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वार्ड अटेंडेंट की भर्ती के लिए इंटरव्यू में आए उम्मीदवारों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज


  • कोरोना से जंग में 90 पदों के लिए लुधियाना सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचे 1267 उम्मीदवार
  • सोशल डिस्टेंसिंग भूल धक्का-मुक्की पर उतरे तो पुलिस को करना पड़ा हालात पर काबू

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 02:23 PM IST

लुधियाना. लुधियाना जिले में कोविड-19 को लेकर अलग-अलग जगह पर बनाए गए आइसोलेशन सेंटर, कोविड केयर में वार्ड अटेंडेंट की पोस्ट लिए शुक्रवार को इंटरव्यू देने के लिए 1267 उम्मीदवार पहुंच गए। भीड़ जब ज्यादा बढ़ी तो अफरा-तफरी मच गई। शारीरिक दूरी को भूलकर उम्मीदवार एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इस पर नौकरी के लिए पहुंचे उम्मीदवारों को पुलिस ने डंडे के जोर से खदेड़ा।

सिविल सर्जन कार्यालय में रखे इंटरव्यू में वार्ड अटेंडेंट की पोस्ट के लिए शैक्षणिक योग्यता पंजाबी के साथ दसवीं रखी गई थी। मगर इस पोस्ट पर नौकरी के लिए दसवीं, बारहवीं के साथ-साथ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार सुबह आठ बजे ही पहुंच गए। दोपहर साढ़े 12 से 2 बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय में पांव रखने की जगह नहीं थी। इस दौरान अव्यवस्था भी सामने आई। यहां उम्मीदवारों के लिए न तो पानी की व्यवस्था थी और न ही बैठने की। ऐसे में जहां इंटरव्यू लेने वाले परेशान हो गए, वहीं घंटों धूप में खड़े रहने की वजह से इंटरव्यू देने आए उम्मीदवार भी बेचैन हो उठे।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा ने कहा कि यह इंटरव्यू जिले में बनाए गए कोविड केयर सेंटर को लेकर रखी गई थी। इंटरव्यू पिछले चार दिन से चल रही थी। शुक्रवार को वार्ड अटेंडेंट की 90 पोस्टों के लिए इंटरव्यू रखे थे। इसमें करीब 1267 उम्मीदवार आ गए। हमें उम्मीद नहीं थी कि कोरोना के बीच भी इतनी संख्या में उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए आएंगे।

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अमृतसर में 56 दिन बाद दरबार साहिब खुला, पहले दिन 15 हजार लोग पहुंचे; भद्रकाली के मेले में भी भीड़


  • दो दिन से दरबार साहिब में आ रही हजारों की संगत, मैनेजर मुख्तियार सिंह बोले-जिला प्रशासन ही रोक सकता है
  • शनिवार को श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के कपाट खोले गए थे, तीन दिन से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही
  • भद्रकाली मेले में बेकाबू हुई भीड़ के संबंध में प्रशासन ने मंदिर कमेटी को नोटिस भेजने की बात कही

दैनिक भास्कर

May 18, 2020, 10:41 PM IST

अमृतसर. कोरोना की वजह से देशभर के तमाम धार्मिक स्थल बंद हैं, लेकिन अमृतसर के धर्मस्थलों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोगों में न तो सेहत की चिंता नजर आ रही है, न ही कानून का कोई डर दिखाई दे रहा है। पूरे 56 दिन बाद रविवार को स्वर्ण मंदिर श्री हरिमंदिर साहिब में भी 15 हजार के करीब श्रद्धालु पहुंचे। सोमवार को भद्रकाली मेले में जुटी भीड़ ने मंदिर कमेटी के पसीने छुड़ा दिए।

इससे पहले शनिवार को अमृतसर में श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के कपाट खोल दिए गए। तीन दिन से वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। जिला प्रशासन ने भद्रकाली मंदिर कमेटी को नोटिस जारी करने की बात कही है, वहीं स्वर्ण मंदिर प्रबंधन ने भी भीड़ को कंट्रोल करने का जिम्मा प्रशासन पर ही छोड़ दिया।

दुर्ग्याणा तीर्थ में श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइज करवाते यहां तैनात आरक्षी दल के कर्मचारी।

55 दिन सन्नाटा पसरा रहा दोनों जगह

दरअसल, पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर और श्री दुर्ग्याणा तीर्थ आस्था के बड़े केंद्र हैं। यहां सामान्य दिनों में लाखों की संख्या में भीड़ रहती है। ऐहतियात के तौर पर स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपना स्टाफ तक कम कर दिया। बाहर जिला और पुलिस प्रशासन ने बैरीकेडिंग कर रखी है। ऐसे में 55 दिन तक जैसे-तैसे इन दोनों धर्मस्थलों पर एक तरह से सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद जैसे ही पंजाब में कर्फ्यू खत्म होने की बात सुनने में आई, एक बार फिर से यहां भीड़ जुटना शुरू हो गई।

स्वर्ण मंदिर में प्रवेश करने के दौरान श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइज करवाए गए।

सैनिटाइजेशन के बाद करने दिया जा रहा है श्रद्धालुओं को प्रवेश
रविवार को 15 हजार संगत ने श्री दरबार साहिब का दर्शन-दीदार किया। संगत ने वाहे गुरु का शुकराना अदा कर इस महामारी से मानवता को बचाने की अरदास की। इसी तरह सोमवार को दूसरे भी भीड़ देखने को मिली। हालांकि पहले दिन के मुकाबले कम ही थी। दूसरी ओर एसजीपी की तरफ से हर ऐहतियात की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं को सैनिटाइजेशन के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है।

संगत के उत्साह को देखते हुए दरबार साहिब के मैनेजर ने बताया कि आने वाले दिनों में स्थिति पहले जैसे हो जाएगी। दरबार साहिब के मैनेजर मुख्तियार सिंह ने अपील की है कि दर्शन के लिए आएं, लेकिन मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जरूर बनाए रखें। परिक्रमा के बाद ज्यादा देर न बैठें। दर्शन चलते हुए करें।

अमृतसर में माता भद्रकाली के मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

सोमवार को शुरू हुआ मां भद्रकाली का मेला, नियमों की उड़ी धज्जियां
सोमवार को गेट खजाना स्थित 900 साल पुराने सिद्धपीठ माता श्री भद्रकाली मंदिर में ज्येष्ठ माह की अपरा एकादशी का वार्षिक मेला शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से पूरे ऐहतियात बरते जाने का दावा किया जा रहा था। इसके बावजूद यहां इतने लोग पहुंच गए। श्रद्धालुओं की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर कमेटी को खासा पसीना बहाना पड़ा।

राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव हैं अमृतसर में
यह बात भी ध्यान देने वाली है कि कोरोना संक्रमण के मामले में अमृतसर पंजाब में सबसे ऊपर के पायदान पर खड़ा है। यहां श्री दरबार साहिब के पूर्व हुजूरी रागी भाई निर्मल सिंह और एक ऑटो चालक समेत 4 की मौत 5 की मौत हो चुकी है, वहीं अब तक जिले में 307 लोगों को संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। भले ही यह जिला बीते दिनों नांदेड़ से श्रद्धालुओं के लाए जाने से पहला इतना सेंसिटिव नहीं था। 

‘श्रद्धालु आए न, यह जिम्मेदारी तो जिला प्रशासन की’

स्वर्ण मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने को लेकर मैनेजर मुख्तियार सिंह ने साफ-साफ कह डाला कि अंदर किसी भी स्थिति में परंपरा नहीं टूटने वाली। संगत आए ही न, यह जिम्मेदारी तो जिला प्रशासन की है। स्वर्ण मंदिर के मैनेजर के बयान को लेकर दैनिक भास्कर ने डिप्टी कमिश्नर से बात की तो उन्होंने पुलिस कमिश्नर से बात करने के लिए कहा।  उधर, भद्रकाली मेले में उमड़ी भीड़ के संबंध में डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लो ने मंदिर कमेटी को नोटिस जारी करने की बात कही है।