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शिवसेना नेता राउत ने कहा- कोरोना फैलने के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम जिम्मेदार, इससे गुजरात के बाद मुंबई-दिल्ली में संक्रमण बढ़ा


  • अहमदाबाद में 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे पर नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम हुआ था
  • राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में साप्ताहिक लेख में कहा- राहुल गांधी ने लॉकडाउन के विफल होने का सटीक विश्लेषण किया था

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 03:31 PM IST

मुंबई. शिवसेना नेता संजय राउत ने देश के महानगरों में कोराेनावायरस फैलने के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में गुजरात में हुए इस कार्यक्रम के कारण संक्रमण बाद में मुंबई और दिल्ली में फैला। ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को अहमदाबाद में एक रोड शो में हिस्सा लिया था। इसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने मोटेरा क्रिकेट मैदान में एक लाख से अधिक लोगों को संबोधित किया था।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक लेख में राउत ने कहा- इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में एकत्रित हुए जनसमूह के कारण गुजरात में कोरोनावायरस फैला है। ट्रंप के साथ आई टीम कुछ सदस्य मुंबई, दिल्ली भी गए थे, जिसके कारण संक्रमण फैला। गुजरात में कोरोनावायरस का पहला मामला 20 मार्च को सामने आया था। जब राजकोट के एक व्यक्ति और सूरत की एक महिला में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

लॉकडाउन बिना योजना के, अब इसे हटाने की जिम्मेदारी राज्यों पर डाली
उन्होंने कहा- लॉकडाउन बिना किसी योजना के लागू किया गया, लेकिन अब इसे हटाने की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी गई है। इस अनिश्चितता से संकट और बढ़ेगा। ये अराजकता इस संकट को बढ़ाने का ही काम करेगी। राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लॉकडाउन के विफल होने का सटीक विश्लेषण किया था।

राउत ने कहा- यह आश्चर्यजनक है कि कोरोनावायरस मामलों में बढ़ोतरी के लिए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर कुछ लोग राजनीति चमका रहे हैं। अगर राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए संक्रमण से निपटने में विफलता आधार है तो इसे 17 अन्य राज्यों में भी लगाया जाना चाहिए। इनमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं। महामारी को रोकने में केंद्र सरकार विफल रही है। उसके पास कोई योजना नहीं थी।

सरकार को कोई खतरा नहीं, तीनों पार्टियों का साथ रहना मजबूरी
शिवसेना सांसद ने कहा कि सरकार गिराने की भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार (एमवीए) को कोई खतरा नहीं है। राउत ने कहा- यहां तक ​​कि अगर सत्तारूढ़ साझेदारों के बीच आंतरिक संघर्ष है, तो भी सरकार को कोई खतरा नहीं है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली इस सरकार का अस्तित्व बचाए रखने के लिए तीनों सहयाेगी पार्टियों शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का साथ रहना मजबूरी है। 

शिवसेना नेता ने कहा- देवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली भाजपा और शिवसेना की सरकार थी। उन्होंने सत्ताधारी सहयोगियों के बीच आंतरिक संघर्ष देखा, लेकिन तब भी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। फडणवीस अब विपक्ष के नेता हैं। अघाडी सरकार की अंर्तकलह से पतन की भविष्यवाणी कर रहे हैं। अगर भाजपा और शिवसेना के बीच गहरे आंतरिक संघर्षों के बाद सरकार चली तो अब कैसे गिर सकती है। 

उन्होंने कहा- फडणवीस ने हाल ही में एक ऑनलाइन से मीडिया बातचीत में कहा कि उनका एमवीए सरकार को अस्थिर करने का कोई इरादा नहीं था। यह अपने आप ही ढह जाएगी। उन्होंने कहा, फडणवीस का मतलब यह है कि तीनों सहयोगियों के बीच कलह पैदा करने और विधायकों को तोड़ने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। अब विपक्ष को उम्मीद है कि सहयोगी दलों के बीच कुछ होगा और सरकार टूट जाएगी।

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सातारा में ट्रूनेट तकनीक से कोरोना जांच; राज्य में 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमित, अब राजभवन आने वालों का फूलों से स्वागत नहीं होगा


  • राजभवन में हर साल 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर होने वाले कार्यक्रम को भी इस साल रद्द करने को कहा गया
  • धारावी में कोरोना संक्रमण के 36 नए मामले आए, इसके साथ क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या 1,675 हो गई

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 11:22 AM IST

मुंबई. राज्य में 24 घंटे के अंदर कोरोना के 2,598 नए मामले सामने आए। इनमें से 1,438 केस मुंबई में मिले। महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 59,546 हो गई। जबकि मुंबई में 35,273 संक्रमित हैं। कोरोना से 85 मौत की पुष्टि हुई। राज्य में अब तक 1,982 मौतें हो चुकी हैं। कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए 6,12,745 लोगों को घर में और 35,122 लोगों को अन्य जगहों पर क्वारैंटाइन किया गया है। राज्य में अब तक कुल 4,19,417 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है।

सातारा में होगी ट्रूनेट तकनीक से जांच
इस बीच सातारा डिस्ट्रिक्ट सिविल हॉस्पिटल कोरोना मरीजों की जांच के लिए ट्रूनेट तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। ट्रूनेट टीबी परीक्षण के लिए विकसित की गई एक तकनीक का नाम है, जो एक घंटे में रिजल्ट देती है। इससे कोरोना जांच का परिणाम भी एक से दो घंटे में मिल सकेगा। इस तकनीक को गोवा के मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स द्वारा विकसित किया गया है।

तस्वीर मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन के बाहर की है। यह बच्ची श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर गई। इस दौरान बच्ची ने खिलौना को नहीं छोड़ा। पूरे समय अपने हाथ में ही खिलौना लिए रही।

2,095 पुलिसवाले संक्रमित, अब तक 22 की मौत
महाराष्ट्र में कोरोना ने अब तक 22 पुलिसकर्मियों की जान ले ली। पिछले 24 घंटे में 130 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके साथ संक्रमित पुलिसकर्मियों की कुल संख्या बढ़कर 2,095 हो गई। संक्रमित पुलिसकर्मियों में से 236 अधिकारी हैं जबकि 1,859 अन्य कांस्टेबल रैंक के कर्मचारी हैं। सभी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अभी तक 75 अधिकारी और 822 कांस्टेबल रैंक के कर्मी संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।

राज्य में 18 हजार से ज्यादा लोग हुए ठीक 
पिछले 24 घंटों में मुंबई में 763 कोरोना संक्रमित के ठीक होने पर घर भेजा गया है। बीएमसी के अनुसार, अब तक कुल 9,817 लोग कोरोना मुक्त हो चुके हैं। राज्य में कुल 18,616 मरीज कोरोना को मात देने में सफल हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में रिकवरी रेट 31.36 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 3.32 प्रतिशत है।

धारावी में 1675 मामले
मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी में गुरुवार को कोरोना के 36 नए मामले मिले। इसके साथ संक्रमितों की संख्या 1,675 हो गई। पिछले 24 घंटे में वायरस से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया। नए मामलों में 5 नगर निगम की एक चॉल में पाए गए। एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक धारावी में 6.5 लाख से अधिक लोग 2.5 वर्ग किमी के क्षेत्र में रहते हैं।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्‌डे पर फेस शील्ड और मास्क लगाकर बैठे कुछ यात्री। यहां दो सीटों के बीच एक गैप रखा गया है।

खर्च बचाने के लिए अब राजभवन में आने वालों को फूल नहीं दिए जाएंगे
कोरोना संकट को देखते हुए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन के खर्च में कटौती के निर्देश दिए। यहां आने वाले मेहमानों के स्वागत में बुके देने पर होने वाला खर्च बंद कर दिया गया। गेस्ट रूम में फूलदान का खर्च भी बंद किया गया। राज्यपाल ने पुणे के राजभवन में हर साल 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर होने वाले कार्यक्रम को भी इस साल रद्द करने को कहा है। राज्यपाल अपने एक महीने का वेतन कोविड-19 के लिए पीएम केयर्स फंड में पहले ही दे चुके हैं। राज्यपाल एक साल तक अपने वेतन का 30 प्रतिशत भी इस कोष में देने की घोषणा कर चुके हैं।

मुंबई के 6 वार्ड में सबसे ज्यादा मरीज
मुंबई के 24 वार्ड में से 6 वार्ड में कोरोना संक्रमण के 14 हजार से ज्यादा मामले हैं, जबकि शहर में संक्रमितों की कुल संख्या 33 हजार से अधिक है। बृहन्मुंबई नगर निगम ने यह जानकारी दी। बीएमसी द्वारा वार्ड वार एकत्रित आंकड़ों के अनुसार, इन 6 वार्डों में से प्रत्येक में 2000 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले हैं। इसके अनुसार जी- उत्तर वार्ड इस सूची में शीर्ष पर है। यहां कुल 2,728 कोरोना संक्रमण के मामले हैं। इस वार्ड में धारावी, दादर और माहिम जैसे इलाके हैं।

किस वार्ड में कितने मरीज

वार्ड संक्रमित मरीज
जी- उत्तर 2728
2438
एफ-उत्तर 2377
एल 2321
एच-पूर्व 2094
के 2094
मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन के बाहर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पकड़ने पहुंचे कुछ प्रवासी मजदूर।

लॉकडाउन उल्लंघन में 23 हजार लोग गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों पर हमले की 254 घटनाएं हुईं। इस संबंध में अभी तक 833 लोग गिरफ्तार किए गए। लॉकडाउन में असामाजिक तत्वों ने 40 से ज्यादा बार स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ पर भी हमले किया। लॉकडाउन उल्लंघन में 1,16,670 मामले दर्ज किए गए। इनमें 23,314 लोगों को गिरफ्तार किया गया। क्वारैंटाइन का पालन नहीं करने वाले 705 लोगों पर केस दर्ज किया गया। इस आंकड़े में मुंबई शामिल नहीं है। पुलिस द्वारा 5.75 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया है।

ठाणे में दो पार्षद कोरोना से संक्रमित
नगर निगम के दो पार्षदों समेत अब तक 393 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। पिछले 24 घंटे में जिले में 17 और लोगों की मौत हुई। इसके साथ कोविड-19 से जान गंवाने वालों की संख्या 207 हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि केवल ठाणे शहर से ही 156 नए मामले सामने आए। इनमें ठाणे नगर निगम के दो पार्षद शामिल हैं।

कराड में एक श्मशान घाट को सैनिटाइज्ड करता स्वास्थ्यकर्मी।

मुंबई यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट- राज्य में स्थिति चिंताजनक नहीं
मुंबई यूनिवर्सिटी के रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति चिंताजनक नहीं है। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र में एक दिन में करीब 3000 मामले आ रहे थे, जो पिछले 4 दिनों से 2000 से 2500 बीच रहे हैं। महाराष्ट्र के कोरोना के ग्राफ को ऊपर की बजाए स्थिर रख रहा है और आने वाले कुछ दिनों में नीचे भी ले आएगा। मुंबई में भले ही मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन उनमें कोरोना से रिकवरी रेट 32% तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र में कोरोना की ग्रोथ रेट की बात की जाए तो यह 6% ही है। वहीं, महाराष्ट्र का मृत्यु दर अभी 3.33 % है।

लॉकडाउन के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसवालों को श्रद्धांजलि देने के लिए मुंबई के गुरुकुल आर्ट स्कूल टीचर ने यह चित्र बनाया है।

महाराष्ट्र से अब रोजाना 50 फ्लाइट का मूवमेंट हो रहा
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) से पिछले 2 दिनों से 50 फ्लाइट का मूवमेंट हो रहा है। इसमें 25 फ्लाइट डिपार्चर और 25 फ्लाइट एरायवल हो रही हैं। 5 एयरलाइंस कंपनियों ने गुरुवार को देश के 16 सेक्टर को मुंबई एयरपोर्ट से कनेक्ट किया। मुंबई के एयरपोर्ट के परिचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली जीवीके मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (एमआईएएल) ने बताया कि गुरुवार की सुबह 6 बजे एयर एशिया इंडिया की पहली फ्लाइट रांची के लिए डिपार्चर हुई जबकि सुबह 8.10 बजे इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ से एरायवल हुई। इस तरह दिनभर में कुल 5,583 पैसेंजर की मूवमेंट मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ। जिसमें 4,255 पैसेंजर डिपार्चर हुए जबकि 1,328 यात्री एरायवल हुए। 25 मई से अब तक मुंबई एयरपोर्ट से कुल 19,652 पैसेंजर का मूवमेंट हुआ।

मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दृश्य। यहां से हर दिन 50 प्लेन का आवागमन हो रहा है।

लॉकडाउन में बाहर नहीं जाने देने पर बच्चे ने सुसाइड किया
मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में लॉकडाउन में बाहर घूमने और खेलने का मौका न मिलने के कारण मीरा रोड में 12 साल के एक लड़के ने खुदकुशी कर ली। बच्चा एक स्कूल में छठी कक्षा का विद्यार्थी था। वह 25 मई को ईद मनाने के बाद रात में डेढ़ बजे सोया। उसके पिता बताते हैं कि अगले दिन सुबह 6 बजे तक वह कमरे में सोया था। सुबह 7 बजे उसके कमरे में गए, तो उसे पंखे से लटका देखा। 

रेल यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी
रेलवे की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई है। मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि पहले से किसी बीमारी (उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कर्करोग, लो इम्यूनिटी) से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग रेल यात्रा नहीं करें।

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14 दिन में डबल हो रहे केस, मुंबई में प्रति 10 लाख लोगों पर 13 हजार टेस्ट; राज्य में एक हजार स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमित


  • बीते 24 घंटे में राज्य में 97 लोगों की मौत हुई, एक दिन में संक्रमण से मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा
  • 2091 नए केसों के साथ महाराष्ट्र में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 54,758 तक पहुंची

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 01:20 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे में राज्य में 97 लोगों की मौत हुई है। यह एक दिन में संक्रमण से होने वाली मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ राज्य में मृतकों का आंकड़ा 1792 तक पहुंच गया। मंगलवार को 2091 नए मामलों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 54,758 हो गई है। हालांकि, कुल एक्टिव केस 36,004 हैं।

महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी अजोय मेहता ने बताया कि राज्य में 70-80 प्रतिशत कोरोना केस ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। वहीं, संक्रमितों का डबलिंग रेट 14 दिन का हो गया है। पहले कोरोना मरीजों की संख्या 3 दिन में दोगुनी हो जाती थी। मेहता ने बताया कि शुरुआत में राज्य में दो ही टेस्टिंग लैब थीं। एक केंद्र और एक राज्य सरकार की। लेकिन, अब राज्य में 72 लैब में कोरोना की टेस्टिंग की जा रही है।

सबसे ज्यादा मुंबई में 38 लोगों की जान गई
मंगलवार को सबसे ज्यादा मौतें मुंबई में हुईं। यहां 39 लोगों की जान गई। इसके अलावा, ठाणे में 15, कल्याण में 10, पुणे में 8, सोलापुर में 7, औरंगाबाद और मीरा भायंदर में 5-5, मालेगांव और उल्हासनगर में 3-3, नागपुर, रत्नागिरी में 1-1 मरीज की मौत हुई। मृतकों में 63 पुरुष और 34 महिलाएं शामिल हैं।  इसमें 67% मरीजों में डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर और दिल से जुड़ी समस्याएं थीं।

एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी से हर दिन हजारों लोगों का पलायन हो रहा है। मंगलवार को भी हजारों लोग यहां से स्टेशन के लिए निकले।

मुंबई में प्रति 10 लाख लोगों पर 13 हजार कोरोना टेस्ट
बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने बुधवार को बताया कि मुंबई में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज हैं, यही वजह है कि देश में सबसे ज्यादा टेस्ट यहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि यहां प्रति 10 लाख लोगों पर 13 हजार कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। वहीं, दिल्ली में प्रति 10 लाख पर 4,800 और गुजरात में 1200 की जांच हो रही।

लॉकडाउन में मिली छूट के बाद फिर एक बार मुंबई के सीएसटी स्टेशन के बाहर गाड़ियां नजर आईं। यह तस्वीर मंगलवार की है।

कोरोना अपडेट्स 

  • राज्य में 21 हजार लोग बने कोरोना योद्धा: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कोरोना से लड़ने के लिए सेवानिवृत्त लोगों से भी ड्यूटी करने का आह्वान किया था। राज्य से 21 हजार लोगों ने स्वेच्छा से कोरोना योद्धा बनने के चैलेंज को स्वीकार किया।
  • 1889 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए, पिछले 24 घंटे में 2 की मौत: महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटे में 2 पुलिसकर्मियों की मौत हुई। कोरोना से मरने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 20 हो गई। अब तक 1,889 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए हैं। इनमें 207 अधिकारी, जबकि 1,682 कर्मचारी हैं। 1,031 पुलिसकर्मी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 139 अधिकारी और 892 अन्य पुलिसकर्मी हैं। अच्छी बात यह है कि 838 पुलिसकर्मी कोरोना को मात देकर घर वापस लौटे हैं। इनमें 67 अधिकारी हैं। अधिकांश मौतें लॉकडाउन का पालन करवाने के दौरान संक्रमित होने से हुई हैं। 
  • 3 जेलों में 3 कैदियों की मौत : बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालतों को कैदियों की जमानत याचिका पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट का मानना है कि इससे महाराष्ट्र की जेलों में भीड़ कम होगी। 
  • मुंबई एयरपोर्ट से 44 विमानों की आवाजाही: देशभर में घरेलू विमान सेवा शुरू होने के दूसरे दिन मंगलवार को मुंबई हवाई अड्डे पर 44 विमानों की आवाजाही हुई। इस दौरान यहां 22 विमान आए और 22 ने उड़ान भरी। इसमें कुल 4,224 यात्रियों से सफर किया। इनमें से 3,114 यात्रियों ने यहां से उड़ान भरी, जबकि 1110 यात्री बाहर से यहां आए।
धारावी स्लम की मुख्य सड़क पर जमा प्रवासी मजदूरों की भीड़। ये सभी मजदूर बसों से अलग-अलग स्टेशनों के लिए जा रहे हैं।

राज्य के 59.3% मृतक सिर्फ मुंबई से

  • मुंबई में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यहां अब तक 1064 लोगों की जान जा चुकी है। अगर सोमवार तक के आंकड़ों की बात की जाए तो राज्य की 59.3% मौतें सिर्फ मुंबई में ही हुईं। वहीं, यहां संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़कर 32,972 तक पहुंच गया है।
  • महाराष्ट्र के कुल संक्रमितों में से 60.2% संक्रमित सिर्फ मुंबई से ही हैं। वहीं, देश से अगर मुंबई की तुलना करें तो मुंबई देश में संक्रमण से हुई कुल मौतों का 25% मौत सिर्फ मुंबई में हुई हैं। पिछले 8 दिन में राज्य में 543 मौतें हुईं।
यह तस्वीर मुंबई के कस्टम ग्राउंड की है। यहां बसों में चढ़ने के लिए लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ते नजर आए।
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रेल मंत्री गोयल बोले- मजदूरों को भेजने के लिए महाराष्ट्र को 145 ट्रेनें दीं, 74 चलने को तैयार थीं- राज्य सरकार 24 के लिए ही यात्री दे पाई


  • उद्धव ठाकरे ने रविवार को आरोप लगाया कि रेलवे पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवा रहा
  • इसके जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक 9 ट्वीट किए

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 07:20 PM IST

नई दिल्ली/मुंबई. महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को लेकर 2 दिन से रेल मंत्री पीयूष गोयल और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच ट्विटर वार जारी है। गोयल ने मंगलवार को उद्धव सरकार पर बदइंतजामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “रेलवे के कर्मचारियों ने पूरी रात मेहनत की। हमने महाराष्ट्र को 145 ट्रेनें दीं। हर ट्रेन के बारे में सरकार को जानकारी दी। शाम 5 बजे तक 74 ट्रेनें रवाना होनी थीं। लेकिन, दोपहर 12.30 तक कोई यात्री ही नहीं बैठा। इन 74 में से सिर्फ 24 ट्रेनों के लिए सरकार यात्री उपलब्ध करा पाई। 50 ट्रेनें अब भी महाराष्ट्र में खड़ी हैं।”

रेल मंत्री के मुताबिक, इनमें से भी सिर्फ 13 ट्रेनें ही मजदूरों को लेकर उनके राज्यों तक गई है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा- “मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित करने में पूरी तरह से सहयोग करें कि संकटग्रस्त प्रवासी अपने घरों तक पहुंचे। यात्रियों को समय पर स्टेशन पर लाया जाए, इससे पूरे नेटवर्क और योजना प्रभावित होगी।”

रेल मंत्री का नया ट्वीट

क्या है ट्रेन-ट्विटर विवाद

इससे पहले श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल में बहस हो गई। उद्धव ने रविवार को आरोप लगाया कि रेलवे पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध नहीं करवा रहा। इसके जवाब में रेल मंत्री ने रविवार शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक 9 बार ट्वीट कर महाराष्ट्र सरकार से जानकारी मांगी, लेकिन डिटेल नहीं मिल पाई। रात 2 बजकर 11 मिनट पर गोयल ने 10वां ट्वीट किया और बताया कि 125 ट्रेनों की लिस्ट मांगी थी, लेकिन 46 की ही मिली।

गोयल ने पहली बार शाम 7.14 बजे एक साथ 3 ट्वीट किए। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष भी किया। गोयल ने कहा- उम्मीद है कि पहले की तरह ट्रेनें स्टेशन पर आने के बाद, खाली नहीं लौटेंगी। 

49 मिनट बाद चौथा ट्वीट

53 मिनट बाद फिर 2 ट्वीट

1 घंटे 2 मिनट बाद 7वां ट्वीट

16 मिनट बाद फिर 2 ट्वीट

2 घंटे बाद रात 2.11 बजे 10वां ट्वीट



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मुंबई में सड़क पर चार घंटे तड़पता रहा बुजुर्ग, न एम्बुलेंस मिली- न इलाज, सड़क पर दम तोड़ा; कुछ दिन पहले पुणे में ऐसी ही घटना हुई थी


  • घटना का वीडियो भाजपा नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर शेयर किया है
  • उन्होंने कहा- सुबह 11.30 बजे पुलिस को जानकारी दी, लेकिन 3.30 बजे तक कोई नहीं आया

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 04:53 PM IST

मुंबई. पुणे के बाद मुंबई में एक बुजुर्ग को वक्त पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने सड़क पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। घटना शुक्रवार को दहिसर इलाके में हुई। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने ट्विटर पर इसका वीडियो शेयर किया है। कुछ दिन पहले पुणे में भी एक बुजुर्ग को एम्बुलेंस लेने नहीं आई। उन्हें भी वक्त पर इलाज नहीं मिल सका था। उन्होंने सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे-बैठे दम तोड़ दिया था। 

चार घंटे इंतजार, मदद नहीं मिली

किरीट ने ट्विटर पर लिखा, “दहिसर के शांति नगर में दो और लोगों की सड़क पर मौत हो गई। उन्हें न तो एम्बुलेंस मिली और न इलाज। एक चौकीदार को सांस लेने में दिक्कत थी। सुबह 11.30 बजे पुलिस और बीएमसी को जानकारी देकर मदद मांगी गई। दोपहर 3.30 बजे इस व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस और बीएमसी ने इस घटना की पुष्टि की है।”

वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बुजुर्ग दीवार के सहारे बैठे हुए हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है। वो तड़पते दिख रहे हैं।

किरीट सोमैया का ट्वीट..   

पुणे में भी सड़क पर हुई थी एक बुजुर्ग की मौत

कुछ दिन पहले पुणे के नानापेठ इलाके में भी एक बुजुर्ग की इन्हीं हालात में मौत हुई थी। उन्हें भी न तो एम्बुलेंस मिली थी और न इलाज। उन्हें सीने में दर्द उठा था। बुजुर्ग जिस इलाके में रहते थे वह हॉटस्पॉट था। ऐसे में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगे होने की वजह से एम्बुलेंस नहीं पहुंची सकी थी। किसी ऑटो वाले ने उन्हें हॉस्पिटल ले जाने में मदद नहीं की।

सायन हॉस्पिटल में संक्रमित मृतकों के शव मरीजों के बीच रखे गए थे 

इससे पहले भाजपा नेता नितेश राणे ने मुंबई के सायन अस्पताल का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें साफ नजर आ रहा था कि संक्रमण से मौत के बाद कुछ शव मरीजों के बीच रखे गए थे। कुछ शवों को कपड़ों से तो कुछ को कंबल से ढंका गया था। मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार ने जांच के आदेश दिए। कहा जाता है कि पूर्व बीएमसी कमिश्नर के ट्रांसफर की एक वजह यह घटना भी थी। 



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स्वस्थ होने के बाद मंत्री आव्हाड बोले- ओवर कॉन्फिडेंस की वजह से संक्रमित हुआ था, हॉस्पिटल से नोट भेजकर प्रॉपर्टी बेटी के नाम कर दी थी


  • एक इंटरव्यू में मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने संक्रमण से जुड़ी बातों की जानकारी दी
  • उन्होंने कहा- हॉस्पिटल में हर पल मैंने जीवन और मौत के बारे में सोच कर गुजारा

दैनिक भास्कर

May 18, 2020, 08:35 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने सोमवार को कहा कि वह ‘अति आत्मविश्वास’ की वजह से कोरोना संक्रमित हुए थे। एक टीवी इंटरव्यू में आव्हाड ने कहा- आईसीयू से मैंने एक नोट भेजा था। इसमें लिखा था कि अगर मुझे कुछ होता है तो संपत्ति बेटी के नाम कर दी जाए।

आव्हाड 19 अप्रैल को हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे। कुछ दिन बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के बाद 10 मई को वो डिस्चार्ज हुए थे। इसके पहले उनके कुछ सुरक्षाकर्मी संक्रमित पाए गए थे।  

ओवर कॉन्फिडेंस महंगा पड़ा

संक्रमित होने की वजह का खुलासा खुद आव्हाड ने किया। कहा, “बहुत ज्यादा आत्मविश्वास की वजह से मैं संक्रमित हुआ। 23 से 26 अप्रैल के बीच का वक्त मेरे जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण था। मेरे परिवार को बता दिया गया था कि मेरे बचने की कम ही संभावना है। मैं अपनी जिंदगी के लिए काफी चिंतित था। हर क्षण मैंने जीवन और मौत के बारे में सोच कर गुजारा।”

प्रॉपर्टी बेटी के नाम कर दी थी

आव्हाड के मुताबिक, जब वो आईसीयू में थे तो उन्होंने एक नोट भी लिखकर भेजा। इसमे लिखा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो संपत्ति बेटी को दे दी जाए। उन्होंने कहा, ‘‘इस बीमारी ने मुझे यह महसूस कराया कि मैं अपने स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर बहुत लापरवाह हूं। मैं राजनीति से बाहर अपना जीवन ही भूल गया था। अब यह अहसास हुआ कि मुझे अधिक अनुशासित होना चाहिए।”

हॉस्पिटल गया तब बेहोश था 

आव्हाड ने कहा, “मुझे नहीं पता था कि मुझे कोरोना है। क्योंकि, जब मैं अस्पताल गया, तो मैं बेहोश था। मुझे नहीं पता कि उसके बाद क्या हुआ, क्या जांच की गई। लेकिन, जब मैं होश में आया तो मुझे एक खाने की प्लेट दी गई। इस पर मेरा नाम लिखा हुआ था। मैं कोरोना के लिए तैयार हुए एक आईसीयू वॉर्ड में था। तब मुझे पता लगा कि मैं संक्रमित हूं।” 

‘थकान भी है कोरोना का एक बड़ा लक्षण’
उन्होंने कहा, “हॉस्पिटल जाने से पहले मुझे कोई समस्या नहीं थी। मुझे कभी-कभी ज्यादा थकान लगती थी। बेटी ने कहा कि मुझे डॉक्टर के पास जाना चाहिए। लेकिन मैंने उन्हें कहा कि यह बस थकान है। लेकिन, थकान भी कोरोना का एक लक्षण है। यह मुझे बाद में पता चला। अगर आपको थकान लगे तो आपको फौरन हॉस्पिटल में भर्ती होना चाहिए।”

एनसीपी विधायक हैं जितेंद्र
आव्हाड मुम्ब्रा-कौसा क्षेत्र से विधायक हैं। उनके कुछ सुरक्षा कर्मी संक्रमित पाए गए थे। जितेंद्र ने 13 अप्रैल को खुद को ऐहतियात के तौर पर क्वारैंटाइन कर लिया था। वह 19 अप्रैल को मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। कुछ दिनों संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वस्थ होने के बाद उन्हें 10 मई को अस्पताल से छुट्टी मिली। उन्हें पहले से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत भी है। 

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उद्धव ठाकरे समेत सभी 9 उम्मीदवार विधान परिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचित, चुनाव आयोग जल्द कर सकता है ऐलान


  • महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में भाजपा के 4, राकांपा और शिवसेना के 2-2, और कांग्रेस का एक प्रत्याशी निर्वाचित
  • राज्य में विधान परिषद की 9 सीटें रिक्त थी और 9 ही प्रत्याशी थे, ऐसे में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 08:37 PM IST

मुंबई.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत सभी 9 उम्मीदवार विधान परिषद सदस्य के तौर पर निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। चुनाव आयोग जल्द ही इस बारे में आधिकारिक ऐलान कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने चुनाव आयोग के अधिकारी के हवाले से बताया कि उद्धव समेत सभी प्रत्याशियों को चुन लिया गया है। दरअसल, महाराष्ट्र में विधान परिषद की 9 सीटें खाली हुईं थी। इसमें नाम वापसी के बाद गुरुवार को मैदान में 9 प्रत्याशी ही थे। ऐसे में बिना चुनाव हुए ही सभी निर्वाचित हो गए। इससे पहले आयोग ने 21 मई को चुनाव की तारीख तय की थी।

विधान परिषद के लिए निर्विरोध निर्वाचन में कांग्रेस की अहम भूमिका रही है। क्योंकि, कांग्रेस ने पहले दो प्रत्याशी उतारने की बात कही थी। हालांकि, बाद में कांग्रेस ने एक ही प्रत्याशी मैदान में उतारा। ऐसे में चुनाव की जरूरत नहीं पड़ी। विधान परिषद की 9 सीटों के लिए कांग्रेस ने 1, भाजपा ने 4, राकांपा ने 2, शिवसेना ने 2 प्रत्याशी उतारे थे।

शिवसेना की तरफ से सीएम उद्धव ठाकरे भी विधान परिषद चुनाव मैदान में थे। वह भी चुने गए हैं। इससे पहले बुधवार को 4 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था। वहीं, एक निर्दलीय उम्मीदवार शहबाज राठौर का नामांकन रद्द हो गया था। इसके बाद मैदान में सिर्फ 9 उम्मीदवार ही बचे थे। 

इन 9 लोगों का हुआ निर्वाचन

भाजपा: रमेश कराड, गोपीचंद पडलकर, प्रवीण दटके और रणजीत सिंह मोहिते पाटिल।

राकांपा : शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी।

शिवसेना : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और नीलम गोर्हे। 

कांग्रेस : राजेश राठौर।

खत्म हुई चुनाव की जरूरत
उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस वजह से उन्हें विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य चुना जाना जरूरी हो गया था। क्योंकि, 6 महीने की समय सीमा खत्म होने वाली थी। बता दें कि चुनाव के मैदान से अपना नाम वापस लेने की समय सीमा 14 मई तक ही थी। यही वजह है कि आज अतिरिक्त उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए जिस वजह से चुनाव की जरूरत भी खत्म हो गई।

यह सीटें खाली हुई:

भाजपा 03
राकांपा 03
कांग्रेस 02
शिवसेना 01
कुल 09