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दिल्ली में उड़ानों की तैयारी पूरी, महाराष्ट्र ने अब तक मंजूरी नहीं दी, पंजाब-छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों में यात्रियों को क्वारैंटाइन होना होगा


  • दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से सभी घरेलू उड़ानों का ऑपरेशन टर्मिनल 3 से होगा, थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी
  • महाराष्ट्र में 25 मई से शुरू हो रही घरेलू उड़ानों के मद्देनजर अभी तक लॉकडाउन नियम में बदलाव नहीं किया गया
  • गोवा सरकार ने कहा कि प्लेन से आने वाले सभी यात्रियों का एंटी बॉडी टेस्ट किया जाए

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 09:14 PM IST

नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया है। लेकिन, महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि 31 मई तक राज्य में लॉकडाउन प्रभावी है। अभी तक सरकार ने लॉकडाउन नियमों में बदलाव किया है और ना ही उड़ानों को मंजूरी दी है। पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे 8 राज्यों ने कहा है कि राज्य में लैंड करने वाले यात्रियों को क्वारैंटाइन होना होगा।

इन राज्यों में क्वारैंटाइन में जाएंगे यात्री
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में विमान, ट्रेन या बस से आने वाले सभी यात्रियोें को अनिवार्य तौर पर 14 दिन के होम क्वारैंटाइन में जाना होगा। 
अंडमान-निकोबार प्रशासन ने भी वहां जाने वाले सभी विमान यात्रियों के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तय किया है। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारैंटाइन में जाना होगा।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 25 मई से राज्य में आने वाले सभी विमान यात्रियों को 14 दिन के इंस्टिट्यूशन क्वरैंटाइन पीरियड में जाना होगा। उन्होंने कहा कि घरेलू उड़ानों के शुरू होने के बाद संक्रमण फैलने की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता है।
कर्नाटक सरकार ने कहा है कि राज्य में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश से किसी भी माध्यम से आने वाले यात्रियों को 7 दिन के इंस्टिट्यूशन और 7 दिन के होम क्वारैंटाइन में जाना होगा। 
केरल, असम, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश में भी विमान यात्रियों को 14 दिन क्वारैंटाइन में जाना होगा।
उत्तराखंड में ऐसे यात्रियों को 10 दिन के लिए होटल या सरकारी जगह पर क्वारैंटाइन होना होगा।
गोवा सरकार चाहती है कि राज्य में विमान से आने वाले सभी यात्रियों का एंटी बॉडी टेस्ट किया जाए।

दिल्ली में एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर से जांच होगी
दिल्ली से आने-जाने वाली सभी घरेलू उड़ानें इंदिरा गांधी हवाई अड्‌डे के टर्मिनल-3 से ऑपरेट होंगी। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने बताया कि प्रवेश के दौरान सीआईएसएफ थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच करेगी। यात्रियों के फोन पर आरोग्य सेतु ऐप होना जरूरी होगा।
डीआईएएल के सीईओ विदेह जयपुरियर ने कहा कि पहली फ्लाइट 25 मई को 4.30 बजे की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं कि यात्रियों की बोर्डिंग टचलेस हो। इसलिए आप घर से बोर्डिंग पास का प्रिंट लेकर आएं या स्कैन-एंड-फ्लाई कियोस्क का उपयोग करें। यदि कोई भ्रम है तो यात्री हवाई अड्डे के कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।’’

दिल्ली से रोज 190 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी
सरकार ने एक तिहाई उड़ानों की अनुमति दी है, इसलिए अब दिल्ली हवाई अड्डे से रोज 190 उड़ानें रवाना होंगी और उतनी ही संख्या में विमान यहां पर उतरेंगे। रोज लगभग 20 हजार यात्रियों के एयरपोर्ट आने की उम्मीद है। कोविड -19 के संक्रमण को देखते हुए, देश में नियमित यात्री उड़ानों को 25 मार्च से पूरी तरह रोक दिया गया था। दो महीने बाद,  25 मई से, एक तिहाई उड़ानों को शुरू करने की अनुमति दी गई है। 

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62 दिनों बाद देश में लोग हवाई सफर की शुरुआत कर सकेंगे, उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को दिए तैयारी रखने के निर्देश


  • नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी जानकारी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
  • देश में हर महीने औसतन 1.3 करोड़ और सालाना 14 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर करते हैं

दैनिक भास्कर

May 20, 2020, 05:33 PM IST

नई दिल्ली. देश में 62 दिनों के बाद 25 मई से घरेलू उड़ानों की शुरुआत होगी। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा- सभी एयरपोर्ट्स और एयरलाइन कंपनियों को 25 मई से ऑपरेशंस शुरू करने के बारे में बताया जा रहा है। देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 मार्च और घरेलू उड़ानें 25 मार्च से बंद हैं।
उड्डयन मंत्रालय ने पिछले दिनों कंपनियों को टिकटों की बुकिंग नहीं करने के लिए कहा था।  लॉकडाउन फेज-4 में उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। स्टेटिस्टा के मुताबिक, देश में हर महीने औसतन 1.3 करोड़ और सालाना 14 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर करते हैं। 2019 में देश में करीब 7 करोड़ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर किया। 

एक हफ्ते पहले जारी किया गया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 13 मई को सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया था। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए।
  • एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में संक्रमण का कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
  • एसओपी में ये भी सुझाव दिए गए हैं
  • यात्री अपने साथ केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेगा।
  • अगर किसी भी यात्री में संक्रमण का कोई लक्षण दिखेगा तो उसे यात्रा की अनुमति नहीं होगी।  
  • यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। ऐप में ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही यात्रा करने दी जाएगी। 
  • फ्लाइट में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी। हालांकि, इसके लिए दो सीटों के बीच एक सीट खाली रखने की बात अभी ड्राफ्ट में स्पष्ट नहीं है।  
  • लाइन लगाते समय भी दूरी रखनी होगी। 
  • ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगी।
  • केवल वेब चेक-इन होगा। बहुत जरूरत पड़ने पर ही प्रिंटेड बोर्डिंग पास और चेक-इन बैगेज दिए जाएंगे।
  • यात्रियों को मास्क, ग्लव्स, जूते, पीपीई किट आदि पहनना होगा।
  • यात्रा के समय से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा। 
  • फ्लाइट में आगे की तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्रियों के लिए आरक्षित की जाए। 

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी
देश के करीब 20 हवाईअड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मिलती हैं। इन एयरपोर्ट्स से 55 देशों के 80 शहरों तक पहुंच सकते हैं। दुनिया के कई देश कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने का फैसला अभी नहीं लिया गया है। यहां रोक अभी जारी रखी गई है।

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केंद्र ने एयरलाइंस से कहा- 80 साल से ज्यादा उम्र वाले यात्रा नहीं करेंगे, चेक-इन के वक्त केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेंगे


  • उड्डयन ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद उड़ानें शुरू होने के पहले चरण के लिए एसओपी जारी की
  • स्टाफर या यात्री को विमान में यात्रा के लिए आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल का दिखना जरूरी होगा

दैनिक भास्कर

May 12, 2020, 07:02 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब उड़ानें शुरू की जाएंगी तो यात्रियों और एयरलाइंस को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए।

एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

मंत्री भी जल्द फ्लाइट शुरू करने को बोल चुके हैं

केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दिनों देश में जल्द ही फ्लाइट सेवाएं शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही फ्लाइट सेवा शुरू की जा सकती है। इसके लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि फ्लाइट सेवा शुरू होने के बाद संक्रमण ज्यादा न फैल सके।  

यह तस्वीर कालीकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। बहरीन में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की फ्लाइट से मंगलवार को यहां लाया गया। फ्लाइट से उतरने के बाद एयरपोर्ट पर क्रू मेंबर्स। 

अभी वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को बाहर निकाला जा रहा

मौजूदा समय कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए मिशन वंदे भारत चलाया जा रहा है। 13 मई को इसका पहला फेज पूरा हो जाएगा। दूसरा फेज 16 मई से शुरू होगा। यह फेज सात दिन यानी 22 मई तक चलेगा। इस दौरान 31 देशों से 149 फ्लाइट्स आएंगी। सबसे ज्यादा 13 फ्लाइट अमेरिका से आएंगी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। वंदे भारत मिशन का पहला फेज 7 मई को शुरू हुआ था।

दूसरे फेज में किन-किन देशों से भारतीय लाए जाएंगे?
अमेरिका, यूएई, कनाडा, सऊदी अरब, ब्रिटेन, मलेशिया, ओमान, कजाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, कतर, इंडोनेशिया, रूस, फिलीपींस, फ्रांस, सिंगापुर, आयरलैंड, किर्गिस्तान, कुवैत, जापान, जॉर्जिया, जर्मनी, तजाकिस्तान, बहरीन, अर्मेनिया, थाईलैंड, इटली, नेपाल, बेलारूस, नाइजीरिया, बांग्लादेश।