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दिग्विजय सिंह ने कहा- ‘लोकल’ को ‘वोकल’ बनाना है तो गोविंदाचार्य को नीति आयोग में लाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कमलनाथ के साथ उनके बेहतर संबंध हैं। प्रत्येक हफ्ता-दस दिन में उनकी मुलाकात भी होती है।
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दिग्विजय सिंह ने कहा- ‘लोकल’ को ‘वोकल’ बनाना है तो गोविंदाचार्य को नीति आयोग में लाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी

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  • दिग्विजय सिंह यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे
  • सिंह ने कहा- लोकल की बात करने वालों को हिंद स्वराज की किताबें पढ़ना चाहिए

दैनिक भास्कर

Jun 07, 2020, 04:02 PM IST

भोपाल. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वदेशी आंदोलन के समर्थक रहे हैं और ‘स्वदेशी’ के लिए कार्य करने वाले केएन गोविंदाचार्य से उनकी काफी अच्छी मित्रता भी है। सिंह ने कहा- इस दिशा में गोविंदाचार्य ने काफी कार्य किया है, लेकिन वर्तमान समय में उन्हें ही अलग कर दिया गया है। वास्तव में ‘लोकल’ को ‘वोकल’ करना है तो देश की नीतियां निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नीति आयोग में गोविंदाचार्य को लाना चाहिए। लेकिन, केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी।

दिग्विजय सिंह यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने मोदी सरकार के ‘लोकल के लिए वोकल’ संबंधी नीति के बारे में पूछे जाने पर यह टिप्पणी की। सिंह ने कहा कि वे स्वदेशी पर जोर देने के कारण संघ के समर्थक रहे हैं। वास्तव में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की विचारधारा महात्मा गांधी की विचारधारा है। यही गांधीजी का मूल मंत्र था। लोकल की बात करने वालों को हिंद स्वराज की किताबें पढ़ना चाहिए। मौजूदा दौर में खादी पर सब्सिडी खत्म कर दी गई। छोटे उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। बड़े उद्योगों को लाभ हो रहा है। अमीर और अमीर हो रहा है। गरीब और गरीब होता जा रहा है। 

केएन गोविंदाचार्य आरएसएस के प्रचारक रहे हैं।

दल-बदल कानून में बदलाव की जरूरत
इसके साथ दिग्विजय ने दल-बदल कानून में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसा करने वालों के चुनाव लड़ने पर ही प्रतिबंध लगना चाहिए। इस तरह के सख्त प्रावधानों के जरिए ही दल-बदल को रोका जा सकता है। इसी से संबंधित अन्य सवालों के जवाब में सिंह ने कहा कि राज्य में लगभग ढाई माह पहले कांग्रेस छोड़कर धोखा देते हुए भाजपा में जाने वालों सभी 24 तत्कालीन विधायकों को पार्टी आगामी विधानसभा उपचुनावों में हराने के लिए पूरा जोर लगाएगी। 

कमलनाथ से बेहतर संबंध
सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस छोड़कर जाने की ही जरूरत नहीं थी, लेकिन ऐसा करके उन्होंने लोकतंत्र और विधानसभा चुनाव 2018 के जनादेश का अपमान किया। विधानसभा उपचुनाव में स्वयं की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय देगी, वह करने के लिए तैयार हूं। एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि उनके और कमलनाथ के बीच बेहतर संबंध हैं और लगभग प्रत्येक हफ्ता-दस दिन में उनकी मुलाकात भी होती है। इस संबंध में भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, सच्चाई यह है कि वे दोनों मित्र हैं और यह क्रम चार दशकों से चल रहा है। सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस में रहते हुए पार्टी को ही धोखा देने वाले चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की वापसी के पक्ष में नहीं हैं।

पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर होने चाहिए
दिग्विजय ने कोरोना को लेकर देश के वर्तमान हालातों पर चिंता जताई। कहा- वास्तव में लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार को सभी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करके निर्णय लेना चाहिए था। लॉकडाउन लागू करने के दौरान लोगों को मात्र चार घंटे का समय दिया गया, जो पर्याप्त नहीं था और सभी लोग परेशान हो गए। जबकि देश में कोरोना के मामले अब भी बढ़ रहे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि वे विदेशी मामलों के विशेषज्ञ तो नहीं हैं, लेकिन विदेश नीति को लेकर कांग्रेस की नीति सदैव साफ रही है कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बेहतर होने चाहिए। नेपाल भी हमारा पड़ोसी देश है। वर्तमान में पड़ोसी देशों के साथ हमारे रिश्ते कैसे हैं, यह सब जानते हैं। 

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