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3736 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 50 लाख प्रवासियों ने सफर किया; अब ऐसी स्पेशल ट्रेनों में एडवांस रिजर्वेशन पीरियड 30 दिन से बढ़ाकर 120 किया गया


  • आने वाले दिनों में स्पेशल ट्रेनों से लगेज और पार्सल बुकिंग की सुविधा भी शुरू की जाएगी
  • एक मई से अब तक 3736 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलीं और इनमें से 3157 मंजिल तक भी पहुंचीं

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 10:22 PM IST

नई दिल्ली. रेलवे ने सभी स्पेशल ट्रेनों में एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 30 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दिया है। इन ट्रेनों में अब पार्सल और लगेज बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। रेलवे ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। रेलवे ने बताया कि 1 मई से अब तक 3736 स्पेशल ट्रेनों से 50 लाख प्रवासी मजदूरों ने सफर किया है। 

सबसे ज्यादा 1520 ट्रेनें उत्तर प्रदेश पहुंचीं
रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 5 राज्यों से सबसे ज्यादा श्रमिक ट्रेनों ने सफर की शुरुआत की यानी इन ट्रेनों का ओरिजिनेटिंग डेस्टिनेशन इन्हीं राज्यों में था। गुजरात से 979, महाराष्ट्र से 695, पंजाब से 397, उत्तर प्रदेश से 236 और बिहार से 263 ट्रेनें शुरू हुईं। 5 राज्यों में सबसे ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें पहुंचीं। इनमें 1520 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, 1296 ट्रेनें बिहार, 167 ट्रेनें झारखंड, 121 ट्रेनें मध्य प्रदेश और 139 ट्रेनें ओडिशा पहुंचीं। 

84 लाख फूड पैकेट और 1.24 करोड़ पानी की बोतलें मुफ्त दीं
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया- मुझे इस बात की खुशी है कि कोरोनावायरस के वक्त में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 50 लाख से ज्यादा मुसाफिरों ने सफर किया। सभी सुरक्षित तरीके से अपने घरों तक पहुंचे। इस दौरान रेलवे ने 84 लाख फूड पैकेट और 1.24 करोड़ पानी की बोतलें मुफ्त दीं। श्रमिक ट्रेनों से सफर करने वाले हर मुसाफिर को खाना और पानी रेलवे की ओर से दिया जा रहा है। 

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ट्रम्प की मध्यस्थता की पेशकश पर भारतीय विदेश मंत्रालय का जवाब- पड़ोसी के साथ बातचीत से मसला सुलझाने की कोशिशें जारी


  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि चीन और भारत के सीमा विवाद पर अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है
  • इससे पहले, ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर भी भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कही थी, जिसे भारत ने ठुकराया था

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 09:50 PM IST

नई दिल्ली.. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को लद्दाख और सिक्किम में भारत-चीन के बीच जारी विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस पेशकश पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि पड़ोसी के साथ मसले का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं।

इससे पहले ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर भी भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की बात कही थी, जिसे भारत ने ठुकरा दिया था। भारत ने कहा था कि यह उसका आंतरिक मसला है।

भारत तीसरे पक्ष के दखल से इनकार कर चुका है
एक दिन पहले चीन ने कहा था कि भारत से साथ सीमा पर स्थित स्थिर और नियंत्रण में है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था- दोनों पक्ष तनाव को कम करने में जुटे हैं, लेकिन भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत और चीन के पास कई कूटनीतिक तंत्र मौजदू हैं। किसी भी हालात का निपटारा शांतिपूर्ण ढंग से किया जा सकता है।

श्रीवास्तव ने फिर दोहराया कि भारतीय सेना ने एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) का उल्लंघन नहीं किया था। भारत, चीन के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सेना हमारे लीडर्स की सहमति और मार्गदर्शन का ईमानदारी से पालन करती है। हम भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।

चीन के बाद भारत ने भी बढ़ाई सैनिकों की संख्या

लद्दाख में हाल ही में गालवन नाला एरिया के पास चीन और भारत के बीत तनाव बढ़ गया है। एलएसी के पास कई सेक्टरों में चीन करीब 5 हजार जवान तैनात कर चुका है। पड़ोसी के इस कदम के बाद भारतीय सेना ने भी इन इलाकों में अपने जवान बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

इसी महीने दोनों सेनाओं के बीच तीन बार अलग-अलग जगहों पर टकराव हो चुका है। पिछले हफ्ते दोनों देशों की सेनाओं के कमांडर बातचीत कर मुद्दा सुलझाने की कोशिश भी कर चुके हैं।

डोकलाम के बाद सबसे बड़ा टकराव

  • अगर भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हुईं तो 2017 के डोकलाम विवाद के बाद ये सबसे बड़ा विवाद होगा। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पेंगोंग त्सो झील और गालवान वैली में सैनिक बढ़ा दिए हैं। इन दोनों इलाकों में चीन ने दो हजार से ढाई हजार सैनिक तैनात किए हैं, साथ ही अस्थाई सुविधाएं भी बढ़ा रहा है। चीन लद्दाख के कई इलाकों पर अपना दावा करता रहा है।

  • भारत-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 2017 में 16 जून से 28 अगस्त के बीच तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल के आखिर में दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी थी।

भारत और चीन के बीच हाल में हुए विवाद

1) तारीख- 5 मई, जगह- पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग झील
उस दिन शाम के वक्त  झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

2) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- उत्तरी सिक्किम में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद नाकू ला सेक्टर
यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर मुक्कों से वार किए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया, फिर झड़प रुकी।

3) तारीख- संभवत: 9 मई, जगह- लद्दाख
जिस दिन उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों में झड़प हो रही थी, उसी दिन चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अपने हेलिकॉप्टर भेजे थे। चीन के हेलिकॉप्टरों ने सीमा तो पार नहीं की, लेकिन जवाब में भारत ने लेह एयरबेस से अपने सुखोई 30 एमकेआई फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाल के बरसों में ऐसा पहली बार हुआ जब चीन की ऐसी हरकत के जवाब में भारत ने अपने लड़ाकू विमान सीमा के पास भेजे।

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लॉकडाउन खत्म होते ही गुड़गांव से दरभंगा तक पदयात्रा करेगी कांग्रेस: जाखड़


  • कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम `स्पीक अप इंडिया` के तहत गुरुवार को सोशल मीडिया पर लोगों से रू-ब-रू हुए पार्टी के पंजाब प्रधान
  • केंद्र सरकार से प्रवासी मजदूरों को मुफ्त रेल या फिर बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की सुनील जाखड़ ने

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 08:58 PM IST

चंडीगढ़ (रोहित वाट्स). लॉकडाउन खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्टी हरियाणा के गुड़गांव से बिहार के दरभंगा तक पदयात्रा करेगी। यह ऐलान गुरुवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने किया है। सोशल मीडिया पर लाइव हो जाखड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका राजधर्म याद दिलाने की कोशिश की है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से समस्त प्रवासी मजदूरों को मुफ्त रेल या फिर बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाकर उन्हें उनके घर तक पहुंचाए।

गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम `स्पीक अप इंडिया` के तहत लोगों के समक्ष सोशल मीडिया पर लाइव होते हुए जाखड़ ने कहा कि देश के सबसे सम्मानीय पद पर बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब लोगों को भूल चुके हैं। 
हरियाणा के गुड़गांव से बिहार के दरभंगा तक साइकल पर अपने पिता को लेकर जाने वाली नन्ही बच्ची का उदाहरण देकर प्रवासी मजदूरों का दर्द बयां करते हुए जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उक्त बच्ची जैसे लाखों पीड़ित प्रवासियों की मदद करने के लिए सरकार की नालायकी को दिखाने के लिए आने वाले सामान्य दिनों में इसी ट्रैक पर पदयात्रा करेगी। 
उन्होंने कहा कि पूरे भारत में कांग्रेस परिवार प्रवासी मजदूरों की मदद को हर हाल में जारी रखेगी। जाखड़ ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को जिस तरह से केंद्र सरकार ने परेशान किया है, ऐसा जुर्म कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि जिस बच्ची ने अपने पिता को गुरुग्राम से दरभंगा तक पहुंचाया था। उस घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है।



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55 नए केस आए, गुड़गांव में कोरोना से तीसरी मौत; राज्य में अब तक 19 की जान गई


  • गुरुवार को गुड़गांव में 30, फरीदाबाद में 13, करनाल में 5, कैथल में 4, फतेहाबाद में 2, कुरुक्षेत्र में एक मरीज मिला
  • 14 मरीज अस्पतालों से किए गए डिस्चार्ज, अब तक कुल 838 मरीजों को मिल चुकी छुट्टी

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 06:25 PM IST

पानीपत. हरियाणा में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 1400 पार करते हुए 1440 पहुंच गया है। गुरुवार को 55 नए मरीज आए। वहीं गुड़गांव में कोरोना से तीसरी मौत हो गई। अब प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। गुरुवार को गुड़गांव में 30, फरीदाबाद में 13, करनाल में 5, कैथल में 4, फतेहाबाद में 2, कुरुक्षेत्र में 1 मरीज मिला। अभी तक 838 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है। गुरुवार को 14 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। 

तीन दिन से मरीजों की संख्या बढ़ी तो रिकवरी रेट गिरी
हरियाणा में इस समय 578 एक्टिव मरीज प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। सबसे ज्यादा 171 एक्टिव मरीज गुड़गांव में मौजूद हैं। अभी तक 1 लाख 6389 के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें से 1 लाख 900 निगेटिव पाए गए हैं जबकि 1440 पॉजिटिव मिले हैं। अभी 4 हजार 58 सैंपल का इंतजार है। पिछले तीन दिन में लगातार बड़ी संख्या में मरीजों के आने से हरियाणा में रिकवरी रेट गिर गया है। अब रिकवरी रेट 59.17 फीसदी पर आ गया है। वहीं मरीजों के डबल होने का रेट 19 दिन से 17 दिन आ गया है। 

करनाल में 5 मरीज मिले एक 10 साल की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव
करनाल में गुरुवार को 5 मरीज पॉजिटिव मिले। इनमें से एक ओल्ड चार चमन, एक मीरा घाटी, एक मरीज शांति नगर, एक कुंजपुरा गांव व एक पखाना गांव में मिला है। अधिकतर की ट्रैवल हिस्ट्री दिल्ली है। इनमें एक 10 साल की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।

हरियाणा में अब तक 19 मरीजों की मौत

हरियाणा में अब तक सबसे ज्यादा 7 मरीजों की मौत फरीदाबाद में, 3 मरीजों की मौत गुड़गांव में, 3 की मौत पानीपत में,  2 की अम्बाला में, 1 की सोनीपत में, 1 की जींद में, 1 की करनाल में और 1 मौत रोहतक में हो चुकी है। 

हरियाणा में मरीजों का आंकड़ा 1440 पहुंचा

  • अमेरिका से लौटे 21 कोरोना पॉजिटिव के साथ-साथ गुड़गांव में 367, फरीदाबाद में 275, सोनीपत में 174, झज्जर में 97, नूंह में 66, अंबाला में 47, पलवल में 51, पानीपत में 59, पंचकूला में 25, जींद में 27, करनाल में 42, रोहतक में 19, महेंद्रगढ़ में 36 रेवाड़ी में 18, सिरसा में 11, फतेहाबाद में 11, यमुनानगर में 8, हिसार में 22, कुरुक्षेत्र में 22, भिवानी में 11, कैथल में 10, चरखी-दादरी में 7 संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।
  • हरियाणा में अब कुल 838 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें गुरुग्राम में 193, फरीदाबाद में 120, सोनीपत में 124, नूंह में 65, झज्जर में 90, अंबाला में 40, पलवल 39, पानीपत में 33, पंचकूला में 25, जींद में 18, करनाल में 16, यमुनानगर में 8, सिरसा में 9, रोहतक में 11, महेंद्रगढ़ में 6, भिवानी में 6,  हिसार में 3, कैथल में 4, फतेहाबाद में 6, कुरुक्षेत्र में 2, चरखी दादरी में 1, रेवाड़ी में 4 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं।
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मौसम विभाग ने कहा- 1 जून को केरल पहुंचेगा मानसून, इसके पहले 5 जून को पहुंचने का अनुमान था


  • भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए मानसून बेहद जरूरी
  • यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि आधारित है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 06:15 PM IST

नई दिल्ली. मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि वर्तमान परिस्थितियां मानसून के आगमन को लेकर बेहद अनुकूल बन पड़ी हैं। इसके मुताबिक, इस बार मानसून 1 जून को दक्षिण के केरल में पहुंच जाएगा। हालांकि, इसके पहले मौसम विभाग ने मानसून के केरल पहुंचने को लेकर 5 जून का अनुमान जताया था।

नए घटनाक्रम के चलते अब यह 4 दिन पहले ही केरल पहुंच जाएगा। बता दें कि आधे से ज्यादा भारत में कृषि भूमि सिंचाई के लिए जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश पर ही निर्भर होती है। चावल, मक्का, गन्ना, कपास और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए बारिश बेहद जरूरी होती है। 

पिछले महीने विभाग ने कहा था कि मानसून औसत रहेगा

मौसम विभाग ने पिछले महीने कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। बता दें भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए मानसून बेहद जरूरी है। अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि आधारित है। कोरोना महामारी के चलते देशभर में लॉकडाउन लागू है। इस वजह से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शुमार भारतीय अर्थव्यवस्था इन दिनों मुश्किलों का सामना कर रही है।

सामान्य मानसून से आशय 100% होता है

विभाग के मुताबिक, 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्रतट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है।

दो चरणों में जारी होता है अनुमान
हर साल मौसम विभाग दीर्घावधि अनुमान दो चरणों में जारी करता है। पहला अनुमान अप्रैल तो दूसरा अनुमान जून में जारी किया जाता है। इसके लिए स्टेटिसटिकल एनसेंबल फोरकास्टिंग सिस्टम और ओशन एटमॉस्फिरिक मॉडलों की मदद ली जाती है। 1961 से 2010 के दौरान देशभर में हर साल औसतन 88 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

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कार बम से जंग-ए-बदर के दिन हमला करने की तैयारी थी, आतंकी कल रात कार लेकर निकला, पुलिस ने फायरिंग की तो गाड़ी छोड़कर भागा


  • कार में 40-50 किलो विस्फोटक नीले रंग के ड्रम में रखा था, बम स्क्वॉड ने विस्फोट किया तो 50 मीटर ऊपर तक मलबा उड़ा
  • इत्तेफाक ये है कि पुलवामा में पिछले साल हमला करने वाला भी आदिल था और इस गाड़ी को चलाने वाले का नाम भी आदिल है

जफर इकबाल

May 28, 2020, 05:53 PM IST

श्रीनगर. सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर पुलवामा जैसे एक हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। आतंकी एक कार में आईईडी लगाकर हमला करने की फिराक में थे। इसे सुरक्षा बलों ने इंटरसेप्ट किया और बाद में बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने कार को खाली जगह पर ले जाकर डिफ्यूज कर दिया। इस केस की जांच अब एनआईए करेगा।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ईद से लगभग 10 दिन पहले जंग-ए-बदर के दिन आतंकवादी हमले की साजिश रच रहे थे। सुरक्षा बलों के पास उस दिन किसी बड़े आतंकी हमले का इनपुट था। सुरक्षा बल अलर्ट थे, इसलिए आतंकी उस दिन हमला नहीं कर सके। सर्च ऑपरेशन भी जारी था।

आईजी कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक, पुलिस ने सूचना मिलने पर एक नाका लगाया। कल बुधवार रात को आतंकी जब ये गाड़ी लेकर निकला तो उसे पुलिस ने नाके पर रोका। आतंकी ने गाड़ी नहीं रोकी तो पुलिस ने फायरिंग की, लेकिन आतंकी गाड़ी लेकर भाग गया। फिर एक दूसरे नाके पर इस गाड़ी को रोका गया। आतंकी दोबारा नहीं रुका तो पुलिस ने फायरिंग की। इस बार आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी को छोड़कर भाग गया।

पुलिस ने दूर से ही कार को देखा और संदिग्ध नजर आने पर इलाके की घेराबंदी कर बम स्क्वॉड को बुला लिया। सुबह जब बम स्क्वॉड पहुंचा तो उन्हें कार के अंदर विस्फोटक मिले। नीले रंग के एक ड्रम में विस्फोटक रखे थे।

बम स्क्वॉड ने विस्फोटक को कार समेत एक खाली जगह पर ले जाकर कंट्रोल्ड ब्लास्ट कर उड़ा दिया।

हिजबुल का आंतकी गाड़ी चला रहा था
सफेद रंग की इस सैंट्रो कार का रजिस्ट्रेशन टू व्हीलर का था और मालिक जम्मू के कठुआ का रहने वाला है। जो आतंकी इस गाड़ी को चला रहा था, उसका नाम आदिल है। वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ है। इत्तेफाक की बात ये है कि जिस आतंकी ने पुलवामा में गाड़ी में विस्फोटक भरकर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था, उसका नाम भी आदिल था।  

बुधवार की इस घटना में भी 2019 में पुलवामा में हुए हमले की तर्ज पर विस्फोट को अंजाम देने की साजिश थी। उस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। हमले में विस्फोटक से भरी गाड़ी को जैश का आतंकी आदिल डार चला रहा था।

साजिश में जैश के कमांडर का हाथ
डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक आईईडी बनाने और उसे सैंट्रो कार में प्लांट करने के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादी और जैश के कमांडर वलीद का हाथ हो सकता है। खबर है कि आतंकी वलीद कुलगाम में छिपा हुआ है।

इस बार भी सुरक्षा बलों का काफिला निशाने पर था
डीजीपी के मुताबिक कार पर टू व्हीलर का नंबर इसलिए इस्तेमाल किया गया ताकि सुरक्षा बलों को चकमा दिया जा सके। कार हाईवे की ओर जा रही थी और इस कार के जरिए आतंकी सुरक्षा बलों के कॉन्वॉय या फिर डिफेंस इंस्टॉलेशन पर हमला करने वाला था।

कार में करीब 50 किलो विस्फोटक था
जांच के मुताबिक नाईट्रिक सॉल्ट, अमोनियम नाइट्रैट और नाइट्रो ग्लीसरीन का इस्तेमाल विस्फोटक बनाने के लिए किया गया था। पहले अनुमान लगाया गया था कि कार में 20 से 25 किलो विस्फोटक था, लेकिन जब कार में विस्फोट हुआ तो उसका मलबा उड़कर 50 मीटर ऊपर तक गया। बम डिफ्यूज करने वाले एक्सपर्ट के मुताबिक कार में कम से कम 40 से 50 किलो विस्फोटक रखा था।

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नारकोटिक सैल को दूसरे दिन मिली बड़ी सफलता, 8 किलो हेरोइन और 30 ग्राम अफीम बरामद


  • मंगलवार को 2 किलो 20 ग्राम हेरोइन और 280 ग्राम अफीम बरामद की गई थी
  • नशे की खेप मंगवाने वाले तस्कर को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार, पहले भी हैं बॉर्डर क्रॉसिंग और लूटपाट के मामले दर्ज

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 05:43 PM IST

तरनतारन. तरनतारन नार्कोटिक सैल को गुरुवार को दूसरे दिन बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को जहां 2 किलो हेरोइन और 280 ग्राम अफीम बरामद हुई थी, वहीं आज 8 किलो हेरोइन तो 30 ग्राम अफीम बरामद की गई है। पुलिस ने पाकिस्तान से नशे की खेप मंगवाने वाले नशा तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले भी बॉर्डर क्रॉस करने और लूटपाट के मामले दर्ज हैं।
एसएसपी ध्रुव दहिया ने बताया कि नार्कोटिक सैल ने मंगलवार को 2 किलो 20 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्र खेमकरण के पिलर नंबर 116 के पास पाकिस्तानी तस्करों द्वारा भारत की ओर खेतों में दबवाई हुई प्लास्टिक की 5 बोतलों में 8 किलो 30 ग्राम हेरोइन और 30 ग्राम अफीम बरामद हुई है। इस केस की इन्वेस्टिगेशन कर पाकिस्तान में नशा तस्करों से संपर्क कर हेरोइन की खेप मंगवाने वाले नशा तस्कर गुरलाल सिंह निवासी गांव रत्तागुढ़ा को भी गिरफ्तार किया है। दोनों दिन में बरामद 10 किलो हेरोइन की खेप उसी ने मंगवाई थी। एसएसपी ग्रुप दहिया ने बताया कि पकड़े गे नशा तस्कर गुरलाल सिंह के खिलाफ थाना खेमकरण में 18 जून 2015 में  बॉर्डर क्रॉस करने की कोशिश के दौरान बीएसएफ पर फायरिंग करने के आरोप में केस दर्ज है। दूसरा केस 10 अक्टूबर 2019 को गैस सिलेंडर कटर की मदद से एटीएम लूटने के आरोप में थाना झब्बाल में दर्ज हुआ था। दोनों केसों में पकड़ा गया आरोपी जमानत पर था। अब फिर अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।

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प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा- कोरोना की वैक्सीन बनाने में देश के 30 ग्रुप काम कर रहे, यह बहुत ही जोखिम भरा काम


  • नीति आयोग ने के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने कहा- कोरोनावायरस से जंग वैक्सीन और दवाओं से ही जीती जा सकेगी
  • उन्होंने कहा कि हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही सक्षम है और हमें इन पर भरोसा है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 05:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस पर गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्, इंडियन मेडिकल काउंसिल फॉर रिसर्च (आईसीएमआर) और भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने भी हिस्सा लिया। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने बताया कि कोरोना के खिलाफ हम जंग वैक्सीन और दवाओं से जीतेंगे। हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही मजबूत हैं।

उधर, प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार और प्रोफेसर के. विजय राघवन ने बताया कि हमारे यहां चार तरह से वैक्सीन तैयार हो रही हैं। इनमें एमआरए वैक्सीन: वायरस का जेनेटिक मैटेरियल लेकर इसे तैयार किया जाता है। स्टैंडर्ड वैक्सीन: वायरस का एक कमजोर वर्जन लिया जाता है, यह फैलता है, लेकिन इससे बीमारी नहीं होती। तीसरा: किसी और वैक्सीन में इस वायरस का प्रोटीन डालकर भी वैक्सीन तैयार किया जाता है। इसके साथ ही एक वायरस के स्ट्रीक से भी वैक्सीन तैयार करने की कोशिश हो रही है।

विजय राघवन ने बताया, हमारी वैक्सीन कंपनियां इसके लिए शोध और विकास कार्य में भी लगी हैं। कई स्टार्टअप कंपनियां भी यह काम कर रही हैं। देश में 30 ग्रुप ऐसे हैं, जो वैक्सीन बनाने के लिए आगे आए हैं। यह एक जोखिम भरी प्रक्रिया है। हम इसके लिए वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रयास का हिस्सा हैं।

‘पूरी तरह देख रही है कि हम कैसे काम कर रहे हैं’ 
नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने बताया कि कोरोना के खिलाफ हम जंग वैक्सीन और दवाओं से जीतेंगे। हमारे देश के विज्ञान और तकनीकी संस्थान और फार्मा इंडस्ट्री बहुत ही मजबूत हैं। भारत की फार्मा इंडस्ट्री को फार्मा ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है। हमारे देश में बनी दवाएं और वैक्सीन पूरी दुनिया में जाती हैं। पूरी दुनिया यह देख रही है कि किस तरह हम पुरानी दवाओं का इस्तेमाल कर महामारी से बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही हम दवाओं के लिए शोध में भी जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले संबोधन में वैज्ञानिकों और युवाओं से कहा था कि वे दवा और वैक्सीन खोजें। यह देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए होगा।

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा में दिखे कोरोना के लक्षण, गुड़गांव में करवाया गया भर्ती


  • अभी तक कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में हैं भर्ती
  • खुद भी सर्जन रह चुके हैं संबित पात्रा, बतौर डॉक्टर अस्पताल में सेवाएं भी दे चुके हैं

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 04:20 PM IST

गुड़गांव. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। उन्हें गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि अभी तक उनकी रिपोर्ट पॉजटिव नहीं आई है। बता दें कि आम से लेकर खास आदमी तक कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। 

संबित पात्रा बीजेपी  के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ ही साथ मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। वे एमबीबीएस के साथ-साथ मास्टर अॉफ सर्जरी (एमएस) भी हैं। 2003 में उन्होंने यूपीएससी की कंबाइंड मेडिकल सर्विस परीक्षा उतीर्ण की थी और हिंदू राव अस्पताल, दिल्ली में बतौर मेडिकल अॉफिसर ज्वाइन किया था। इसके बाद वे भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। संबित पात्रा  मूलतः ओडिशा के रहने वाले है। उन्होंने 2019 में पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन बीजू जनता दल के उम्मीदवार पिनाकी मिश्र से हार गए थे।

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पंजाब में कोरोना से 47वीं मौत, अमृतसर में भर्ती महिला ने तोड़ा दम


  • अमृतसर में आज हुई कोरोना पॉजिटिव महिला की जिले में 7वीं तो राज्य में 47वीं मौत है, जिले में अब तक संक्रमित मिले कुल मरीजों की संख्या 355 हुई

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 04:11 PM IST

अमृतसर. पंजाब में कोरोना का खौफ कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। पिछले कई दिन से कम केसों के आने की राहत के बाद बुधवार को एक बार फिर संक्रमण विस्फोटक स्थिति पर पहुंच गया, वहीं गुरुवार को राज्य में एक और मौत हो गई। अमृतसर में आज हुई कोरोना पॉजिटिव महिला की जिले में 7वीं तो राज्य में 47वीं मौत है। इसी के साथ अमृतसर में अब तक संक्रमित मिले कुल मरीजों की संख्या 355 हो गई है।

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कोरोना के खौफ के बीच कई वर्ग सरकार से नाराज, लुधियाना में स्कूल बस ड्राइवर्स ने अर्द्धनग्न हो विरोधी नारे लगाए


  • बुधवार के 36 नए मामलों को मिलाकर राज्य में अब तक 2261 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी, 1997 ठीक हुए
  • तरनतारन में राशन वितरण में पक्षपात का आरोप, पटियाला में पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर यूनियन अब संघर्ष के रास्ते पर

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 04:03 PM IST

पंजाब. पंजाब में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर विस्फोटक रूप लेने लग गया। बीते कई दिन से जहां 10-11 लोगों को संक्रमण की पुष्टि हो रही थी, वहीं बुधवार को फिर से 36 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें सबसे ज्यादा 17 अमृतसर के ही थे। अब राज्य में 2261 लोगों को कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। 1997 ठीक भी हो गए हैं, वहीं राज्यभर में 46 की जान भी चली गई।
दूसरी ओर इन हालात से निपटने के लिए राज्य में देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा फेज भी खत्म होने को है। आज 11वां दिन है, जिसकी पाबंदियों के बीच विभिन्न वर्गों में सरकार के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। चाहे वह राशन वितरण की हो या दूसरी किसी वर्ग की संस्थागत समस्या।

लुधियाना में डीसी ऑफिस के सामने प्रदर्शन करते ट्रांसपोर्टर्स, स्कूल बस ड्राइवर्स और कंडक्टर्स।

लुधियाना में गुरुवार को बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर्स, स्कूल बस ड्राइवर्स और कंडक्टर्स ने डीसी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। अर्द्धनग्न हो सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे इन लोगों ने कहा कि उनके घर का गुजारा नहीं चलता। मांगकर रोटी खाना अच्छा नहीं लगता और ऐसे में आत्महत्या ही एक रास्ता बचा है।
स्कूल बसों के चालकों और कंडक्टरों की मानें तो दो महीने से भी ज्यादा वक्त हो चला, उनका काम बंद है। न तो स्कूलों के मालिकों ने और न ही स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उनकी सुध ली। बसें खड़ी हैं, लेकिन फिर भी उन्हें रोड टैक्स भरना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि सरकार रोड टैक्स माफ करे।

अमृतसर में रिहायशी इलाके में विदेश से लाए गए लोगों को क्वारैंटाइन किए जाने के विरोध में नारे लगाते क्षेत्रवासी।

अमृतसर के वार्ड-40 में एक होटल में विदेश से आए 9 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। क्षेत्रवासियों ने शिरोमणि अकाली दल दक्षिणी हलके के प्रवासी विंग के प्रधान मोहन कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। इनका कहना है कि होटल घनी आबादी में है, जबकि शहर के बाहर विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट्स, और पैलेस बने हैं। जिला प्रशासन को बाहर से आए हुए लोगों को वहां पर क्वारैंटाइन करना चाहिए।

गुरदासपुर में विद्यार्थियों के हितों, खासकर लॉकडाउन में फीस के मुद्दे पर रोष प्रदर्शन करती पीएसयू की इकाई।

गुरदासपुर में विद्यार्थियों की मांगों को लेकर पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन का एक शिष्टमंडल डीसी गुरदासपुर से मिला और मुख्यमंत्री पंजाब के नाम पर मांग पत्र सौंपा। यूनियन के नेता मनी भट्टी ने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर एक जुलाई से परीक्षा लेने की तैयारी कर रही हैं। परीक्षाओं की तैयारी के लिए कम से कम एक महीने का समय कक्षाएं लगाने के लिए दिया जाए। मौजूदा सिलेबस का हिस्सा छोटा किया जाना चाहिए। प्राइवेट कॉलेजों द्वारा ली जा चुकी पूरे साल की फीस में से अगले स्मेस्टर की फीस एडजस्ट की जाए। प्राइवेट स्कूलों द्वारा मांगी जा रही पूरी फीस पंजाब सरकार सरकारी खजाने में से दे।

तरनतारन में राशन वितरण के मसले को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य।

तरनतारन में घर से निकलने की पाबंदी के बीच लोगों को राशन वितरण प्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। आम आदमी पार्टी बुद्धिजीवी विंग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कश्मीर सिंह सोहल और कुछ अन्य लोगों ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा गरीब वर्ग के लिए भेजे गए राशन को सही तरीके से बांटने में कैप्टन सरकार नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की करीब 50 फीसदी आबादी लिए 15 किलो गेहूं और तीन किलो दाल भेजी गई थी, लेकिन यह राशन ईमानदारी से नहीं बांटा जा रहा। हर सदस्य को पांच किलो गेहूं व एक किलो दाल दी जा रही है। दो किलो दाल व दस किलो गेहूं चहेतों के घर पहुंचाया जा रहा है।

पठानकोट में सरकार के खिलाफ रोष जाहिर करते पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर यूनियन के सदस्य। इन लोगों ने गुरुवार पटियाला में धरने का ऐलान कर रखा है।

पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर यूनियन अब संघर्ष के रास्ते पर उतर आई है। नोटिस के मुताबिक डिप्टी डायरेक्टर जल सप्लाई सैनिटेशन विभाग मुख्य दफ्तर पटियाला के खिलाफ रोष धरना 28 मई को दिए जाने का आह्वान किया गया था। पंजाब प्रधान दर्शन सिंह, महासचिव मक्खन सिंह, चेयरमैन मनजीत सैनी, जसवीर खोखर, गुरविंदर सिंह, बलवीर सिंह, गुरदीप सिंह बराड़, रजिंदर धीमान, मेघराज आदि ने बताया कि विभाग में लंबे समय से मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी नहीं दी जा रही। कर्मचारियों के मेडिकल बिल, वर्दियां, जीपीएफ और नई पेंशन स्कीम तो पुरानी पेंशन स्कीम में आए कर्मचारियों को सीपीएफ का एरियर अभी तक नहीं दिया जा रहा।

कारोबार को पटरी पर लाने के लिए बैंकों ने कसी कमर, 3.13 प्रतिशत बढ़ाया लोन का टारगेट
बठिंडा जिले में कारोबार को पटरी पर लाने के लिए भरपूर मात्रा में पैसे की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में बैंकों की रणनीति खासी कारगर साबित हो चुकी है। लीड बैंक के सूत्रों के मुताबिक जिले के बैंकों ने लोन टारगेट को पिछले साल की बजाय 3.13 प्रतिशत बढ़ाया है। इसके तहत बीते वर्ष के 11,065 करोड़ रुपए के लोन के मुकाबले इस बार 12,171 करोड़ रुपए कर लिया जाएगा, ऐसी उम्मीद है। हालांकि पिछले दो महीन के लॉकडाउन के कारण बैंकों का लोन देने का काम थोड़ा प्रभावित हुआ है, मगर इसे जल्द पूरा कर लेने की तैयारी की जा रही है।

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आज 131 नए पॉजिटिव मिले, 6 की मौत; कोरोना संक्रमण राज्य के सभी 33 जिलों तक पहुंचा


  • कोरोना से अब तक अछूते रहे बूंदी में 23 मई काे मुंबई से लाैटी 22 साल की महिला संक्रमित मिली
  • राजस्थान में कोरोना से अब तक 179 लोगों की मौत हो चुकी है, जयपुर में सबसे ज्यादा 88 की जान गई

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 03:12 PM IST

जयपुर. कोरोना अब राजस्थान के सभी 33 जिलों तक पहुंच गया। आखिरी बचे बूंदी जिले में भी बुधवार रात को पहली संक्रमित मरीज मिली। युवती 23 मई काे मुंबई से लाैटी है। वहीं, गुरुवार को राज्य में 131 नए पॉजिटिव केस मिले। इनमें झालावाड़ में 69, पाली में 13, भरतपुर में 12, कोटा में 8, झुंझुनू और कोटा में 7-7, चूरू और नागौर में 5-5, दौसा में 4 और अजमेर में 1 संक्रमित मिला। इसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 7947 पहुंच गया है।

उधर, संक्रमण से राज्य में 6 लोगों की मौत भी हो गई। इनमें अजमेर, बांसवाड़ा, दौसा, करौली, नागौर में एक-एक मरीज की जान गई। वहीं, दूसरे राज्य से आए एक व्यक्ति की जान भी इलाज के दौरान गई। इसके बाद राज्य में संक्रमण से मौतों का कुल आंकड़ा 179 पर पहुंच गया।

कोरोना अपडेट्स 

  • कोटा: सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग के कोविड वार्ड में भर्ती एक कोरोना संक्रमित महिला की स्थिति से डॉक्टर भी हैरान हैं। यह महिला लगातार 4 रिपोर्ट में पॉजिटिव आ चुकी है, जबकि उसे कोरोना से जुड़ा कोई लक्षण नहीं है। अब उसे यूरीन से जुड़ी एक नई समस्या सामने आ रही हैं, जिसका कोविड से जुड़ी किसी भी गाइडलाइन या रिसर्च में उल्लेख नहीं है। मेडिसिन विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी शारदा ने बताया कि 35 साल की महिला की पहली रिपोर्ट 10 मई को पॉजिटिव मिली थी। उसने रैंडम सैंपलिंग के लिए टीम को सैंपल दिया था। हालांकि, उसे तब भी कोई लक्षण नहीं था, सिर्फ एक दिन पहले हल्का सिरदर्द जरूर हुआ था। इसके बाद 14, 18 और 22 मई को तीन बार उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव रही।
  • जोधपुर: जोधपुर रेलवे स्टेशन से लगातार प्रवासी अपने-अपने राज्य में पहुंच रहे हैं। इस बीच, बुधवार को रेलवे स्टेशन पर भोजन पैकेट को लेकर लूटमार मच गई। 

यह तस्वीर बुधवार की है। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर खाने के पैकेट को लेकर लूटमार मच गई।
  • जयपुर: शहर में 28 अप्रैल से सुपर स्प्रेडर्स (जरूरी सामग्री घर तक पहुंचाने वाले लोग) की सैंपलिंग जारी है। अलग-अलग 240 क्षेत्रों से 10 हजार 106 सैंपल लिए गए। इनमें 91 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन सबके संपर्क में आए 1220 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया था। इनमें भी 348 लोग पॉजिटिव पाए गए। गनीमत यह रही कि यह सभी लोग पहले ही क्वारैंटाइन कर दिए गए थे।
  • सीकर: सीकर जिले में कोरोना मरीज बढ़ने के साथ ही सैंपल की रफ्तार भी बढ़ गई है। अब तक 10 हजार 135 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें 9 हजार 221 सैंपल सीकर जिले और अन्य सैंपल उन जिलों में लिए गए हैं, जहां सीकर के पॉजिटिव मिले। सैंपल लेने के मामले में सीकर 22 दिन में ही 19वें स्थान से 8वें स्थान पर आ गया है। 22 दिन में सीकर में 8512 सैंपल लिए गए हैं। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने ढाई माह महज 1623 सैंपल लिए थे। 
  • झुंझुनू: झुंझुनू के बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. शुभकरण कालेर ने बताया कि 23 मई को मुंबई से लौटे 47 वर्षीय पॉजिटिव की बुधवार को मौत हो गई। इस संक्रमित को बचपन से ही मिर्गी के दौरे पड़ते थे। बुधवार को अस्पताल में उसे अचानक मिर्गी का दौरा पड़ा। इलाज के दौरान ही 12.30 बजे उसकी मौत हो गई।

जयपुर के पार्कों में अब रौनक लौटने लगी है। गुरुवार सुबह लोग टहलते और वॉक करते दिखे।

प्रदेश के सभी 33 जिलों तक पहुंचा संक्रमण

  • प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1911 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 1358 (इनमें 47 ईरान से आए), उदयपुर में 523, कोटा में 422, डूंगरपुर में 332, नागौर में 421, पाली में 394, अजमेर में 311, झालावाड़ में 204, चित्तौड़गढ़ में 175, भरतपुर में 165, सीकर में 164, टोंक में 163, जालौर में 154, सिरोही में 141, राजसमंद में 135, भीलवाड़ा में 134, झुंझुनूं में 109, बीकानेर में 94, बाड़मेर में 92, चूरू में 90, बांसवाड़ा में 85, जैसलमेर में 82 (इनमें 14 ईरान से आए) मरीज मिले हैं।

  • उधर, दौसा में 50, अलवर में 51, धौलपुर में 45, सवाई माधोपुर में 19, हनुमानगढ़ में 21, प्रतापगढ़ में 13, करौली में 12 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। बारां में 8 संक्रमित मिले हैं। श्रीगंगानगर में 5, बूंदी में 1 पॉजिटिव मिला। जोधपुर में बीएसएफ के 50 जवान भी पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं दूसरे राज्यों से आए 13 लोग पॉजिटिव मिले।
  • राजस्थान में कोरोना से अब तक 179 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 88 (जिसमें चार यूपी से) की मौत हुई। इसके अलावा, जोधपुर में 17, कोटा में 16, नागौर और अजमेर में 7-7, पाली में 6, भरतपुर में 5, चित्तौड़गढ़ और सीकर में 4-4, करौली और बीकानेर में 3-3, बांसवाड़ा, जालौर, अलवर और भीलवाड़ा 2-2, दौसा, राजसमंद, उदयपुर, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे राज्य से आए चार व्यक्ति की भी मौत हुई है।
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दो दिन पहले तक उत्तराखंड के 71 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में थे, पिछले साल इस वक्त तक यह आंकड़ा डेढ़ हजार हेक्टेयर था


  • आग के चलते दो महिलाओं की मौत भी हो चुकी है, हालांकि पिछले साल के मुकाबले आग का आंकड़ा अब तक काफी कम है
  • क्यों लगती है जंगल में आग और इससे बचने के लिए कोट मल्ला नाम के गांव के जगत सिंह ‘जंगली’ ने तैयार किया खास मॉडल

राहुल कोटियाल

May 28, 2020, 02:26 PM IST

नई दिल्ली. उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की कई तस्वीरें और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमें से कुछ तस्वीरें तो हाल के दिनों की ही हैं। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो और तस्वीरें शेयर की जा रही हैं जो या तो पुरानी हैं या जिनका उत्तराखंड से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई अधिकारियों ने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
उत्तराखंड के जंगलों में लगी की खबरें पूरी तरह झूठी भी नहीं हैं। 25 मई तक राज्य के 71 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं और इसमें दो महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, ‘बीते सालों की तुलना में जंगलों में लगी आग का आंकड़ा अब तक काफी कम है। पिछले साल इस वक्त तक लगभग डेढ़ हजार हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके थे। इस साल यह आंकड़ा सिर्फ 71 हेक्टेयर है।’

जंगल में आग को लेकर फेक न्यूज भी फैलती है

उत्तराखंड में हर साल जंगलों में लगने वाली आग में इस साल आई कमी के बारे में पूछने पर वन विभाग के विशेषज्ञ तीन मुख्य कारण बताते हैं। पहला, इस साल हुई भारी वर्षा के चलते जंगलों में नमी ज़्यादा है। अब तक भी पहाड़ के कई इलाकों में बरसात जारी है जो जंगल की आग को नियंत्रित करने का सबसे बड़ा कारण है।

लॉकडाउन के कारण भी आग लगने की घटनाएं कम
दूसरा कारण जो विशेषज्ञ बताते हैं वो है देशभर में हुए लॉकडाउन के चलते मानव गतिविधियों का बेहद सीमित होना। चूंकि, जंगलों में लगने वाली आग के पीछे अधिकतर मानव गतिविधियों का प्रत्यक्ष या परोक्ष हाथ होता है, लिहाजा इस साल लॉकडाउन के चलते जब मानव गतिविधियां सीमित रहीं तो इसका प्रभाव वनाग्नि में आई कमी के रूप में भी देखा गया।

तीसरा कारण बताते हुए वन विभाग के अधिकारी कहते हैं, ‘सतर्कता के चलते भी वनाग्नि की घटनाओं में कमी आई है। गर्मियों की शुरुआत से पहले ही विभाग आग से बचने की तैयारी शुरू कर देता है। साथ ही आग लगने पर विभाग की प्रतिक्रिया भी अब पहले की तुलना में काफी तेज हुई है।

आईएफएस एसोसिएशन का ट्वीटः

जंगलों में हर साल आग क्यों लगती है?

उत्तराखंड में क़रीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है। वन अधिकारियों के अनुसार इसमें से 15 से 20 प्रतिशत चीड़ के जंगलों वाला इलाका है। इन्हीं जंगलों में आग लगने की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं। चीड़ की पत्तियां इस आग में घी का काम करती हैं। यह पत्तियां जिन्हें पाईन नीडल भी कहा जाता है, मार्च से गिरना शुरू होती हैं और करीब 15 लाख मीट्रिक टन बायोमास बनकर पूरे जंगल में बिछ जाती है।

इसके दो नुकसान हैं। एक तो यह पत्तियां जहां भी गिरती हैं वहां कोई अन्य पेड़-पौधा नहीं उग पाता। दूसरा, इन पत्तियों में रेजिन होता है जिसके चलते ये बेहद ज्वलनशील होती हैं और हल्की चिंगारी मिलने पर भी भभक कर जलने लगती हैं। हवा के साथ यह आग अनियंत्रित फैलती और देखते ही देखते पूरे जंगल को चपेट में ले लेती है।

पौड़ी गढ़वाल जिले में बुधवार को भी आग लगी थी

आग लगने का यह सिलसिला कैसे शुरू होता है?

विशेषज्ञ मानते हैं जंगल में आग लगने की शुरुआत के पीछे दस में से सात बार किसी इंसान का ही हाथ होता है। जंगल में बारूद की तरह बिछी चीड़ की पत्तियों को पहली चिंगारी इंसान ही किसी न किसी कारण देते हैं। कई बार स्थानीय लोग जान-बूझ कर ऐसा करते हैं ताकि बरसात के बाद उन्हें अपने जानवरों के लिए नई घास मिल सके। कई बार जंगल में फेंकी गई बीड़ी-सिगरेट या खेतों में जलाई जाने वाली अतिरिक्त घास भी उस चिंगारी का काम कर जाती है जिससे पूरा जंगल जलने लगता है।

वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि कई बार यह आग बिजली की तारों से भी पैदा होती है। आंधी आने पर जब जंगलों से गुजरती बिजली की तार आपस में टकराती हैं तो उसने पैदा हुआ स्पार्क भी इस आग का कारण बन जाता है। 

पहले की तुलना में वनाग्नि की घटनाएं क्यों बढ़ी हैं?
उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला नया नहीं है। यहां सालों से ऐसा होता रहा है। लेकिन पहले की तुलना में आग ज्यादा विकराल होती इसलिए दिख रही हैं क्योंकि लोगों का जंगल से रिश्ता लगातार घट रहा है। वन अधिनियम लागू होने से पहले गांव के लोग जंगल पर सीधे निर्भर होते थे तो इसकी देखभाल भी वे अपनी जिम्मेदारी समझते थे। लेकिन नए कानून के बाद लोगों की हक-हकूक सीमित कर दिए गए, उनकी निर्भरता कम हुई तो यह जिम्मेदारी का सामूहिक एहसास भी घट गया।

उत्तराखंड में बढ़े पलायन को भी वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के पीछे एक कारण माना जाता है। पहले जब गांव आबाद थे तो गर्मियां शुरू होने से पहले लोग खुद ही सामूहिक रूप से जंगलों की सफाई किया करते थे ताकि उन्हें आग से बचाया जा सके। अब चूंकि पलायन के चलते गांव ही खाली हो गए हैं तो यह जंगल की सफाई करने वाला कोई नहीं है।

हर साल लगने वाली वनाग्नि को रोकने के लिए वन विभाग क्या कर रहा है?
उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि प्रदेश स्तर पर इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल फरवरी महीने में ‘वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ मनाया जाता है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी गांव-गांव में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से लोगों को वनाग्नि से बचने के बारे में बताते हैं।

हर साल प्री फायर प्लानिंग होती है
इसके अलावा हर साल गर्मी शुरू होने से पहले प्री-फायर प्लानिंग भी विभाग करता है जिसके तहत फायर लाइन सही की जाती हैं। फायर लाइन यानी जंगलों में ऐसे बफर इलाके बनाना जो आग के फैलते क्रम को तोड़ सकें। ऐसे में आग यदि लगती भी है तो फायर लाइन से आगे नहीं बढ़ पाती। अधिकारी बताते हैं कि वन विभाग हर साल महिला मंगल दल और वन पंचायतों के साथ मिलकर ये काम कर रहा है।

इससे बचने का स्थायी समाधान क्या है?
प्रदेश के रुद्रप्रयाग ज़िले में इस समस्या के समाधान का एक मॉडल तैयार हुआ है। यहां कोट मल्ला नाम का एक गांव है, जहां के रहने वाले जगत सिंह ‘जंगली’ ने वनाग्नि से छुटकारा पाने का कारगर समाधान निकाला है। जगत सिंह ने अपने गांव के पास मिश्रित वन तैयार किया है। इसमें हर तरह के पेड़ होने के चलते मिट्टी में नमी कहीं ज्यादा होती है और चीड़ का मोनोकल्चर को नुकसान करता है, उससे निजात मिल जाती है।

वन विभाग के अधिकारी कहते हैं, ‘मिट्टी में नमी की मात्रा को बढ़ाना एक स्थायी समाधान हो सकता है। ऐसा होने पर मिश्रित वन तैयार हो सकते हैं जहां कभी आग लगने की घटनाएं नहीं होती। इसके अलावा लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी भी बेहद जरूरी है। वन क्षेत्र इतना बड़ा है और विभाग के संसाधन इतने सीमित कि लोगों के सहयोग के बिना वनाग्नि पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है।’



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प्रवासियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सरकार ने कहा- अब तक 91 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया


  • इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लिया था
  • कोर्ट ने कहा- प्रवासियों के लिए सरकार के इंतजाम नाकाफी

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 02:14 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन के चलते प्रवासियों को हो रही दिक्कतों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अब तक 91 लाख प्रवासियों को शिफ्ट किया जा चुका है। 80 फीसदी प्रवासी उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 28 मई तक जवाब मांगा था
अदालत ने इस मामले में मंगलवार को स्वत: संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मजदूरों की हालत खराब है। उनके लिए सरकार ने जो इंतजाम किए हैं वे नाकाफी हैं। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

अदालत ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारों को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। प्रवासी मजदूरों की यात्रा, ठहरने की जगह और खाने की व्यवस्था मुफ्त होनी चाहिए। इस काम में एजेंसियों के बीच तालमेल होना चाहिए।

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कार में जब विस्फोट किया तो मलबा उड़कर 50 मीटर ऊपर तक गया, मकानों की खिड़कियां टूट गईं


दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 01:32 PM IST

श्रीनगर. सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर पुलवामा जैसे एक हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। यहां के राजपुरा रोड पर शादीपुरा के पास एक सफेद रंग की सेंट्रो कार मिली, जिसमें आईईडी बरामद किया। कार के अंदर ड्रम में एक्सप्लोसिव रखा था। कार का पता चलने के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास का इलाका खाली करा लिया। इसके बाद बम डिस्पोजल स्क्वाड ने कार को उड़ा दिया।

जांच के मुताबिक नाईट्रिक सॉल्ट, अमोनियम नाइट्रैट और नाइट्रो ग्लीसरीन का इस्तेमाल विस्फोटक बनाने के लिए किया गया था। पहले अनुमान लगाया गया था कि कार में 20 से 25 किलो विस्फोटक था, लेकिन जब कार में विस्फोट हुआ तो उसका मलबा उड़कर 50 मीटर ऊपर तक गया। बम डिफ्यूज करने वाले एक्सपर्ट के मुताबिक कार में कम से कम 40 से 50 किलो विस्फोटक रखा था। 

 यह तस्वीर सफेद रंग की उस सेंट्रो कार की है, जिसमें एक्सप्लोसिव ले जाया जा रहा था। इसकी नंबर प्लेट पर स्कूटर का नंबर लिखा था, जो कठुआ जिले में रजिस्टर्ड है।
सेंट्रो कार की पीछे की सीट वाली जगह पर नीले रंग के ड्रम रखे थे, जिसमें विस्फोटक था।

सुरक्षाबलों ने कार में विस्फोट किया तो आसपास के मकानों की खिड़कियां टूट गईं। 
यह उसी कार का मलबा है, जिसे सुरक्षाबलों ने विस्फोट कर उड़ा दिया।
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कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज 13 शहरों के अफसरों के साथ मीटिंग करेंगे, लॉकडाउन की स्ट्रैटजी पर बातचीत की उम्मीद


  • लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई को खत्म हो रहा है
  • देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1.58 लाख से ज्यादा

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 12:56 PM IST

नई दिल्ली. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज कोरोना प्रभावित 13 शहरों के डीएम और नगर निकाय आयुक्तों के साथ मीटिंग करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव और प्रमुख स्वास्थ्य सचिव भी हिस्सा लेंगे। बैठक में कोरोना के मौजूदा हालातों और लॉकडाउन पर आगे के प्लान पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मीटिंग में इन 13 शहरों के अफसर शामिल होंगे
मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, हैदराबाद, कोलकाता, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू, थिरुवल्लूर।

लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई तक
सरकार ने अभी तक ये नहीं बताया है कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं। कोरोना की स्थिति और राज्यों के फीडबैक के आधार पर सरकार लॉकडाउन पर फैसला लेगी।

देश में कोरोना के 1.58 लाख से ज्यादा केस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 1 लाख 58 हजार 333 संक्रमण के मामले आ चुके हैं। इनमें से 86 हजार 110 का इलाज चल रहा है। 67 हजार 692 ठीक हो चुके हैं और 4 हजार 531 की मौत हो चुकी है। देश में बीते चौबीस घंटे में 6 हजार 566 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 194 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

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जरूरतमंदों की सहायता के लिए जंगल में पैदल निकल पड़ती हैं तेलंगाना की ये विधायक, जहां भूख लगती है वहीं बैठ भोजन भी कर लेती हैं


  • मात्र 16 साल की उम्र में बंदूक उठाकर जो लड़की गरीबों और आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए चल पड़ी थीं
  • आज 48 साल की उम्र में विधायक के रूप में गरीबों और आदिवासियों की मदद में जुटी हैं, आज भी अंदाज वही है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 11:44 AM IST

हैदराबाद. सिर पर भारी सामान का बोझ लादे घने जंगल में चली जा रही यह महिला कोई मजदूर नहीं बल्कि तेलंगाना के मुलुगु निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। वैसे तो इनका नाम दानसरी अनुसूया है मगर इन्हें लोग सितक्का के नाम से ज्यादा जानते हैं। वह पिछले 60 दिनों से लगातार घने जंगलों में कभी पैदल, कभी मोटर साइकिल तो कभी बैलगाड़ी में चल रही हैं। उनका मकसद कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन से परेशान उन गरीब आदिवासियों की मदद करना है, जिनके पास अब खाने के लिए रोटी तक नहीं है।

कभी केवल 16 साल की उम्र में बंदूक उठाकर गरीबों और आदिवासियों की मदद करने के लिए निकल पड़ी लड़की आज 48 साल की हो चुकी हैं। फर्क बस इतना है कि आज विधायक के रूप में लोगों की मदद कर रही हैं। जंगल की यह बेटी आज भी लोगों की मदद के लिए कई किलोमीटर तक पैदल ही चल पड़ती हैं। सितक्का ने करीब 16 साल पहले आत्म समर्पण कर दिया था। 

सितक्का जनसेवा के इरादे से राजनीति में आईं

इसके बाद समाज की मुख्य धारा में आईं सितक्का ने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। फिर जनसेवा के इरादे से राजनीति में आ गईं। फिलहाल सितक्का तेलंगाना के मुलुगु निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। इन दिनों वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में घूम-घूमकर जरूरतमंद लोगों तक सीधे सहायता पहुंचा रही हैं।

माओवादी कमांडर से जननेता तक का सफर

एक जमाने में माओवादी कमांडर के रूप में बुलेट की राह पर चली सितक्का आज बैलेट की ताकत से लोगों के दिलों पर राज करती हैं। किसी भी गांव में राशन पहुंचाने के लिए खुद ही सामान लादकर मदद के लिए निकल पड़ती हैं। यदि भूख लग जाए तो वहीं बैठकर भोजन भी कर लेती हैं।

सितक्का इन दुर्गम आदिवासी इलाकों में आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक भी करती हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनकी खासी तारीफ भी हो रही है।

गो हंगर गो मिशन के जरिए कर रही हैं मदद

गो हंगर गो मिशन के जरिए लोगों की मदद करने के लिए सितक्का बीते करीब दो महीनों से सुबह-सुबह ही अपने समर्थकों के साथ निकल पड़ती हैं। उनके साथ होती हैं आवश्यक वस्तुएं। दाल-चावल, फल-सब्जियां आदि। कुछ दानदाताओं के द्वारा उपलब्ध सामग्री होती है तो कुछ सितक्का खुद जुटाती हैं। चूंकि, ज्यादातर जगह सीधी सड़क नहीं तो कभी गाड़ी तो कभी बैलगाड़ी तो कभी साइकिल, जो मिलता है सितक्का उससे चल पड़ती हैं। 

मुलुगु निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 700 गांव हैं। इनमें से 500 से ज्यादा गांवों में सितक्का वस्तुएं पहुंचा चुकी हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि जहां वे जाती हैं, लोग उनके लिए ढोल बजाने लगते हैं। सितक्का न सिर्फ लोगों को भोजन परोसती हैं बल्कि उन्हीं के साथ बैठकर भोजन करती भी हैं।

सिर्फ अपने निर्वाचन क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य आंध्र के पूर्वी और पश्चिम गोदावरी जिले के दुर्गम इलाकों में भी सितक्का बोट के द्वारा तो कहीं पैदल पहुंच जाती हैं। पूर्वी गोदावरी के चिंतूर में कुछ इलाके इतने दुर्गम हैं कि पांच पहाड़ियां पार करके वहां पहुंचना पड़ता है मगर सितक्का ने वहां जाकर भी मदद की है।

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10 लाख प्रवासियों को घर भेजा गया, नवी मुंबई में शुरू हुई मास स्क्रीनिंग, 14 हजार यात्रियों ने मुंबई एयरपोर्ट से किया सफर


  • महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं के विद्यार्थियों को भूगोल में औसत अंक दिए जाएंगे
  • पूरे राज्य में कुल 2,190 नए मामले सामने आए है, इसे मिलाकर कुल संक्रमित 56,948 हो गए हैं

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 10:53 AM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना के कारण पिछले 24 घंटे में 105 लोगों की जान गई है। इसे मिलाकर गुरुवार तक मृतकों का आंकड़ा 1,897 तक पहुंच गया। मरने वालों में सबसे ज्यादा 1097 मौतें सिर्फ मुंबई में हुईं हैं। मुंबई में कोरोना के 1,044 नए मामले सामने आए हैं। यहां कुल मरीजों की संख्या 33,835 हो गई है। वहीं पूरे राज्य में कुल 2,190 नए मामले सामने आए है। कुल संक्रमित 56,948 हो गए हैं। 24 घंटे के दौरान 964 लोगों को डिस्चार्ज भी किया गया है, इसे जोड़ लें तो राज्य में अब तक 17,918 लोग ठीक हो चुके हैं।

24 घंटे में कहां-कितनी हुई मौतें
बुधवार को मुंबई में सबसे अधिक 32 मौतें हुईं। ठाणे में 16, जलगांव में 10, पुणे में 9, नवी मुंबई व रायगड में 7-7, अकोला में 6, औरंगाबाद में 4, नासिक व सोलापुर में 3-3 और सातारा में 2 मौतें हुईं। अहमदनगर, नागपुर, नांदूरबार, पनवेल और वसई-विरार में 1-1 मरीज की जान गई। पिछले 24 घंटों में मरने वाले 105 मरीजों में 72 पुरुष और 33 महिलाएं थीं। इनमें से 60 मरीजों को पहले से अन्य रोग थे।

मुंबई से गुजरात की ओर जा रहा एक प्रवासी अपने साथ पानी की बोतल का पूरा बॉक्स लेकर निकला है। 

धारावी में 1639 मरीज हुए संक्रमित

बुधवार को मरने वालों में से 50 मरीजों की आयु 60 वर्ष से अधिक, 45 की 40 से 59 से वर्ष और 10 मरीजों की आयु 40 वर्ष से कम थी। मुंबई के सबसे बड़े स्लम इलाके धारावी में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 18 नए मामले आए। यहां मई में एक दिन ये सबसे कम नए मामले हैं। इस इलाके में संक्रमितों की संख्या 1,639 हो गई है।

तकरीबन 10 लाख प्रवासी लोगों को उनके घर भेजा गया 
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र से अब तक 696 श्रमिक विशेष ट्रेनों से 9.82 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाया गया। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी है। उत्तर प्रदेश के लिए 374 ट्रेनें भेजी गयीं, जबकि बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और ओडिशा के लिए क्रमश: 169, 33,30, छह और 13 ट्रेनों का परिचालन हुआ। राजस्थान, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के लिए क्रमश: 15, 33 और छह ट्रेनें भेजी गयी। देशमुख ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और पनवेल रेलवे स्टेशनों से क्रमश: 111, 112 और 42 ट्रेनों के जरिए श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा गया। 

मानसून से पहले बीएमसी ने सड़कों का काम शुरू कर दिया है। कई जगह सड़कों के गड्डे भरे जा रहे हैं।

नवी मुंबई के दो इलाकों में शुरू हुई मास स्क्रीनिंग

कोरोनासंक्रमण को रोकने के लिए नवी मुंबई महानगर पालिका ने कोपरखैरणे व तुर्भे इलाके के पूर्वघोषित कंटेनमेंट जोन में बड़े पैमाने पर स्पेशल मास स्क्रीनिंग शुरू की है। इन दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झोपडपट्टी हैं। इनके अलावा, विभिन्न सेक्टरों में बहुत सी चॉल भी मौजूद हैं। इन सब बस्तियों में बहुत घनी आबादी रहती है। इसके चलते पिछले कुछ दिनों में यहां कोरोना के नए मरीज भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं।

दसवीं के भूगोल विषय में मिलेंगे औसत अंक
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं के विद्यार्थियों को भूगोल में औसत अंक दिए जाएंगे। बुधवार को बोर्ड ने अंकों लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले लिया। राज्य में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भूगोल विषय की परीक्षा रद्द कर दी गई थी, फिर लॉकडाउन के चलते नहीं ली जा सकी।

कस्टम ग्राउंड से अपना सामान लेकर अपनी मां के साथ सीएसटीएम स्टेशन की ओर आ रहा एक बच्चा। यहां से ही ज्यादातर लोगों को उनके राज्यों के लिए भेजा जा रहा है।

प्रवासियों के बच्चों की परीक्षा अब उनके जिले में

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बताया गया है कि जिन प्रवासियों के बच्चों की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 1 से 15 जुलाई के बीच है और वे दूसरे जिले में शिफ्ट हो गए हैं, वे अब अपने जिले में ही परीक्षा दे सकेंगे। इसको लाकर सीबीएसई ने एक सर्कुलर जारी किया है। विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ते थे, वहां के संपर्क में रहें, स्कूल ही उन्हें उनके सेंटर की जानकारी देगा।

लिफ्ट में फंसकर महिला की हुई मौत
मुंबई के एमआरए पुलिस के अंतर्गत एक सफाईकर्मी महिला की लिफ्ट में फंसकर जान चली गई। घटना सेंट जॉर्ज अस्पताल की है। महिला का नाम गीता वाघेला है। पुलिस के अनुसार, बुधवार को सुबह साढ़े दस बजे गीता किसी काम से तल मंजिल से ऊपरी मंजिल की ओर जा रही थी। उसी दौरान अचानक उसका पैर लोहे के किसी एंगल में फंस गया और वह बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वह उस लिफ्ट में चढ़ने के बाद बाहर कहीं झांकने लगी थी। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि लिफ्ट के स्पेयर पार्ट्स कमजोर होने की वजह से गीता का भार लिफ्ट सहन नहीं कर सकी और वह हादसे का शिकार हो गई।

मुंबई के सेंट ज़ेवियर कॉलेज में बने बीएमसी के क्वारंटाइन सेंटर में कार्डबोर्ड के बेड लगाए गए हैं। इन बेड पर 300 किलो से ज्यादा का वजन रखा जा सकता है।

एनएससीआई में शुरू होंगे 40 आईसीयू बेड

बीएमसी ने वरली स्थित नेशनल स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स ऑफ इंडिया ( एनएससीआई) में बने कोविड केयर सेंटर में 40 आईसीयू बेड्स एवं महालक्ष्मी रेस कोर्स में बन रहे हॉस्पिटल को 30 मई से शुरू करने की योजना है। बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल ने बताया कि एनएससीआई में 500 बेड्स का कोविड केयर एंटर-5 शुरू है, जिसमें मरीजों का इलाज हो रहा है। 150 अतिरिक्त बेड्स की यहां व्यवस्था की गई है, जिससे यहां बेड की कुल संख्या 650 हो गई है।

पिछले तीन दिन में 14 हजार यात्रियों की मुंबई एयरपोर्ट से आवाजाही
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) से पिछले तीन दिनों में कुल 14,069 पैसेंजर की आवाजाही हुई है। मुंबई के एयरपोर्ट के परिचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली जीवीके मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (एमआईएएल) से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 25 फ्लाइट का आगमन हुआ जबकि इतनी ही संख्या यानी 25 फ्लाइट ने उड़ान भरी।

मुंबई के सीएसटीएम स्टेशन के बाहर अपने भाई को लेकर खड़ा एक बच्चा। यहां से हर दिन 20-25 ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव रेलवे को मिला है।

6 एयरलाइन्स कंपनी मुंबई से कर रही ऑपरेट

मुंबई एयरपोर्ट से इस वक्त कुल 6 एयरलाइंस कंपनियां देश के 14 सेक्टर को कनेक्ट कर रही हैं। मुंबई से बुधवार को 3,592 पैसेंजर ने उड़ान भरी और 1,401 यात्रियों का आगमन हुआ। 25 मई को देश में डोमेस्टिक उड़ान सेवाएं बहाल होने के पहले दिन अब तक सर्वाधिक दिल्ली रूट पर ही यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई है। सुबह 6.15 पहली फ्लाइट ने अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी जबकि सुबह 8.20 बजे पहली फ्लाइट लखनऊ से मुंबई पहुंची। 

1889 पुलिसवाले संक्रमित, 20 की अबतक मौत
महाराष्ट्र पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1889 पुलिसवाले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 207 अधिकारी और 1682 कर्मचारी हैं। कोरोना संक्रमण के चलते महाराष्ट्र में 20 पुलिस वालों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना संक्रमित पुलिसवालों में से 838 बीमारी से उबर चुके हैं जबकि 1031 का अब भी इलाज चल रहा है। जहां एक ओर पुलिसवाले अपनी जान के बाजी लगाकर आम लोगों में कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे है वही पुलिसवालों पर हमले की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। राज्य में पुलिसवालों पर हमले की 252 वारदातें हो चुकी हैं। इन हमलों में शामिल 832 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

लॉकडाउन नियम तोड़ने वालों से वसूले 5 करोड़ 48 लाख रुपए
लॉक डाउन के दौरान विभिन्न वारदातों में 86 पुलिस वाले जख्मी भी हो चुके हैं। जारी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार तक लॉक डाउन के उल्लंघन के आरोप में धारा 188 के तहत राज्य में एक लाख 15 हजार 263 मामले दर्ज कर 23 हजार 204 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आदेश का उल्लंघन करने वालों से 5 करोड़ 48 लाख रुपए से ज्यादा जुर्माना भी वसूल गया है। लॉक डाउन के दौरान अवैध यातायात के आरोप में 1322 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 72687 वाहन जब्त कर लिए गए हैं।

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14 वैक्सीन पर काम चल रहा, 4 एडवांस स्टेज में; डॉ. हर्षवर्धन ने दिए महामारी से जुड़े अहम सवालों के जवाब


  • स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- इस वक्त सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग ही सबसे बड़ा वैक्सीन है
  • वायरस पूरी तरह खत्म कब होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 10:43 AM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि देश में कोरोना का वैक्सीन तैयार करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत काम चल रहा है। एक असरदार वैक्सीन बनाने की कोशिश है। इस वक्त 14 कंपनियां इस काम में जुटी हैं। इनमें से 4 के वैक्सीन प्री-क्लीनिकल ट्रायल के एडवांस स्टेज में हैं। 10 वैक्सीन को बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट से फंडिंग देने की सिफारिश की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कोरोना से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए।

सवाल: अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के मुकाबले भारत में कोरोना के मामलों की क्या स्थिति है? कुछ रिसर्च में पता चला है कि गर्म इलाकों में कोरोना से मौतों की दर सिर्फ 6% है, क्या तापमान बढ़ने से वायरस मर जाएगा?
जवाब: सही समय पर फैसले लेने से हम बेहतर स्थिति में हैं। 26 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक भारत में एक लाख में से 10.7 लोग संक्रमित हैं, जबकि दुनिया में प्रति एक लाख की आबादी में औसत 69.9 केस हैं। हमारे यहां प्रति लाख आबादी में कोरोना से मरने वालों की संख्या 0.3 है, जबकि दुनिया में 4.4 है।

तापमान और कोरोना संक्रमण के बीच कोई संबंध नजर नहीं आता। गर्म देशों में कोरोना से कम मौतों की कई वजह हो सकती हैं, जैसे- कम आबादी होना, युवाओं की संख्या ज्यादा होना और इंटरनेशनल ट्रैवल करने वालों की संख्या कम होना।

सवाल: आप कह रहे हैं कि लोगों को वायरस के साथ जीना सीखना पड़ेगा। सरकार के लिए डिस्टेंसिंग लागू करवाना कैसे संभव होगा, जबकि अब लॉकडाउन खुलने लगा है।
जवाब: मेरा अनुभव है कि कोरोना तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसकी वजह से मौतों की दर (फेटैलिटी रेट) कम है। भारत में कंप्लीट लॉकडाउन और पब्लिक हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने से कोरोना से मरने वालों की संख्या कम करने में मदद मिली। 

ये कहना जल्दबाजी होगी कि वायरस पूरी तरह कब खत्म होगा। समय-समय पर ये अपना असर दिखा सकता है। इसलिए, हमें पर्सनल हाइजीन और फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना है।

सवाल: क्या आपको लगता है कि एसिम्प्टोमेटिक मरीजों की वजह से चिंता ज्यादा है, उनकी वजह से गांवों तक संक्रमण फैल सकता है?
जवाब: मैं डब्ल्यूएचओ के उदाहरण के बारे में अवेयर हूं कि टेस्टिंग में पॉजिटिव आ रहे कुछ मरीज एसिम्प्टोमेटिक हैं, लेकिन ये भी सच है कि एसिम्प्टोमेटिक ट्रांसमिशन का पुख्ता प्रूफ नहीं है।

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने सिरदर्द, मांस-पेशियों में दर्द, आंखों में गुलाबीपन, गंध या स्वाद का पता नहीं चलना, तेज सर्दी और गले में दर्द को कोरोना के लक्षणों में शामिल किया है। भारत की लिस्ट में इन लक्षणों को शामिल करने से पहले और ज्यादा स्टडी की जरूरत है।

सवाल: दिल्ली, मुंबई, आगरा, पश्चिम बंगाल, इंदौर और अहमदाबाद में स्थिति ज्यादा बिगड़ने की वजह क्या मानते हैं?
जवाब: मैं राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क में हूं। वे संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। ये इस बात पर भी निर्भर होता है कि कम्युनिटी सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति कितनी जिम्मेदारी निभा रही है? इन कोशिशों में जरा सी लापरवाही से स्थिति बिगड़ सकती है।

सवाल: टेस्टिंग की क्या स्थिति है, क्या इसे बढ़ाने से बीमारी को रोक सकते हैं?
जवाब: अभी जरूरत के हिसाब से टेस्टिंग की जा रही है। जोखिम वाले या फिर बीमारी के लक्षण वाले लोगों को प्रायरिटी दे रहे हैं। स्थिति को देखते हुए समय-समय पर स्ट्रैटजी बदली जाती है। हर रोज 1.60 लाख टेस्ट करने की कैपेसिटी है। अब तक 32 लाख 44 हजार 884 टेस्ट किए गए हैं।

मैं पहले भी कह चुका हूं कि 1.3 अरब की आबादी का बार-बार टेस्ट करेंगे तो ये न सिर्फ महंगा पड़ेगा, बल्कि संभव भी नहीं हो पाएगा।

सवाल: एम्स के डायरेक्टर ने पिछले दिनों कहा था कि अगले दो महीने में स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में कोरोना के मामलों में ठहराव आने की उम्मीद कब तक है?
जवाब: अभी स्थिरता दिख रही है, अचानक बहुत ज्यादा तेजी कभी नहीं देखी गई। हम संक्रमण के मामलों में कमी लाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे वैज्ञानिक रिसर्च में जुटे हैं।

सवाल: कोरोना के मामले बहुत ज्यादा बढ़ने की स्थिति में बेड, वेंटीलेटर और पीपीई किट के लिए क्या तैयारियां हैं?
जवाब: हम चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। हमारे पास 2 लाख 49 हजार 636 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल और 1 लाख 75 हजार 982 सेंटर हैं। 60 हजार 848 वेंटीलेटर के ऑर्डर दिए हैं जो अलग-अलग फेज में जून तक मिल जाएंगे। राज्यों के पास अभी तक 32.54 लाख पीपीई किट उपलब्ध हैं। 2.23 करोड़ का ऑर्डर और दे रखा है, इनमें से 89.84 लाख किट आ गई हैं। देश में रोजाना 3 लाख किट बन रही हैं।

सवाल: एक डॉक्टर होने के नाते लोगों को बीमारी से बचने के लिए क्या सुझाव देंगे? सबसे ज्यादा असुरक्षित तबका कौन सा है? क्या लॉकडाउन से फायदा हुआ?
जवाब: मैंने कई बार कहा है कि इस वक्त सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग ही सबसे असरदार वैक्सीन है। इंडस्ट्रियल और कंस्ट्रक्शन से जुड़े मजदूर, कच्ची बस्तियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा रिस्क है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि कोरोना का संक्रमण रोकने में कंप्लीट लॉकडाउन सफल रहा, लेकिन इसके सामाजिक-आर्थिक असर को समझना भी जरूरी है।

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पुलवामा जैसे बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने समय रहते 20 किलो एक्सप्लोसिव से भरी कार का पता लगाया


  • सुरक्षाबलों ने बताया कि देर रात कार के बारे में एक इनपुट मिला था
  • घेराबंदी के बाद कार को बरामद कार लिया गया, इसकी पीछे की सीट पर एक्सप्लोसिव रखा था

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 10:10 AM IST

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने पुलवामा जैसे आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलवामा जिले में एक कार से 20 किलो आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्स्प्लोसिव डिवाइस) बरामद किया। बाद में उसे समय रहते उड़ा दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार सुबह यह जानकारी दी।

सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि पुलमावा पुलिस को बुधवार देर रात जानकारी मिली थी कि कुछ आतंकवादी एक विस्फोटक से लदी कार से जा रहे हैं। इसके जरिए कुछ लोकेशन पर धमाके किए जा सकते हैं। सुरक्षाबलों ने फौरन कार्रवाई कर सभी रूट्स को सील कर दिया। इसी दौरान एक संदिग्ध कार नजर आई। रोकने पर कुछ राउंड की फायरिंग हुई। उसके बाद ड्राइवर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। सुरक्षाबलों ने वाहन को कब्जे में ले लिया। 

पीछे की सीट पर ड्रम रखे थे 

  • सुरक्षाबलों ने कार के पास जाकर देखा तो पिछली सीट पर विस्फोटक के ड्रम रखे थे।
  • सुरक्षाबलों ने रात भर कार की निगरानी की। इसके बाद आसपास के घरों को खाली करा दिया गया। बाद में वाहन को धमाका कर उड़ा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे। 
  • कार पर स्कूर की नंबर प्लेट लगी थी, जिसका रजिस्ट्रेशन कठुआ जिले का मिला है। 



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अब तक 6,983 पॉजिटिव, इनमें 3991 मरीज स्वस्थ हुए; अब तक 1820 प्रवासी श्रमिक कोरोना से संक्रमित पाए गए


  • पिछले 24 घंटे में राज्य में 261 नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए
  • बुधवार को कोरोना से 5 की मौत हुई, अब तक 182 लोगों की मौत हो चुकी

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 09:31 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दूसरे राज्यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों की वजह से गांवों में भी संक्रमण तेजी फैल रहा है। पिछले 24 घंटे में राज्य में 261 नए मरीज मिले। अब तक 6983 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। इनमें 1820 प्रवासी श्रमिक हैं। इसके अलावा बुधवार को कोरोना से 5 और मरीजों की मौत हो गई। मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर में एक-एक मरीज ने दम तोड़ दिया। अब तक 182 संक्रमित की जान गई है। बुधवार को 167 मरीज ठीक होकर घर चले गए। अब तक 3991 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

राज्य में बीते 24 घंटे में प्रदेशभर में कोरोना संक्रमण के जो नए केस मिले, उनमें अयोध्या में 23, जौनपुर 17, हापुड़ में 16, मुरादाबाद 14, मेरठ 12, गाजियाबाद, मुज़फ्फरनगर 11-11, संभल 10, लखनऊ, वाराणसी 9-9,  देवरिया, अमेठी 8-8, मथुरा, प्रतापगढ़ 7-7, प्रयागराज, एटा 6-6, आगरा, बस्ती, संतकबीरनगर, औरैया 5-5, मऊ-कन्नौज 4-4, नोएडा, फतेहपुर, पीलीभीत, गोंडा, इटावा, फिरोजाबाद, बिजनौर में 3-3, हरदोई, बहराइच, गोरखपुर, सहारनपुर, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर, रायबरेली, अंबेडकरनगर, महाराजगंज 2-2 और गाजीपुर, रामपुर, बरेली, शामली, सीतापुर, मिर्जापुर, बागपत, उन्नाव, फर्रुखाबाद, और सोनभद्र का एक-एक केस शामिल है।

वाराणसी: हजरत बाबा बहादुर की मजार पर जुटने लगी भीड़
छावनी के सदर-बाजार स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद की मजार पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटने लगी है। कैंट थाना के फुलवरिया चौकी की पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि धर्मिक स्थलों पर भीड़ पर रोक है। लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं करने पर दंडित किया जाएगा। लोगों की लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

यह तस्वीर काशी की है। यहां लॉकडाउन में प्रतिबंध के बावजूद अकीदतमंद मजार के बाहर पहुंच रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने भीड़ न करने को लेकर आगाह किया है।

झांसी: कोरोना संक्रमण के बीच टिड्डी दल बना प्रशासन के लिए चुनौती

झांसी की सीमा में एक हफ्ते के अंदर तीसरी बार टिड्डी दल ने हमला किया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ से होते हुए करोड़ों कीटों ने अचानक जनपद के मोंठ थाना क्षेत्र के कई गांवों में धावा बोला। गनीमत रही कि प्रशासन ने पहले से ही ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया था। सभी गांव वालों ने डीजे साउंड और बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर की आवाज से टिड्डी दल को खदेड़ दिया। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी कहते हैं कि हमें पहले से ही आशंका थी कि टिड्डी दल फिर से जनपद की सीमा में आएगा। फसलों का किसी भी प्रकार से नुकसान न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं। एसडीएम समेत फायर ब्रिगेड और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के कई अधिकारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। फिलहाल, अभी जनपद में फसलों को लेकर कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।

यह तस्वीर झांसी की है जहां टिडडी दल के आंतक से जिला प्रशासन गांव गांव जाकर लोगों को सूचित कर रहा है ताकि लोग इससे सतर्क रहें और समय रहते बचाव किया जा सके।
यह तस्वीर झांसी की है। यहां टिड्डी दल के आतंक से बचने के लिए जिला प्रशासन गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। टिडि्डयों को भगाने के लिए डीजे बजाए गए।

कोरोना अपडेट्स 

  • गाजियाबाद: जिले में 10 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 6 मरीजों की रिपोर्ट मंगलवार को आई थी, जबकि 4 की रिपोर्ट बुधवार को मिली। 243 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। 119 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। जिले में मरीजों की संख्या 245 हो गई, इनमें से 198 डिस्चार्ज हो चुके हैं। 
  • मेरठ: जिले में बुधवार रात को भाजपा महानगर अध्यक्ष के भाई समेत 12 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। अब जनपद में संक्रमितों का आंकड़ा 398 पहुंच गया है। इनमें 254 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। कोरोना से 24 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
  • सिद्धार्थनगर: बुधवार को दो नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। इन दोनों का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। जिले में अब संक्रमितों की संख्या  90 हो गई है। 
  • फतेहपुर: जिले में बुधवार शाम 4 प्रवासी और संक्रमित मिले। इनमें से 3 मुंबई से आए हैं जबकि एक सूरत से लौटा है। जिले में अब तक 44 संक्रमित मिल चुके हैं इनमें से 41 प्रवासी हैं।
  • हापुड़: जिले में सरकारी अस्पताल के चिकित्सक और सफाई कर्मी समेत बुधवार को 16 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो गई। इसके बाद अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 138 हो गई।
  • बिजनौर: जनपद में बुधवार को तीन नए संक्रमित मरीज मिले। वहीं, शामली में भी एक नया केस मिला है। अब शामली जिले में कोरोना के सक्रिय केस बढ़कर 11 हो गए हैं।
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1 लाख 58 हजार 73 केस: अगले 5 दिन में 2 लाख के पार जा सकता है आंकड़ा, 1 लाख से डेढ़ लाख मरीज होने में 8 दिन लगे


  • देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने में 97 दिन लगे थे
  • संक्रमितों की संख्या 50 हजार से 1 लाख होने में 12 दिन लगे
  • कल रिकॉर्ड 7261 मरीज बढ़े, 24 मई को 7111 कोरोना पॉजिटिव मिले थे

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 08:38 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोराना संक्रमितों की संख्या 1 लाख 58 हजार 73 हो गई। बुधवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 7261 मरीज मिले। इससे पहले 24 मई को 7111 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। 18 मई को मरीजों का आंकड़ा 1 लाख और अगले 8 दिन यानी 27 मई को डेढ़ लाख हो गया। अब हर दिन औसतन 7000 संक्रमित बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में यह संख्या अगले 5 दिन में (2 जून तक) 2 लाख के पार हो सकती है। 

महाराष्ट्र संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां बुधवार को 2190 मामले सामने आए। इसके अलावा तमिलनाडु में 817, गुजरात में 376, राजस्थान में 280, पश्चिम बंगाल में 183, जम्मू-कश्मीर में 162, कर्नाटक में 135 मरीज मिले। ये आंकड़े Covid19.Org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के आधार पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना मरीजों की संख्या 1 लाख 51 हजार 767 है। 83 हजार 04 एक्टिव मरीज यानी इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। 64 हजार 425 ठीक भी हुए हैं, जबकि 4337 की मौत हुई है। 

यह तस्वीर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। यहां टर्मिनल से पास स्थित बिल्डिंग में अस्थायी क्वारैंटाइन सेंटर तैयार किया गया है।

5 दिन जब सबसे ज्यादा मामले

तारीख

केस
26 मई 6,387
24 मई 7111
23 मई 6665
22 मई 6570
19 मई 6154

पांच राज्यों का हाल

  • मध्यप्रदेश: राज्य में बुधवार को 237 कोरोना मरीज मिले, जबकि 8 की मौत हुई। राजभवन में रह रहे 6 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद गर्वनर हाउस को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया। 
भोपाल में 2 महीने बाद बुधवार को दुकानें खोली गईं। यहां एक बाजार में दुकान को डिसइनफेक्ट करता नगर निगम का कर्मचारी।
  • महाराष्ट्र: राज्य में बुधवार को 2190 मरीज मिले, जबकि रिकॉर्ड 105 मरीजों की मौत हुई। यहां कोरोना से अब तक 1897 लोगों की मौत हुई है। वहीं, मुंबई में बुधवार को 1044 संक्रमित मिले और 32 लोगों की जान गई। यहां 1097 मरीज दम तोड़ चुके हैं। 
यह तस्वीर मुंबई की है। एक प्रवासी बच्चा अपने भाई को गोद में ले जाता हुआ। यह परिवार रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए बस में सवार होने जा रहा है। 
  • उत्तरप्रदेश: राज्य में बुधवार को 267 मरीज मिले। इसमें हापुड़ में 29, अयोध्या मेें 23, जौनपुर में 17, मेरठ और मुरादाबाद में 13-13, मुजफ्फरनगर में 11, संभल में 10 मरीज मिले। उत्तरप्रदेश में मंगलवार को 227 मरीज मिले थे, जबकि 8 की मौत हुई थी।
  • राजस्थान: यहां बुधवार को संक्रमण के 280 मामले सामने आए और दो मौतें हुईं। इसमें झालावाड़ में 64, जयपुर में 42, जोधपुर में 33, पाली में 21, कोटा में 18, सीकर में 13 कोरोना पॉजिटिव मिले। राज्य में दो संक्रमितों की मौत भी हुई। इससे पहले मंगलवार को संक्रमण के 236 मामले सामने आए थे। 
  • बिहार: राज्य में बुधवार को 38 नए मरीज मिले। एक डीएम की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह उत्तर बिहार में तैनात हैं। बिहार में सरकारी अधिकारी में संक्रमण का यह दूसरा मामला है। इससे पहले नालंदा में एक आईएएस संक्रमित पाए गए थे। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से बड़ी संख्या में प्रवासी घर लौट रहे हैं। 3 मई के बाद आने वाले प्रवासियों में 1900 संक्रमित मिले हैं, जो राज्य के कुल संक्रमित का लगभग 66% है।
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पेट की आग बुझाने के लिए तपती सड़क पर पलायन, भीषण गर्मी से बेहाल मजदूरों का सफर और नन्हें कंधों ने उठाया ‘हिंदुस्तान’


दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 08:13 AM IST

रह-रह आंखों में चुभती है पथ की निर्जन दोपहरी, आगे और बढ़े तो शायद दृश्य सुहाने आएंगे…

ख्यात कवि और शायर दुष्यंत ने कविता की ये पंक्तियां शायद ऐसे ही किसी दृश्य की परिकल्पना कर लिखी होंगी। तस्वीर बुधवार दोपहर तीन बजे तहसील क्षेत्र से क्लिक की गई। 45.2 डिग्री तापमान के बीच सड़क पर कर्फ्यू सा सन्नाटा था। ऐसे में एक वृद्ध दिव्यांग जरूरतमंद पेट के लिए आग सी तपती सड़क पर पेट पलायन करते हुए आगे बढ़ रहा था, ताकि दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो सके। सूनी सड़क पर बुजुर्ग इसी उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा था कि आगे शायद कुछ लोग मिलें जो उसकी मदद कर सकें।

बच्चे 44 डिग्री तन झुलसा देने वाली तेज धूप में नंगे पांव

तस्वीर राजस्थान के सिरोही की है। जिलेभर में गर्मी अपना रौद्र रुप दिखा रही है। बुधवार को केरल से प्रवासियों को लेकर पिंडवाड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन से उतरे प्रवासियों के भीषण गर्मी से हाल बेहाल नजर आए। ट्रेन से अपनी मां के साथ उतरे दो बच्चे 44 डिग्री तन झुलसा देने वाली तेज धूप में नंगे पांव प्लेटफार्म पर चल रहे थे। चेहरे पर गर्मी से जल से पैरों के भाव साफ नजर आ रहे थे। 

 पिता का दर्द-बेटे ने कहा था मन नहीं लग रहा, घर आ रहा हूं…अब कभी नहीं आएगा

तस्वीर रांची की है। बुधवार सुबह 10:30 बजे गोवा के करमाली से श्रमिक स्पेशल ट्रेन हटिया पहुंची तो पता चला कि एस-15 में सफर कर रहे एक 19 वर्षीय युवक की मौत हो चुकी है। चौंकाने वाला ये है कि युवक की तबीयत मंगलवार रात बिलासपुर के पास बिगड़ी थी। रात 1 बजे के आस-पास उसकी मौत हुई। ट्रेन बिलासपुर से हटिया के बीच 70 स्टेशन क्रॉस कर गई, किसी ने न ट्रेन रोकी ना प्रशासन को सूचित किया।  

कंधे पर उठा ‘हिन्दुस्तान’

बीकानेर का लालगढ़ रेलवे स्टेशन। प्लेटफाॅर्म पर बिहार के मधुबनी जाने काे तैयार श्रमिक स्पेशल। बदहवास-से ट्रेन की ओर बढ़ रहे युवक के कंधे वाले बड़े थैले पर नजर टिक गई। ब्रांडनेम छपा था-हिंदुस्तान फीड्स। नजर मिली ताे आंखाें की मायूसी साफ दिख गई। यूं ही पूछ लिया-कहां जा रहे हाे? बगैर एक पल साेचे कह गया ‘अपने देस’। ‘हिंदुस्तान’ काे कंधाें पर उठाए उसने थके कदमाें में पूरी जान झाेंकी और ट्रेन की तरफ तेजी से बढ़ गया।

ईद के दिन निकला था बस में, भरी गर्मी में तबीयत बिगड़ गई, मौत

रायपुर के टाटीबंध में एक मज़दूर की मौत हो गई। इसका नाम हिफजुल रहमान (29) था। ईद के दिन मुंबई से बस में बैठकर हावड़ा के लिए निकला था। छत्तीसगढ़ की सीमा पर बस बदलकर रायपुर पहुंचा था। 44-45 डिग्री पारा में बस के इस सफर ने उसकी ताकत इतनी छीन ली, कि जब वो रायपुर पहुंचा, तो सड़क के किनारे पहले बैठ गया, फिर सिर को पकड़ा और फिर लेट गया। इसके बाद उठ ही नहीं सका। इस दौरान अपने साथियों से बार-बार कहता रहा, भाई, घर कब पहुंचेंगे।

मजदूर की नेपाल में मौत, शव गांव नहीं आ पाया तो परिवार ने मिट्‌टी का पुतला बना निभाई रस्में

तस्वीर झारखंड के गुमला की है। नेपाल के परासी जिले में एक ईंट भट्‌ठे में 23 मई को सिसई के एक मजदूर खद्दी उरांव की मौत हो गई। 22 मई को उसकी तबीयत बिगड़ी। साथ काम करने वाला छोटा भाई विनोद उरांव और अन्य साथी 23 मई को अस्पताल ले गए, मगर इलाज नहीं हो सका। खद्दी का शव सिसई में उसके गांव छारदा लाना संभव नहीं था। छोटे भाई ने नेपाल में ही दाह-संस्कार कर दिया। गांव में खद्दी की पत्नी व बच्चे अंतिम दर्शन नहीं कर पाए। भाई बासुदेव उरांव ने बताया कि गांव में परिवार ने मिट्‌टी का पुतला बना उसी का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। 

मुश्किलों के जाल में जिंदगी

तस्वीर चंडीगढ़ की है। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए गांव छोड़ शहर आए। काम-धंधे सेट किए, लेकिन कोरोना आया तो सब बिखर गया। जहां काम करते थे, वे बेगाने हो गए। अब एक ही रास्ता बचा था। ट्रेन पकड़ चल दिए अपने गांव की ओर। चंडीगढ़ से रोज हजारों लोग बिहार-यूपी जा रहे हैं। ये कहते हैं कि गांव में जिंदगी आसान थोड़ी है। और मुश्किलें आएंगी। लेकिन जाना ही पड़ेगा, क्योंकि यहां तो फिलहाल जिंदगी ज्यादा ही उलझ गई है। 

मां के आंचल का सहारा

अमृतसर के महाराजा रिजॉर्ट में स्क्रीनिंग करवाने पहुंचा प्रवासी परिवार गर्मी में अपने बच्चे के पैरों को पानी से साफ करते हुए ताकि बच्चे को गर्मी से बचाया जा सके।

सड़क पर डामर पिघलने लगा

नाैतपा के तीसरे दिन बुधवार काे भी राजस्थान सहित उत्तर भारत के अधिकांश हिस्साें में आसमां से आग बरसती रही। चूरू में पारा दूसरे दिन बुधवार काे भी 50 डिग्री के करीब रहा। यहां 0.4 डिग्री की गिरावट के साथ बुधवार काे दिन का तापमान 49.6 डिग्री रहा। इस गिरावट ने चूरू काे दुनिया के सबसे गर्म शहर से ताे दूसरे नंबर पर पहुंच दिया, लेकिन देश में सबसे गर्म शहराें में टाॅप पर शुमार रहा। यहां सड़कों का डामर पिघलने लगा।

न कांधा, न मुखाग्नि, चिता के भी 100 फीट दूर से दर्शन

तस्वीर राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की है। जहां चार दिन पहले कोरोना संक्रमित महिला 65 वर्षीय वनिता भावसार की मौत हो गई। उनका मेडिकल प्रोटोकाल के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। काेराेना वायरस ने महिला के परिजनों को मौत से बड़ा दर्द दिया है। न मुखाग्नि और न कोई अंतिम क्रिया। सीधे अस्पताल से प्लास्टिक किट की पैकिंग में महिला के शव काे कागदी श्मशान घाट लाया गया। चिता भी परिजनों को करीब 100 फीट दूर से देखने की अनुमति मिली। महिला का छाेटा बेटा कुवैत में है, वह आ नहीं सका। ऐसे में बड़ा बेटा अंतिम दर्शन के नाम पर वीडियो कॉल से उसे आगे की लपटें ही दिखा पाया। 

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प्रवासियों को मदद की मांग के लिए कांग्रेस आज 11 बजे कैंपेन शुरू करेगी, सोशल मीडिया के जरिए 3 घंटे तक लोगों से बात की जाएगी


  • कांग्रेस का दावा- पार्टी के 50 लाख कार्यकर्ता और समर्थक कैंपेन से जुड़ेंगे
  • कांग्रेस की मांग है कि प्रवासियों और छोटे उद्योगों को तुरंत मदद मिलनी चाहिए

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 08:00 AM IST

नई दिल्ली. प्रवासियों और गरीबों की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस आज 11 बजे से देशभर में स्पीक अप इंडिया कैंपेन शुरू करेगी। कांग्रेस का कहना है कि तीन घंटे चलने वाली इस ऑनलाइन कैंपेन में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म के जरिए जनता से बात की जाएगी। इसमें पार्टी के 50 लाख कार्यकर्ता और समर्थक हिस्सा लेंगे।

‘आपदा में गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित’
कांग्रेस का कहना है कि प्रवासी, छोटे उद्योग और खुदरा व्यापारी परेशान हैं। काम-धंधे ठप होने से बहुत से लोगों के बेरोजगार होने का रिस्क बढ़ गया है। किसी भी आपदा में सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब लोग होते हैं। ऐसे लोगों के लिए ही स्पीक अप इंडिया कैंपेन चलाया जाएगा।

‘गरीब परिवारों को 10 हजार रुपए की मदद तुरंत मिले’
कांग्रेस की मांग है कि प्रवासियों से किराया लिए बिना सरकार उन्हें सम्मान के साथ घर पहुंचाए। हर गरीब परिवार को 6 महीने तक 7 हजार 500 रुपए दिए जाएं, लेकिन उन्हें 10 हजार की मदद तुरंत मिलनी चाहिए। छोटे उद्योगों को भी जल्द से जल्द मदद की जरूरत है। मनरेगा के तहत रोजगार गारंटी बढ़ाकर 200 दिन करनी चाहिए।

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एक दिन में सबसे ज्यादा 187 मरीजों ने दम तोड़ा; महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 105 और गुजरात में 23 संक्रमितों की मौत


  • महाराष्ट्र में अब तक 1897 मरीजों की जान गई, गुजरात में भी 938 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई
  • बुधवार को दिल्ली में 15, मध्यप्रदेश में 8, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 6-6 लोगों ने दम तोड़ा

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 12:33 AM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 4534 हो गई। बुधवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 187 मरीजों ने दम तोड़ा। एक दिन पहले भी 170 संक्रमितों की मौत हुई थी। बुधवार को अकेले महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 105 लोगों की जान गई। यह राज्य में एक दिन में मृतकों की सबसे बड़ी संख्या है। उधर, गुजरात में भी बुधवार को 23 संक्रमितों की मौत हुई।

महाराष्ट्र में बुधवार को जान गंवाने वालों में मुंबई के 32, ठाणे के 16, जलगांव के 10, पुणे के 9, नवी मुंबई के 7, रायगढ़ के 7, अकोला के 6, औरंगाबाद के 4, नासिक के 3, सोलापुर के 3, सातारा के 2, अहमदनगर का 1, नागपुर का 1, नंदुरबार का एक, पनवेल का एक और वसई विरार से 1 मरीज है। मृतकों में 72 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं। इसमें 63% संक्रमित डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर और ह्रदयरोग से पीड़ित थे। 

राज्य में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1897 हो गया। एक दिन पहले भी 97 मरीजों की मौत हुई थी। राज्य में हर 14 मिनट में 1 मौत हो रही है, जबकि हर घंटे 91 मामले सामने आ रहे हैं। 

दिल्ली में बुधवार को 15 मरीजों की मौत 
इसके अलावा दिल्ली में 15, मध्यप्रदेश में 8, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 6-6, उत्तरप्रदेश में 5, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा में 2-2 मरीजों की मौत हुई। इसके अलावा कर्नाटक में 3, बिहार और आंध्रप्रदेश में 1-1 संक्रमित ने दम तोड़ा।  

संक्रमण से कहां कितनी मौतें?

राज्य

मौतें                            
महाराष्ट्र                               1897
गुजरात 938
मध्यप्रदेश 313
पश्चिम बंगाल 289
राजस्थान 172
दिल्ली 303
उत्तरप्रदेश 182
आंध्र प्रदेश 58
तमिलनाडु 136
तेलंगाना 63
कर्नाटक 47
पंजाब 40
जम्मू-कश्मीर 26
हरियाणा 18
बिहार 15
ओडिशा 07
झारखंड 04
हिमाचल प्रदेश 06
चंडीगढ़ 04
केरल 07
असम 04
उत्तराखंड 04
मेघालय 01
कुल 4534

टॉप-10 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं 

शहर

मौतें
मुंबई                           1097
अहमदाबाद 764
पुणे 291
कोलकाता 191
इंदौर 119
जयपुर 83
उज्जैन 54
सूरत 65
ठाणे 149
भोपाल 51

26 मई को 170 मौतें

तारीख

मौतें
15 मई               95
16 मई 106
17 मई 165
18 मई 131
19 मई 147
20 मई  132
21 मई 148               
22 मई 147
23 मई 142
24 मई 156
25 मई 150
26 मई 170
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चूरू में 49.6 और श्रीगंगानगर में 48.9 डिग्री, दोनों दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में; मौसम विभाग का अनुमान- उत्तर भारत में कल से राहत मिलेगी


  • मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 28 मई के बाद से गर्मी का असर कम होना शुरू होगा
  • सीनियर साइंटिस्ट नरेश कुमार ने बताया कि हिमालय रीजन में बदलाव की वजह से गर्मी से राहत मिलना शुरू होगी

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 07:58 PM IST

नई दिल्ली. देश में तेज गर्मी का दौर जारी है। राजस्थान का चूरू बुधवार को लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां 49.6 डिग्री तापमान दर्ज किया। राजस्थान के ही श्रीगंगानगर में 48.9 डिग्री तापमान रहा। ये दोनों ही दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गुरुवार और मध्य भारत के इलाकों में शुक्रवार से गर्मी में राहत मिलेगी।

दुनिया के 5 सबसे गर्म शहरों में 2 भारत के

शहर देश अधिकतम तापमान
नवाबशाह पाकिस्तान 50.6
जैकबाबाद पाकिस्तान 50
चूरू भारत 49.6
पड़ीदन पाकिस्तान 49
श्रीगंगानगर भारत 48.9

(आंकड़े worldweathertoday और eldoradoweather के मुताबिक)

देश के 10 सबसे गर्म शहर, इनमें 4 राजस्थान के

शहर प्रदेश अधिकतम तापमान
चूरू राजस्थान 49.6
श्रीगंगानगर राजस्थान 48.9
बांदा यूपी 48
बीकानेर राजस्थान 48
प्रयागराज यूपी 47.6
कोटा राजस्थान 47.2
पालम दिल्ली 47.2
नारनौल हरियाणा 47.2
खजुराहो मध्य प्रदेश 47
चंद्रपुर महाराष्ट्र 46.4

मौसम विभाग ने कहा- कल से राहत की उम्मीद
मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 28 मई के बाद से गर्मी का असर कम होना शुरू होगा। मध्य भारत के इलाकों में 29 मई से तापमान थोड़ा कम होगा। मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट नरेश कुमार ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हिमालय रीजन में बदलाव की वजह से गर्मी से राहत मिलना शुरू होगी। मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है।

राजस्थान का चूरू लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म
चूरू में मंगलवार को तापमान 50 डिग्री रहा था। बुधवार को यहां तापमान मामूली गिरावट के साथ 49.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर में बुधवार को 48.9 डिग्री, बीकानेर में 48 डिग्री और कोटा में 47.2 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में लू का दौर अभी जारी रहेगा।

कोटा में लगातार तीसरी रात प्रदेश में सबसे गर्म रही। यहां सोमवार रात तापमान 33.6 डिग्री था। बीती रात यह बढ़कर 33.9 डिग्री हो गया। माउंटआबू में मंगलवार रात 20.4 डिग्री, श्रीगंगानगर में 26.0 डिग्री और जयपुर में 33.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।

महाराष्ट्र में चंद्रपुर सबसे गर्म, पारा 46 डिग्री के पार पहुंचा
महाराष्ट्र में बुधवार को सबसे ज्यादा 46.4 तापमान चंद्रपुर जिले में दर्ज किया गया। चंद्रपुर के बाद नागपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा।

मध्य प्रदेश में खजुराहो सबसे गर्म
मध्य प्रदेश के खजुराहो में सबसे ज्यादा 47 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। यहां न्यूतनतम 31 डिग्री तापमान रहा। ग्वालियर में अधिकतम 46 और न्यूनतम 32 डिग्री रहा। जबलपुर में अधिकतम 45 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री रहा। भोपाल में अधिकतम 44 और न्यूनतम 30 डिग्री रहा।

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सुप्रीम कोर्ट का मिडिल सीट बुक करने के मामले में अपने आदेश में संशोधन से इनकार, कोर्ट ने 6 जून तक बीच की सीट पर बुकिंग की मंजूरी दी है


  • सुप्रीम कोर्ट ने वंदे भारत मिशन के तहत चलाई जा रही स्पेशल फ्लाइट में 10 दिन तक ही मिडिल सीट बुक करने की इजाजत दी है
  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए बीच की सीट खाली रखने का आदेश दिया था
  • केंद्र सरकार और एयर इंडिया ने हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी, इस मामले पर 2 जून को अगली सुनवाई

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 08:49 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एयर इंडिया की स्पेशल फ्लाइट में मिडिल सीट बुक करने के मामले में अपने आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया। सर्वोच्च अदालत में सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ चीफ जस्टिस एसए बोबडे की बेंच ने अर्जेंट सुनवाई की थी। तब कोर्ट ने एयर इंडिया को विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए 6 जून तक मिडिल सीट की बुकिंग की इजाजत दी थी। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए एयर इंडिया को पिछले हफ्ते आदेश दिया था कि विदेशों से आ रही उड़ानों में मिडिल सीट खाली रखी जाए। एयर इंडिया और सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 

6 जून के बाद हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश मानना होगा: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा था कि हम हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विदेशों में फंसे भारतीयों को हो रही दिक्कतों के बारे में बताया। यात्रियों को वैध टिकट जारी किए गए हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश से लोगों को काफी परेशानी होती।

इसलिए 10 दिन के लिए एयर इंडिया को मिडिल सीट की बुकिंग की इजाजत दी जाती है। यानी 6 जून तक एयर इंडिया मिडिल सीट पर यात्रियों को ला सकेगी। लेकिन, इसके बाद सरकार और एयरलाइन कंपनी को बॉम्बे हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश मानना होगा। इस मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट में दो जून को अगली सुनवाई होगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट में 2 जून को अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकारी एयरलाइन कंपनी को हिदायत दी थी कि सुरक्षा के संबंध में उन्हें हाईकोर्ट का आदेश मानना चाहिए। साथ ही कहा कि जब तक मामला कोर्ट में पेंडिंग है, तब तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) कमर्शियल सोच की बजाय लोगों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों में बदलाव कर सकता है। 

विदेशों से 30 हजार से ज्यादा भारतीयों की वापसी
कोरोनावायरस की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए सरकार ने 6 मई को वंदे भारत मिशन शुरू किया था। इसके तहत एयर इंडिया के विमानों से लोग वापस लाए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग लौट चुके हैं। 
घरेलू उड़ानों में 62 हजार से ज्यादा लोगों ने सफर किया
इधऱ, सोमवार से देश में घरेलू उड़ानें भी शुरू हो गई हैं। मंगलवार को 445 घरेलू उड़ानें संचालित हुईं और इससे 62 हजार 641 यात्रियों ने सफर किया। बुधवार को यह जानकारी नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी। उन्होंने बताया कि एक बार फिर हमारा आसमान और एयरपोर्ट व्यस्त हो गए हैं।

26 मई यानी घऱेलू उडा़नों के शुरू होने के दूसरे दिन हमारे एयरपोर्ट ने 445 फ्लाइट का डिपार्चर और 447 के एराईवल को संभाला। सभी एयरपोर्ट अच्छे से संचालित हो रहे हैं। सिर्फ 6 उड़ानों को रीशिड्यूल करना पड़ा। बता दें देश में 25 मार्च को घरेलू उड़ान सेवा पर रोक लगा दी गई थी। 24 मई को दोबारा सर्विस शुरू हुई है। पहले दिन 428 फ्लाइट संचालित हुईं। 

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दिल्ली के किसान ने 10 प्रवासी श्रमिकों को बिहार भेजने के लिए खरीदे फ्लाइट के टिकट, मजदूर बोले- खुशी बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं


  • मजदूरों की फ्लाइट गुरुवार सुबह 6 बजे बिहार की राजधानी पटना के लिए उड़ान भरेगी
  • लखिंदर राम ने कहा- मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं प्लेन में सफर करूंगा

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 07:34 PM IST

नई दिल्ली. देशभर में करीब दो महीनों से लॉकडाउन लागू है। दूसरी तरफ प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटने के लिए तमाम मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इस बीच, दिल्ली के एक किसान का प्रयास सभी के लिए मिसाल बनकर सामने आया है। दरअसल, किसान ने उसके यहां काम करने वाले 10 बिहारी मजदूरों को घर भेजने के लिए फ्लाइट के 10 टिकट खरीदे हैं। आखिरकार प्रवासी मजदूरों का अपने घर लौटने का सपना, किसान की इस कोशिश से पूरा होने जा रहा है।

मजदूरों की फ्लाइट गुरुवार सुबह 6 बजे बिहार की राजधानी पटना के लिए उड़ान भरेगी। इन मजदूरों ने अप्रैल में घर जाने की योजना बनाई थी मगर अब तक सफलता नहीं मिल पाई थी, उन्हें यह भरोसा नहीं हो पा रहा है कि वह अपने घर साइकिल से नहीं, हजारों किमी पैदल चलकर नहीं बल्कि सीधे प्लेन से जा रहे हैं। सभी मजदूर समस्तीपुर में एक गांव के रहने वाले हैं। 

खुशी बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं- राम

लखिंदर राम अपने बेटे के साथ घर लौट रहे हैं। उन्होंने पीटीआई से कहा, ”मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं प्लेन में सफर करूंगा। मेरे पास इस खुशी को बताने के लिए शब्द ही नहीं हैं। हालांकि, मैं थोड़ा नर्वस भी हूं कि कल एयरपोर्ट पहुंचेंगे तो मैं क्या करूंगा।”

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सीमा पार पाकिस्तान से 7 किलो हेरोइन की आने की सूचना मिली, 2 किलो बरामद


  • खेमकरण सेक्टर के गांव झुग्गियां नूर मुहम्मद इलाके में बॉर्डर के पिलर नंबर 137 के पास गेहूं के खेत से बरामद हुआ नशा

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 05:35 PM IST

तरनतारन. तरनतारन में सीमा सुरक्षा बल और पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान सीमा से 2 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से 7 किलो हेरोइन आने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद बीएसएफ के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान प्लास्टिक की एक बोतल में 2 किलो 20 ग्राम हेरोइन और 280 ग्राम अफीम मिली है। फिलहाल थाना पट्‌टी में अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
यह बरामदगी खेमकरण सेक्टर के गांव झुग्गियां नूर मुहम्मद के पास से हुई है। इस बारे में एसएसपी ध्रुव दहिया ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान नशे पर नकेल कसने के लिए नारकोटिक्स सैल द्वारा विशेष टीम गठित की गई है। टीम की अगुआई करने वाले डीएसपी कमलजीत सिंह औलख, थाना सिटी के प्रभारी प्रभजीत सिंह गिल को सूचना मिली थी कि गांव झुग्गियां नूर मुहम्मद क्षेत्र में सीमा पार से 7 किलो हेरोइन भेजी गई है। 
टीम ने बीएसएफ के इंस्पेक्टर उदयभान यादव को साथ लेकर गांव झुग्गियां नूर मुहम्मद स्थित पिल्लर नंबर 137 के पास सर्च अभियान चलाया। इस दौरान गेहूं की कटाई वाले खेत से प्लास्टिक की बोतल बरामद हुई। इसमें दो किलो 20 ग्राम हेरोइन व 280 ग्राम अफीम छिपाकर रखी गई थी। एसएसपी दहिया ने बताया कि फिलहाल थाना सदर पट्टी में अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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32 नए मरीज मिले, फरीदाबाद में 28 पॉजिटिव आए, इनमें 6, 9 और 10 साल की तीन बच्ची भी शामिल


  • बुधवार को हरियाणा के फरीदाबाद में 28, रोहतक में 3, सिरसा में एक पॉजिटिव मिला
  • 4 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया, अब तक 824 मरीज ठीक होकर जा चुके घर

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 06:17 PM IST

पानीपत/फरीदाबाद. हरियाणा में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बुधवार को बढ़कर 1341 पहुंच गई। 32 नए मरीजों का इजाफा हुआ। अकेले फरीदाबाद में 28 मरीज मिले हैं। वहीं रोहतक में 3, सिरसा में 1 कोरोना पॉजिटिव सामने आया है। बुधवार को 4 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली। प्रदेश में अब तक 824 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

फरीदाबाद में दो दिन के अंदर आए 51 केस

फरीदाबाद में दो दिन के अंदर 51 केस आ चुके हैं। मंगलवार को यहां 23 केस मिले थे, जबकि बुधवार को 28 केस मिले हैं। इन 28 में तीन बच्चे भी शामिल हैं। इनमें ग्रीन फील्ड कॉलोनी की 6 वर्षीय बच्ची, पर्वतीय कॉलोनी की 9 साल की बच्ची और आदर्श नगर बल्लभगढ़ की 10 वर्षीय बच्ची भी पॉजिटिव पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव मिलने वाले इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। 

हरियाणा में मरीजों का आंकड़ा 1341 पहुंचा

  • अमेरिका से लौटे 21 कोरोना पॉजिटिव के साथ-साथ गुड़गांव में 317, फरीदाबाद में 262, सोनीपत में 163, झज्जर में 93, नूंह में 66, अंबाला में 47, पलवल में 43, पानीपत में 59, पंचकूला में 25, जींद में 29, करनाल में 36, रोहतक में 19, महेंद्रगढ़ में 36 रेवाड़ी में 18, सिरसा में 11, फतेहाबाद में 9, यमुनानगर में 8, हिसार में 22, कुरुक्षेत्र में 21, भिवानी में 11, कैथल में 6, चरखी-दादरी में 7, भिवानी में 11 संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।

  • हरियाणा में अब कुल 828 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें गुरुग्राम में 183, फरीदाबाद में 120, सोनीपत में 124, नूंह में 65, झज्जर में 90, अंबाला में 40, पलवल 39, पानीपत में 33, पंचकूला में 25, जींद में 18, करनाल में 16, यमुनानगर में 8, सिरसा में 9, रोहतक में 11, महेंद्रगढ़ में 6, भिवानी में 6,  हिसार में 3, कैथल में 4, फतेहाबाद में 6, कुरुक्षेत्र में 2, चरखी दादरी में 1, रेवाड़ी में 4 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं।