़ कर आगे की ओर बढ़ जा रहा था।

बठिंडा में रहने वाली प्रिया मुंबई में जॉब करती हैं। वह पीपीई किट पहनकर पसीने में भीग जरूर गईं, लेकिन यात्रा सुरक्षित रही।

चंडीगढ़: पीपीई किट पहनकर आई प्रिया बोलीं- पसीने से तर-बतर रही, लेकिन जर्नी सुरक्षित रही
सोमवार सुबह 11.30 बजे मुंबई से चंडीगढ़ पहुंची फ्लाइट में पीपीई किट पहन कर आने वाले दीपक कपूर और प्रिया ने बताया कि फ्लाइट में किट पहन कर असहज लग रहा था, लेकिन संक्रमण से बचना है तो एहतियात तो बरतना ही होगा। प्रिया ने कहा पीपीई किट के कारण पूरी तरह से पसीने से भीग गई थी, लेकिन यात्रा ठीक रही। प्रिया मुंबई में जॉब करती है और यहां पंजाब के बठिंडा की रहने वाली है। फ्लाइट से आए दीपक कपूर फिल्मों और एड फिल्मों में काम करते है, उनका कहना है कि उन्हें फ्लाइट से उतरते ही अपने घर में क्वारैंटाइन रहने के लिए कहा गया है।

यह परिवार लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट फ्लाइट में सवार होने आया था। पत्नी एयरपोर्ट कर्मचारी से लगेज सैनिटाइज करा रही थी तो पति इस लम्हें को कैमरे में कैद कर रहा थ। उनकी बच्ची इस नजारे को बहुत गौर से देख रही थी।

लखनऊ: पायलट बोले- एक्ससाइटेड था, पहले डर लगा, लेकिन एंट्री पाने के बाद अच्छा लगा
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह इंडिगो की फ्लाइट ने सुबह 5.35 में लखनऊ से हैदराबाद के लिए 44 यात्री रवाना हुए हैं। वहीं पहली फ्लाइट दिल्ली से लखनऊ आई हैं इसमें 106 यात्री आए हैं। यात्रियों ने कहां मैं बहुत खुश हूं मुझे घर जाने को मिल रहा हैं। यात्रा करने से पहले कई तरह के बदलाव देखने को मिले जो हमें ख़ुद करने पड़े। इंडिगो फ्लाइट के पायलट सुभान्ग पुरोहित ने कहा- “बहुत दिन बाद फ्लाइट के लिए एक्ससाइटेड था। जैसे स्कूटी बहुत दिन से न चलाई हो तो ग्रिप छूट जाती हैं वैसे ही इसमें भी होता था। एक चैलेंज था फिलहाल सबको लेकर सकुशल पहुंचना चैलेंज था।”

श्रीनगर एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों को जांच के बाद अंदर जाने दिया गया।

श्रीनगर: 8 फ्लाइट शुरू, उमर अब्दुल्ला पहली फ्लाइट से दिल्ली गए
श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी दो महीनों के बाद सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू कर दी गईं। एयर एशिया की फ्लाइट से 46 यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए। श्रीनगर से कुल 8 फ्लाइट्स शेड्यूल की गई हैं। सामान्य दिनों में यहां से 28 फ्लाइट्स जाती रही हैं। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष ढोके ने बताया, एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन की पूरी व्यवस्था की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था की निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं। पहली फ्लाइट में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी श्रीनगर से दिल्ली गए हैं। इसके पहले पांच अगस्त को वे अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य में आर्टिकल 370 हटाए जाने के पहले मिले थे।

श्रीनगर एयरपोर्ट कर्मियों ने पूरे कैंपस को सैनिटाइज किया।
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अमृतसर एयरपोर्ट से 9 डोमेस्टिक फ्लाइट्स का संचालन होगा, हर यात्री को रहना पड़ेगा 14 दिन के क्वारैंटाइन में


  • देश में से सबसे अधिक 90 प्रतिशत रिकवरी दर होने के बावजूद संतुष्ट नहीं है पंजाब सरकार
  • फेसबुक पर लाइव हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले-किसी भी देश या राज्य की तरफ से जारी सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगा

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 09:17 PM IST

अमृतसर. पंजाब में सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू हो रही हैं। असल में कोरोना संकट के कारण पिछले 2 महीने से देशभर में हवाई सेवाएं बंद पड़ी थी। बीते दिनों इन्हें 25 मई से दोबारा शुरू करने के निर्देश जारी हुए थे। इसी के साथ पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी सोमवार से 9 डोमेस्टिक फ्लाइट्स का संचालन किया जाएगा। ये फ्लाइट्स देश के अलग-अलग शहरों में जाएंगी। एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए मास्क और उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना जरूरी होगा। साथ ही एयरपोर्ट में यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन का प्रबंध होना भी जरूरी है।

केंद्रीय और राज्य सरकार की तरफ से घरेलू उड़ानें चलाने की मंजूरी के बाद 25 मई यानि कल से हवाई यात्रा शुरू होगी। इन उड़ानों को अलग-अलग फेज के आधार पर शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कई तरह के दिशा-निर्देशों का पालन भी करना जरूरी होगा। एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए मास्क और उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना जरूरी होगा। साथ ही एयरपोर्ट में यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन का प्रबंध होना भी जरूरी है। एयरपोर्ट पर कई स्थानों पर पीपीई किट्स का प्रबंध की किया जाएगा। यात्री को अपने फोन पर आरोग्य सेतु ऐप्प अनिवार्य रूप से डाउनलोड करना।
दूसरी तरफ देश में से सबसे अधिक 90 प्रतिशत रिकवरी दर होने के बावजूद संतुष्ट होने के दावे को रद्द करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि घरेलू उड़ानों, रेलगाड़ियों और बसों के द्वारा राज्य में आने वाले हर व्यक्ति को लाजमी तौर पर 14 दिन के लिए घरेलू एकांतवास में रहना पड़ेगा।
फेसबुक पर ‘कैप्टन को सवाल’ नाम के लाइव प्रोग्राम के दौरान सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दाखिल होने वालों की जांच राज्य और जिलों के प्रवेश रास्तों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर की जाएगी। जिन किसी में भी लक्षण पाए जाएंगे, उसे संस्थागत एकांतवास में रखा जाएगा, जबकि बाकी लोगों को दो हफ्तों के लिए घर में एकांतवास में रहना होगा।
कैप्टन ने कहा कि रैपिड टेस्टिंग टीमें घरों में एकांतवास में रखे व्यक्तियों की जांच करेंगी, जबकि लक्षण वाले व्यक्तियों की विस्तृत जांच अस्पतालों या अलगाव केंद्रों में की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार विश्व या मुल्क के किसी भी हिस्से की तरफ से टैस्ट संबंधी जारी किए सर्टिफिकेट पर भरोसा नहीं करेगी।
एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी मुल्कों और राज्यों से वापस आ रहे पंजाबियों के यहां लौटने से रोग के फैलाव की पूरी आशंका है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए राज्य कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा। उन्होंने स्पष्ट रूप में कहा, ‘मैं पंजाब में इस रोग को और फैलने नहीं होने दूंगा।’

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लॉकडाउन के 60 दिनों में हमें 140 घंटे की ट्रेनिंग दी गई, ये भी बताया गया कि फ्लाइट में संदिग्ध मिले तो क्या करना है


  • घर से निकलने से पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा, ये बताना होगा कि हमें कोरोना नहीं है और न ही हम कंटेनमेंट एरिया से हैं, फिर एक ओटीपी आएगा जो एयरपोर्ट पर डॉक्टर को दिखाना होगा
  • दो महीने से विमान नहीं उड़ाया इसलिए सिमुलेटर पर ट्रेनिंग दी है, कॉकपिट में अब सिर्फ इंजीनियरिंग और केबिन क्रू ही आ पाएंगे, वो भी सिर्फ दो बार

अक्षय बाजपेयी

May 24, 2020, 03:28 PM IST

भोपाल. लंबे लॉकडाउन के बाद सोमवार को पहली पैसेंजर फ्लाइट उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट स्टाफ से केबिन क्रू और पायलट तक सब तैयारी कर रहे हैं। इंडिगो के प्रमुख ने तो इस तैयारी की तुलना  मिलिट्री ऑपरेशन से की। आखिर सवाल जिंदगी का है। इस बार जब कोई हवाई यात्रा करेगा तो डिपार्चर गेट से लेकर सिक्योरिटी, टिकटिंग और बोर्डिंग तक सबकुछ बदला होगा। हर कदम के साथ कोरोना से जुड़े कुछ एहतियात साथ होंगे। इन्हीं सब बदलावों को लेकर भास्कर ने एयर एशिया के पायलट और केबिन क्रू सदस्यों से बात की।

पहला इंटरव्यू – प्रणव सूद, (पायलट, एयर एशिया)

मैंने आखिरी एयरक्राफ्ट 25 मार्च को उड़ाया था। दो महीने बाद अब फिर हमारा ऑपरेशन शुरू होने जा रहा है। पिछले 60 दिनों में हमने करीब 140 घंटे की ट्रेनिंग ली है। इसमें टेक्निकल पार्ट के साथ ही कोरोनावायरस को लेकर दी गई ट्रेनिंग भी शामिल है।

कोरोनावायरस को लेकर किन बातों को फॉलो करना है। खुद को क्या सावधानियां रखनी हैं। संदिग्ध व्यक्ति के फ्लाइट में मिलने पर क्या करना है, यह बातें हमें बताई गई हैं। पायलट से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक को एक-एक पॉइंट बारीकी से समझाया गया है। यहां मैं आपको पायलट के रोल के बारे में बता रहा हूं।

घर से निकलने से पहले फॉर्म भरना होगा
अब हमें घर से निकलने से पहले एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। उसमें बताना है कि मैं कोविड-19 का शिकार नहीं हुआ हूं। कंटेनमेंट एरिया से भी नहीं हूं। मैं किसी संदिग्ध के संपर्क में भी नहीं आया। यह फॉर्म भरने के बाद मेरे मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। यह ओटीपी हमें एयरपोर्ट पर तैनात हमारे डॉक्टर को दिखाना होगा। फिर वे वेरिफाई करेंगे कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी सही है या नहीं। टेम्परेचर चेक करेंगे। इसके बाद ही हमें एयरक्राफ्ट में जा सकेंगे।

सबसे जरूरी काम एटीसी तक जानकारी पहुंचाना

हमारा काम जहाज में जाने के बाद शुरू होता है। सबसे जरूरी है इंफॉर्मेशन सही समय पर सही जगह पहुंचाना। हमें केबिन क्रू से जैसे ही किसी भी संदिग्ध यात्री की जानकारी मिलेगी, हमें उसे तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को भेजना है। कंपनी के चीफ मेडिकल ऑफिसर ने केबिन क्रू और पायलट्स को बताया कि संदिग्ध मरीज को आइडेंटिफाई कैसे करना है। जैसे कोई भी बीमार दिख रहा है। सर्दी-खांसी है तो सबसे पहले क्रू मेम्बर उसका टेम्परेचर चेक करेंगी। इसकी जानकारी पायलट को दी जाएगी। इस जानकारी को हम एटीसी को भेजेंगे। ताकि जहाज के लैंड करने से पहले वहां हेल्थ टीम मुस्तैद रहे और संबंधित व्यक्ति को किस तरह से हैंडल करना है यह तय हो जाए। हर पैसेंजर का पीएनआर और मोबाइल नंबर हमारे पास होगा। ऐसे में सरकार बाद में संदिग्ध पैसेंजर या उससे आसपास के यात्रियों के बारे में भी कोई भी जानकारी मांगती है तो हम दे पाएंगे।

कॉकपिट में अब सिर्फ दो टीम के लोग आ सकेंगे

कॉकपिट की डीप क्लीनिंग इंजीनियरिंग द्वारा की जाती है। इसके बाद हमें खुद भी कॉकपिट को अपने लेवल पर सैनिटाइज करना है। अभी कॉकपिट में हमारे चार लोग इंजीनियरिंग, सिक्योरिटी, केबिन क्रू और ग्राउंड सर्विस को आना अलाउ था। अब सिर्फ इंजीनियरिंग और केबिन क्रू ही आएंगे। ये भी अधिकतम दो बार ही कॉकपिट में आ सकते हैं। हर फ्लाइट के बाद जहाज को 10 से 15 मिनट के अंदर डिसइंफेक्ट किया जाएगा।

सिम्यूलेटर में हुई ट्रेनिंग
अभी हमारा सिम्यूलेटर सेशन भी हुआ है। इसमें एकदम असली एयरक्राफ्ट की तरह दिखने वाले जहाज में ट्रेनिंग दी जाती है। वैसे यह 6 माह में एक बार होती थी लेकिन कोविड के चलते अभी हुई है। क्योंकि दो महीने से एयरक्राफ्ट नहीं उड़ाया तो हर चीज रिवाइज करवाई गई है ताकि किसी भी तरह की प्रॉब्लम न आए। अब हम लोग हवा में जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। घरवाले भी सब जान चुके हैं। अवेयर हो चुके हैं इसलिए अब टेंशन नहीं ले रहे। हम पूरी सावधानी रखते हुए काम शुरू करने जा रहे हैं। घर आकर बिना किसी को टच किए सीधे नहाएंगे और कपड़े वॉश करेंगे। इसके बाद ही किसी से भी घर में मिलेंगे।

दूसरा इंटरव्यू – ऋचा मेहता, केबिन क्रू, एयर एशिया

हमारे ट्रेनिंग सेशन मार्च के आखिरी हफ्ते से ही शुरू हो गए थे। वैसे ट्रेनिंग रेग्युलर होती है लेकिन इस बार कोविड-19 का चैप्टर भी इसमें जुड़ गया। पहले ट्रेनिंग सेंटर्स पर ट्रेनिंग हुआ करती थी, इस बार कोविड के चलते ऑनलाइन हुई। मेरे आठ साल के करियर में पहली बार मैं दो महीने तक घर पर रही हूं।

ट्रेनिंग में हमें कई बातें बताई गई हैं। चीफ मेडिकल ऑफिसर ने हमारे कई सेशन लिए। हमें सबसे ज्यादा ध्यान सोशल डिस्टेंसिंग का रखना है। हमारी सोशल डिस्टेंसिंग घर से निकलते ही शुरू हो जाएगी। मास्क और ग्लव्स पहनकर ही ऑफिस जाना है। कम से कम 2 मीटर का डिस्टेंस सभी से रखना है। फ्लाइट में पैसेंजर्स को सेफ्टी किट्स बांटी जाएंगी। इसमें फेशियल मास्क, फेशियल शील्ड, सैनिटाइजर पाउच और एक डिस्पोजेबल बैग होगा।

एयर एशिया की केबिन क्रू ऋचा मेहता बताती हैं कि पिछले 2 महीने में हुई ऑनलाइन ट्रैनिंग में ज्यादातर हिस्सा कोविड-19 से बचाव के तरीकों पर फोकस्ड रहा।

ऑन-बोर्ड पानी के अलावा कुछ भी सर्व नहीं किया जाएगा। लेकिन इमरजेंसी में यात्रियों के लिए चीजें रहेंगी। हमें ट्रेनिंग में बताया गया है कि कोई भी संदिग्ध यात्री दिखता है तो उसे तुरंत अलग करना है। हम प्रोटेक्टिव किट से कवर होंगे। गाउन, मास्क, ग्लव्स और शूज कवर से पैक होंगे। संदिग्ध यात्री दिखने पर उसका टेम्परेचर लिया जाएगा। इसकी जानकारी पायलट को दी जाएगी। ऐसे यात्री को किसी खाली सीट पर अकेले बिठाया जा सकता है।

जहाज को सैनिटाइज करने का काम भी हमारा होगा। इस काम में हमारे साथ ग्राउंड हैंडलिंग टीम भी होगी। हमें अलग-अलग सिचुएशन के बारे में बताया गया है। जैसे इमरजेंसी में जब किसी को ब्रीथ (सांस) देना होती थी पहले हम माउथ टू माउथ ऐसा करते थे लेकिन अब नहीं कर पाएंगे। यह काम अब हम ऑक्सीजन बॉटल या डिवाइस के जरिए करेंगे। किसी अन्य मामले में भी जहाज में किसी की तबियत खराब हो जाती है तो हमें उसे पूरी तरह से मदद करेंगे क्योंकि हम किट से कवर होंगे। हर चीज का अल्टरनेटिव हमारे पास मौजूद है।

हम जो भी इक्विपमेंट यूज करेंगे उन्हें लैंड करने के बाद बायोहेजार्ड बैग में डालना है। इसकी संबंधित व्यक्ति को सूचना भी देनी है कि यहां यूज्ड इक्विपमेंट्स डाले गए हैं। फिर हम नए मास्क और ग्लव्स पहनकर ऑफिस जाएंगे। वहां से प्रोसीजर पूरा करके घर जाएंगे। घर जाकर भी बिना किसी चीज को टच किए सबसे पहले नहाएंगे और कपड़े चेंज करेंगे। इसके बाद ही किसी से मिलेंगे। इन सबके साथ ही कोरोनावायरस के जो नॉर्मल सेफ्टी मेजर्स हैं, वो हमें फॉलो करना ही है।

पहली घरेलू उड़ान से पहले क्या कहते हैं एयर इंडिया के पायलट : हर फ्लाइट से पहले पायलट का एल्कोहल टेस्ट होता था अब इसके साथ ही बॉडी टेम्प्रेचर और कोविड की जांच भी होगी

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नागरिक उड्‌डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी बोले- सब ठीक रहा तो अगस्त-सितंबर से पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो जाएंगी


  • पुरी ने फेसबुक लाइव में लोगों के सवालों का जवाब दिया, कहा- अब तक 25 हजार लोगों को वंदे भारत मिशन के जरिए विदेश से लाया गया
  • 25 मई से 33% घरेलू उड़ानें उड़ाने शुरू होंगी, पहले ही दिन इसके लिए अच्छी बुकिंग हुई

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 01:51 PM IST

नई दिल्ली. नागरिक उड्‌डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी शनिवार को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लाइव हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों के सवालों का जवाब दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अगस्त-सितंबर से पहले हम इंटरनेशनल फ्लाइट्स सेवाएं शुरू कर सकते हैं। हालांकि फ्लाइट शुरू करने से पहले कोरोना के हालात का आकलन किया जाएगा। इंटरनेशनल फ्लाइट सेवाएं शुरू करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस कंपनियां पूरी तरह से तैयार हैं।  

इसके पहले उन्होंने बताया कि अभी तक वंदे भारत मिशन के जरिए 25 हजार 465 भारतीयों को वापस लाया गया है। मई के आखिरी तक ये आंकड़ा 50 हजार के करीब हो जाएगा। भारत से लॉकडाउन के बीच 8 हजार लोगों को विदेश पहुंचाया गया। ये लोग विदेश में जॉब करते थे। इनकी प्रोफेशनल्स मांग थी। इससे कहीं ज्यादा लोग विदेश जाना चाहते थे लेकिन कई देश हैं जो फिलहाल अपने ही नागरिकों को ले रहे हैं। 

25 मई से 33% फ्लाइट शुरू होंगी, अच्छी बुकिंग हुई

पुरी ने बताया कि 25 मई से 33% घरेलु उड़ाने शुरू हो रही हैं। अभी जो आंकड़े आए हैं उसके मुताबिक बुकिंग के पहले दिन काफी लोगों ने टिकट लिए हैं। फ्लाइट सेवा की काफी डिमांड है। पुरी ने बताया कि लॉकडाउन के बीच मंत्रालय ने लाइफ लाइन उड़ान शुरू किया था। इसके जरिए एक हजार टन मेडिकल उपकरण व अन्य जरूरी सेवाओं की सप्लाई देशभर में की गई। 

20 मई को घरेलु उड़ाने शुरू करने का ऐलान किया था

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 20 मई को ट्विट करके बताया था कि 25 मई से घरेलु उड़ाने शुरू हो जाएंगी। 21 मई को इसके लिए डिटेल गाइडलाइंस भी जारी कर दी थी। इसके लिए 8 एयरलाइंस कंपनियों को मंजूरी मिली है। शुक्रवार से कई कंपनियों ने ऑनलाइन एयर टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। 



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62 दिनों बाद देश में लोग हवाई सफर की शुरुआत कर सकेंगे, उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को दिए तैयारी रखने के निर्देश


  • नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी जानकारी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
  • देश में हर महीने औसतन 1.3 करोड़ और सालाना 14 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर करते हैं

दैनिक भास्कर

May 20, 2020, 05:33 PM IST

नई दिल्ली. देश में 62 दिनों के बाद 25 मई से घरेलू उड़ानों की शुरुआत होगी। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा- सभी एयरपोर्ट्स और एयरलाइन कंपनियों को 25 मई से ऑपरेशंस शुरू करने के बारे में बताया जा रहा है। देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 मार्च और घरेलू उड़ानें 25 मार्च से बंद हैं।
उड्डयन मंत्रालय ने पिछले दिनों कंपनियों को टिकटों की बुकिंग नहीं करने के लिए कहा था।  लॉकडाउन फेज-4 में उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। स्टेटिस्टा के मुताबिक, देश में हर महीने औसतन 1.3 करोड़ और सालाना 14 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर करते हैं। 2019 में देश में करीब 7 करोड़ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर किया। 

एक हफ्ते पहले जारी किया गया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 13 मई को सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया था। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए।
  • एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में संक्रमण का कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
  • एसओपी में ये भी सुझाव दिए गए हैं
  • यात्री अपने साथ केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेगा।
  • अगर किसी भी यात्री में संक्रमण का कोई लक्षण दिखेगा तो उसे यात्रा की अनुमति नहीं होगी।  
  • यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। ऐप में ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही यात्रा करने दी जाएगी। 
  • फ्लाइट में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी। हालांकि, इसके लिए दो सीटों के बीच एक सीट खाली रखने की बात अभी ड्राफ्ट में स्पष्ट नहीं है।  
  • लाइन लगाते समय भी दूरी रखनी होगी। 
  • ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगी।
  • केवल वेब चेक-इन होगा। बहुत जरूरत पड़ने पर ही प्रिंटेड बोर्डिंग पास और चेक-इन बैगेज दिए जाएंगे।
  • यात्रियों को मास्क, ग्लव्स, जूते, पीपीई किट आदि पहनना होगा।
  • यात्रा के समय से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा। 
  • फ्लाइट में आगे की तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्रियों के लिए आरक्षित की जाए। 

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी
देश के करीब 20 हवाईअड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मिलती हैं। इन एयरपोर्ट्स से 55 देशों के 80 शहरों तक पहुंच सकते हैं। दुनिया के कई देश कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने का फैसला अभी नहीं लिया गया है। यहां रोक अभी जारी रखी गई है।

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केंद्र ने एयरलाइंस से कहा- 80 साल से ज्यादा उम्र वाले यात्रा नहीं करेंगे, चेक-इन के वक्त केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेंगे


  • उड्डयन ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद उड़ानें शुरू होने के पहले चरण के लिए एसओपी जारी की
  • स्टाफर या यात्री को विमान में यात्रा के लिए आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल का दिखना जरूरी होगा

दैनिक भास्कर

May 12, 2020, 07:02 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब उड़ानें शुरू की जाएंगी तो यात्रियों और एयरलाइंस को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए।

एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

मंत्री भी जल्द फ्लाइट शुरू करने को बोल चुके हैं

केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दिनों देश में जल्द ही फ्लाइट सेवाएं शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही फ्लाइट सेवा शुरू की जा सकती है। इसके लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि फ्लाइट सेवा शुरू होने के बाद संक्रमण ज्यादा न फैल सके।  

यह तस्वीर कालीकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। बहरीन में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की फ्लाइट से मंगलवार को यहां लाया गया। फ्लाइट से उतरने के बाद एयरपोर्ट पर क्रू मेंबर्स। 

अभी वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को बाहर निकाला जा रहा

मौजूदा समय कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए मिशन वंदे भारत चलाया जा रहा है। 13 मई को इसका पहला फेज पूरा हो जाएगा। दूसरा फेज 16 मई से शुरू होगा। यह फेज सात दिन यानी 22 मई तक चलेगा। इस दौरान 31 देशों से 149 फ्लाइट्स आएंगी। सबसे ज्यादा 13 फ्लाइट अमेरिका से आएंगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। वंदे भारत मिशन का पहला फेज 7 मई को शुरू हुआ था।

दूसरे फेज में किन-किन देशों से भारतीय लाए जाएंगे?
अमेरिका, यूएई, कनाडा, सऊदी अरब, ब्रिटेन, मलेशिया, ओमान, कजाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, कतर, इंडोनेशिया, रूस, फिलीपींस, फ्रांस, सिंगापुर, आयरलैंड, किर्गिस्तान, कुवैत, जापान, जॉर्जिया, जर्मनी, तजाकिस्तान, बहरीन, अर्मेनिया, थाईलैंड, इटली, नेपाल, बेलारूस, नाइजीरिया, बांग्लादेश।