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1200 किमी का सफर 500 रुपए की साइकिल से तय किया था, पिता के साथ हुए हादसे के बाद पढ़ाई छोड़ी थी, अब फिर शुरू करेंगी


  • ज्योति पिता के साथ हुए हादसे के बाद दरभंगा से दिल्ली पहुंची थीं
  • ज्योति फिलहाल होम क्वारैंटाइन में हैं, वो एक महीने बाद साइक्लिंग फेडरेशन का ट्रायल देने दिल्ली जाएंगी

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:25 PM IST

दरभंगा. (अलिंद्र मिश्र) लॉकडाउन ने लाखों प्रवासियों को ताउम्र न भूलने वाला दर्द दिया। इस दौरान कई कहानियां या कहें आपबीती सामने आईं। कोई सैकड़ों किलोमीटर भूखे-प्यासे पैदल चलकर अपने घर लौटा। किसी ने रास्ते में ही जान गंवा दी। इस बीच इंसान के हौसले और चट्टान जैसे मजबूत इरादों की कहानी भी सामने आई। एक मिसाल ज्योति कुमारी की है। वो बिहार के दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहूल्ली गांव में रहती हैं। 13 साल की ज्योति बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर 10 मई को दिल्ली से चलीं।16 मई को दरभंगा पहुंचीं। उन्होंने सात दिन में 1200 किलोमीटर दूरी तय की।

ज्योति की ‘ज्योति’ सात समंदर पार अमेरिका भी पहुंची। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ने उन्हें ट्विटर पर सराहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी ने ज्योति की तारीफ की है।

ज्योति नेे कहा- शुक्रिया इवांका दीदी

तारीफ और हौसलाअफजाई के लिए ज्योति ने इवांका को धन्यवाद कहा। ज्योति ने कहा, “मैं पहले इवांका दीदी को नहीं जानती थी। अब जान गई हूं। उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया। इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। वो बहुत बड़ी शख्सियत हैं। उन्होंने मेरे जैसी छोटी बच्ची की तारीफ की। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं बहुत खुश हूं।”

ज्योति को सम्मानित करते एसएसबी के अधिकारी।

पिता के साथ हुए हादसे के बाद छूट गई थी पढ़ाई

ज्योति के परिवार में छह लोग हैं। दो भाई, दो बहन और माता-पिता। पिता मोहन पासवान अकेले दिल्ली में रहकर रिक्शा चलाते थे। मां गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खाना बनाती हैं। उन्हें हर महीने दो हजार रुपए मिलते हैं। ज्योति बताती हैं, “माता-पिता की कमाई से किसी तरह घर चल रहा था। मैं गांव के स्कूल में पढ़ने जाती थी। एक ट्रक ने मेरे पिता के रिक्शा को टक्कर मार दी। उनका घुटना टूट गया। मैं पढ़ाई छोड़कर दिल्ली आ गई। ताकि पापा का ख्याल रख सकूं। उनके इलाज में बचाकर रखा पूरा पैसा खर्च हो गया। मां ने कई लोगों से कर्ज भी लिया।

मां और भाई-बहन के साथ ज्योति कुमारी।

500 रुपए में खरीदी साइकिल
ज्योति ने कहा. “मैंने साइकिल चलाना सीख रखा था। दिल्ली में मेरे पास साइकिल नहीं थी। लॉकडाउन के चलते जब भूखे मरने की नौबत आई तब जन-धन खाते से 500 रुपए निकाले। इस पैसे से एक पुरानी साइकिल खरीदी। उसी पर पापा को बैठाकर ले आई। मैंने बेटी होने का फर्ज निभाया। जब भी ऐसा मौका मिलेगा। माता-पिता की सेवा करती रहूंगी।”

इस साइकिल पर पिता को बैठाकर दिल्ली से दरभंगा आई थीं ज्योति। पैडल्स के सहारे उनके पैरों ने 1200 किलोमीटर सफर तय किया। पिता पीछे बैठे थे। क्योंकि घुटने में फ्रेक्चर था।

अब एक सपना

ज्योति कहती हैं, “मैं पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती हूं, ताकि समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकूं। अभी तो लॉकडाउन है। ये खत्म होता है तो फिर स्कूल में नाम लिखवाउंगी। मैं दिल्ली नहीं जाऊंगी। यहीं आगे पढ़ना है। साइकिलिंग फेडरेशन ने ट्रायल के लिए बुलाया है। इसके लिए एक महीने बाद ट्रायल देने दिल्ली जाऊंगी। अभी होम क्वारैंटाइन में हूं।”

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ट्रम्प का अजीबोगरीब बयान- देश में संक्रमण का ज्यादा होना अच्छी बात, यह हमारे लिए ‘सम्मान के तमगे’ जैसा


  • डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- ज्यादा मामले होने को मैं बुरा नहीं मानता, इसका मतलब है कि हमने किसी और से कहीं ज्यादा टेस्टिंग की
  • अमेरिका में अब तक 15 लाख 70 हजार से भी ज्यादा मामले आए और 93 हजार से ज्यादा मौतें हुईं

दैनिक भास्कर

May 20, 2020, 04:10 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण दुनिया में सबसे ज्यादा होना सम्मान की बात है। उन्होंने व्हाइट हाउस में मंगलवार को कहा, ‘‘जब आप कहते हैं कि हम संक्रमण के मामलों में आगे हैं तो मैं इसे बुरा नहीं मानता। इसका मतलब है कि हमने किसी और से कहीं ज्यादा टेस्टिंग की है। यह अच्छी बात है, क्योंकि इससे पता चलता है कि हमारी टेस्टिंग बेहतर है। मैं इसे एक ‘सम्मान के तमगे’ के तौर पर देखता हूं।’’

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में अब तक 15 लाख 70 हजार से भी ज्यादा मामले आए हैं और 93 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। दूसरे नंबर पर रूस है जहां करीब 3 लाख लोग संक्रमित मिले हैं।

डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने आलोचना की
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने ट्रम्प के इस बयान की आलोचना की है। कमेटी ने ट्वीट किया देश में कोरोना के 10 लाख से ज्यादा केस मिलना पूरी तरह से हमारे देश के लीडरशिप की नाकामी है। इससे पहले पिछले हफ्ते सीनेट की बैठक में भी इस पर सवाल किए गए थे। रिपब्लिकन सांसद मिट रोम्नी ने कहा कि था देश का टेस्टिंग रिकार्ड अच्छा नहीं है। हमारे यहां फरवरी मार्च में मामले सामने आने शुरू हुए थे। इस लिहाज से देखें तो अब तक हुई टेस्टिंग पर्याप्त नहीं हैं। इसमें खुश होने जैसे कोई बात नहीं।

अमेरिका में अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोगों की जांच हुई

अमेरिकी के सेंटर्स फॉर डीजीज कंट्रोल के मुताबिक, मंगलवार तक अमेरिका में 1 करोड़ 60 लाख टेस्ट हुए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी आधारित एक साइंटिफिक पब्लिकेशन के मुताबिक अमेरिका पर कैप्टा टेस्टिंग के आधार पर काफी पीछे है। प्रत्येक 1 हजार लोगों की टेस्टिंग के मामले में यह दुनिया में 16 वें स्थान पर है। इस लिस्ट में यह आइसलैंड, न्यूजीलैंड, रूस और कनाडा जैसे देशों से पीछे है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिका हर दिन 3 से 4 लाख के बीच टेस्ट कर रहा है। हालांकि हार्वर्ड ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट के मुताबिक, अमेरिका को अपनी अर्थव्यवस्था खोलने के लिए हर दिन कम से कम 50 लाख टेस्ट करने की जरूरत है।

ब्राजील से अमेरिका आने पर बैन लगाने की योजना बना रहे: ट्रम्प
ट्रम्प ने कहा कि हम ब्राजील से लोगों के अमेरिका आने पर बैन लगाने की योजना बना रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि वहां के लोग यहां आएं और हमारे लोगों को संक्रमित करें। ब्राजील में फिलहाल कुछ संकट हैं, हमें उससे कोई समस्या नहीं है। हम उसे वेंटिलेटर्स देकर मदद कर रहे हैं। दरअसल, ब्राजील संक्रमण के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। अब तक वहां 2 लाख 71 हजार 885 कोरोना संक्रमित मिले हैं और 17 हजार 983 लोगों की मौत हुई है।

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सैनिटाइजर का इंजेक्शन लगाने की सलाह देने वाले ट्रम्प हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ले रहे, एक्सपर्ट बोले- ये खतरनाक है


  • डॉक्टरों ने कहा- ट्रम्प का बयान गैरजिम्मेदाराना, इससे हृदय, किडनी और लीवर को खतरा
  • एक महीने पहले अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने चेतावनी दी थी कि कोरोना रोकथाम में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल नहीं किया जाए

एनी कर्नी और केटी थाॅमस

May 20, 2020, 06:00 AM IST

कोरोनावायरस से बचाव के लिए कभी मजाक में सैनिटाइजर का इंजेक्शन लगाने की सलाह देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे बीते 10 दिनों से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दवा ले रहे हैं।रेस्टोरेंट प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में ट्रम्प ने कहा कि मैं व्हाइट हाउस के डॉक्टरों की सलाह पर काेराेना से बचने के लिए पिछले डेढ़ हफ्ते से ये दवा ले रहा हूं और देखिए मैं आपके सामने बिल्कुल स्वस्थ हूं।

ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या व्हाइट हाउस के फिजीशियन की सलाह पर उन्होंने दवा लेना शुरू किया है, तो उन्होंने कहा कि मैंने खुद डॉ सीन कॉनले (राष्ट्रपति के निजी फिजीशियन) से अनुरोध किया था। दूसरी ओर, कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने ट्रम्प के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसा करना न केवल राष्ट्रपति के लिए खतरनाक होगा, बल्कि दूसरों के लिए भी यह उदाहरण उनके स्वास्थ्य पर संकट पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को खतरनाक बताया

मिलर फैमिली हार्ट इंस्टीट्यूट के चीफ एकेडमिक अफसर डॉ. स्टीवन ई निसेन ने कहा कि इससे गंभीर परेशानियां हाे सकती हैं। वहीं, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रोफेसर डॉ. स्कॉट सोलोमन ने भी इसे घातक बताया है। वहीं कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दवा से हृदय, किडनी और लीवर पर असर पड़ता है।

एफडीए भी चेतावनी दे चुका है

बता दें कि एक महीने पहले ही अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने चेतावनी दी थी कि कोरोना रोकथाम में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए। ये दवा कोरोना मरीजों के इलाज में कितनी कारगर है, अब तक इसके ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। ट्रम्प से पहले ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने भी इस दवा का समर्थन किया था।  
डब्ल्यूएचओ को धमकी- स्थायी रूप से फंडिंग रोक देंगे

ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चिट्टी लिखकर चेतावनी देते हुए कहा है कि 30 दिन में संगठन में सुधार करें। वरना आपको दी जा रही फंडिंग स्थाई रूप से फ्रीज कर देंगे। हमें सदस्य बने रहने पर भी दोबारा विचार करना होगा। ट्रम्प ने कहा, हम उन्हें सालाना 45 करोड़ डॉलर (करीब 3500 करोड़ रु.) देते हैं, जिसे कम करने की योजना बनाई जा रही है।

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ट्रम्प की डब्ल्यूएचओ को चिट्‌ठी, 30 दिन में सुधार न होने पर फंडिंग स्थाई तौर पर फ्रीज करने की चेतावनी दी


  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा- हमारे साथ सही बर्ताव नहीं हुआ, डब्ल्यूएचओ की फंडिंग कम करने की योजना बना रहे
  • ट्रम्प ने कहा- मैं डेढ़ हफ्ते से हर दिन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की एक गोली जिंक के साथ ले रहा हूं

दैनिक भास्कर

May 19, 2020, 10:08 AM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चिट्ट्‌ठी लिखकर चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा है कि 30 दिन में संगठन में सुधार करें। ऐसा न करने पर आपको दी जा रही फंडिंग स्थाई रूप से फ्रीज कर दी जाएगी और अमेरिका संगठन का सदस्य बने रहने पर भी दोबारा विचार करेगा।

ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में भी डब्ल्यूएचओ की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘वे (डब्ल्यूएचओ) चीन की कठपुतली है। यह कहना बेहतर होगा कि वे चीन केंद्रित हैं। अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सालाना 450 मिलियन डॉलर (करीब 3500 करोड़ रु.) देता है। इसे कम करने की योजना बनाई जा रही है क्योंकि हमारे साथ सही बर्ताव नहीं हुआ।’’

हर दिन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की दवा लेता हूं: ट्रम्प
ट्रम्प ने दावा किया कि वे कोरोना से बचने के लिए हर दिन मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जिंक के साथ लेते हैं। उन्होंने कहा मैं पिछले डेढ़ हफ्ते से हर दिन ऐसा कर रहा हूं। जब उनसे पूछा गया कि वे यह दवा क्यों ले रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि मैं सोचता हूं यह अच्छा है, मैंने इसके बारे में कई अच्छी कहानियां सुनी हैं। आप यह जानकर हैरान होंगे कि कई लोग खास तौर पर फ्रंटलाइन पर काम करने वाले कर्मचारी यह दवा लेते हैं।’’

‘व्हाइट हाउस के फिजीशियन ने इसके इस्तेमाल की सलाह दी’
ट्रम्प ने कहा, ‘‘व्हाइट हाउस के एक डॉक्टर ने भी कहा कि मैं यह दवा ले सकता हूं। हालांकि, पहल मैंने की थी। मैंने उनसे पूछा था कि आप इस दवा के बारे में क्या सोचते हैं? उन्होंने कहा कि अगर आप चाहें तो ले सकते हैं। अगर इससे कोई असर नहीं हुआ तब भी आप बीमार नहीं पड़ेंगे या आपकी मौत नहीं होगी। मैं हर दिन एक गोली लेता हूं। समय आने पर बंद कर दूंगा।’’

एफडीए ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन न लेने की चेतावनी दी थी
अमेरिकी सरकार के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने चेतावनी दी थी कि कोरोना के इलाज या इसे रोकने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए। एफडीए ने इसके साइड इफेक्टस को ध्यान में रखते हुए यह बात कही थी। इससे दिल से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। मौजूदा नियमों के मुताबिक इसका इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी में किया जा सकता है।

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ट्रम्प ने कहा- महामारी के समय में हम प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हैं, भारत को वेंटिलेटर दान करेंगे


  • ट्रम्प ने कहा- कोरोना का वैक्सीन बनाने की दिशा में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे, हम साथ मिलकर इस अदृश्य दुश्मन को हराएंगे
  • राष्ट्रपति ने कहा- इस साल के अंत तक वैक्सीन तैयार कर लिए जाने की संभावना, इसे जनता को फ्री में दिए जाने पर विचार किया जा रहा

दैनिक भास्कर

May 16, 2020, 09:34 AM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि अमेरिका अपने दोस्त भारत को वेंटिलेटर डोनेट करेगा। महामारी के समय में हम भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम कोरोना का टीका विकसित करने की दिशा में भी सहयोग कर रहे हैं। दोनों देश साथ मिलकर इस अदृश्य दुश्मन को हराएंगे।”

ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मीडिया से कहा- मैं हाल ही में भारत से लौटा हूं। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय आबादी रहती है। आप जिन लोगों के बारे में बात कर रहे हैं, उनमें से कई वैक्सीन पर भी काम कर रहे हैं। वे महान वैज्ञानिक और शोधकर्ता हैं। एक सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।

भारत ने अप्रैल में हइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की खेप भेजी थी
भारत ने अप्रैल में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका की मदद के लिए हाइड्रॉक्सोक्लोरोक्वीन दवा की बड़ी खेप भेजी थी। इसके बाद ट्रम्प ने मोदी के नेतृत्व को मजबूत बताते हुए उनकी प्रशंसा की थी और भारत का धन्यवाद किया था।
टीका जनता के लिए फ्री उपलब्ध होगा: ट्रम्प

ट्रम्प ने कहा- कोरोना के टीके को हम जनता के लिए फ्री में उपलब्ध कराने पर विचार कर रहे हैं। इस साल के अंत तक इसे विकसित किया जा सकता है। टीका विकसित करने के लिए ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ नामक एक नए अभियान की शुरुआत की गई है। ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ को इस साल के अंत तक टीका बनाने का काम सौंपा गया है। ताकि जनवरी 2021 तक उसे लोगों तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस साल के अंत तक टीका विकसित कर लिया जाएगा। सामान्य तौर पर दवा कंपनियां सभी जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही किसी टीके को बनाती हैं, जिसमें काफी समय लग जाता है। हमारी सरकार टीका विकसित करने वाली टीमों के रिसर्च पर भी खर्च करेगी। साथ ही सभी मंजूरी भी दिलाएगी।

‘उम्मीद है 2020 तक वैक्सीन बना लेंगे’
ब्रिटेन की दवा कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन के टीका विभाग के पूर्व प्रमुख मोनसेफ सलोई ने कहा, “मैंने हाल ही में एक कोरोनावायरस टीके के साथ एक क्लिनिकल परीक्षण के शुरुआती रिजल्ट का डेटा देखा है, जिसने मुझे विश्वास दिलाया है कि हम 2020 के अंत तक वैक्सीन बना लेंगे।”

अमेरिका: 24 घंटे में 1680 मौतें
अमेरिका में 24 घंटे में 1680 लोगों की मौत हो गई। देश में मरने वालों की संख्या 88 हजार से ज्यादा हो चुकी है। वहीं, 14 लाख 84 हजार 285 लोग संक्रमित हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य न्यूयॉर्क में 27 हजार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन लाख 56 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं। राज्य में 13 जून तक स्टे-ऐट-होम ऑर्डर जारी किया गया है।



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ट्रम्प की टास्क फोर्स के डॉ. फॉसी बोले- देश को जल्द खोला तो वायरस तेजी से फैलेगा; आधिकारिक आंकड़े से ज्यादा जान गईं


  • डॉक्टर एंथनी फॉसी ने सीनेट की एक कमेटी के सामने अपनी बात रखी, वे ट्रम्प के देश खोलने के फैसले के खिलाफ हैं 
  • व्हाइट हाउस ने ‘ओपनिंग अप अमेरिका अगेन’ योजना तैयार की, फॉसी ने सरकार की गाइडलाइन को फॉलो नहीं करने के लिए कहा

दैनिक भास्कर

May 13, 2020, 01:39 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य और संक्रामक रोगों के टॉप डॉक्टर एंथनी फॉसी ने कहा है कि अगर अमेरिका को जल्द खोला गया तो कोरोनावायरस तेजी
से फैलेगा। फॉसी ने एक तरह से देश खोलने के लिए सरकार की गाइडलाइन को फॉलो नहीं करने के लिए कहा है। उनके मुताबिक, ऐसा करने से गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। फॉसी ने यह
बात सीनेट (संसद का उच्च सदन) की कमेटी के सामने कही।

डॉ. फॉसी अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिसीज के डायरेक्टर हैं।

फॉसी ने यह भी कहा कि कोरोना के चलते अमेरिका में मौतों का आधिकारिक आंकड़ा 80 हजार बताया जा रहा है, लेकिन अब तक इससे कहीं ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। व्हाइट हाउस ने
‘ओपनिंग अप अमेरिका अगेन’ (फिर से अमेरिका खोलेंगे) योजना तैयार की है, जिसमें 14 दिन के फेज बताए गए हैं। इसके तहत राज्यों को स्कूल और बिजनेस खोलने को कहा गया है। कई
अमेरिकी राज्य अपने यहां कोरोना संक्रमण बढ़ने के बावजूद अर्थव्यवस्था को खोल चुके हैं।

अमेरिका में हालात
सिएटल स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन ने  कहा कि अमेरिका में अगस्त की शुरुआत तक 1 लाख 47 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। पहले के अनुमान से यह 10 हजार ज्यादा है। worldometers.info के मुताबिक, अमेरिका में अब तक 14 लाख 08 हजार 636 संक्रमित हैं और  83 हजार 425 लोगों की जान जा चुकी है।

दोबारा लौट सकता है कोरोना
इस सवाल पर कि क्या कोरोना दोबारा लौट सकता है, डॉ. फॉसी ने कहा कि यह संभव है। कोरोना की दूसरी लहर का खतरा है। अगर ऐसा होता है तो प्रभावी तरीके से निपटना होगा। उन्होंने
यह भी कहा कि कई वैक्सीन तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन इस बात की गारंटी नहीं है कि वे असरदार साबित होंगे। हालांकि, हमें उम्मीद रखनी होगी।

डॉ. फॉसी और सीनेट की कमेटी के बीच 3 घंटे तक लंबी चर्चा चली थी, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन से जुड़े सीनेटर शामिल हुए। डॉ. फॉसी समेत व्हाइट हाउस कोरोना टास्क फोर्स के 3 सदस्य सेल्फ-आइसोलेशन में जा चुके हैं। डॉ. फॉसी का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया था, लेकिन वे लंबे समय तक घर से ही काम करेंगे।