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भोजन या उसकी पैकेजिंग से वायरस फैलने की संभावनाएं कम, डिलीवरी करते वक्त दूसरों से बनाकर रखें 6 फुट की दूरी


  • भोजन डिलीवरी करने से पहले व्यक्ति की एलर्जी पर विचार करें, जैसे- एक साल से छोटे बच्चे को शहद न दें
  • खाने की डिलीवरी लेने के बाद पैकेट को सावधानी से खोलें, काउंटर को साफ करें और हाथ धोकर खाएं

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 03:44 PM IST

मार्गोक्स लेस्की. कोरोनावायरस के कारण सभी के बीच डर का माहौल है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि, एक शख्स किसी दूसरे के नजदीक जाकर मदद करने से डर रहा है। इस दौरान ऐसे कई मौके आ सकते हैं जब आपको किसी के लिए खाना तैयार करना या पहुंचाना पड़े। अब सवाल उठता है कि, क्या यह सुरक्षित है? कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में फूड साइंस विभाग में प्रोफेसर एलिजाबेथ ए बिन इसका जवाब हां में देती हैं। उन्होंने कहा, “कोविड के वक्त में खाने के कारण बीमार होना किसी की आखिरी चाहत होगी।”

खाना शेयर करने के दौरान और फूड पैकेजिंग के जरिए वायरस के चपेट में आने की संभावनाएं बेहद कम हैं। लेकिन इसके बाद भी आपको सावधानियां बरतनी होंगी। इस दौरान आपकी चिंता का कारण केवल वायरस नहीं होगा। कुछ टिप्स की मदद से आप वायरस फैलने की शिकार होने की रिस्क को कम कर सकते हैं। 

फूड सेफ्टी गाइडलाइंस का पालन करें और एलर्जी पर विचार करें

  • चार चीजों का ध्यान रखें- धोएं, अलग करें, पकाएं, ठंडा होने दें। आप इन्हें जानते हैं और इनका पालन भी करते हैं। लेकिन मौजूदा हालातों में इन्हें सख्ती से मानना जरूरी हो गया है। हाथों और सतहों को साफ रखने को लेकर अलर्ट रहें। निश्चित तापमान पर खाना बनाएं और उन्हें अच्छे से स्टोर करें।
  • गर्भवती महिलाओं, नर्सेज और बीमार लोगों को खाना पहुंचाना बहुत अच्छा काम है। लेकिन इस दौरान तय गाइडलाइंस और सुरक्षा का और भी ज्यादा ख्याल रखें।
  • आपको मास्क या ग्लव्ज पहनने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर आप इससे चेहरे को छूने से बचते हैं या तसल्ली मिलती है तो इनका उपयोग करें।
  • जिन्हें आप खाना पहुंचा रहे है, उनकी एलर्जी का ख्याल रखें। उदाहरण के लिए प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चे दूध का पनीर न दें और एक साल से छोटे बच्चे को शहद न दें। अगर आपको कोई संदेह है, तो पहले जानकारी लें।
  • साबुन और ब्लीच किसी को भी गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। ऐसे में सब्जियों और फलों को साबुन या ब्लीच से साफ न करें। इसके बजाए बहते ठंडे पानी से इन्हें धोएं।

कॉन्टेक्टलैस डिलीवरी या पिकअप की व्यवस्था करें

  • सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कोरोनावायरस बीमार व्यक्ति के छींकने या खांसने पर निकलने वाली बूंदों से फैलता है। इसलिए सामने जाकर डिलीवरी करना बड़ा खतरा हो सकता है। जब भी खाना डिलीवर करें मास्क पहनें और 6 फीट की दूरी पर खाना रख दें। 

सावधानी से पैक करें और खोलें

  • खाने को प्लास्टिक, एल्युमीनियम फॉइल और धोकर दोबारा इस्तेमाल करने लायक पैक करें। इससे खाना दूषित नहीं होगा।
  • अगर आप फूड डिलीवरी मिलने को लेकर चिंतित हैं तो विचार करें कि, आप उसे कैसे खोलेंगे। डॉक्टर बिन सलाह देते हैं कि, खाने को लेकर आएं और काउंटर पर रखें। कंटेनर खोलें और खाने को बर्तन में निकालें। बैग को फेंक दें और कंटेनर अगर दोबारा उपयोग में आ सकता है तो उसे धो लें। काउंटर को साफ करें, हाथ धोएं, फिर खाना खाएं। डॉक्टर बिन बताते हैं कि, यह हम हर बार नहीं कर सकते, लेकिन अगर आप चिंतित हैं तो यह प्रक्रिया आपके मन को शांती दे सकती है।

तनाव न लेने का प्रयास करें

  • एक गहरी सांस लें और खुद को यह याद दिलाएं कि खाने या उसकी पैकेजिंग से वायरस फैलने की संभावना कम है। इसलिए सावधानी से पकाएं और डिलीवर करें। साथ ही घर वापस लौटने पर हाथ धोना न भूलें।

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